logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

इंदिरा गांधी ने अपने परिवार को कहा कि देश के लिए एक शहादत होता तो दूसरा तैयार हो जाता है, दूसरा शहादत देता है तो तीसरा तैयार हो जाता है। इंदिरा गांधी का भाषण — “परिवारवाद या जनसेवा?” प्रिय देशवासियों, आज राजनीति में एक शब्द बार-बार सुनने को मिलता है — परिवारवाद। लोग कहते हैं कि यदि किसी परिवार का व्यक्ति राजनीति में आता है तो वह लोकतंत्र के विरुद्ध है। मैं आपसे एक सीधा प्रश्न पूछना चाहती हूँ — क्या लोकतंत्र वंश से चलता है या जनता के विश्वास से? भारत में कोई भी व्यक्ति केवल अपने नाम से नेता नहीं बन सकता। यह देश राजशाही नहीं है, यह जनता का गणराज्य है। यहाँ अंतिम निर्णय जनता की उंगली पर लगी स्याही करती है — न कि किसी परिवार की पहचान। हाँ, यह सत्य है कि कुछ परिवारों के कई लोग राजनीति में आते हैं। लेकिन क्यों आते हैं? क्योंकि उन्होंने बचपन से संघर्ष देखा, सेवा देखी, जेल देखी, आंदोलन देखा। राजनीति उनके लिए सत्ता नहीं, संस्कार बन जाती है। और हमारे परिवार पर तो अक्सर आरोप लगाया जाता है — पर मैं देश से कहना चाहती हूँ, यह सत्ता की परंपरा नहीं, बलिदान की परंपरा है। मेरे परिवार में एक जाता है… दूसरा आ जाता है, एक के बाद एक इस देश के लिए शहादत देता है। कुर्सी के लिए नहीं — भारत की एकता और अखंडता के लिए। यदि डॉक्टर का बेटा डॉक्टर बनता है तो कोई आपत्ति नहीं, यदि किसान का बेटा किसान बनता है तो कोई प्रश्न नहीं, लेकिन यदि जनसेवा करने वाले परिवार का बेटा या बेटी राजनीति में आए — तो उसे परिवारवाद कह दिया जाता है। मैं स्पष्ट कहना चाहती हूँ — नेतृत्व विरासत से नहीं, कुर्बानी से मिलता है। यदि जनता स्वीकार न करे तो सबसे बड़ा नाम भी पराजित हो जाता है। और यदि जनता स्वीकार कर ले तो एक साधारण व्यक्ति भी देश का नेतृत्व कर सकता है। भारत की राजनीति में असली प्रश्न यह नहीं होना चाहिए कि नेता किस परिवार से है, बल्कि यह होना चाहिए — क्या वह गरीब के साथ खड़ा है? क्या वह देश की एकता की रक्षा करता है? क्या वह कठिन निर्णय लेने का साहस रखता है? लोकतंत्र में अंतिम शक्ति जनता है। जनता जिसे चाहे आगे बढ़ाए, जिसे चाहे हटा दे — यही भारत की ताकत है। इसलिए मैं कहती हूँ — परिवार नहीं, परिश्रम देखिए नाम नहीं, नीति देखिए और वंश नहीं, देशभक्ति देखिए।

2 hrs ago
user_SARTAJ ALAM 'JOURNALIST'
SARTAJ ALAM 'JOURNALIST'
Teacher हाटा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

