इस दो वीडियो को गौर से देखो मित्रों, ये @narendramodi और @AmitShah जी के गुजरात के सुशासन वाली सरकार की पोल खोल रहा है ... ये दोनों वीडियो गुजरात के सूरत शहर का बताया जा रहा है, दोनों वीडियो में पिंटाई कर रहा दबंग गुजरात पुलिस और गुजरात के नेताओं का करीबी बताया जा रहा है ... ज्यादा शर्मिंदगी की बात तो ये है कि जिस सूरत शहर का ये वीडियो है गुजरात के वर्तमान गृहमंत्री @sanghaviharsh भी सूरत के ही हैं, पूरे गुजरात की सुरक्षा व्यवस्था जिनके जिम्मे हैं उनके अपने शहर का हाल देख लो मुख्यमंत्री @Bhupendrapbjp @dgpgujarat अगर आप लोगों तक ये वीडियो पहुंच गया है तो इस दरिंदे की भी पिंटाई वाली वीडियो गुजरात की जनता को जरूर दिखाना माननीय @narendramodi @AmitShah जी कृपया कुछ ध्यान गुजरात पर भी दो क्यों कि ... "दही का छींका बार बार बिल्ली के भाग्य से नहीं गिरता"
इस दो वीडियो को गौर से देखो मित्रों, ये @narendramodi और @AmitShah जी के गुजरात के सुशासन वाली सरकार की पोल खोल रहा है ... ये दोनों वीडियो गुजरात के सूरत शहर का बताया जा रहा है, दोनों वीडियो में पिंटाई कर रहा दबंग गुजरात पुलिस और गुजरात के नेताओं का करीबी बताया जा रहा है ... ज्यादा शर्मिंदगी की बात तो ये है कि जिस सूरत शहर का ये वीडियो है गुजरात के वर्तमान गृहमंत्री @sanghaviharsh भी सूरत के ही हैं, पूरे गुजरात की सुरक्षा व्यवस्था जिनके जिम्मे हैं उनके अपने शहर का हाल देख लो मुख्यमंत्री @Bhupendrapbjp @dgpgujarat अगर आप लोगों तक ये वीडियो पहुंच गया है तो इस दरिंदे की भी पिंटाई वाली वीडियो गुजरात की जनता को जरूर दिखाना माननीय @narendramodi @AmitShah जी कृपया कुछ ध्यान गुजरात पर भी दो क्यों कि ... "दही का छींका बार बार बिल्ली के भाग्य से नहीं गिरता"
- किस्त के नाम पर सड़क पर गुंडई, हाई-वोल्टेज ड्रामे से थर्राया चौक, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल। बेतिया से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां कालीबाग थाना क्षेत्र के सुप्रिया सिनेमा चौक के समीप 07 फरवरी को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक फाइनेंस कंपनी के कर्मी ने बीच सड़क एक मोटरसाइकिल को जबरन रोक लिया। दिनदहाड़े व्यस्त चौक पर अचानक शुरू हुए इस घटनाक्रम ने देखते ही देखते हाई-वोल्टेज ड्रामे का रूप ले लिया और कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।1
- *आवारा पशुओं के हमले में किसान की मौत, एक जिंदगी और मौत के बीच — मौके पर पहुंचीं तहसीलदार जया सिंह* हाटा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सभा भिस्वा बाजार में गुरुवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब आवारा पशुओं के झुंड ने खेत में काम कर रहे दो किसानों पर जानलेवा हमला कर दिया। करीब 20 की संख्या में पहुंचे उग्र पशुओं ने दोनों किसानों को सींग और खुरों से बुरी तरह रौंद डाला। घटना के बाद गांव में मातम और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से आवारा पशुओं का आतंक बना हुआ है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अब किसानों के सामने फसल के साथ-साथ अपनी जान बचाने की भी चुनौती खड़ी हो गई है। #KushinagarNews #hatakushinagar #UPNews #kushinagarkiawaaz #kushinagar #hata #भिस्वाबाजार #आवारा_पशुओं_का_कहर1
