नमामि गंगे स्वच्छता पखवाड़ा का समापन, गंगा आरती के साथ जागरूकता का संदेश फर्रुखाबाद। 16 मार्च से चल रहे नमामि गंगे स्वच्छता पखवाड़ा का समापन 28 मार्च को भव्य गंगा आरती के साथ किया गया। इस अवसर पर गंगा तट पर विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों, छात्रों और अधिकारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के माध्यम से गंगा की स्वच्छता और संरक्षण का संदेश दिया गया। गंगा आरती का आयोजन विद्वान आचार्य डॉक्टर प्रदीप नारायण शुक्ला द्वारा विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ कराया गया। श्रद्धालुओं ने आरती में भाग लेकर गंगा मैया की पूजा-अर्चना की और स्वच्छता का संकल्प लिया। कार्यक्रम में जिला गंगा समिति की अध्यक्ष निहारिका पटेल द्वारा भी स्वच्छता अभियान को लेकर विशेष पहल की गई और लोगों को जागरूक किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे एसडीएम सदर ने अपने संबोधन में कहा कि गंगा की सफाई किसी एक व्यक्ति के बस की बात नहीं है, इसके लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गंगा को स्वच्छ रखने के लिए जागरूक बनें और दूसरों को भी प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता के बिना कोई भी अभियान सफल नहीं हो सकता। इस दौरान डिग्री कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने भी गंगा स्वच्छता अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और घाटों पर साफ-सफाई कर जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने का संकल्प लिया। नमामि गंगे स्वच्छता पखवाड़ा का समापन, गंगा आरती के साथ जागरूकता का संदेश फर्रुखाबाद। 16 मार्च से चल रहे नमामि गंगे स्वच्छता पखवाड़ा का समापन 28 मार्च को भव्य गंगा आरती के साथ किया गया। इस अवसर पर गंगा तट पर विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों, छात्रों और अधिकारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के माध्यम से गंगा की स्वच्छता और संरक्षण का संदेश दिया गया। गंगा आरती का आयोजन विद्वान आचार्य डॉक्टर प्रदीप नारायण शुक्ला द्वारा विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ कराया गया। श्रद्धालुओं ने आरती में भाग लेकर गंगा मैया की पूजा-अर्चना की और स्वच्छता का संकल्प लिया। कार्यक्रम में जिला गंगा समिति की अध्यक्ष निहारिका पटेल द्वारा भी स्वच्छता अभियान को लेकर विशेष पहल की गई और लोगों को जागरूक किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे एसडीएम सदर ने अपने संबोधन में कहा कि गंगा की सफाई किसी एक व्यक्ति के बस की बात नहीं है, इसके लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गंगा को स्वच्छ रखने के लिए जागरूक बनें और दूसरों को भी प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता के बिना कोई भी अभियान सफल नहीं हो सकता। इस दौरान डिग्री कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने भी गंगा स्वच्छता अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और घाटों पर साफ-सफाई कर जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने का संकल्प लिया।
नमामि गंगे स्वच्छता पखवाड़ा का समापन, गंगा आरती के साथ जागरूकता का संदेश फर्रुखाबाद। 16 मार्च से चल रहे नमामि गंगे स्वच्छता पखवाड़ा का समापन 28 मार्च को भव्य गंगा आरती के साथ किया गया। इस अवसर पर गंगा तट पर विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों, छात्रों और अधिकारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के माध्यम से गंगा की स्वच्छता और संरक्षण का संदेश दिया गया। गंगा आरती का आयोजन विद्वान आचार्य डॉक्टर प्रदीप नारायण शुक्ला द्वारा विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ कराया गया। श्रद्धालुओं ने आरती में भाग लेकर गंगा मैया की पूजा-अर्चना की और स्वच्छता का संकल्प लिया। कार्यक्रम में जिला गंगा समिति की अध्यक्ष निहारिका पटेल द्वारा भी स्वच्छता अभियान को लेकर विशेष पहल की गई और लोगों को जागरूक किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे एसडीएम सदर ने अपने संबोधन में कहा कि गंगा की सफाई किसी एक व्यक्ति के बस की बात नहीं है, इसके लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गंगा को स्वच्छ रखने के लिए जागरूक बनें और दूसरों को भी प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता के बिना कोई भी अभियान सफल नहीं हो सकता। इस दौरान डिग्री कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने भी गंगा स्वच्छता अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और घाटों पर साफ-सफाई कर जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने का संकल्प लिया। नमामि