इंदिरा गांधी ने अपने परिवार को कहा कि देश के लिए एक शहादत होता तो दूसरा तैयार हो जाता है, दूसरा शहादत देता है तो तीसरा तैयार हो जाता है। इंदिरा गांधी का भाषण — “परिवारवाद या जनसेवा?” प्रिय देशवासियों, आज राजनीति में एक शब्द बार-बार सुनने को मिलता है — परिवारवाद। लोग कहते हैं कि यदि किसी परिवार का व्यक्ति राजनीति में आता है तो वह लोकतंत्र के विरुद्ध है। मैं आपसे एक सीधा प्रश्न पूछना चाहती हूँ — क्या लोकतंत्र वंश से चलता है या जनता के विश्वास से? भारत में कोई भी व्यक्ति केवल अपने नाम से नेता नहीं बन सकता। यह देश राजशाही नहीं है, यह जनता का गणराज्य है। यहाँ अंतिम निर्णय जनता की उंगली पर लगी स्याही करती है — न कि किसी परिवार की पहचान। हाँ, यह सत्य है कि कुछ परिवारों के कई लोग राजनीति में आते हैं। लेकिन क्यों आते हैं? क्योंकि उन्होंने बचपन से संघर्ष देखा, सेवा देखी, जेल देखी, आंदोलन देखा। राजनीति उनके लिए सत्ता नहीं, संस्कार बन जाती है। और हमारे परिवार पर तो अक्सर आरोप लगाया जाता है — पर मैं देश से कहना चाहती हूँ, यह सत्ता की परंपरा नहीं, बलिदान की परंपरा है। मेरे परिवार में एक जाता है… दूसरा आ जाता है, एक के बाद एक इस देश के लिए शहादत देता है। कुर्सी के लिए नहीं — भारत की एकता और अखंडता के लिए। यदि डॉक्टर का बेटा डॉक्टर बनता है तो कोई आपत्ति नहीं, यदि किसान का बेटा किसान बनता है तो कोई प्रश्न नहीं, लेकिन यदि जनसेवा करने वाले परिवार का बेटा या बेटी राजनीति में आए — तो उसे परिवारवाद कह दिया जाता है। मैं स्पष्ट कहना चाहती हूँ — नेतृत्व विरासत से नहीं, कुर्बानी से मिलता है। यदि जनता स्वीकार न करे तो सबसे बड़ा नाम भी पराजित हो जाता है। और यदि जनता स्वीकार कर ले तो एक साधारण व्यक्ति भी देश का नेतृत्व कर सकता है। भारत की राजनीति में असली प्रश्न यह नहीं होना चाहिए कि नेता किस परिवार से है, बल्कि यह होना चाहिए — क्या वह गरीब के साथ खड़ा है? क्या वह देश की एकता की रक्षा करता है? क्या वह कठिन निर्णय लेने का साहस रखता है? लोकतंत्र में अंतिम शक्ति जनता है। जनता जिसे चाहे आगे बढ़ाए, जिसे चाहे हटा दे — यही भारत की ताकत है। इसलिए मैं कहती हूँ — परिवार नहीं, परिश्रम देखिए नाम नहीं, नीति देखिए और वंश नहीं, देशभक्ति देखिए।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • इंदिरा गांधी का भाषण — “परिवारवाद या जनसेवा?” प्रिय देशवासियों, आज राजनीति में एक शब्द बार-बार सुनने को मिलता है — परिवारवाद। लोग कहते हैं कि यदि किसी परिवार का व्यक्ति राजनीति में आता है तो वह लोकतंत्र के विरुद्ध है। मैं आपसे एक सीधा प्रश्न पूछना चाहती हूँ — क्या लोकतंत्र वंश से चलता है या जनता के विश्वास से? भारत में कोई भी व्यक्ति केवल अपने नाम से नेता नहीं बन सकता। यह देश राजशाही नहीं है, यह जनता का गणराज्य है। यहाँ अंतिम निर्णय जनता की उंगली पर लगी स्याही करती है — न कि किसी परिवार की पहचान। हाँ, यह सत्य है कि कुछ परिवारों के कई लोग राजनीति में आते हैं। लेकिन क्यों आते हैं? क्योंकि उन्होंने बचपन से संघर्ष देखा, सेवा देखी, जेल देखी, आंदोलन देखा। राजनीति उनके लिए सत्ता नहीं, संस्कार बन जाती है। और हमारे परिवार पर तो अक्सर आरोप लगाया जाता है — पर मैं देश से कहना चाहती हूँ, यह सत्ता की परंपरा नहीं, बलिदान की परंपरा है। मेरे परिवार में