पेट्रोल भरवाओ, तब छोड़ेंगे" : नवापारा में पुलिस पर रिश्वत और मारपीट का गंभीर आरोप, थाने और पालिका के बाहर विरोध प्रदर्शन राजिम, नवापारा में पुलिस द्वारा सफाई कर्मचारी के साथ मारपीट करने का गंभीर मामला सामने आया है, जिसके विरोध में पीड़ित और परिजनों ने थाने और नगरपालिका के सामने प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि पीड़ित को चोरी के मामले में पूछताछ करने बुलाया गया और फिर मारपीट की गई। इस दौरान पीड़ित के एक हाथ में गंभीर चोटे आई है। मामला गोबरा नवापारा थाना का है। जानकारी के अनुसार, जुगे माचखंड गोबरा नगर पालिका का सफाई कर्मचारी है। जुगे माचखंड के अनुसार मंगलवार सुबह आरक्षक हुलास साहू उसे सफाई के बहाने थाने लेकर आया था। इसी दौरान आरक्षक ने चोरी की एक घटना के संबंध में पूछताछ शुरू की, फिर वह मारपीट पर उतारू हो गया। पूछताछ के नाम पर उससे बेरहमी से पिटाई की गई, जिससे उसका हाथ फ्रैक्चर हो गया है। जिसके बाद आज सुबह पीड़ित के परिजन, मोहल्लेवासी और नगर पालिका के अन्य सफाई कर्मचारी बड़ी संख्या में पीड़ित के साथ गोबरा नवापारा थाने और फिर नगरपालिका पहुंचे और दोषी आरक्षक पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। खबर मिलते ही कांग्रेसी पार्षद और नेता भी थाने पहुंचे और आरोपी आरक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आम जनता और कर्मचारियों के साथ इस तरह की मारपीट बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पुलिसकर्मी पर तत्काल सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। रिश्वत मांगने का आरोप वहीं इस मामले में पीड़ित की बेटी का आरोप है कि जब वह अपने परिजनों के साथ पिता को छुड़ाने थाना पहुंची तो एक पुलिस वाले ने गाड़ी का टैंक पेट्रोल से फूल कराने पर उसके पिता को छोड़ने की बात कही। इस दौरान उसकी मां और अन्य लोग भी मौजूद थे। क्या है पूरा मामला नवापारा नगर पालिका CMO ने बताया कि नल घर स्थित स्टोर रूम में चोरी हो गई थी। इस संबंध में पुलिस को सूचना दी गई थी। इस दौरान पता चला कि जुगे माचखंड को चोरों की कुछ जानकारी है इसकी सूचना भी पुलिस को दी गई। जिसके बाद उसे पूछताक्ष के लिए ले जाया गया, पूछताक्ष के दौरान उसने कहा कि वह कुछ नहीं जानता। जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया। वहीं पुलिस प्रशासन की ओर से मामले की जांच किए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन अब तक आरक्षक पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उग्र आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस घटना के बाद नगर के लोगों में भी पुलिस की कार्यशैली को लेकर बातें हो रही है। लोग भी पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग कर रहे है।
पेट्रोल भरवाओ, तब छोड़ेंगे" : नवापारा में पुलिस पर रिश्वत और मारपीट का गंभीर आरोप, थाने और पालिका के बाहर विरोध प्रदर्शन राजिम, नवापारा में पुलिस द्वारा सफाई कर्मचारी के साथ मारपीट करने का गंभीर मामला सामने आया है, जिसके विरोध में पीड़ित और परिजनों ने थाने और नगरपालिका के सामने प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि पीड़ित को चोरी के मामले में पूछताछ करने बुलाया गया और फिर मारपीट की गई। इस दौरान पीड़ित के एक हाथ में गंभीर चोटे आई है। मामला गोबरा नवापारा थाना का है। जानकारी के अनुसार, जुगे माचखंड गोबरा नगर पालिका का सफाई कर्मचारी है। जुगे माचखंड के अनुसार मंगलवार सुबह आरक्षक हुलास साहू उसे सफाई के बहाने थाने लेकर आया था। इसी दौरान आरक्षक ने चोरी की एक घटना के संबंध में पूछताछ शुरू की, फिर वह मारपीट पर उतारू हो गया। पूछताछ के नाम पर उससे बेरहमी से पिटाई की गई, जिससे
उसका हाथ फ्रैक्चर हो गया है। जिसके बाद आज सुबह पीड़ित के परिजन, मोहल्लेवासी और नगर पालिका के अन्य सफाई कर्मचारी बड़ी संख्या में पीड़ित के साथ गोबरा नवापारा थाने और फिर नगरपालिका पहुंचे और दोषी आरक्षक पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। खबर मिलते ही कांग्रेसी पार्षद और नेता भी थाने पहुंचे और आरोपी आरक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आम जनता और कर्मचारियों के साथ इस तरह की मारपीट बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पुलिसकर्मी पर तत्काल सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। रिश्वत मांगने का आरोप वहीं इस मामले में पीड़ित की बेटी का आरोप है कि जब वह अपने परिजनों के साथ पिता को छुड़ाने थाना पहुंची तो एक पुलिस वाले ने गाड़ी का टैंक पेट्रोल से फूल कराने पर उसके पिता को छोड़ने की बात कही। इस दौरान उसकी मां और अन्य लोग भी मौजूद थे। क्या
