राजधानी लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र के अंतर्गत चिनहट तिराहे पर अवैध डग्गामार बसों का जमावड़ा लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क किनारे खड़ी रहने वाली इन बसों के कारण क्षेत्र में आए दिन लंबा जाम लग जाता है, जिससे आम नागरिकों, छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और अन्य वाहन चालकों को भारी परेशानी होती है। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि चिनहट तिराहा राजधानी के प्रमुख और व्यस्त चौराहों में से एक है, जहाँ दिनभर वाहनों की आवाजाही रहती है। इसके बावजूद, डग्गामार बस संचालक खुलेआम यात्रियों को भरने के लिए बसों को सड़क पर खड़ा कर देते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। लोगों ने आरोप लगाया है कि ट्रैफिक पुलिस और क्षेत्रीय पुलिस की अनुपस्थिति या प्रभावी कार्रवाई के अभाव के कारण अवैध बस संचालकों के हौसले बुलंद हैं। कई बार शिकायतें करने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। राहगीरों के मुताबिक, सुबह और शाम के व्यस्त समय में जाम की समस्या और भी गंभीर हो जाती है, जिससे एम्बुलेंस, स्कूल बसों और अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहनों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि चिनहट तिराहे पर अवैध डग्गामार बसों के संचालन पर तुरंत रोक लगाई जाए और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए नियमित अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए। स्थानीय लोगों का सवाल है कि आखिर चिनहट तिराहे पर खुलेआम खड़ी होने वाली इन अवैध बसों के खिलाफ जिम्मेदार विभाग कब प्रभावी कार्रवाई करेगा।
राजधानी लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र के अंतर्गत चिनहट तिराहे पर अवैध डग्गामार बसों का जमावड़ा लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क किनारे खड़ी रहने वाली इन बसों के कारण क्षेत्र में आए दिन लंबा जाम लग जाता है, जिससे आम नागरिकों, छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और अन्य वाहन चालकों को भारी परेशानी होती है। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि चिनहट तिराहा राजधानी के प्रमुख और व्यस्त चौराहों में से एक है, जहाँ दिनभर वाहनों की आवाजाही रहती है। इसके बावजूद, डग्गामार बस संचालक खुलेआम यात्रियों को भरने के लिए बसों को सड़क पर खड़ा कर देते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। लोगों ने आरोप लगाया है कि ट्रैफिक पुलिस और क्षेत्रीय पुलिस की अनुपस्थिति या प्रभावी कार्रवाई के अभाव के कारण अवैध बस संचालकों के हौसले बुलंद हैं। कई बार शिकायतें करने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। राहगीरों के मुताबिक, सुबह और शाम के व्यस्त समय में जाम की समस्या और भी गंभीर हो जाती है, जिससे एम्बुलेंस, स्कूल बसों और अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहनों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि चिनहट तिराहे पर अवैध डग्गामार बसों के संचालन पर तुरंत रोक लगाई जाए और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए नियमित अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए। स्थानीय लोगों का सवाल है कि आखिर चिनहट तिराहे पर खुलेआम खड़ी होने वाली इन अवैध बसों के खिलाफ जिम्मेदार विभाग कब प्रभावी कार्रवाई करेगा।
- लखनऊ में मोहर्रम पर्व के अवसर पर पुलिस उपायुक्त पश्चिम, श्री एस.एम. कासिम आबिदी ने रावतपुर थाना क्षेत्र के प्रमुख बाजारों, संवेदनशील स्थलों, ताजिया मार्गों और मुख्य चौराहों पर पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस गश्त के दौरान, पुलिस उपायुक्त पश्चिम महोदय ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल को सतर्क और मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षेत्र में शांति, सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए। साथ ही, उन्होंने स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और आयोजकों से संवाद स्थापित कर सहयोग बनाए रखने की अपील की। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन चेकिंग कराई गई और संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्नाव में ₹570 करोड़ से अधिक लागत की 101 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान घोषणा की कि उन्नाव के लोग अब लखनऊ को बाईपास करके सीधे दिल्ली और प्रयागराज जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि कानपुर से उन्नाव की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए गंगा नदी पर एक अतिरिक्त पुल की मांग भी पूरी हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि उन्नाव को स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) का हिस्सा बनाया गया है, जिससे लखनऊ में होने वाला विकास अब उन्नाव तक भी पहुंचेगा। इसके अतिरिक्त, यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए उन्नाव में लगभग पौने तीन सौ हेक्टेयर भूमि और गंगा एक्सप्रेस-वे पर इंडस्ट्रियल क्लस्टर के लिए लगभग दो सौ एकड़ भूमि तैयार की गई है। योगी आदित्यनाथ ने विश्वास दिलाया कि इससे उन्नाव में तेजी से नए उद्योग स्थापित होंगे और स्थानीय युवाओं को यहीं रोजगार के अवसर मिलेंगे।1