एक जाता है… दूसरा आ जाता है, एक के बाद एक इस देश के लिए शहादत देता है। कुर्सी के लिए नहीं — भारत की एकता और अखंडता के लिए। यदि डॉक्टर का बेटा डॉक्टर बनता है तो कोई आपत्ति नहीं, यदि किसान का बेटा किसान बनता है तो कोई प्रश्न नहीं, लेकिन यदि जनसेवा करने वाले परिवार का बेटा या बेटी राजनीति में आए — तो उसे परिवारवाद कह दिया जाता है। मैं स्पष्ट कहना चाहती हूँ — नेतृत्व विरासत से नहीं, कुर्बानी से मिलता है। यदि जनता स्वीकार न करे तो सबसे बड़ा नाम भी पराजित हो जाता है। और यदि जनता स्वीकार कर ले तो एक साधारण व्यक्ति भी देश का नेतृत्व कर सकता है। भारत की राजनीति में असली प्रश्न यह नहीं होना चाहिए कि नेता किस परिवार से है, बल्कि यह होना चाहिए — क्या वह गरीब के साथ खड़ा है? क्या वह देश की एकता की रक्षा करता है? क्या वह कठिन निर्णय लेने का साहस रखता है? लोकतंत्र में अंतिम शक्ति जनता है। जनता जिसे चाहे आगे बढ़ाए, जिसे चाहे हटा दे — यही भारत की ताकत है। इसलिए मैं कहती हूँ — परिवार नहीं, परिश्रम देखिए नाम नहीं, नीति देखिए और वंश नहीं, देशभक्ति देखिए।
    1
    इंदिरा गांधी का भाषण — “परिवारवाद या जनसेवा?”
प्रिय देशवासियों,
आज राजनीति में एक शब्द बार-बार सुनने को मिलता है — परिवारवाद।
लोग कहते हैं कि यदि किसी परिवार का व्यक्ति राजनीति में आता है तो वह लोकतंत्र के विरुद्ध है।
मैं आपसे एक सीधा प्रश्न पूछना चाहती हूँ —
क्या लोकतंत्र वंश से चलता है या जनता के विश्वास से?
भारत में कोई भी व्यक्ति केवल अपने नाम से नेता नहीं बन सकता।
यह देश राजशाही नहीं है, यह जनता का गणराज्य है।
यहाँ अंतिम निर्णय जनता की उंगली पर लगी स्याही करती है — न कि किसी परिवार की पहचान।
हाँ, यह सत्य है कि कुछ परिवारों के कई लोग राजनीति में आते हैं।
लेकिन क्यों आते हैं?
क्योंकि उन्होंने बचपन से संघर्ष देखा, सेवा देखी, जेल देखी, आंदोलन देखा।
राजनीति उनके लिए सत्ता नहीं, संस्कार बन जाती है।
और हमारे परिवार पर तो अक्सर आरोप लगाया जाता है —
पर मैं देश से कहना चाहती हूँ,
यह सत्ता की परंपरा नहीं, बलिदान की परंपरा है।
मेरे परिवार में
एक जाता है… दूसरा आ जाता है,
एक के बाद एक इस देश के लिए शहादत देता है।
कुर्सी के लिए नहीं — भारत की एकता और अखंडता के लिए।
यदि डॉक्टर का बेटा डॉक्टर बनता है तो कोई आपत्ति नहीं,
यदि किसान का बेटा किसान बनता है तो कोई प्रश्न नहीं,
लेकिन यदि जनसेवा करने वाले परिवार का बेटा या बेटी राजनीति में आए —
तो उसे परिवारवाद कह दिया जाता है।
मैं स्पष्ट कहना चाहती हूँ —
नेतृत्व विरासत से नहीं, कुर्बानी से मिलता है।
यदि जनता स्वीकार न करे तो सबसे बड़ा नाम भी पराजित हो जाता है।
और यदि जनता स्वीकार कर ले तो एक साधारण व्यक्ति भी देश का नेतृत्व कर सकता है।
भारत की राजनीति में असली प्रश्न यह नहीं होना चाहिए कि नेता किस परिवार से है,
बल्कि यह होना चाहिए —
क्या वह गरीब के साथ खड़ा है?
