जिला कलेक्टर के सख्त निर्देशों की सरेआम धज्जियां उड़ाते हुए भीलवाड़ा-उदयपुर मार्ग स्थित गुरला के 'श्रीनाथ एचपी फिलिंग स्टेशन' पर सोमवार शाम करीब 4 बजे सुरक्षा मानकों को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया। एक तरफ प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था के कड़े दावे कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ पेट्रोल पंप संचालकों की लापरवाही बड़े हादसे को न्योता दे रही है। पंप पर स्वच्छ शेड के लिए कंपनियों का काम चल रहा था, जहां कंपनी की मशीन से लगातार चिंगारियां निकल रही थीं और ठीक उन्हीं चिंगारियों के नीचे वाहनों में पेट्रोल और डीजल भरा जा रहा था। पेट्रोल पंप जैसे संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा के इन गंभीर खतरों के बावजूद प्रबंधन पूरी तरह बेपरवाह नजर आया। गौरतलब है कि एक छोटी सी चिंगारी भी पूरे क्षेत्र को कंपनियों के ढेर में बदल सकती है। सुरक्षा के इस गंभीर खतरे के साथ-साथ, यहाँ जिला कलेक्टर के आदेशों का भी खुला उल्लंघन देखने को मिला। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों और अवैध भंडारण को रोकने के लिए खुले ड्रमों में डीजल या पेट्रोल देने पर पूरी तरह से रोक लगा रखी है, लेकिन इस फिलिंग स्टेशन पर ट्रैक्टर में रखकर लाए गए बड़े-बड़े ड्रमों में धड़ल्ले से डीजल भरा जा रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमों की इस तरह धज्जियां उड़ाने से कभी भी कोई बड़ी जनहानि हो सकती है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर क्या संज्ञान लेता है और संबंधित पेट्रोल पंप संचालक के खिलाफ क्या कार्रवाई अमल में लाई जाती है।
जिला कलेक्टर के सख्त निर्देशों की सरेआम धज्जियां उड़ाते हुए भीलवाड़ा-उदयपुर मार्ग स्थित गुरला के 'श्रीनाथ एचपी फिलिंग स्टेशन' पर सोमवार शाम करीब 4 बजे सुरक्षा मानकों को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया। एक तरफ प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था के कड़े दावे कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ पेट्रोल पंप संचालकों की लापरवाही बड़े हादसे को न्योता दे रही है। पंप पर स्वच्छ शेड के लिए कंपनियों का काम चल रहा था, जहां कंपनी की मशीन से लगातार चिंगारियां निकल रही थीं और ठीक उन्हीं चिंगारियों के नीचे वाहनों में पेट्रोल और डीजल भरा जा रहा था। पेट्रोल पंप जैसे संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा के इन गंभीर खतरों के बावजूद प्रबंधन पूरी तरह बेपरवाह नजर आया। गौरतलब है कि एक छोटी सी चिंगारी भी पूरे क्षेत्र को कंपनियों के ढेर में बदल सकती है। सुरक्षा के इस गंभीर खतरे के साथ-साथ, यहाँ जिला कलेक्टर के आदेशों का भी खुला उल्लंघन देखने को मिला। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों और अवैध भंडारण को रोकने के लिए खुले ड्रमों में डीजल या पेट्रोल देने पर पूरी तरह से रोक लगा रखी है, लेकिन इस फिलिंग स्टेशन पर ट्रैक्टर में रखकर लाए गए बड़े-बड़े ड्रमों में धड़ल्ले से डीजल भरा जा रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमों की इस तरह धज्जियां उड़ाने से कभी भी कोई बड़ी जनहानि हो सकती है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर क्या संज्ञान लेता है और संबंधित पेट्रोल पंप संचालक के खिलाफ क्या कार्रवाई अमल में लाई जाती है।
- जिला कलेक्टर के सख्त निर्देशों की सरेआम धज्जियां उड़ाते हुए भीलवाड़ा-उदयपुर मार्ग स्थित गुरला के 'श्रीनाथ एचपी फिलिंग स्टेशन' पर सोमवार शाम करीब 4 बजे सुरक्षा मानकों को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया। एक तरफ प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था के कड़े दावे कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ पेट्रोल पंप संचालकों की लापरवाही बड़े हादसे को न्योता दे रही है। पंप पर स्वच्छ शेड के लिए कंपनियों का काम चल रहा था, जहां कंपनी की मशीन से लगातार चिंगारियां निकल रही थीं और ठीक उन्हीं चिंगारियों के नीचे वाहनों में पेट्रोल और डीजल भरा जा रहा था। पेट्रोल पंप जैसे संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा के इन गंभीर खतरों के बावजूद प्रबंधन पूरी तरह बेपरवाह नजर आया। गौरतलब है कि एक छोटी सी चिंगारी भी पूरे क्षेत्र को कंपनियों के ढेर में बदल सकती है। सुरक्षा के इस गंभीर खतरे के साथ-साथ, यहाँ जिला कलेक्टर के आदेशों का भी खुला उल्लंघन देखने को मिला। