बून्दी जिला पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा (IPS) ने अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पुलिस प्राथमिकताओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश राजस्थान पुलिस मुख्यालय द्वारा वर्ष 2026 की निर्धारित पुलिस प्राथमिकताओं और महानिदेशक पुलिस, राजस्थान जयपुर के निर्देशों के पालन में एक अपराध गोष्ठी के दौरान दिए गए। यह गोष्ठी पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित हुई, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय सिंह चम्पावत और जसवीर मीणा (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, महिला अपराध अनुसंधान सेल) के साथ-साथ जिले के सभी वृत्ताधिकारीगण और थानाधिकारीगण उपस्थित रहे। गोष्ठी में जिले में हुए अपराधों की समीक्षा की गई, जिसमें कानून एवं शांति व्यवस्था की स्थिति, लंबित प्रकरणों के निस्तारण, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी, महिला एवं बाल अपराधों की रोकथाम, साइबर अपराध नियंत्रण और मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। पुलिस अधीक्षक ने विशेष रूप से प्रत्येक पुलिस वृत्त और थानों के अपराध संबंधी आंकड़ों की समीक्षा करते हुए गंभीर और चर्चित मामलों में अनुसंधान की गुणवत्ता बढ़ाने और निर्धारित समय-सीमा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने लंबित मामलों, शिकायतों और परिवादों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निपटान करने के निर्देश दिए। महिला सुरक्षा और बाल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए, जिला पुलिस अधीक्षक ने महिला उत्पीड़न, दुष्कर्म और पॉक्सो (POCSO) से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला डेस्क और बाल कल्याण संबंधी व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी बल दिया। साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों के मद्देनजर, साइबर धोखाधड़ी, ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया अपराधों और डिजिटल अपराधों के मामलों में त्वरित प्रतिक्रिया देने तथा आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, जिले में मादक पदार्थों की रोकथाम और अवैध कारोबार के विरुद्ध चल रहे अभियान की समीक्षा करते हुए, एनडीपीएस एक्ट के मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने और तस्करों व उनके नेटवर्क की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। यातायात व्यवस्था की समीक्षा करते हुए, सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए नियमित यातायात प्रवर्तन, हेलमेट और सीट बेल्ट नियमों का पालन, नाबालिग वाहन चालकों, बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने पर भी जोर दिया गया। कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए, पुलिस अधीक्षक ने नियमित गश्त, सायंकालीन पेट्रोलिंग, नाकाबंदी और अपराधियों की निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने हिस्ट्रीशीटरों, सक्रिय अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर लगातार निगरानी रखने और आवश्यकतानुसार निरोधात्मक कार्रवाई करने के आदेश भी दिए। बैठक के दौरान पुलिस मुख्यालय और जिला पुलिस द्वारा संचालित विभिन्न अभियानों और योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसमें जनसुनवाई, पुलिस प्रतिक्रिया समय, बीट प्रणाली, सामुदायिक पुलिसिंग और राजकॉप सिटीजन एप के प्रचार-प्रसार पर भी चर्चा हुई, जिसका उद्देश्य आमजन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना है। अंत में, जिला पुलिस अधीक्षक बून्दी ने दोहराया कि पुलिस का लक्ष्य केवल अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि आमजन में सुरक्षा, विश्वास और कानून के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना भी है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निष्पक्षता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए टीम भावना के साथ काम करने के आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
बून्दी जिला पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा (IPS) ने अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पुलिस प्राथमिकताओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश राजस्थान पुलिस मुख्यालय द्वारा वर्ष 2026 की निर्धारित पुलिस प्राथमिकताओं और महानिदेशक पुलिस, राजस्थान जयपुर के निर्देशों के पालन में एक अपराध गोष्ठी के दौरान दिए गए। यह गोष्ठी पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित हुई, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय सिंह चम्पावत और जसवीर मीणा (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, महिला अपराध अनुसंधान सेल) के साथ-साथ जिले के सभी वृत्ताधिकारीगण और थानाधिकारीगण उपस्थित रहे। गोष्ठी में जिले में हुए अपराधों की समीक्षा की गई, जिसमें कानून एवं शांति व्यवस्था की स्थिति, लंबित प्रकरणों के निस्तारण, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी, महिला एवं बाल अपराधों की रोकथाम, साइबर अपराध नियंत्रण और मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। पुलिस अधीक्षक ने विशेष रूप से प्रत्येक पुलिस वृत्त और थानों के अपराध संबंधी आंकड़ों की समीक्षा करते हुए गंभीर और चर्चित मामलों में अनुसंधान की गुणवत्ता बढ़ाने और निर्धारित समय-सीमा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने लंबित मामलों, शिकायतों और