गंगे स्वच्छता पखवाड़ा का समापन, गंगा आरती के साथ जागरूकता का संदेश फर्रुखाबाद। 16 मार्च से चल रहे नमामि गंगे स्वच्छता पखवाड़ा का समापन 28 मार्च को भव्य गंगा आरती के साथ किया गया। इस अवसर पर गंगा तट पर विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों, छात्रों और अधिकारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के माध्यम से गंगा की स्वच्छता और संरक्षण का संदेश दिया गया। गंगा आरती का आयोजन विद्वान आचार्य डॉक्टर प्रदीप नारायण शुक्ला द्वारा विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ कराया गया। श्रद्धालुओं ने आरती में भाग लेकर गंगा मैया की पूजा-अर्चना की और स्वच्छता का संकल्प लिया। कार्यक्रम में जिला गंगा समिति की अध्यक्ष निहारिका पटेल द्वारा भी स्वच्छता अभियान को लेकर विशेष पहल की गई और लोगों को जागरूक किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे एसडीएम सदर ने अपने संबोधन में कहा कि गंगा की सफाई किसी एक व्यक्ति के बस की बात नहीं है, इसके लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गंगा को स्वच्छ रखने के लिए जागरूक बनें और दूसरों को भी प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता के बिना कोई भी अभियान सफल नहीं हो सकता। इस दौरान डिग्री कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने भी गंगा स्वच्छता अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और घाटों पर साफ-सफाई कर जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने का संकल्प लिया।
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- नमामि गंगे स्वच्छता पखवाड़ा का समापन, गंगा आरती के साथ जागरूकता का संदेश फर्रुखाबाद। 16 मार्च से चल रहे नमामि गंगे स्वच्छता पखवाड़ा का समापन 28 मार्च को भव्य गंगा आरती के साथ किया गया। इस अवसर पर गंगा तट पर विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों, छात्रों और अधिकारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के माध्यम से गंगा की स्वच्छता और संरक्षण का संदेश दिया गया। गंगा आरती का आयोजन विद्वान आचार्य डॉक्टर प्रदीप नारायण शुक्ला द्वारा विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ कराया गया। श्रद्धालुओं ने आरती में भाग लेकर गंगा मैया की पूजा-अर्चना की और स्वच्छता का संकल्प लिया। कार्यक्रम में जिला गंगा समिति की अध्यक्ष निहारिका पटेल द्वारा भी स्वच्छता अभियान को लेकर विशेष पहल की गई और लोगों को जागरूक किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे एसडीएम सदर ने अपने संबोधन में कहा कि गंगा की सफाई किसी एक व्यक्ति के बस की बात नहीं है, इसके लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गंगा को स्वच्छ रखने के लिए जागरूक बनें और दूसरों को भी प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता के बिना कोई भी अभियान सफल नहीं हो सकता। इस दौरान डिग्री कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने भी गंगा स्वच्छता अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और घाटों पर साफ-सफाई कर जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने का संकल्प लिया।2
- डायल 112 को सूचना देने वाले को साथ जाना पड़ता है? अगर किसी दुर्घटना की सूचना कोई पुलिस को दे तो पुलिस वाले उसको साथ लेकर जाते हैं? ऐसे में कोई सूचना देगा?1