क्या वह देश की एकता की रक्षा करता है?
क्या वह कठिन निर्णय लेने का साहस रखता है?
लोकतंत्र में अंतिम शक्ति जनता है।
जनता जिसे चाहे आगे बढ़ाए, जिसे चाहे हटा दे — यही भारत की ताकत है।
इसलिए मैं कहती हूँ —
परिवार नहीं, परिश्रम देखिए
नाम नहीं, नीति देखिए
और वंश नहीं, देशभक्ति देखिए।
    user_SARTAJ ALAM 'JOURNALIST'
    SARTAJ ALAM 'JOURNALIST'
    Teacher हाटा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • कुशीनगर पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, दो क्षेत्राधिकारियों के बदले कार्यक्षेत्र #kushinagarkiawaaz #KushinagarNews #UPNews #kushinagar #UPPolice
    1
    कुशीनगर पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, दो क्षेत्राधिकारियों के बदले कार्यक्षेत्र
#kushinagarkiawaaz #KushinagarNews #UPNews #kushinagar #UPPolice
    user_श्रवण कुमार मद्धेशिया
    श्रवण कुमार मद्धेशिया
    Local News Reporter Hata, Kushi Nagar•
    7 hrs ago
  • गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत फायदा नहीं तो डबल पैसा वापस 100% गारंटी के साथ संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 7091077898
    1
    गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत  फायदा नहीं तो डबल पैसा वापस 100% गारंटी के साथ संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 7091077898
    user_Tulla tulsi
    Tulla tulsi
    Doctor Hata, Kushi Nagar•
    8 hrs ago
  • मेरी शादी करा दो, नहीं तो कूद जाऊंगा और मर जाऊंगा" एक युवक प्रेमिका से शादी कराने की जिद में टावर पर चढ़ा हुआ था. नीचे लोग उसे टावर से उतरने की मिन्नतें कर रहे थे. तभी युवक का बैलेंस बिगड़ा और 100 फीट ऊंचे मोबाइल टावर से नीचे आ गिरा और मौत हो गई. घटना यूपी के कन्नोज की है.
    1
    मेरी शादी करा दो, नहीं तो कूद जाऊंगा और मर जाऊंगा"
एक युवक प्रेमिका से शादी कराने की जिद में टावर पर चढ़ा हुआ था. नीचे लोग उसे टावर से उतरने की मिन्नतें कर रहे थे. 
तभी युवक का बैलेंस बिगड़ा और 100 फीट ऊंचे मोबाइल टावर से नीचे आ गिरा और मौत हो गई. घटना यूपी के कन्नोज की है.