परिवादों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निपटान करने के निर्देश दिए। महिला सुरक्षा और बाल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए, जिला पुलिस अधीक्षक ने महिला उत्पीड़न, दुष्कर्म और पॉक्सो (POCSO) से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला डेस्क और बाल कल्याण संबंधी व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी बल दिया। साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों के मद्देनजर, साइबर धोखाधड़ी, ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया अपराधों और डिजिटल अपराधों के मामलों में त्वरित प्रतिक्रिया देने तथा आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, जिले में मादक पदार्थों की रोकथाम और अवैध कारोबार के विरुद्ध चल रहे अभियान की समीक्षा करते हुए, एनडीपीएस एक्ट के मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने और तस्करों व उनके नेटवर्क की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। यातायात व्यवस्था की समीक्षा करते हुए, सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए नियमित यातायात प्रवर्तन, हेलमेट और सीट बेल्ट नियमों का पालन, नाबालिग वाहन चालकों, बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने पर भी जोर दिया गया। कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए, पुलिस अधीक्षक ने नियमित गश्त, सायंकालीन पेट्रोलिंग, नाकाबंदी और अपराधियों की निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने हिस्ट्रीशीटरों, सक्रिय अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर लगातार निगरानी रखने और आवश्यकतानुसार निरोधात्मक कार्रवाई करने के आदेश भी दिए। बैठक के दौरान पुलिस मुख्यालय और जिला पुलिस द्वारा संचालित विभिन्न अभियानों और योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसमें जनसुनवाई, पुलिस प्रतिक्रिया समय, बीट प्रणाली, सामुदायिक पुलिसिंग और राजकॉप सिटीजन एप के प्रचार-प्रसार पर भी चर्चा हुई, जिसका उद्देश्य आमजन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना है। अंत में, जिला पुलिस अधीक्षक बून्दी ने दोहराया कि पुलिस का लक्ष्य केवल अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि आमजन में सुरक्षा, विश्वास और कानून के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना भी है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निष्पक्षता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए टीम भावना के साथ काम करने के आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
- यह एक कहानी है जो वृद्ध माता-पिता और उनके इकलौते बेटे के जीवन पर आधारित है। यह कहानी विशेष रूप से बुढ़ापे में मिलने वाले सहारे और रिश्तों की अहमियत के विषय पर प्रकाश डालती है।1
- बून्दी जिला पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा (IPS) ने अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पुलिस प्राथमिकताओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश राजस्थान पुलिस मुख्यालय द्वारा वर्ष 2026 की निर्धारित पुलिस प्राथमिकताओं और महानिदेशक पुलिस, राजस्थान जयपुर के निर्देशों के पालन में एक अपराध गोष्ठी के दौरान दिए गए। यह गोष्ठी पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित हुई, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय सिंह चम्पावत और जसवीर मीणा (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, महिला अपराध अनुसंधान सेल) के साथ-साथ जिले के सभी वृत्ताधिकारीगण और थानाधिकारीगण उपस्थित रहे। गोष्ठी में जिले में हुए अपराधों की समीक्षा की गई, जिसमें कानून एवं शांति व्यवस्था की स्थिति, लंबित प्रकरणों के निस्तारण, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी, महिला एवं बाल अपराधों की रोकथाम, साइबर अपराध नियंत्रण और मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। पुलिस अधीक्षक ने विशेष रूप से प्रत्येक पुलिस वृत्त और थानों के अपराध संबंधी आंकड़ों की समीक्षा करते हुए गंभीर और चर्चित मामलों में अनुसंधान की गुणवत्ता बढ़ाने और निर्धारित समय-सीमा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने लंबित मामलों, शिकायतों और परिवादों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निपटान करने के निर्देश दिए। महिला सुरक्षा और बाल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए, जिला पुलिस अधीक्षक ने महिला उत्पीड़न, दुष्कर्म और पॉक्सो (POCSO) से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला डेस्क और बाल कल्याण संबंधी व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी बल दिया। साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों के मद्देनजर, साइबर धोखाधड़ी, ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया अपराधों और डिजिटल अपराधों के मामलों में त्वरित प्रतिक्रिया देने तथा आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, जिले में मादक पदार्थों की रोकथाम और अवैध कारोबार के विरुद्ध चल रहे अभियान की समीक्षा करते हुए, एनडीपीएस एक्ट के मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने और तस्करों व उनके नेटवर्क की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। यातायात व्यवस्था की समीक्षा करते हुए, सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए नियमित यातायात प्रवर्तन, हेलमेट और सीट बेल्ट नियमों का पालन, नाबालिग वाहन