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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के गोला क्षेत्र में एक विवाहिता की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। मौत से महज 24 घंटे पहले पीड़िता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। इस वायरल वीडियो में पीड़ित महिला ने अपने पति और सास पर जहर देने के गंभीर आरोप लगाए थे, जिससे सनसनी फैल गई है। विवाहिता की मौत के बाद उसके परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। परिजनों की इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों के इकट्ठा होने के बाद आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Shreyash Pandey
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के गोला क्षेत्र में एक विवाहिता की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। मौत से महज 24 घंटे पहले पीड़िता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। इस वायरल वीडियो में पीड़ित महिला ने अपने पति और सास पर जहर देने के गंभीर आरोप लगाए थे, जिससे सनसनी फैल गई है। विवाहिता की मौत के बाद उसके परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। परिजनों की इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों के इकट्ठा होने के बाद आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के गोला क्षेत्र में एक विवाहिता की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। मौत से महज 24 घंटे पहले पीड़िता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। इस वायरल वीडियो में पीड़ित महिला ने अपने पति और सास पर जहर देने के गंभीर आरोप लगाए थे, जिससे सनसनी फैल गई है। विवाहिता की मौत के बाद उसके परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। परिजनों की इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों के इकट्ठा होने के बाद आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिला अस्पताल में डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने औचक निरीक्षण किया। इस औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में एसी (AC) न मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार लोगों को फटकार लगाई है। हाई-टेक अस्पताल के दावों के बीच इमरजेंसी जैसी जगह पर एसी की अनुपस्थिति पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाया है।1
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्थलीय निरीक्षण के लिए सदर अस्पताल पहुंचे उप-मुख्यमंत्री के सामने एक मरीज ने रो-रोकर अपनी व्यथा सुनाई। मरीज का कहना था कि उसका आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहा है। मरीज की इस गंभीर समस्या को सुनते ही उप-मुख्यमंत्री ने मामले पर संज्ञान लेते हुए तुरंत आदेश दिए हैं।1
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर दौरे पर पहुंचे राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वार्ड में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य और वहां मिल रहे इलाज की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मरीजों को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार सभी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी के भी इलाज में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी वार्ड में भीषण गर्मी और उमस देखकर डिप्टी सीएम ने अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को तत्काल इमरजेंसी वार्ड को वातानुकूलित (एयर कंडीशन) करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों और उनके साथ आए तीमारदारों को इस उमस भरी गर्मी से राहत मिल सके। मीडिया से बातचीत में बृजेश पाठक ने कहा कि अस्पताल की अन्य सभी कमियों को भी जल्द ही दूर कर लिया जाएगा। इसके लिए वह स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक कर आवश्यक निर्देश जारी करेंगे, जिससे जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक बेहतर बनाया जा सके।1
- मेरठ में एक पत्नी पर अपने ही पति को सांप से कटवाकर मौत के घाट उतारने का आरोप लगा है। मेरठ में सामने आए इस हैरान करने वाले मामले में एक और पत्नी ने अपने पति की जान लेने के लिए कथित रूप से यह रास्ता अपनाया। इस खौफनाक वारदात के पीछे प्रेम प्रसंग की बात कही जा रही है। आरोप है कि पत्नी दामिनी का स्कूल के कार ड्राइवर तुषार के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। वे दोनों आगे चलकर एक साथ रहना चाहते थे, जिसके कारण कथित तौर पर पति को मौत के घाट उतारने की यह पूरी साजिश रची गई।1
- दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि प्रेस की आजादी लोकतंत्र का एक अहम हिस्सा है, लेकिन इसका दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। कोर्ट ने टिप्पणी की है कि आज के समय में हाथ में मोबाइल और मुंह में माइक लेकर कोई भी खुद को रिपोर्टर बता देता है। अदालत के अनुसार, ऐसे कई लोगों के पास न तो पत्रकारिता का प्रशिक्षण होता है और न ही कोई जवाबदेही। हाईकोर्ट ने कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार ऐसा नियामक ढांचा (रेगुलेटरी फ्रेमवर्क) बनाए, जिससे प्रेस की आजादी भी बनी रहे और फर्जी, गैर-जिम्मेदाराना तथा डराने-धमकाने वाली पत्रकारिता के लिए जवाबदेही भी तय हो सके।1
- गोरखपुर के कई इलाकों में बारिश के बाद हुए जलजमाव से लोग काफी परेशान रहे। बेतियाहाता और दाउदपुर क्षेत्र में पानी की निकासी को लेकर मौके पर पहुंचे पार्षदों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई। इस तीखी नोकझोंक के बाद आखिरकार वहां से जाली को हटाया गया, जिसके हटते ही कुछ ही देर में सारा पानी आसानी से निकल गया। घटनास्थल से आई इस ग्राउंड रिपोर्ट में जलजमाव की पूरी स्थिति और अधिकारियों व पार्षदों के बीच का विवाद साफ देखा जा सकता है।1
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जेल में एक बंदी की मौत होने के बाद वहां की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। इस घटना को लेकर यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि यह आत्महत्या का मामला है या फिर सुरक्षा व्यवस्था की लापरवाही का नतीजा है। गोरखपुर जेल के भीतर हुई इस बंदी की मौत ने पूरी सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है और मामले को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।1