    user_Times Update
    Times Update
    Journalist कुशी नगर, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • देवरिया में अनोखा मैन ऑफ द मैच: ट्रॉफी नहीं, मिला शुद्ध देसी मुर्गा देवरिया जिले के पथरदेवा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट में कई टीमों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। रोमांचक मुकाबलों के बाद जब ‘मैन ऑफ द मैच’ का ऐलान हुआ तो सभी को ट्रॉफी या नकद इनाम की उम्मीद थी। लेकिन आयोजकों ने सबको चौंकाते हुए विजेता खिलाड़ी को ट्रॉफी की जगह एक ज़िंदा शुद्ध देसी मुर्गा भेंट कर दिया। यह नजारा देखते ही मैदान में मौजूद दर्शक पहले हैरान हुए, फिर तालियों और हंसी से माहौल गूंज उठा। अब यह अनोखा इनाम सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
    2
    देवरिया में अनोखा मैन ऑफ द मैच: ट्रॉफी नहीं, मिला शुद्ध देसी मुर्गा
देवरिया जिले के पथरदेवा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट में कई टीमों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। रोमांचक मुकाबलों के बाद जब ‘मैन ऑफ द मैच’ का ऐलान हुआ तो सभी को ट्रॉफी या नकद इनाम की उम्मीद थी।
लेकिन आयोजकों ने सबको चौंकाते हुए विजेता खिलाड़ी को ट्रॉफी की जगह एक ज़िंदा शुद्ध देसी मुर्गा भेंट कर दिया। यह नजारा देखते ही मैदान में मौजूद दर्शक पहले हैरान हुए, फिर तालियों और हंसी से माहौल गूंज उठा।
अब यह अनोखा इनाम सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
    user_Reporteramit
    Reporteramit
    पत्रकार देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Post by विजय कुमार
    1
    Post by विजय कुमार
    user_विजय कुमार
    विजय कुमार
    Deoria, Uttar Pradesh•
    3 hrs ago
  • देवरिया जिले में दबंगों की दबंगई का एक मामला सामने आया है, जहां गांव के ही कुछ लोगों द्वारा एक युवक की बेरहमी से पिटाई किए जाने का आरोप लगा है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे इलाके में चर्चा का माहौल है। पीड़ित युवक अमित के अनुसार सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के विजय टॉकीज के पास गांव के कुछ लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपियों ने लाठी-डंडों से मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित का यह भी आरोप है कि हमलावरों ने उसके गले से सोने की चेन और अन्य सामान छीन लिया। पीड़ित अमित ने बताया कि शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो आरोपी फरार हो गए। घटना के बाद वह थाने पहुंचा और नामजद तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पीड़ित ने पुलिस से जान-माल की सुरक्षा की भी गुहार लगाई है। वहीं, इस मामले में सीओ संजय रेड्डी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की तलाश की जा रही बाइट -संजय कुमार रेड्डी क्षेत्राधिकारी बाइट -पीड़ित युवक
    3
    देवरिया जिले में दबंगों की दबंगई का एक मामला सामने आया है, जहां गांव के ही कुछ लोगों द्वारा एक युवक की बेरहमी से पिटाई किए जाने का आरोप लगा है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे इलाके में चर्चा का माहौल है।
पीड़ित युवक अमित के अनुसार सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के विजय टॉकीज के पास गांव के कुछ लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपियों ने लाठी-डंडों से मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित का यह भी आरोप है कि हमलावरों ने उसके गले से सोने की चेन और अन्य सामान छीन लिया।
पीड़ित अमित ने बताया कि शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो आरोपी फरार हो गए। घटना के बाद वह थाने पहुंचा और नामजद तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पीड़ित ने पुलिस से जान-माल की सुरक्षा की भी गुहार लगाई है।
वहीं, इस मामले में सीओ संजय रेड्डी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की तलाश की जा रही
बाइट -संजय कुमार रेड्डी क्षेत्राधिकारी 
बाइट -पीड़ित युवक
    user_Sunil kumar sharma
    Sunil kumar sharma
    Local News Reporter देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • "क्या बोले फिर बोलना दोबारा. सभापति महोदय! जिन्होनें गोली चलवाई वो राममंदिर बनवा रहे है. अगर कुछ पता ना हो तो जाकर के पूछ लेना पता कर लेना. आधी-अधूरी जानकारी के साथ मत आया करो यहां पर" लोकसभा में अखिलेश यादव
    1
    "क्या बोले फिर बोलना दोबारा. सभापति महोदय! जिन्होनें गोली चलवाई वो राममंदिर बनवा रहे है. अगर कुछ पता ना हो तो जाकर के पूछ लेना पता कर लेना. आधी-अधूरी जानकारी के साथ मत आया करो यहां पर"
लोकसभा में अखिलेश यादव
    user_Times Update
    Times Update
    Journalist कुशी नगर, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.