बरेली में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ खुद को फर्जी सीबीआई अधिकारी बताकर एक युवक अशफाक अहमद का अपहरण कर लिया गया। अपराधियों ने अशफाक से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी और उसके बैंक खातों व मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए करीब 78 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर भी कर लिए। यह घटना 20 जून को थाना बहेड़ी क्षेत्र के ग्राम सिमरा में हुई, जब अशफाक अपनी कार से जा रहा था और कुछ लोगों ने उसकी गाड़ी रोककर उसे जबरन अपनी गाड़ी में बैठा लिया। अपहरणकर्ताओं ने पीड़ित के साथ मारपीट भी की और धमकाया। सूचना मिलने पर थाना बहेड़ी पुलिस तुरंत हरकत में आई और मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 21 जून की रात मुड़िया रोड पर इस वारदात में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे आपस में परिचित थे और आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से इस साजिश को अंजाम दिया था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि 50 लाख रुपये की फिरौती की मांग के बाद, बाद में चार लाख रुपये में समझौता करने की कोशिश की गई थी। पुलिस का कहना है कि इस मामले में कुछ अन्य लोगों और एक अज्ञात महिला की भूमिका भी सामने आई है, जिनकी तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बरेली पुलिस की इस कार्रवाई को एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
बरेली में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ खुद को फर्जी सीबीआई अधिकारी बताकर एक युवक अशफाक अहमद का अपहरण कर लिया गया। अपराधियों ने अशफाक से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी और उसके बैंक खातों व मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए करीब 78 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर भी कर लिए। यह घटना 20 जून को थाना बहेड़ी क्षेत्र के ग्राम सिमरा में हुई, जब अशफाक अपनी कार से जा रहा था और कुछ लोगों ने उसकी गाड़ी रोककर उसे जबरन अपनी गाड़ी में बैठा लिया। अपहरणकर्ताओं ने पीड़ित के साथ मारपीट भी की और धमकाया। सूचना मिलने पर थाना बहेड़ी पुलिस तुरंत हरकत में आई और मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 21 जून की रात मुड़िया रोड पर इस वारदात में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे आपस में परिचित थे और आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से इस साजिश को अंजाम दिया था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि 50 लाख रुपये की फिरौती की मांग के बाद, बाद में चार लाख रुपये में समझौता करने की कोशिश की गई थी। पुलिस का कहना है कि इस मामले में कुछ अन्य लोगों और एक अज्ञात महिला की भूमिका भी सामने आई है, जिनकी तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बरेली पुलिस की इस कार्रवाई को एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
- अमरिया तहसील में अधिवक्ताओं ने एक सराहनीय पहल की है, जिसके तहत उन्होंने राहगीरों को शरबत पिलाया। यह कदम यात्रियों को राहत पहुँचाने के उद्देश्य से उठाया गया है।1
- बिलासपुर में ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ता, स्टांप वेंडर और डीड राइटरों ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखी है। सोमवार को भी इन सभी ने अपने चैंबर बंद रखते हुए एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना दिया और ई-पंजीकरण के निजीकरण का विरोध करते हुए जोरदार नारेबाजी की। इस बीच, दोपहर में कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख तहसील पहुँचकर हड़ताल पर बैठे लोगों से मिले। राज्यमंत्री ने वकीलों से ई-पंजीकरण के विरोध के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। वकीलों ने उन्हें बताया कि उत्तर प्रदेश में लागू की गई आनलाइन दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण नियमावली-2024 अलोकतांत्रिक और जनविरोधी है। उन्होंने तर्क दिया कि बयनामा, इकरारनामा और रहननामा जैसे दस्तावेजों की रजिस्ट्री से लाखों लोग रोजगार पाते हैं, और नई व्यवस्था से उनके तथा उनके परिवारों के जीवन पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। वकीलों ने सरकार से इस व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की मांग की और राज्यमंत्री को राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा। राज्यमंत्री औलख ने वकीलों को आश्वासन दिया कि वह इस मामले पर आईजी (स्टांप) और निबंधन मंत्री से बात करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो वे मुख्यमंत्री से भी इस संबंध में मुलाकात करेंगे। बार अध्यक्ष राजेंद्र सक्सेना, सचिव राकेश शर्मा, लायर्स अध्यक्ष अरविंद गुप्ता और सचिव प्रवेश चौहान ने राज्यमंत्री की पहल को सराहा। उन्होंने कहा कि वे राज्यमंत्री के आश्वासन के बाद मामले के शीघ्र समाधान का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन तब तक उनकी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। इस प्रदर्शन में हरीश चंद्र गुप्ता, विमल सक्सेना, अमरीक सिंह चौहान, नवीन चंद्र गुप्ता, शिव कुमार गुप्ता, विजय सक्सेना, नब्बू अली अंसारी, संतोख खैहरा, दीपांकर बैरागी, ओमप्रकाश यादव, मुस्तफा हुसैन अंसारी, अशफाक अली, संतोष जौहरी, जिया उल अंसारी, उदय तिवारी, अमान खान, विपुल जैन, गौहर अली, भगवंत सिंह, अहकाम मिर्जा, गुलाम अहमद, संतोष जौहरी, सपन अग्रवाल, मुनीश चंद्र गुप्ता सहित अनेक अधिवक्ता, स्टांप वेंडर और डीड राइटर शामिल रहे।1