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों और अवैध भंडारण को रोकने के लिए खुले ड्रमों में डीजल या पेट्रोल देने पर पूरी तरह से रोक लगा रखी है, लेकिन इस फिलिंग स्टेशन पर ट्रैक्टर में रखकर लाए गए बड़े-बड़े ड्रमों में धड़ल्ले से डीजल भरा जा रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमों की इस तरह धज्जियां उड़ाने से कभी भी कोई बड़ी जनहानि हो सकती है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर क्या संज्ञान लेता है और संबंधित पेट्रोल पंप संचालक के खिलाफ क्या कार्रवाई अमल में लाई जाती है।1
- एक पुलिस प्रेस ब्रीफिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी कथित तौर पर मुस्कुराते और हंसते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस व्यवहार को लेकर लोगों ने अपनी नाराज़गी जताई है। सोशल मीडिया यूज़र्स का कहना है कि संवेदनशील मामलों में अधिकारियों को एक गंभीर और संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए। वहीं, कुछ अन्य लोग इस घटना को सामान्य बातचीत का हिस्सा भी बता रहे हैं। इस वीडियो को लेकर बहस लगातार तेज हो रही है, और लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।1
- भीलवाड़ा जिले के आकोला के निकटवर्ती ग्राम होलीरड़ा में तेजाजी महाराज, बालाजी महाराज और भगवान चारभुजा नाथ की मूर्ति स्थापना तथा एक बड़े यज्ञ की तैयारियां धूमधाम से शुरू हो गई हैं। इन तैयारियों के तहत, समस्त ग्रामवासियों ने मिलकर यज्ञ के झंडे को डीजे के साथ पूरे गांव में भव्यता से घुमाया, जिसके उपरांत इस ध्वज को यज्ञ स्थल पर स्थापित किया गया। इस पुनीत कार्य में तेजाजी समिति के कार्यकर्ता राधेश्याम जाट, किशन जाट, हरिलाल जाट, रामलाल जाट, हरिशंकर जाट, हीरा लाल जाट, देवी लाल जाट सहित समस्त ग्रामवासी सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। जानकारी के अनुसार, यह यज्ञ दिनांक 9 जून, 2026 से आरंभ होगा।4
- राजस्थान के बूंदी जिले की हिंडोली तहसील के नेगढ पटवार हलका अंतर्गत मरडिया जाखोली में स्थित 80,000 हेक्टेयर के क्लोजर (वन भूमि) के पूरी तरह तबाह हो जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि सरकारी अफसर इस मामले में सोए हुए हैं, जिसके कारण इस विशाल वन क्षेत्र में पेड़ लगातार नष्ट हो रहे हैं। इस बर्बादी के चलते गौ माता को काफी दुख हो रहा है, जंगल से छोटे-मोटे जानवर और जंगली जानवर भी गायब हो गए हैं, जिससे वन में उनका अस्तित्व खत्म हो गया है। साथ ही, क्षेत्र को पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि सरकार द्वारा पाँच साल तक इस क्लोजर को बंद रखे जाने के बाद, किसी अन्य समाज के लोगों ने इस पर कब्जा कर लिया है, और यह क्षेत्र अभी भी बंद है। इस पूरी स्थिति पर तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की मांग की गई है।1
- चित्तौड़गढ़ जिले में 25 मई को एससी एसटी महासभा ने जिला पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से ब्याजखोरों, भूमाफिया, अवैध बजरी माफिया, नशा तस्करों, गुंडा गैंग, मनचला गैंग, ऑनलाइन गेमिंग और सट्टा गैंग सहित सभी गैरकानूनी तत्वों को बेनकाब करते हुए उनकी संपत्तियों को जब्त करने और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही करने की माँग की गई है। महासभा के जिला संयोजक रामेश्वर बैरवा के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन से पहले, एससी एसटी महासभा ने नवनियुक्त पुलिस अधीक्षक का पदभार ग्रहण करने पर उनका स्वागत भी किया। प्रवक्ता रजत जीनगर ने जानकारी देते हुए बताया कि महासभा ने जिलेभर में लम्बे समय