ललितपुर जिले के बार थाना क्षेत्र के ग्राम चिगलौआ में दिवंगत शिक्षक राजाराम गोस्वामी की आत्महत्या का मामला अब और गंभीर हो गया है। मृतक के पुत्र अनुराग गोस्वामी अपने समर्थकों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। परिजनों का आरोप है कि मुकदमा दर्ज न होने के कारण उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। अनुराग गोस्वामी ने अपनी शिकायत में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (सेवानिवृत्त) सहित कई अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायती पत्र के अनुसार, इन लोगों ने उनके पिता को झूठे एससी/एसटी एक्ट के मुकदमे में फंसाया, उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, झूठी गवाही दिलवाई और उनसे पांच लाख रुपये की अवैध मांग की। अनुराग का कहना है कि लगातार अपमान और मानसिक दबाव के कारण उनके पिता ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। परिजनों ने दावा किया है कि राजाराम गोस्वामी ने अपनी आत्महत्या से पूर्व पुलिस अधीक्षक, थाना बार और न्यायालय के नाम लिखित नोट छोड़े थे, जिनमें उनके साथ हुए उत्पीड़न का पूरा विवरण दिया गया है। इसी आधार पर परिवार ने सभी आरोपितों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ललितपुर जिले के बार थाना क्षेत्र के ग्राम चिगलौआ में दिवंगत शिक्षक राजाराम गोस्वामी की आत्महत्या का मामला अब और गंभीर हो गया है। मृतक के पुत्र अनुराग गोस्वामी अपने समर्थकों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। परिजनों का आरोप है कि मुकदमा दर्ज न होने के कारण उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। अनुराग गोस्वामी ने अपनी शिकायत में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (सेवानिवृत्त) सहित कई अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायती पत्र के अनुसार, इन लोगों ने उनके पिता को झूठे एससी/एसटी एक्ट के मुकदमे में फंसाया, उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, झूठी गवाही दिलवाई और उनसे पांच लाख रुपये की अवैध मांग की। अनुराग का कहना है कि लगातार अपमान और मानसिक दबाव के कारण उनके पिता ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। परिजनों ने दावा किया है कि राजाराम गोस्वामी ने अपनी आत्महत्या से पूर्व पुलिस अधीक्षक, थाना बार और न्यायालय के नाम लिखित नोट छोड़े थे, जिनमें उनके साथ हुए उत्पीड़न का पूरा विवरण दिया गया है। इसी आधार पर परिवार ने सभी आरोपितों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
- ललितपुर जिले की ग्राम पंचायत रोंडा में आज अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की गई। इस दौरान NH-44 हाईवे के किनारे बने घरों को प्रशासन ने ढहा दिया। अतिक्रमण हटाने को लेकर हुई इस तोड़फोड़ के कारण इलाके में हलचल मची रही।1
- ललितपुर के एनएच-44 पर स्थित ग्राम पंचायत बंगरिया में पारिवारिक जमीन विवाद के कारण एक युवक के मोबाइल टावर पर चढ़ने का मामला सामने आया है। बंगरिया गांव निवासी चउदे कुशवाहा ने सुबह करीब 9:30 बजे गांव में स्थित मोबाइल टावर पर चढ़कर हंगामा खड़ा कर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और युवक को नीचे उतरने के लिए लगातार समझाते रहे। लगभग ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत और मान-मनौव्वल के बाद अंततः युवक को सकुशल नीचे उतार लिया गया।1
- ललितपुर जिले के एरावनी और विजयपुरा गांवों के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण इस स्थिति को लेकर काफी परेशान हैं और उन्हें रोजमर्रा के जीवन में भारी परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है।1
- ललितपुर जिले के जाखलौन कस्बे में राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक घायल गौ माता का उपचार किया है। संगठन के कार्यकर्ताओं ने तत्परता दिखाते हुए घायल अवस्था में मिली गौ माता की सुध ली और मौके पर पहुंचकर उसका इलाज सुनिश्चित किया।1
- ललितपुर जिले के बार थाना क्षेत्र के ग्राम चिगलौआ में दिवंगत शिक्षक राजाराम गोस्वामी की आत्महत्या का मामला अब और गंभीर हो गया है। मृतक के पुत्र अनुराग गोस्वामी अपने समर्थकों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। परिजनों का आरोप है कि मुकदमा दर्ज न होने के कारण उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। अनुराग गोस्वामी ने अपनी शिकायत में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (सेवानिवृत्त) सहित कई अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायती पत्र के अनुसार, इन लोगों ने उनके पिता को झूठे एससी/एसटी एक्ट के मुकदमे में फंसाया, उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, झूठी गवाही दिलवाई और उनसे पांच लाख रुपये की अवैध मांग की। अनुराग का कहना है कि लगातार अपमान और मानसिक दबाव के कारण उनके पिता ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। परिजनों ने दावा किया है कि राजाराम गोस्वामी ने अपनी आत्महत्या से पूर्व पुलिस अधीक्षक, थाना बार और न्यायालय के नाम लिखित नोट छोड़े थे, जिनमें उनके साथ हुए उत्पीड़न का पूरा विवरण दिया गया है। इसी आधार पर परिवार ने सभी आरोपितों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।1
- Post by Mahesh Nagaich1
- ललितपुर शहर के आजादपुरा स्थित लेंडियापुरा इलाके में स्कूल से घर लौट रहे 5 से 6 साल के एक मासूम बच्चे पर आवारा बैल ने जानलेवा हमला कर दिया। घटना के दौरान आवारा जानवर ने बच्चे को अपने सींगों से उठाकर जमीन पर पटक दिया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह पूरी घटना मोहल्ले में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि बैग टांगे हुए बच्चा अपने साथियों के साथ घर जा रहा था, तभी रास्ते में आवारा बैल ने उस पर अचानक हमला कर दिया। हालांकि, इतनी बड़ी घटना के बाद भी बहादुर बच्चा खुद को संभालते हुए अपने साथियों के साथ घर की ओर जाता दिखाई दे रहा है। स्थानीय स्तर पर सुरेंद्र सपेरा और पंकज रायकवार द्वारा दी गई इस रिपोर्ट के बाद इलाके में आवारा जानवरों के आतंक को लेकर चर्चा तेज है।1