- *सौरिख कन्नौज* सौरिख थाना क्षेत्र में स्थित कंपोजिट विद्यालय बेटा रामपुर विकासखंड सहोर जनपद कन्नौज में आज सुबह उसे समय झज्जर देने वाली घटना सामने आई जब विद्यालय आई दो बहने निधि नेहा जो की कक्षा तीन में पढ़ती थी शनिवार को दोनों बहने स्कूल आई थी उसी समय महिला अध्यापिका ने बच्चियों को डांट फटकार कर की साफ कपड़े पहन के नहीं आती हो ना धोखे क्यों नहीं आती हो भाग जाओ से परेशान दोनों छात्राएं रोती हुई घर पहुंची अपनी मां को आप बीती बताई उसके बाद बड़ी बहन निधि अपने घर के बरामदे में कुर्सी पर खड़े होकर लाल साड़ी से फांसी लगाकर अपने जीवन लीला समाप्त कर ली वहीं ग्रामीणों में आक्रोश ग्रामीण ने सब को स्कूल में रखकर कार्रवाई की मांग की2
- मानक के विपरीत इंटरलॉकिंग निर्माण की तैयारी, ग्रामीणों ने लगाया लीपापोती का आरोप शाहजहांपुर जनपद के थाना जलालाबाद क्षेत्र के खंडहर गांव में इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गली में मानकों के अनुरूप कार्य नहीं किया जा रहा है, बल्कि पुराने पीले खड़ंजे के ऊपर ही इंटरलॉकिंग बिछाने की तैयारी की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह का कार्य न केवल गुणवत्ता के साथ समझौता है, बल्कि भविष्य में सड़क के जल्दी खराब होने की आशंका भी बढ़ाता है। मामले को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। इस संबंध में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) महिला जिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष मालती कश्यप ने आरोप लगाते हुए बताया कि गांव में इंटरलॉकिंग का कार्य मानकों के अनुरूप नहीं कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुराने पीले रोड़े (खड़ंजे) के ऊपर ही इंटरलॉकिंग डाली जा रही है, जो पूरी तरह गलत है। जब इस मामले में ग्राम विकास अधिकारी रेनू यादव से जानकारी ली गई तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं। वहीं ग्राम प्रधान रामवीर सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि यदि कहीं पीला रोड़ा पड़ा है तो उसे हटवा दिया जाएगा। फिलहाल ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कराकर मानक के अनुरूप कार्य कराने की मांग की है।1
- आज रात 1 घंटे अंधेरे में डूबेगी दुनिया... जानिए क्यों खास हैं Earth Hour के ये 60 मिनट आज रात सिर्फ एक घंटे के लिए गैर-जरूरी लाइटें बंद होंगी, लेकिन इसका संदेश बहुत बड़ा है. अर्थ आवर 2026 के 20 साल पूरे होने पर दुनिया के 190 से ज्यादा देशों के साथ भारत में भी लोग इस वैश्विक अभियान का हिस्सा बन रहे हैं. हर साल मार्च के आखिरी शनिवार को दुनिया भर में एक खास पहल देखने को मिलती है-नाम है वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड का अर्थ आवर. इस दिन लोग, शहर और बड़े-बड़े लैंडमार्क एक घंटे के लिए अपनी गैर-जरूरी लाइटें बंद कर देते हैं. साल 2026 में यह अभियान 28 मार्च रात 8:30 से 9:30 बजे के बीच मनाया जा रहा है. क्या होता है अर्थ आवर? अर्थ आवर एक ग्लोबल मूवमेंट है, जिसकी शुरुआत 2007 में ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर से हुई थी. इसका मकसद लोगों को यह एहसास दिलाना है कि ऊर्जा की बचत और पर्यावरण की सुरक्षा हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है. इस दौरान सिर्फ लाइट बंद करना ही नहीं, बल्कि यह एक प्रतीक है. जलवायु परिवर्तन, बढ़ते कार्बन उत्सर्जन और प्रकृति के संरक्षण के लिए सामूहिक कदम उठाने का.1
- Post by CITY NEWS1
- डायल 112 को सूचना देने वाले को साथ जाना पड़ता है? अगर किसी दुर्घटना की सूचना कोई पुलिस को दे तो पुलिस वाले उसको साथ लेकर जाते हैं? ऐसे में कोई सूचना देगा?1
- जनपद शाहजहांपुर के मिर्जापुर क्षेत्र के ढाई घाट पर बजरी से भरा ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर गंगा नदी में उतर गया। चालक ने संतुलन खो दिया, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया। राहत की बात यह रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। स्थानीय किसानों ने कई ट्रैक्टरों की मदद से वाहन निकालने की कोशिश की, लेकिन काफी मशक्कत हुई। जोगेंद्र पाल सिंह व राघवेंद्र सिंह समेत किसानों ने स्थिति संभाली। कड़ी मशक्कत के बाद ट्रक को नदी से निकाला जा सका.क्षेत्र में चिंता का माहौल है, लेकिन बड़ा हादसा टल गया। खबर शनिवार दोपहर के 2:001