- इंदिरा गांधी का भाषण — “परिवारवाद या जनसेवा?” प्रिय देशवासियों, आज राजनीति में एक शब्द बार-बार सुनने को मिलता है — परिवारवाद। लोग कहते हैं कि यदि किसी परिवार का व्यक्ति राजनीति में आता है तो वह लोकतंत्र के विरुद्ध है। मैं आपसे एक सीधा प्रश्न पूछना चाहती हूँ — क्या लोकतंत्र वंश से चलता है या जनता के विश्वास से? भारत में कोई भी व्यक्ति केवल अपने नाम से नेता नहीं बन सकता। यह देश राजशाही नहीं है, यह जनता का गणराज्य है। यहाँ अंतिम निर्णय जनता की उंगली पर लगी स्याही करती है — न कि किसी परिवार की पहचान। हाँ, यह सत्य है कि कुछ परिवारों के कई लोग राजनीति में आते हैं। लेकिन क्यों आते हैं? क्योंकि उन्होंने बचपन से संघर्ष देखा, सेवा देखी, जेल देखी, आंदोलन देखा। राजनीति उनके लिए सत्ता नहीं, संस्कार बन जाती है। और हमारे परिवार पर तो अक्सर आरोप लगाया जाता है — पर मैं देश से कहना चाहती हूँ, यह सत्ता की परंपरा नहीं, बलिदान की परंपरा है। मेरे परिवार में एक जाता है… दूसरा आ जाता है, एक के बाद एक इस देश के लिए शहादत देता है। कुर्सी के लिए नहीं — भारत की एकता और अखंडता के लिए। यदि डॉक्टर का बेटा डॉक्टर बनता है तो कोई आपत्ति नहीं, यदि किसान का बेटा किसान बनता है तो कोई प्रश्न नहीं, लेकिन यदि जनसेवा करने वाले परिवार का बेटा या बेटी राजनीति में आए — तो उसे परिवारवाद कह दिया जाता है। मैं स्पष्ट कहना चाहती हूँ — नेतृत्व विरासत से नहीं, कुर्बानी से मिलता है। यदि जनता स्वीकार न करे तो सबसे बड़ा नाम भी पराजित हो जाता है। और यदि जनता स्वीकार कर ले तो एक साधारण व्यक्ति भी देश का नेतृत्व कर सकता है। भारत की राजनीति में असली प्रश्न यह नहीं होना चाहिए कि नेता किस परिवार से है, बल्कि यह होना चाहिए — क्या वह गरीब के साथ खड़ा है? क्या वह देश की एकता की रक्षा करता है? क्या वह कठिन निर्णय लेने का साहस रखता है? लोकतंत्र में अंतिम शक्ति जनता है। जनता जिसे चाहे आगे बढ़ाए, जिसे चाहे हटा दे — यही भारत की ताकत है। इसलिए मैं कहती हूँ — परिवार नहीं, परिश्रम देखिए नाम नहीं, नीति देखिए और वंश नहीं, देशभक्ति देखिए।1
- देवरिया जिले के रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र चौरसिया ने विधान सभा में स्थानीय मुद्दे उठाकर लोगों का दिल जीत लिया।1
- देवरिया में हकीम अजमल खान की जयंती पर 11 फरवरी को नेशनल यूनानी दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में यूनानी चिकित्सा पद्धति के महत्व और वर्ष 2026 की थीम “यूनानी पद्धति में नवाचार और साक्ष्य” पर चर्चा हुई। देवरिया के डिप्टी सीएमओ डॉ. अश्वनी पांडेय ने यूनानी चिकित्सा को प्राचीन और प्रभावी पद्धति बताया। इस दौरान उपस्थित चिकित्सकों ने यूनानी पद्धति के प्रचार-प्रसार और अनुसंधान को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। डॉ. जफर अनीस कहा कि यूनानी चिकित्सा के दुष्प्रभाव कम होते हैं, इसलिए यह वर्तमान भागदौड़ भरी जीवनशैली से उत्पन्न रोगों के लिए सस्ती, सुलभ और सुरक्षित चिकित्सा पद्धति है। डॉ. संजय भट्ट ने पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर बल दिया। इस दौरान डॉ. काशीनाथ, डॉ. ताजुद्दीन अंसारी, डॉ. इकबाल अहमद, डॉ. हबीबुल्लाह, डॉ. एम.डी. अंसारी, डॉ. यासीन अंसारी, डॉ. निजाम, डॉ. अतहर, डॉ. खालिद सिद्दीकी, डॉ. एजाज अहमद, डॉ. अबू जफर, डॉ. फैज अहमद, डॉ. मोहम्मद रईस, डॉ. अब्दुल रब, डॉ. अशरफ अली कुरैशी, डॉ. आलम, डॉ. अहसानुल्लाह, डॉ. मोइनुद्दीन अंसारी, अमित कुमार, डॉ. आरिफ अंसारी, डॉ. यूनुस सहित अनेक चिकित्सक उपस्थित रहे। अंत में डॉ. जफर अनीस ने सभी उपस्थित चिकित्सकों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया।1
- जान से खिलवाड़ का खतरनाक नज़ारा सामने आया है। तेज़ रफ्तार ट्रक के पीछे सटाकर बाइक चलाते युवक अपनी जान से खिलवाड़ करते दिखे। एक छोटी सी गलती बड़ा हादसा बन सकती थी, लेकिन मनचले बेखौफ नजर आए।1
- Post by Shakti भारत नेशन न्यूज3
- महिला पुलिसकर्मी का वर्दी फाड़ना पड़ गया महंगा । इस तरीके से मिल गई सजा1