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फर्रुखाबाद व्यूरो रिपोर्ट अमृतपुर तहसील के ग्राम डाबरी में 2 साल से रिक्त सरकारी राशन विक्रेता कोटेदार का पद चयन बुधवार शाम को लॉटरी के माध्यम से किया गया ।
द कहर न्यूज़ एजेंसी
फर्रुखाबाद व्यूरो रिपोर्ट अमृतपुर तहसील के ग्राम डाबरी में 2 साल से रिक्त सरकारी राशन विक्रेता कोटेदार का पद चयन बुधवार शाम को लॉटरी के माध्यम से किया गया ।
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- अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। ग्राम तुशौर स्थित प्राचीन महादेव मंदिर में पंचकुंडी महायज्ञ को लेकर उत्पन्न हुए विवाद के बाद गुरुवार को धार्मिक परंपरा के अनुसार कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। बताया गया कि बीते सोमवार को महायज्ञ की अनुमति को लेकर लगभग दो दर्जन से अधिक लोग तहसील मुख्यालय अमृतपुर पहुंचे थे, जहां उन्होंने उप जिलाधिकारी के समक्ष अनुमति प्रदान किए जाने की मांग रखी थी। प्रशासन से वार्ता के बाद पुलिस की मौजूदगी में धार्मिक आयोजन कराए जाने पर सहमति बनी। राजीव बाबा ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम तुशौर स्थित प्राचीन महादेव मंदिर में विगत तीन वर्षों से लगातार पांच कुंडीय विशाल महायज्ञ का आयोजन किया जाता रहा है। यह महायज्ञ प्रत्येक वर्ष हिंदी पंचांग के अनुसार महाशिवरात्रि से 11 दिन पूर्व प्रारंभ होकर महाशिवरात्रि के दिन अंतिम आहुति के साथ संपन्न होता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष महायज्ञ हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी, दिनांक 5 फरवरी 2026 (गुरुवार) से प्रारंभ होना तय था। प्रशासनिक अनुमति मिलने के बाद गुरुवार को कलश यात्रा निकाली गई, जबकि शुक्रवार से हवन की विधिवत शुरुआत की जाएगी। इस संबंध में राजेपुर थाना अध्यक्ष सुदेश कुमार ने बताया कि पुलिस प्रशासन की निगरानी में धार्मिक कार्य प्रारंभ कराया गया है। क्षेत्र में पूरी तरह शांति व्यवस्था कायम है और किसी भी तरह की अव्यवस्था नहीं है।4
- फर्रुखाबाद व्यूरो रिपोर्ट अमृतपुर तहसील के ग्राम डाबरी में 2 साल से रिक्त सरकारी राशन विक्रेता कोटेदार का पद चयन बुधवार शाम को लॉटरी के माध्यम से किया गया ।1
- रात के समय का एक्सीडेंट का हाल1
- बताते चले की जिला फर्रुखाबाद में सिंगी रामपुर क्षेत्र में गंगा जी के घाट के किनारे इन मूर्तियों को इस तरह से फेंका गया है जिस पर शासन व प्रशासन कोई भी कार्यवाही नहीं कर रहा है सनातन धर्म में इन मूर्तियों को पूजने के बाद इस तरीके से फेंकना बिल्कुल उचित नहीं है कृपया इसे इतना शेयर करें कि इस पर कार्रवाई हो सके धन्यवाद संपादक- परमार लाइव टीवी न्यूज़1
- शाहजहांपुर जनपद के परौर मे.जनहित शिक्षा सेवा समिति के प्रबंधक के प्रयास से राजस निरीक्षक सुखबीर सिंह एवं क्षेत्रीय लेखपाल अनुज कुमार सिरोही ने बाबा ब्रह्मदेव स्थान पर ग्राम सभा परौर के 25 जरूरतमंद गरीब महिला पुरुषों को ठंड से निजात दिलाने हेतु कंबल वितरित किए। जिससे लोग ठंड से निजात पा सकें1
- Post by पी के तिवारी पत्रकार1
- योगी जी आपके वित्त मंत्री जी के जिले शाहजहाँपुर के जलालाबाद ब्लॉक की gram🙏 पंचायत मिघौल की इस गली मे निकलना अब भी मुश्किल है जबकि अभी सर्दियों का मौसम है बरसात के मौसम मे इस गली से आने बाली बदबू और कीचड घरों तक पहुंचती है पूरा मोहल्ला और गांव के लोग किसके पास गुहार लगाने जाये जब ग्राम बहुत परेशान है कब तक इंतजार किया जाये सिर्फ आपसे सवाल बाकि महाकमा से कोई सवाल सिर्फ आप पूछ सकते है हम लोग तो पूछ पूछ कर थक गए1
- अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। तहसील अमृतपुर में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक वृद्ध महिला से एग्रीमेंट के नाम पर बैनामा कराए जाने का गंभीर मामला सामने आया। पीड़ित पक्ष और तहसील अधिवक्ता के बीच हुई तीखी कहासुनी के चलते तहसील परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई और काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही। पीड़ित रामसेवक पुत्र राजाराम निवासी चपरा ने आरोप लगाया कि उनकी वृद्ध माताजी नन्ही देवी से खेत का एग्रीमेंट कराने की बात कही गई थी, लेकिन कथित रूप से तहसील अधिवक्ता प्रभाकर कुमार कुशवाहा द्वारा एग्रीमेंट की जगह बैनामा करा लिया गया। रामसेवक का कहना है कि उनकी माताजी को इसके बदले मात्र ₹95 हजार रुपये दिए गए, जबकि संबंधित खेत की वास्तविक कीमत लगभग ₹6 लाख है। रामसेवक ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी माताजी अशिक्षित और वृद्ध हैं, जिनकी स्थिति का लाभ उठाते हुए कागजात तैयार कर रजिस्ट्री करा ली गई और जमीन अपने नाम कर ली गई। जब इस पूरे प्रकरण की जानकारी पीड़ित परिवार को हुई तो वे न्याय की गुहार लेकर तहसील अमृतपुर पहुंचे। तहसील परिसर में पीड़ित पक्ष और अधिवक्ता के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। विवाद बढ़ता देख वहां मौजूद लोगों की भीड़ जुट गई, जिससे कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई। वहीं, इस पूरे मामले पर तहसील अधिवक्ता प्रभाकर कुमार कुशवाहा ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि नन्ही देवी ने स्वयं रजिस्ट्री के लिए पैसे लिए थे और यह बात तय हुई थी कि शेष धनराशि मिलने पर रजिस्ट्री वापस करा ली जाएगी। अधिवक्ता का दावा है कि यदि पीड़ित पक्ष उनके द्वारा दिए गए पैसे वापस कर देता है तो वह रजिस्ट्री निरस्त कराने के लिए तैयार हैं। इस मामले में अधिवक्ता द्वारा कुल ₹2 लाख रुपये दिए जाने की बात भी सामने आई है। फिलहाल यह मामला तहसील परिसर में चर्चा का विषय बना हुआ है।3