राज्य महिला आयोग की प्रदेश अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान पहुंची ओलंपियन स्कूल शिकारपुर : नगर के ओलंपियन स्कूल में राज्य महिला आयोग की प्रदेश अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान पहुंची शिकारपुर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने ओलंपियन स्कूल शिकारपुर में पहुंचकर छात्राओं और महिलाओं को किया जागरूक राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान बोली सभी माता-पिता अपनी बहन बेटियों को सशक्त बनाएं और पढ़ाये ओलंपियन स्कूल में पहुंचने पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान, का फूल माला पहना कर किया गया जोरदार स्वागत राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने कहा शिकारपुर तहसील क्षेत्र का गांव खखुडा मेरी जन्म भूमि भी है ओलंपियन स्कूल में कार्यक्रम के दौरान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान के पिता भी कार्यक्रम में रहे मौजूद कार्यक्रम के दौरान बबीता चौहान, ने कहा है कि कक्षा पांच तक के बच्चों को मोबाइल न दिया जाए महिला के पद पर पुरुष नहीं बैठ सकेगा किसी ऑफिस में ।
राज्य महिला आयोग की प्रदेश अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान पहुंची ओलंपियन स्कूल शिकारपुर : नगर के ओलंपियन स्कूल में राज्य महिला आयोग की प्रदेश अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान पहुंची शिकारपुर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने ओलंपियन स्कूल शिकारपुर में पहुंचकर छात्राओं और महिलाओं को किया जागरूक राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता
सिंह चौहान बोली सभी माता-पिता अपनी बहन बेटियों को सशक्त बनाएं और पढ़ाये ओलंपियन स्कूल में पहुंचने पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान, का फूल माला पहना कर किया गया जोरदार स्वागत राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने कहा शिकारपुर तहसील क्षेत्र का गांव खखुडा मेरी जन्म भूमि भी
है ओलंपियन स्कूल में कार्यक्रम के दौरान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान के पिता भी कार्यक्रम में रहे मौजूद कार्यक्रम के दौरान बबीता चौहान, ने कहा है कि कक्षा पांच तक के बच्चों को मोबाइल न दिया जाए महिला के पद पर पुरुष नहीं बैठ सकेगा किसी ऑफिस में ।
- तस्वीरें कभी झूठ नहीं बोलतीं और तहसील स्याना के गांव कनौना से आई ये तस्वीरें सिस्टम के दावों की पोल खोलने के लिए काफी हैं। गाँव की सड़कों पर बहता नालियों का गंदा पानी और गंदगी का ये अंबार बताने के लिए काफी है कि यहाँ विकास के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हुई है। हालत यह है कि लोग इस नरक से गुजरने को मजबूर हैं, जिससे जन-जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। आखिर क्यों यह गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से अछूता है? क्या प्रशासन किसी महामारी के फैलने का इंतज़ार कर रहा है? अब देखना यह है कि कैमरे में कैद बदहाली की इन तस्वीरों के बाद क्या जिम्मेदार अधिकारी जागेंगे या कनौना के ग्रामीण यूँ ही इंसाफ की राह ताकते रहेंगे। निष्पक्ष स्थानीय खबरों के लिए देखते रहिये "बुलन्दशहर टाइम्स न्यूज'1
- अनूपशहर: अनूपशहर कोतवाली क्षेत्र के गांव लच्छमपुर में2
- अतरौली: शिक्षण सत्र 2026-27 की हो चुकी है शुरुआत, बिना कोर्स के ही स्कूल आ रहे बच्चे, बाजार में मौजूद नहीं कोर्स अतरौली: शिक्षण सत्र 2026-27 की हो चुकी है शुरुआत, बिना कोर्स के ही स्कूल आ रहे बच्चे, बाजार में मौजूद नहीं कोर्स1
- ब्रेकिंग बुलंदशहर बुलंदशहर:स्कूटी सवार युवक की दिनदहाड़े चाकुओं से गोदकर हत्या हमलावर आरोपी भी अपनी स्कूटी पर था सवार,वारदात को अंजाम देकर हुआ फरार हमलावर आरोपी ने मृतक के घर पहुंच कर उसके भाई पर भी किया हमला घायल युवक को परिजनों ने अस्पताल में कराया भर्ती हमलावर आरोपी व मृतक युवक गांव पाली परतापुर के निवासी बताए जा रहे हैं सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर मौजूद, आरोपी की तलाश और जांच में जुटी पुलिस थाना खानपुर क्षेत्र लखावटी-खानपुर मार्ग पर गांव भटपुरा और पाली के जगलों का मामला बाइट:चंद्रकला (प्रत्यक्ष दर्शी)1
- बरेली के एसपी कार्यालय पर लगे पीडि़त न्याय की गुहार1
- Post by Barahbastitv1
- बुलंदशहर- बे मौसम हुई बारिश और ओलावृष्टि किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गई।1
- बुलंदशहर की मिट्टी के गौरव, पूर्व नायब सूबेदार प्रदीप गौर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि "हौसले बुलंद हों, तो मुट्ठी में आसमां है!" 15 साल तक भारतीय सेना में रहकर देश की सीमाओं की रक्षा करने के बाद, प्रदीप गौर जी ने अब प्रशासनिक सेवा में अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। उन्होंने UPPSC 2024 की परीक्षा में पूरे प्रदेश में 23वीं रैंक हासिल कर हम सभी का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। सेना के 15 साल के कठिन अनुभव के बाद भी पढ़ाई का जज्बा कम नहीं हुआ, अब वे पंचायत राज अधिकारी (Work Officer) के रूप में जनता की सेवा करेंगें। रिटायरमेंट को अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत मानकर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। प्रदीप गौर जी की यह "वर्दी से अधिकारी" बनने की कहानी आज के युवाओं के लिए कड़ी मेहनत और अटूट समर्पण की सबसे बड़ी मिसाल है। बुलंदशहर के इस सपूत को 'बुलन्दशहर टाइम्स न्यूज' परिवार की तरफ से उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं और ढेरों बधाई!1
- संयुक्त श्रमिक किसान मोर्चा मातृशक्ति द्वारा आलू किसान आत्महत्या पर सरकार की नीतियों विरुद्ध कासगंज कलैक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन करते हुए उपजिलाधिकारी को महामहिम राष्ट्रपति महोदया को सम्बोधित ज्ञापन प्रेषित करते हुए।1