बरेली पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे एक अभियान के तहत पॉक्सो एक्ट के एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह गिरफ्तारी थाना भुता पुलिस द्वारा मुखबिर की सूचना पर की गई, जिसके बाद आरोपी को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए न्यायालय में पेश किया गया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान थाना भुता क्षेत्र के ग्राम पड़ोली निवासी नन्दू किशोर पुत्र ओम प्रकाश (लगभग 21 वर्ष) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ थाना हाफिजगंज में मुकदमा अपराध संख्या 244/2026 के तहत पॉक्सो एक्ट की धारा 4(2) सहित धारा 65, 333, 115(2), 352, 351(3) बीएनएस जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज था। अभियुक्त काफी समय से फरार चल रहा था। पुलिस टीम 12 जून 2026 को शांति व्यवस्था बनाए रखने और वांछित अपराधियों की तलाश में क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान, उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि वांछित अभियुक्त ग्राम पड़ोली नहर की पुलिया के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और अभियुक्त को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद, अभियुक्त को सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के उपरांत माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ उनका यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बरेली पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे एक अभियान के तहत पॉक्सो एक्ट के एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह गिरफ्तारी थाना भुता पुलिस द्वारा मुखबिर की सूचना पर की गई, जिसके बाद आरोपी को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए न्यायालय में पेश किया गया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान थाना भुता क्षेत्र के ग्राम पड़ोली निवासी नन्दू किशोर पुत्र ओम प्रकाश (लगभग 21 वर्ष) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ थाना हाफिजगंज में मुकदमा अपराध संख्या 244/2026 के तहत पॉक्सो एक्ट की धारा 4(2) सहित धारा 65, 333, 115(2), 352, 351(3) बीएनएस जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज था। अभियुक्त काफी समय से फरार चल रहा था। पुलिस टीम 12 जून 2026 को शांति व्यवस्था बनाए रखने और वांछित अपराधियों की तलाश में क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान, उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि वांछित अभियुक्त ग्राम पड़ोली नहर की पुलिया के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और अभियुक्त को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद, अभियुक्त को सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के उपरांत माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ उनका यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- बरेली जनपद के मीरगंज थाना क्षेत्र में मीरगंज पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 वर्षीय नाबालिग से छेड़छाड़ के मामले में वांछित आरोपी भूपराम (48) को गिरफ्तार कर लिया है। इस आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज था। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए भूपराम को सिधौली-मीरगंज मार्ग से धर दबोचा।1
- बरेली के थाना भुता क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ भुता पुलिस ने पॉक्सो एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में वांछित चल रहे आरोपी नंद किशोर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से फरार था और उसकी तलाश की जा रही थी। जानकारी के मुताबिक, ग्राम पड़ौली निवासी सीताराम की तहरीर पर 10 जून 2026 को भुता थाने में एक मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में नंद किशोर और ओमप्रकाश को नामजद किया गया था, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 4(2) भी शामिल थी। शुक्रवार को गश्त के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि वांछित आरोपी नंद किशोर पड़ौली नहर पुलिया के पास मौजूद है और कहीं भागने की फिराक में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को सफलता पूर्वक गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान सभी कानूनी प्रक्रियाओं और मानवाधिकार संबंधी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया गया। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर दिया गया है। वहीं, मामले में अन्य नामजद आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है। इस गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक योगेन्द्र यादव, कांस्टेबल दीपक पवार और कांस्टेबल रोहित कुमार शामिल रहे।1