से चल रही विभिन्न गैरकानूनी गतिविधियों के कारण आमजन, विशेषकर गरीब और वंचित वर्ग के लोगों को हो रही परेशानियों को उजागर किया। इन गतिविधियों में तस्करी, भूमाफिया, अवैध बजरी, नशा तस्करी, गुंडागर्दी और गेमिंग शामिल हैं, जिन पर लगाम लगाने और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही कर बड़े मामलों में संपत्तियां जब्त करने की पुरजोर मांग की गई। इस अवसर पर अंबेडकर वेलफेयर सोसाइटी के उपाध्यक्ष निर्मल देसाई, किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष मांगीलाल सोलंकी, बामसेफ के जिला अध्यक्ष अंबालाल सेरसिया, बहुजन क्रांति मोर्चा के जगदीश चंद्र सोलंकी, राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा के मौसम अली, आदिवासी एकता परिषद के रामावतार मीना, भारत मुक्ति मोर्चा के रतन लाल खटीक, एससी एसटी महासभा के मुख्य संरक्षक लक्ष्मी नारायण परमार, राष्ट्रीय बैरवा युवा संगठन एवं महाराणा प्रताप कॉलेज के उपाध्यक्ष हरीश बैरवा, गवारिया समाज के पीसी गवारिया, बैरवा समाज के कोषाध्यक्ष चंपालाल बैरवा, गुर्जर समाज के नेता प्रभु लाल गुर्जर और एससी एसटी महासभा के सोशल मीडिया जिला प्रभारी रजत जीनगर सहित बड़ी सादड़ी के प्रकाश चंद्र जटिया, भेरूलाल, बाबूलाल, राम रतन, छगनलाल खटीक और आक्या के शंभूलाल जटिया समेत सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।2
- चित्तौड़गढ़ में एसपी धर्मेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में एक बड़ा प्रशासनिक एक्शन शुरू किया गया है, जिसे ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ का नाम दिया गया है। इस बड़ी कार्रवाई के तहत करोड़ों रुपये का डोडा चूरा जब्त किया गया है, जिससे नशा माफियाओं पर शिकंजा कसा जा रहा है। इसके अलावा, ट्रैफिक पुलिस ने कड़ी धूप में वाहनों पर लगी काली फिल्मों को उतारने की कार्रवाई की और चालान बनाए। नगर परिषद के अतिक्रमण दस्ते ने भी अपनी संयुक्त कार्रवाई को तेज कर दिया है। इन प्रशासनिक गतिविधियों के बीच पूरे जिले में सामाजिक संगठनों की सक्रियता बढ़ी है और जनहित के मुद्दों पर लगातार हलचल देखी जा रही है।1
- DS7 न्यूज़ के मेगा बुलेटिन में दशहरा पर्व से संबंधित राजस्थान और मध्य प्रदेश की 10 प्रमुख खबरें प्रस्तुत की गई हैं।1
- भीलवाड़ा जिले के करेड़ा थाना क्षेत्र के चित्ताम्बा गांव में जमीन की फर्जी रजिस्ट्री और भू-माफियाओं की धमकियों का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक व्यापारी परिवार ने आरोप लगाया है कि करीब 26 साल पहले खरीदे गए उनके भूखंडों की दोबारा फर्जी रजिस्ट्री करवा ली गई है। इस मामले में पीड़ित परिवार ने सोमवार शाम करीब 4 बजे जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है। पीड़ित सुवालाल दक और ललित कुमार ने बताया कि उन्होंने 2 मार्च 2000 को करेड़ा गांव में दो आबादी भूखंड तत्कालीन मालिक पीरूलाल बारेट से पंजीकृत विक्रय पत्र के जरिए अपनी पत्नी पानी बाई के नाम पर खरीदे थे। तब से उनका परिवार इस जमीन पर काबिज है और उसका उपयोग कर रहा है। आरोप है कि जमीन की कीमत बढ़ने के बाद मूल विक्रेता ने कुछ लोगों के साथ मिलकर फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और उन्हीं भूखंडों की दोबारा रजिस्ट्री करा दी, जिसकी भनक तक पीड़ितों को नहीं लगने दी गई। यह मामला तब सामने आया जब आरोपी कथित फर्जी रजिस्ट्री के आधार पर जमीन पर कब्जा करने पहुंचे। पीड़ितों के विरोध करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए उनके हाथ-पैर तोड़ने और जान से मारने की धमकी दी, जिससे यह व्यापारी परिवार अब भय के साये में जीने को मजबूर है। पीड़ितों ने करेड़ा पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं, उनका आरोप है कि थाने में शिकायत देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अब परिवार ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, फर्जी दस्तावेजों को निरस्त करने, आरोपियों को गिरफ्तार करने और उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है।1