है पूरा मामला नवापारा नगर पालिका CMO ने बताया कि नल घर स्थित स्टोर रूम में चोरी हो गई थी। इस संबंध में पुलिस को सूचना दी गई थी। इस दौरान पता चला कि जुगे माचखंड को चोरों की कुछ जानकारी है इसकी सूचना भी पुलिस को दी गई। जिसके बाद उसे पूछताक्ष के लिए ले जाया गया, पूछताक्ष के दौरान उसने कहा कि वह कुछ नहीं जानता। जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया। वहीं पुलिस प्रशासन की ओर से मामले की जांच किए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन अब तक आरक्षक पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उग्र आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस घटना के बाद नगर के लोगों में भी पुलिस की कार्यशैली को लेकर बातें हो रही है। लोग भी पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग कर रहे है।
- आयुष्मान घोटाला अपडेट लोकेशन: छुरा, गरियाबंद गरियाबंद के छुरा विकासखंड स्थित श्री संकल्प छत्तीसगढ़ मिशन हॉस्पिटल से अब एक और गंभीर मामला सामने आया है, इसके पहले हमने आपको दिखाया था कि कैसे अस्पताल प्रबंधन सामान्य बीमारी की इलाज करता है मरीज को सामान्य बीमारी की दवाई देता है लेकिन आयुष्मान कार्ड में वह गंभीर बीमारी ब्लॉक कर शासन को लाखों रुपये का चुना लगा रहा है, लेकिन अब यह बात सामने आई है कि अस्पताल ने ICU की आधिकारिक अनुमति मिलने से पहले ही आयुष्मान योजना के तहत ICU उपचार के नाम पर क्लेम प्रस्तुत कर लाखों रुपये की राशि शासन से आहरित कर लिए। आपको बता दें कि CMHO गरियाबंद यू एस नवरत्न के अनुसार अस्पताल को ICU एवं HDU संचालन की अनुमति फरवरी वर्ष 2026 में प्राप्त हुई है, जबकि अस्पताल इससे पूर्व अक्टूबर नवंबर वर्ष 2025 से ही आयुष्मान कार्ड में ICU और HDU के संबंधित श्रेणी के उपचार का दावा कर अपना क्लेम प्रस्तुत किया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब अस्पताल को फरवरी 2026 में ICU और HDU इलाज की परमिशन प्रशासन से मिली है तो वो 2025 से ही बिना परमिशन के आईसीयू और HDU में इलाज कर आयुष्मान कार्ड को कैसे ब्लॉक कर दिया। क्या इसकी थोड़ी भी जानकारी प्रशासन को नहीं थी या फिर ये कोई अस्पताल प्रबंधन और अधिकारीयो के बीच कोई बड़ी सांठगांठ तो नहीं जिसमें फर्जी तरीके से आयुष्मान कार्ड के पैसे निकालकर शासन को चुना लगाया जा रहा हो। फिलहाल यह पूरा मामला जांच का विषय है आगे जांच होने पर और भी बड़े खुलासे इस अस्पताल में आयुष्मान कार्ड से हुवे इलाज को लेकर हो सकते है। हालांकि सीएमएचओ गरियाबंद यू एस नवरत्न का कहना है कि जांच के बाद ही पूरी कार्यवाही की जाएगी। अब देखना यह होगा कि क्या इस पूरे मामले में अधिकारी निष्पक्ष जांच करते है या इसे भी अन्य जांच की तरह ठंडे बस्ते में डाल देते है। वही श्री संकल्प छत्तीसगढ़ अस्पताल प्रबंधन से भी हमने इस पूरे मामले में उनका पक्ष जानने की कोशिश की लेकिन उनके द्वारा कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है।4
- Post by Prakasahu Prakasal1
- Post by Purushottam verma1
- कामेशपाल की रिपोर्ट *लावारिस कुत्ते ने काटा 7 लोगों को मोहल्ले वासी परेशान* रायपुर l मठपुरैना मैं लावारिस कुत्ते के कारण 4 दिन से परेशान हो रहे थे मोहल्ले वासी ने नगर निगम को फोन करके बोला की हमारे मोहल्ले में एक कुत्ते ने साथ लोगों को काटा है तो वह 1100 में कॉल करके बताया। जिसमें दिन गुरुवार को नगर निगम ने वह लावारिस कुत्ते को पकड़ कर ले जाया गया।2