- बरेली से जिला संवाददाता अभिनय रस्तोगी की रिपोर्ट के अनुसार, ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी के केंद्रीय व प्रदेश नेतृत्व ने लखनऊ, उत्तर प्रदेश में सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर चल रही भ्रामक खबरों का खंडन करते हुए एक संयुक्त बयान जारी किया है। यह स्पष्टीकरण पार्टी के उत्तर प्रदेश संगठन मंत्री मुख्तार अहमद की नज़रबंदी और 11 जून, 2026 को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन से जुड़ी अफवाहों के संबंध में दिया गया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष वसी अहमद ने स्पष्ट किया है कि ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस द्वारा लखनऊ में किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन का कोई कार्यक्रम तय नहीं किया गया है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी तरह की भ्रामक खबरों या अफवाहों में न आएं और शांति व्यवस्था बनाए रखें। इसके साथ ही, राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जिला व पुलिस प्रशासन से भी आग्रह किया है कि वे अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्वों पर पैनी नज़र रखें और वास्तविक तथ्यों की जांच कर निष्पक्षता से काम करें। संगठन मंत्री मुख्तार अहमद ने भी साफ किया है कि 11 जून, 2026 को मुख्यमंत्री आवास अथवा फॉरेस्ट हाउस के सामने जिस दो दिवसीय धरना-प्रदर्शन की बात कही जा रही है, वह पूरी तरह निराधार है। उन्होंने दोहराया कि ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस देश के कानून और लोकतांत्रिक व्यवस्था का सम्मान करती है और पार्टी का कोई भी कार्यक्रम प्रशासनिक अनुमति के बिना आयोजित नहीं किया जाता। पार्टी को प्रशासन द्वारा यह सूचित किया गया है कि उत्तर प्रदेश के संगठन मंत्री मुख्तार अहमद को 12 जून, 2026 तक दो दिनों के लिए हाउस अरेस्ट (नज़रबंद) किया गया है। ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस इस प्रशासनिक कार्रवाई को संज्ञान में लेगी और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत अपनी बात रखेगी। पार्टी के सभी जिम्मेदार पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अनुरोध किया गया है कि वे धैर्य रखें और किसी भी आधिकारिक सूचना के लिए केवल पार्टी के अधिकृत स्रोतों पर ही भरोसा करें।1
- बरेली जिला संयुक्त चिकित्सालय में कार्यरत प्रदीप कुमार ने कुछ दिनों पहले आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने अपनी जांच में एक सुसाइड नोट बरामद किया, जिसमें सुधीर कुमार उर्फ चूचू का नाम सामने आया। इस जानकारी के आधार पर, कोतवाली पुलिस ने कानपुर से सुधीर कुमार उर्फ चूचू को गिरफ्तार कर लिया है।1
- पीलीभीत जनपद की साइबर क्राइम सेल और सभी थानों पर गठित साइबर हेल्प डेस्क टीमों ने गुम हुए मोबाइल फोन बरामद करने के अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव के निर्देश पर चलाए गए एक विशेष अभियान के तहत, CEIR पोर्टल की सहायता से कुल 209 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इन बरामद किए गए मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत 29,22,121 रुपये बताई गई है। पुलिस द्वारा इन मोबाइल फोन को उनके वास्तविक मालिकों को लौटा दिया गया, जिसके बाद लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। मोबाइल वापस मिलने पर लाभार्थियों ने पीलीभीत पुलिस और साइबर क्राइम सेल का आभार व्यक्त किया। पुलिस के अनुसार, आधुनिक तकनीक और त्वरित कार्रवाई के कारण ही गुम हुए मोबाइल फोन को ट्रैक करके बरामद करना संभव हो पाया है। इस अभियान में जनपदीय साइबर क्राइम सेल के साथ-साथ जिले के सभी थानों की साइबर हेल्प डेस्क टीमों ने सक्रिय भूमिका निभाई।1
- बहेड़ी पुलिस ने अपने क्षेत्र में चलाए जा रहे नशे के खिलाफ अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई की है, जिसके अंतर्गत एक युवक को 100 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस को गश्त के दौरान यह सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में चरस लेकर क्षेत्र में घूम रहा है। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने कैसर इंटर कॉलेज मैदान के पास से आरोपी को पकड़ लिया, जिसकी तलाशी लेने पर उसके पास से 100 ग्राम चरस बरामद की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान कासिद पुत्र मोहम्मद इस्माइल के रूप में हुई है, जो उत्तराखंड के जनपद उधम सिंह नगर स्थित सितारगंज का निवासी है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह नशीले पदार्थों की बिक्री करके आर्थिक लाभ कमाने का प्रयास कर रहा था। बरामदगी के आधार पर, आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई को अंजाम देने में उपनिरीक्षक मोहित मावी, उपनिरीक्षक श्रीनाथ शर्मा, कांस्टेबल शिवांशु राठी, विकास कुमार और अमित धामा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने बरामद चरस को अपने कब्जे में ले लिया है और आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने जोर दिया कि क्षेत्र में नशे के कारोबार के खिलाफ उनका अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।1
- भुता पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक वारंटी अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त को जेल भेज दिया गया।1
- पीलीभीत जिले के बीसलपुर ब्लॉक क्षेत्र के मीरपुर वाहनपुर गांव में विकास के बड़े-बड़े दावों की पोल खुल गई है, जहाँ ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गांव का एक प्रमुख मार्ग इतना बदहाल है कि लोगों को हर दिन कीचड़ और जलभराव से होकर गुजरना पड़ता है। खासकर बरसात के मौसम में यह रास्ता पूरी तरह दलदल में बदल जाता है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को आवागमन में भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान मोहम्मद मियां के लगभग पाँच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने वाला है, लेकिन इसके बावजूद यह महत्वपूर्ण सड़क आज तक नहीं बन पाई है। उनकी शिकायत है कि कई बार गुहार लगाने और मांग करने के बावजूद भी इस समस्या का समाधान नहीं किया गया है, जिसके कारण ग्रामवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।1