- उत्तर प्रदेश के एक युवक को सोशल मीडिया पर अभद्र गाली देना भारी पड़ गया, जहाँ उत्तराखंड पुलिस ने उसे सबक सिखाया। सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस की यह कार्रवाई इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है।1
- उत्तर प्रदेश के जनपद सिद्धार्थनगर में जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत सवालों के घेरे में आ गई है। जनपद के विकासखंड नौगढ़ के बछड़ा बछड़ी गांव में बन रही एक पानी की टंकी से लगातार पानी गिरने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। यह घटना तब सामने आई है जब कागजी कार्रवाई में उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में जल जीवन मिशन का कार्य 100% पूरा बताया जा रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो जमीनी हकीकत को कुछ और ही दर्शा रहा है।1
- बरेली के इज्जतनगर पुलिस थाना क्षेत्र में स्थित केंद्रीय कारागार के कृषि फार्म से एक सिद्धदोष बंदी पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया है। इस घटना को लेकर पुलिस द्वारा की जा रही कार्यवाही के संबंध में श्री शिवम आशुतोष, ASP/CO तृतीय ने एक बाइट जारी की है।1
- बरेली के बहेड़ी में पुलिस ने फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर अपहरण और फिरौती वसूलने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने एक व्यक्ति का अपहरण कर खुद को सीबीआई अधिकारी बताया था और उससे 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर ही इस पूरे मामले का राज खोल दिया।1
- बिलासपुर में राष्ट्रीय बजरंग दल इकाई ने बीते 13 जून को 14 गौ सेवकों को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भेजकर इस मामले में निष्पक्ष जांच और पुनर्विचार की मांग की है, क्योंकि इस फैसले से देशभर के गौभक्तों और सनातन समाज में गहरा आक्रोश और पीड़ा व्याप्त है। यह विरोध प्रदर्शन सोमवार को जिला उपाध्यक्ष प्रमोद दिवाकर के नेतृत्व में हुआ, जहां भारी संख्या में कार्यकर्ता साप्ताहिक पैठ पर इकट्ठा हुए। कार्यकर्ताओं ने जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए स्थानीय तहसील भवन तक मार्च किया और उप जिलाधिकारी अरुण कुमार से मिलकर उन्हें राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि गौ सेवा भारतीय संस्कृति, परंपरा और सनातन जीवन मूल्यों का अभिन्न हिस्सा रही है। इसलिए, गौ माता की रक्षा और सेवा के लिए कार्यरत गौ सेवकों को दी गई इस कठोर सजा के मामले में मानवीय और न्यायोचित दृष्टिकोण अपनाते हुए पुनः समीक्षा की जानी चाहिए। संगठन ने न्याय व्यवस्था के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि वे न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं चाहते। इसके बजाय, वे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर तथ्यों के आधार पर पुनर्विचार की अपेक्षा रखते हैं। राष्ट्रीय बजरंग दल ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि इस प्रकरण में उचित कार्रवाई कर गौ सेवकों को न्याय दिलाने का प्रयास किया जाए। संगठन ने उम्मीद जताई कि उनकी इस मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए एक निष्पक्ष जांच और न्यायोचित निर्णय सुनिश्चित किया जाएगा। इस दौरान पुष्पेंद्र गंगवार, प्रदीप गंगवार, अनिल राठौर, आकाश राठौर, विपिन सैनी, अंकुश देओल, अंश कश्यप, सुभाष कश्यप, सुनील कश्यप मिंटू सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- बरेली जिले के बहेड़ी थाना क्षेत्र में पुलिस ने फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर किए गए अपहरण और फिरौती कांड का खुलासा किया है। इस मामले में बहेड़ी पुलिस द्वारा तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। मीरगंज के सीओ, श्री अजय कुमार ने इस संबंध में जानकारी दी है।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में बीसलपुर पुलिस ने एक शातिर चोर सुल्तान को फिर से गिरफ्तार किया है, जो पहले पुलिस हिरासत से फरार हो गया था। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर इस आरोपी को दबोचा। सुल्तान कई गंभीर मामलों में पहले से ही वांछित चल रहा था। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया है।1