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कोरबा से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ इंस्टाग्राम के माध्यम से शुरू हुई एक दोस्ती का खूनी अंत हो गया है।
SK Kashyapपत्रकार रींवापार
कोरबा से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ इंस्टाग्राम के माध्यम से शुरू हुई एक दोस्ती का खूनी अंत हो गया है।
More news from Chhattisgarh and nearby areas
- कोरबा जिले में दोस्ती के विश्वास को तोड़कर एक नाबालिग का शोषण करने का गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में, आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और वह अब पुलिस हिरासत में सलाखों के पीछे है।1
- छत्तीसगढ़ के चांपा में तालाब किनारे बिना किसी सर्वेक्षण के नाली निर्माण को लेकर जनता में भारी गुस्सा फूट पड़ा है। इस निर्माण कार्य पर हुए भारी बवाल के चलते अब क्षेत्र में पेयजल संकट का गंभीर खतरा मंडराने लगा है।1
- आषाढ़ माह की शुरुआत होते ही मौसम ने अचानक अपना मिजाज बदल लिया है, जिसके परिणामस्वरूप बादल जमकर बरसे हैं। इस भारी बारिश से किसानों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई है।1
- सक्ती पुलिस ने 26 जून को हुए महिला हत्याकांड की गुत्थी सफलतापूर्वक सुलझा ली है। पुलिस ने इस अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जाँच में सामने आया है कि इस हत्याकांड की मुख्य वजह प्रेम संबंध था। मृतक महिला के पति-पत्नी पर इस पूरी साजिश को रचने का आरोप है। महिला की हत्या के लिए 4 लाख रुपये की सुपारी देने का दावा किया गया है, जिसके बाद दो शूटरों ने गोली मारकर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी के पास से 1 पिस्टल और 4 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा, मामले से संबंधित 2 मोटरसाइकिलें, 7 मोबाइल फोन और 71,500 रुपए नकद भी जब्त किए गए हैं।1
- एक ओर देश 'विकसित भारत' के निर्माण का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है, वहीं छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत पारेमेर का आश्रित ग्राम कौहाड़ाही आज भी विकास की मुख्यधारा से कोसों दूर है। घने जंगलों और ऊँचे पहाड़ों के बीच बसा यह आदिवासी बहुल गाँव, जो विशेष पिछड़ी कोरवा जनजाति के परिवारों की आबादी वाला है, इसकी तस्वीर सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच एक गहरी खाई को उजागर करती है। इस गाँव तक पहुँचने के लिए न तो पक्की सड़क है और न ही आवागमन के लिए कोई समुचित कच्चा मार्ग उपलब्ध है, जिससे बरसात के मौसम में हालात और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाते हैं। कई परिवार आज भी मिट्टी के कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं, जबकि बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएँ भी यहाँ पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी स्थिति चिंतनीय है, क्योंकि गाँव में केवल एक प्राथमिक शाला संचालित है, जिसका संचालन भी आंगनबाड़ी भवन में किया जा रहा है, जो दूरस्थ क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं की कमी को दर्शाता है। सरकारें आदिवासी क्षेत्रों के विकास और मूलभूत सुविधाओं जैसे सड़क, आवास, शिक्षा, पेयजल तथा विद्युत के लिए हर वर्ष करोड़ों रुपये की योजनाओं और बजट का दावा करती हैं। इसके बावजूद, कौहाड़ाही जैसे गाँवों की यह स्थिति यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर ये विकास योजनाएँ धरातल तक क्यों नहीं पहुँच पा रही हैं और क्यों आदिवासी परिवार आजादी के दशकों बाद भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करने को विवश हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब केवल घोषणाओं का नहीं, बल्कि धरातल पर परिणाम दिखाने का समय है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि शासन-प्रशासन कौहाड़ाही जैसे उपेक्षित गाँवों की ओर गंभीरता से ध्यान देगा और उन्हें भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ठोस एवं समयबद्ध कदम उठाएगा, ताकि इस दूरस्थ आदिवासी अंचल में भी विकास के बड़े दावे पूरे हो सकें।2
- बुधवार को बिलासपुर के बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के मंगला में लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। यह कार्यक्रम माता चौरा परिसर में आयोजित किया गया, जहाँ केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इन कार्यों की आधारशिला रखी। इस अवसर पर, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मंगला के मुक्तिधाम के लिए 50 लाख रुपये, सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये, और मंगला के लिए एक पृथक जल आवर्धन योजना की भी घोषणा की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार विकास को एक मिशन के रूप में आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने 'डबल इंजन' सरकार के समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इससे विकास कार्यों में तेजी आई है और अब न केवल भूमिपूजन बल्कि समयबद्ध लोकार्पण भी सुनिश्चित किया जा रहा है। साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिलासपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में सड़क, रेल, पेयजल और शहरी विकास के क्षेत्र में हो रहे बड़े कार्यों का जिक्र किया, जिनसे आम जनता लाभान्वित हो रही है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जोर दिया कि प्रदेश सरकार विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है, और उन्होंने जानकारी दी कि पिछले दो वर्षों में बिलासपुर नगर निगम को 437 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि शहर और आसपास के क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था को भविष्य में और मजबूत किया जाएगा ताकि नागरिकों को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े, और जनता की जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र में अब तक 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सड़क, नाली, पेयजल, सामुदायिक भवन सहित आधारभूत सुविधाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है और विकास की यह गति आगे भी जारी रहेगी। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पांडे, महापौर पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से मंगला और आसपास के क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएँ बेहतर होंगी, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।4
- 200 करोड़ रुपये की लागत वाले एक अस्पताल के निर्माण को लेकर राजनीतिक गलियारों में गरमागरमी देखी जा रही है। इस मामले में, कांग्रेस ने अस्पताल के PPP मॉडल पर तीखे सवाल खड़े किए हैं।1
- छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 200 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को PPP मॉडल पर निजीकरण करने की कथित तैयारियों पर कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता विजय केशरवानी ने जनता की गाढ़ी कमाई से बने इस अस्पताल को PPP मॉडल पर सौंपने की सरकार की कोशिशों पर चिंता व्यक्त की है, आरोप है कि सरकार इसे निजी हाथों में देने की तैयारी में है।1
- तिलकेजा के समीप एक जबरदस्त सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई।1