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लाखेरी की मेज नदी में डूबे बालक विशाल का शव एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पानी की गहराई से मिला। शव को लाखेरी अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ अपने बेटे को देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
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लाखेरी की मेज नदी में डूबे बालक विशाल का शव एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पानी की गहराई से मिला। शव को लाखेरी अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ अपने बेटे को देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
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- बूंदी जिले के लाखेरी के पास मेज नदी में दोस्तों संग नहाने गए एक युवक की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। पांचों दोस्तों में से कोई तैरना नहीं जानता था, जिसके चलते यह दुखद हादसा हुआ और मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।3
- लाखेरी की मेज नदी में डूबे बालक विशाल का शव एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पानी की गहराई से मिला। शव को लाखेरी अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ अपने बेटे को देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।1
- उनियारा से जयपुर में नीट पेपर लीक विरोध रैली के लिए जा रहे कांग्रेस पदाधिकारियों की दो गाड़ियों को एक ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी। बरौनी थाने के पास हुई इस घटना में एक गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि, सभी कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता बाल-बाल बच गए और ट्रैक्टर चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।4
- राजस्थान के टोंक जिले की शोपुरा की ढाणी में एक युवक को रस्सियों से बांधकर बर्बरता से पीटा गया, जिससे उसकी जान चली गई। इस अमानवीय घटना का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें सवाईमाधोपुर के रहने वाले युवक को तड़पते देखा गया।1
- सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा में भगवान देवनारायण के मेले पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस अवसर पर कई धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।1
- सवाई माधोपुर कलेक्ट्रेट सभागार में आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला स्तरीय जनसुनवाई की गई। इसमें बिजली, पानी, सड़क, चिकित्सा और अतिक्रमण से संबंधित कई प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए। कलेक्टर ने लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर समाधान के निर्देश दिए।1
- राजस्थान के देई अस्पताल में रोज़ाना सिर्फ एक डॉक्टर उपलब्ध रहता है। इस वजह से मरीजों को घंटों लंबी कतारों में इंतज़ार करना पड़ता है और उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- बूंदी के देईखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की भारी कमी से ग्रामीण आक्रोशित हैं। 30 बेड का यह अस्पताल अब केवल एक संविदा चिकित्सक के भरोसे है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं के घायलों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि पांच दिन में डॉक्टर नियुक्त न होने पर अस्पताल पर तालाबंदी की जाएगी।3