चालकों, बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने पर भी जोर दिया गया। कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए, पुलिस अधीक्षक ने नियमित गश्त, सायंकालीन पेट्रोलिंग, नाकाबंदी और अपराधियों की निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने हिस्ट्रीशीटरों, सक्रिय अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर लगातार निगरानी रखने और आवश्यकतानुसार निरोधात्मक कार्रवाई करने के आदेश भी दिए। बैठक के दौरान पुलिस मुख्यालय और जिला पुलिस द्वारा संचालित विभिन्न अभियानों और योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसमें जनसुनवाई, पुलिस प्रतिक्रिया समय, बीट प्रणाली, सामुदायिक पुलिसिंग और राजकॉप सिटीजन एप के प्रचार-प्रसार पर भी चर्चा हुई, जिसका उद्देश्य आमजन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना है। अंत में, जिला पुलिस अधीक्षक बून्दी ने दोहराया कि पुलिस का लक्ष्य केवल अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि आमजन में सुरक्षा, विश्वास और कानून के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना भी है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निष्पक्षता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए टीम भावना के साथ काम करने के आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।1
- कांग्रेस के छात्र संवाद कार्यक्रम में शामिल होने कोटा जाते समय पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का बूंदी में जोरदार स्वागत हुआ। बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन किया। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए गहलोत ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों पर जमकर हमला बोला। गहलोत ने कहा कि नीट पेपर लीक प्रकरण ने लाखों युवाओं के सपनों को चकनाचूर कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोषियों पर कार्रवाई न करके सरकार ने छात्रों के साथ विश्वासघात किया है। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी के कार्यक्रम को विफल करने के लिए पोस्टर हटाए जा रहे हैं, छात्रों को रोका जा रहा है और कोचिंग संस्थानों पर दबाव बनाया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इन सभी गतिविधियों को 'लोकतंत्र की हत्या' करार देते हुए भाजपा सरकार को पूरी तरह विफल बताया। उनके अनुसार, भाजपा लोकतंत्र की हत्या कर रही है और छात्रों की आवाज को दबाया जा रहा है।1
- सांवरिया सेठ के मंदिर में भक्तों का भारी तांता लग गया। श्रद्धालु मंगला आरती के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में उनके द्वार पर एकत्रित हुए।1
- आकाश इंस्टीट्यूट ने 'रेनीत 2026' के प्रतिभागियों के लिए एक प्रेरक संदेश जारी किया है, जिसमें उन्हें 'विजयी भव' कहते हुए अपनी शुभकामनाएँ दी गई हैं। इंस्टीट्यूट ने सभी अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी के लिए 'ऑल द बेस्ट' कहा है।2
- कल री-नीट-यूजी की परीक्षा होनी है, जिसके लिए सरकार ने अब भारतीय वायुसेना को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। पेपर लीक मामलों में अपनी 'भारी फजीहत' करवा चुकी सरकार ने इस परीक्षा को सही ढंग से करवाने के लिए वायुसेना को तैनात किया है। इसी क्रम में, वायुसेना का एक विमान किसी सैनिक अभियान पर न जाकर, परीक्षा के प्रश्नपत्रों को पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य संभाल रहा है। इस स्थिति पर सरकार और उसके सिस्टम पर गहरा धिक्कार व्यक्त किया गया है, क्योंकि परीक्षा जैसे नागरिक कार्य के लिए सेना को इस तरह से इस्तेमाल करने की नौबत आ गई है।1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, कोटा डिस्ट्रिक्ट ताइक्वांडो एसोसिएशन ने श्रीनाथपुरम स्टेडियम में एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुमार ने खिलाड़ियों को योग के महत्व और इसकी विभिन्न विधाओं के बारे में जानकारी दी, साथ ही सूर्य नमस्कार की 12 अवस्थाओं का अभ्यास भी कराया। अनिल कुमार ने बताया कि योग केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली का आधार है। उन्होंने ज़ोर दिया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, मानसिक तनाव कम होता है और शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रतिदिन योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। अध्यक्ष ने यह भी कहा कि ताइक्वांडो आत्मरक्षा की एक प्रभावी विधा है, और योग इसके अभ्यास के लिए आवश्यक अनुशासन, एकाग्रता, लचीलापन और संतुलन विकसित करने का एक सशक्त माध्यम है। इसी उद्देश्य से कोटा डिस्ट्रिक्ट ताइक्वांडो एसोसिएशन में ताइक्वांडो प्रशिक्षण से पहले प्रतिदिन योगाभ्यास कराया जाता है, जिससे खिलाड़ियों का सर्वांगीण विकास हो सके। कार्यक्रम में सभी खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ योगाभ्यास किया और नियमित रूप से योग अपनाने का संकल्प लिया।4
- महाराष्ट्र के परभणी जिले के मानवत तालुका स्थित यशवाड़ी देवस्थान में एक बड़ा हादसा हो गया है, जहाँ हनुमान मंदिर परिसर में निर्माणाधीन सभामंडप की छत गिर गई। इस दुर्घटना में अब तक 7 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 32 श्रद्धालु घायल हुए हैं। आशंका जताई जा रही है कि 40 से अधिक श्रद्धालु मलबे में दबे हो सकते हैं। हादसे की सूचना मिलने पर प्रशासन, एनडीआरएफ (NDRF) और बचाव दल मौके पर पहुँच गए हैं और राहत एवं बचाव अभियान में जुट गए हैं। घायलों को तत्काल परभणी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।1