- जय गौ माता जय गोपाल आमंत्रण-गौ भोज कार्यक्रम गोविंद पथ गौ सेवा संस्थान गौ माता के शरीर पर 33 कोटी देवी देवता विराजमान होते हैं इनको भोग प्रसाद अर्पण करने से सभी देवी देवता तृप्त होते हैं, लिए आईए हम सब मिलकर एक प्रयास करें। गौ भोज कार्यक्रम के लिए। राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे दिनांक 12/4/2026 दिन रविवार को रायपुर के विभिन्न स्थानों पर गौ माता को भोज कराया जाएगा जिस कार्यक्रम को हम प्रतिदिन करने जा रहे हैं आप समस्त गौ भक्तों से निवेदन है कि आप इस कार्यक्रम में आकर के अपना सहयोग प्रदान करें एवं कार्यक्रम को सफल बनाने की अपार सहयोग प्रदान करें। इस भरी गर्मी में गौ माता के लिए हरा चारा पानी की व्यवस्था करने का एक प्रयास किया जा रहा है जो आप सभी के सहयोग से पूर्ण होगा। जय गौ माता जय गोपाल भक्त वत्सल प्रभु जी ने दयाल कार्यक्रम स्थल- S.R मोटर्स राम दरबार के पास कोटा रायपुर1
- दुर्ग में अफ्रीकन स्वाइन फीवर का कहर, सैकड़ों सूअरों की मौत से हड़कंप1
- छत्तीसगढ़ के दुर्ग में अफ्रीकन स्वाइन फीवर का कहर, 300 से अधिक सूअरों की मौत छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के मुडपार स्थित सूअर पालन फार्म में अफ्रीकन स्वाइन फीवर (एएसएफ) के कारण 300 से अधिक सफेद सूअरों की मौत हो गई है। भोपाल स्थित हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज लैब की रिपोर्ट में इस खतरनाक वायरस की पुष्टि की हुई है। रिपोर्ट आने के बाद अधिकारियों की उपस्थिति में 83 संक्रमित सूअरों को इंजेक्शन देकर मार दिया गया। यह कार्रवाई पशु चिकित्सा विभाग ने रविवार को की। फार्म संचालक पीओ जाय ने बताया कि 29 मार्च को पहला सैंपल लिया गया था और सूअरों की मौत का सिलसिला एक अप्रैल से शुरू हुआ। संचालक ने बताया कि सफेद सूअरों की मौत से एक करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। यह वायरस केवल सूअरों में फैलता है और इसका कोई इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।1
- राजिम, नवापारा में पुलिस द्वारा सफाई कर्मचारी के साथ मारपीट करने का गंभीर मामला सामने आया है, जिसके विरोध में पीड़ित और परिजनों ने थाने और नगरपालिका के सामने प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि पीड़ित को चोरी के मामले में पूछताछ करने बुलाया गया और फिर मारपीट की गई। इस दौरान पीड़ित के एक हाथ में गंभीर चोटे आई है। मामला गोबरा नवापारा थाना का है। जानकारी के अनुसार, जुगे माचखंड गोबरा नगर पालिका का सफाई कर्मचारी है। जुगे माचखंड के अनुसार मंगलवार सुबह आरक्षक हुलास साहू उसे सफाई के बहाने थाने लेकर आया था। इसी दौरान आरक्षक ने चोरी की एक घटना के संबंध में पूछताछ शुरू की, फिर वह मारपीट पर उतारू हो गया। पूछताछ के नाम पर उससे बेरहमी से पिटाई की गई, जिससे उसका हाथ फ्रैक्चर हो गया है। जिसके बाद आज सुबह पीड़ित के परिजन, मोहल्लेवासी और नगर पालिका के अन्य सफाई कर्मचारी बड़ी संख्या में पीड़ित के साथ गोबरा नवापारा थाने और फिर नगरपालिका पहुंचे और दोषी आरक्षक पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। खबर मिलते ही कांग्रेसी पार्षद और नेता भी थाने पहुंचे और आरोपी आरक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आम जनता और कर्मचारियों के साथ इस तरह की मारपीट बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पुलिसकर्मी पर तत्काल सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। रिश्वत मांगने का आरोप वहीं इस मामले में पीड़ित की बेटी का आरोप है कि जब वह अपने परिजनों के साथ पिता को छुड़ाने थाना पहुंची तो एक पुलिस वाले ने गाड़ी का टैंक पेट्रोल से फूल कराने पर उसके पिता को छोड़ने की बात कही। इस दौरान उसकी मां और अन्य लोग भी मौजूद थे। क्या है पूरा मामला नवापारा नगर पालिका CMO ने बताया कि नल घर स्थित स्टोर रूम में चोरी हो गई थी। इस संबंध में पुलिस को सूचना दी गई थी। इस दौरान पता चला कि जुगे माचखंड को चोरों की कुछ जानकारी है इसकी सूचना भी पुलिस को दी गई। जिसके बाद उसे पूछताक्ष के लिए ले जाया गया, पूछताक्ष के दौरान उसने कहा कि वह कुछ नहीं जानता। जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया। वहीं पुलिस प्रशासन की ओर से मामले की जांच किए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन अब तक आरक्षक पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उग्र आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस घटना के बाद नगर के लोगों में भी पुलिस की कार्यशैली को लेकर बातें हो रही है। लोग भी पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग कर रहे है।3