- लखनऊ के महानगर थाना क्षेत्र में हनुमान सेतु के पास एक ऑटो रिक्शा पलट गया। इस दुर्घटना में ऑटो रिक्शा चालक और उसमें बैठी एक महिला को चोटें आईं। हादसे के बाद, मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। एम्बुलेंस के पहुंचने के बाद, घायल ड्राइवर और महिला दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।1
- लखनऊ में पतंग पार्क स्थित दरिया वाली मस्जिद के सामने एक युवक बुद्ध प्रतिमा पर चढ़ गया। मौके पर मौजूद पुलिस लगातार युवक से नीचे आने की अपील कर रही है, लेकिन वह नीचे नहीं उतर रहा है। पुलिस के समझाने के बावजूद युवक कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं है। इस घटना को देखने के लिए आने-जाने वाले लोगों की भीड़ जमा हो गई है। यह मामला थाना चौक क्षेत्र का बताया जा रहा है।4
- उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के शिवगढ़ थाना क्षेत्र स्थित ग्राम भिटौरा में 28 अप्रैल 2026 को हुए जसवंत सिंह हत्याकांड के मामले में फरार चल रहे नामजद अभियुक्त और प्रधान मान सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मान सिंह की गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक द्वारा ₹25,000 का इनाम घोषित किया गया था, क्योंकि वह लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बच रहा था। पुलिस के अनुसार, जसवंत सिंह पुत्र विजय बहादुर सिंह, जो भिटौरा गांव के निवासी थे, की हत्या के मामले में प्रधान मान सिंह नामजद अभियुक्त थे। घटना के बाद से ही वह लगातार फरार चल रहे थे और पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर शिवगढ़ पुलिस ने शंभूगंज चौराहे पर घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद, आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। क्षेत्राधिकारी लम्भुआ श्री ऋतिक कपूर ने बताया कि वांछित इनामी अभियुक्त की यह गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता है और मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।1
- लखनऊ के बख्शी का तालाब स्थित प्राचीन मां चंद्रिका देवी मंदिर में श्रद्धालुओं के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है। मंदिर के दुकानदार धर्मेंद्र गुप्ता और शुभम गुप्ता पर कार सवार एक श्रद्धालु परिवार से दुर्व्यवहार करने का आरोप है। यह विवाद दुकान के सामने कार खड़ी करने को लेकर शुरू हुआ, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें तीखी बहस साफ दिख रही है। श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्होंने गाड़ी हटाने की बात कही थी, इसके बावजूद दुकानदार भड़क उठे और मौके पर अपशब्दों व अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। इस घटना के बाद मंदिर की सुरक्षा के लिए 24 घंटे पुलिस तैनात होने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर सवाल उठ रहे हैं। कई वर्षों से चौकी पर तैनात चौकी इंचार्ज शशि भूषण पर दबंग दुकानदारों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगा है। मंदिर प्रशासन ने इस पूरे मामले की उच्च अधिकारियों से जांच कराने और लापरवाह पुलिसकर्मियों के साथ-साथ आरोपित दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- सीतापुर में भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस' के दावों के बीच, सोशल मीडिया पर अटरिया थाने में तैनात दरोगा इंद्रनारायण शुक्ला का एक कथित वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दरोगा पर चोरी के एक मुकदमे से नाम हटाने के एवज में पहले 10 हजार रुपये मांगने और बाद में 5 हजार रुपये पर बात तय होने का आरोप लगाया जा रहा है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर दरोगा को 5 हजार रुपये लेते हुए दिखाए जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इस वीडियो की सत्यता और इसमें दिख रहे घटनाक्रम की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस घटना ने सवाल खड़े किए हैं कि जब भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के दावे किए जा रहे हैं, तो ऐसे वीडियो बार-बार सामने क्यों आ रहे हैं? यह भी पूछा जा रहा है कि क्या रिश्वतखोरी पर लगाम लगाने के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं या जिम्मेदार अधिकारियों की नजर ऐसे मामलों से ओझल है? अब सबकी निगाहें सीतापुर पुलिस और उच्च अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस वायरल वीडियो की जांच कर सच्चाई सामने लाते हैं या यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।1
- लखनऊ में पहले मुहर्रम के जुलूस का शांतिपूर्ण और सकुशल समापन हो गया है। इस अवसर पर डीसीपी पश्चिम कमलेश दीक्षित ने पुलिस प्रशासन, आयोजकों और आम जनता का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। डीसीपी पश्चिम ने बताया कि सभी की सहभागिता और पुलिस की मुस्तैदी के कारण जुलूस शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। उन्होंने जानकारी दी कि सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद थी और पूरे कार्यक्रम पर लगातार निगरानी रखी गई थी।1
- लखनऊ के महानगर थाना क्षेत्र में हनुमान सेतु के पास एक ऑटो रिक्शा पलट गया। इस दुर्घटना में ऑटो रिक्शा चालक और उसमें बैठी एक महिला यात्री घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस और एम्बुलेंस को घटना की सूचना दी। एम्बुलेंस के घटनास्थल पर पहुंचने के बाद दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।1