Shuru
Apke Nagar Ki App…
प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में डॉक्टरों ने एक महिला अधिवक्ता से मारपीट की। सीसीटीवी फुटेज में घटना साफ दिख रही है, जिससे डॉक्टरों के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों और अधिवक्ता संघ ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
Ranjeet Sonkar( प्रधान संपादक)
प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में डॉक्टरों ने एक महिला अधिवक्ता से मारपीट की। सीसीटीवी फुटेज में घटना साफ दिख रही है, जिससे डॉक्टरों के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों और अधिवक्ता संघ ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- प्रयागराज के एक गाँव में बिजली विभाग का ट्रांसफार्मर गिरने से बिजली गुल हो गई है। कई घंटों बाद भी अधिकारी इससे बेखबर हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है।1
- हरिद्वार के ज्वालापुर मेन बाजार में मस्जिद खोलने जा रहे एक बुजुर्ग व्यक्ति को ट्रक ने रौंद दिया। सुबह हुई इस दर्दनाक घटना से इलाके में दहशत का माहौल है।1
- नागर विमानन महानिदेशालय ने प्रयागराज और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच सीधी उड़ान सेवा को मंजूरी दे दी है। प्रयागराज एयरपोर्ट के निदेशक ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट के चालू होने के बाद उड़ान की समय सारिणी जारी होगी।1
- उत्तर प्रदेश के एक पुलिसकर्मी ने अपनी वार्षिक 60 छुट्टियां समय पर न मिलने की शिकायत की है। उन्होंने जनता के सामने अपनी समस्या रखते हुए कहा कि सरकार द्वारा तयशुदा समय पर छुट्टी नहीं दी जाती।1
- प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में डॉक्टरों ने एक महिला अधिवक्ता से मारपीट की। सीसीटीवी फुटेज में घटना साफ दिख रही है, जिससे डॉक्टरों के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों और अधिवक्ता संघ ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- untitled video ...... ...... ...... ....... .........1
- प्रधानमंत्री मोदी के 'मेलोडी' टॉफ़ी खिलाने की घटना ने सोशल मीडिया पर खूब हलचल मचाई। लोग तरह-तरह के मज़ेदार कमेंट्स कर रहे हैं और यह वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के हरदोई में 17 वर्षीय लड़की ने शादी से इनकार किया तो एक युवक ने उसे पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीटा और उसके स्तन काट दिए। इस क्रूर घटना को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है और सोशल मीडिया पर आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग उठ रही है। विशेषज्ञों ने पीड़िता को मेडिकल, मानसिक और कानूनी सहयोग के साथ महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।1