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कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र में एक जमीन विवाद ने पारिवारिक रिश्तों को शर्मसार कर दिया है, जहाँ एक ही परिवार के सदस्यों के बीच हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। पीड़ित विजय का आरोप है कि उनके माता-पिता, भाई और भतीजे ने उनके साथ मारपीट की। इस दौरान उन पर गर्म चाय भी फेंकी गई, जिससे उनके शरीर पर गंभीर फफोले पड़ गए हैं। विजय ने यह भी आरोप लगाया है कि इस घटना की शिकायत करने के बावजूद तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं, पुलिस ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि घटना की जांच की जा रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल, ये आरोप पीड़ित पक्ष की ओर से लगाए गए हैं, और मामले की सत्यता तथा सभी संबंधित तथ्यों की पुष्टि पुलिस की गहन जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
KANPUR SAMACHAR DIGITAL NEWS
कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र में एक जमीन विवाद ने पारिवारिक रिश्तों को शर्मसार कर दिया है, जहाँ एक ही परिवार के सदस्यों के बीच हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। पीड़ित विजय का आरोप है कि उनके माता-पिता, भाई और भतीजे ने उनके साथ मारपीट की। इस दौरान उन पर गर्म चाय भी फेंकी गई, जिससे उनके शरीर पर गंभीर फफोले पड़ गए हैं। विजय ने यह भी आरोप लगाया है कि इस घटना की शिकायत करने के बावजूद तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं, पुलिस ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि घटना की जांच की जा रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल, ये आरोप पीड़ित पक्ष की ओर से लगाए गए हैं, और मामले की सत्यता तथा सभी संबंधित तथ्यों की पुष्टि पुलिस की गहन जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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- बिहार में एक मुस्लिम महिला को कथित तौर पर पाकिस्तान पैसे भेजते हुए पकड़ा गया है। इस मामले में अधिकारी गहन जांच कर रहे हैं ताकि इस लेनदेन का सही मकसद और सीमा पार नेटवर्क से संभावित संबंधों का पता लगाया जा सके।1
- कानपुर में शादी से इनकार करने पर एक युवक ने अपनी महिला मित्र पर बीच सड़क पर ईंट से जानलेवा हमला कर दिया। यह पूरी घटना बिठूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई, जहाँ युवक अपनी महिला मित्र को घुमाने लाया था। युवक स्वरूप नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत रहने वाला बताया जा रहा है। हमले के बाद गुस्साई भीड़ ने युवक की जमकर पिटाई की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। पीड़िता महिला की तहरीर पर बिठूर थाने में युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।1
- उन्नाव से एक बेहद सनसनीखेज़ मामला सामने आया है जिसने हर किसी को चौंका दिया है। एक ट्रांसजेंडर महिला ने आरोप लगाया है कि फेसबुक पर हुई दोस्ती के बाद एक युवक ने उसे शादी का झांसा देकर प्रेमजाल में फंसाया और कथित तौर पर उसका जेंडर परिवर्तन कराने के लिए मजबूर किया। पीड़िता का दावा है कि सर्जरी के बाद उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया गया। साथ ही, आरोपी ने उससे लाखों रुपये, सोने के गहने और एक बाइक भी हड़प ली। इतना ही नहीं, आरोपी पर ब्लैकमेलिंग करने, जबरन देह व्यापार में धकेलने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। पीड़िता का कहना है कि पुलिस से शिकायत के बावजूद उसे न्याय नहीं मिला है। अब उसने आरोपी और उसके परिवार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।1
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उत्तर प्रदेश पुलिस से जुड़ा एक कथित वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि चेकिंग के दौरान एक बाइक सवार ने अपने वाहन के सभी वैध दस्तावेज़ DigiLocker ऐप पर दिखाए, लेकिन इसके बावजूद यूपी पुलिस के पुलिसकर्मियों ने डिजिटल दस्तावेज़ों को स्वीकार नहीं किया और कथित तौर पर बाइक को सीज़ कर दिया। इस घटना के वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। कई यूज़र्स इस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं और पूछ रहे हैं कि जब केंद्र सरकार स्वयं DigiLocker और mParivahan पर उपलब्ध ड्राइविंग लाइसेंस (DL) और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) को कानूनी रूप से वैध मानती है, तो फिर उन्हें अस्वीकार कर वाहन को सीज़ करने का आधार क्या था। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के नियमों के अनुसार, DigiLocker और mParivahan पर प्रदर्शित दस्तावेज़ सामान्य परिस्थितियों में वैध माने जाते हैं, और किसी भी वाहन चालक को केवल हार्ड कॉपी दिखाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। हालांकि, वायरल वीडियो में किए गए दावों की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, और यह भी स्पष्ट नहीं है कि बाइक को किसी अन्य कानूनी कारण से सीज़ किया गया था या नहीं। यदि वीडियो के दावे सही पाए जाते हैं, तो यह पूरा मामला पुलिस की कार्यप्रणाली और नागरिकों के अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। इस पूरी स्थिति की स्पष्टता केवल संबंधित अधिकारियों द्वारा की जाने वाली निष्पक्ष जांच के बाद ही हो सकेगी।2
- उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित कैंट थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक 23 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। युवक पर सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। पुलिस ने बताया कि युवक पर मेले में महिलाओं के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करने का भी आरोप है। इस मामले से संबंधित एक वायरल वीडियो में "बरेली का माल" लिखा हुआ भी दिखाई देता है।1
- कानपुर में नगर आयुक्त श्री अर्पित उपाध्याय ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों, जिनमें गडरियानपुरवा मार्केट और देवकी सिनेमा परिसर शामिल हैं, का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मेट्रो निर्माण के कारण पैदा हुई गंभीर जलभराव की स्थिति को देखकर मेट्रो के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और सख्त चेतावनी दी, यह स्पष्ट करते हुए कि जनता को नारकीय स्थिति में धकेल कर विकास कार्य स्वीकार्य नहीं है। निरीक्षण के बाद, नगर आयुक्त ने दो टूक शब्दों में कहा कि मेट्रो के कारण होने वाले जलभराव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मेट्रो निर्माण के लिए लगाए गए सभी टीन-टप्पड़ उखड़वाकर फिंकवा दिए जाएंगे और काम बंद करवा दिया जाएगा। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि जनता को राहत नहीं मिली, तो मेट्रो अधिकारियों के खिलाफ FIR भी दर्ज कराई जाएगी और मेट्रो का काम तब तक नहीं होने दिया जाएगा, जब तक कि जलभराव की स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण न पा लिया जाए। श्री उपाध्याय ने यह भी जोड़ा कि उन्हें मेट्रो बनने में एक महीने की देरी मंजूर है, लेकिन जनता को किसी भी तरह की कठिनाई का सामना करना पड़े, यह किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, क्योंकि जनता की सेवा और उनकी सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों को तुरंत जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।1
- कानपुर नगर निगम के जनप्रतिनिधियों के बीच चल रही खींचतान के कारण रामबाग-ब्रह्म नगर क्षेत्र की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है, मानो यह 'पाताल में समाने के करीब' पहुंच गया हो। ‘द कानपुर रिपोर्टर’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस राजनीतिक खींचतान का खामियाजा क्षेत्र के निवासी, जिन्हें 'कनपुरिये' कहा गया है, भुगत रहे हैं और बुरी तरह पिस रहे हैं।1
- हमीरपुर में स्कूली बच्चों और ग्रामीणों ने पक्की सड़क की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर तक हल्ला बोल प्रदर्शन किया। ग्रामीण कीचड़ भरी सड़क से गुजरते हुए प्रदर्शन करते हुए पहुंचे, जहां उन्होंने “रोड नहीं तो वोट नहीं” के नारे लगाए। यह प्रदर्शन जिला मुख्यालय के ब्रह्मा डेरा से चंदूपुर गांव को जोड़ने वाली सड़क के मामले में था। जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जनता का गुस्सा फूट पड़ा क्योंकि आजादी के बाद से उन्हें पक्की सड़क नसीब नहीं हुई है। ग्रामीणों को बीते कई सालों के संघर्ष के बाद भी पक्की सड़क नहीं मिली, जिससे उन्हें लगातार मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। सैकड़ों की संख्या में कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे ग्रामीणों को प्रशासन समझाने में जुटा हुआ था। यह घटना 04/07/2026 को सामने आई।1