अनूपपुर के वार्ड नंबर 14, पुरानी बस्ती निवासी नवविवाहिता श्रीमती हेमा वंशकार (लगभग 21 वर्ष) की 13 मई 2026 को घर पर संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु के मामले में उनके पति राज वंशकार और सास ज्योति वंशकार को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रारंभिक रूप से हेमा को घर में फांसी लगाने के बाद मृत अवस्था में शासकीय जिला चिकित्सालय अनूपपुर लाया गया था, जिसके बाद थाना कोतवाली अनूपपुर में मर्ग क्रमांक 32/26 धारा 194 बी.एन.एस.एस. के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। प्रभारी एसडीओपी अनूपपुर श्री नवीन तिवारी द्वारा की गई जांच में मृतिका के मायके पक्ष के गवाहों ने महत्वपूर्ण खुलासे किए। गवाहों के अनुसार, शादी के बाद से ही हेमा वंशकार के पति राज वंशकार और सास ज्योति वंशकार लगातार उनसे दहेज के तौर पर 2 लाख रुपये और एक मोटरसाइकिल की मांग कर रहे थे। दहेज न मिलने पर वे हेमा के साथ गाली-गलौज करते और मारपीट भी करते थे, जिससे वह लगातार प्रताड़ित हो रही थीं। जांच में यह सामने आया कि दहेज प्रताड़ना के कारण ही शादी के सात वर्ष के भीतर हेमा वंशकार की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हुई है। इस कृत्य को आरोपीगणों का अपराध मानते हुए थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्रमांक 311/26, धारा 85, 80(2), 3(5) बी.एन.एस. तथा 3, 4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 के तहत पंजीबद्ध किया गया। बुधवार सुबह एसडीओपी नवीन तिवारी, टी. आई. कोतवाली अरविंद जैन, प्रधान आरक्षक शिवशंकर, महेंद्र सिंह, खेमराज मार्को और महिला आरक्षक कविता विकल की टीम ने इस मामले में मृतिका के पति राज वंशकार और सास ज्योति वंशकार को गिरफ्तार कर लिया।
अनूपपुर के वार्ड नंबर 14, पुरानी बस्ती निवासी नवविवाहिता श्रीमती हेमा वंशकार (लगभग 21 वर्ष) की 13 मई 2026 को घर पर संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु के मामले में उनके पति राज वंशकार और सास ज्योति वंशकार को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रारंभिक रूप से हेमा को घर में फांसी लगाने के बाद मृत अवस्था में शासकीय जिला चिकित्सालय अनूपपुर लाया गया था, जिसके बाद थाना कोतवाली अनूपपुर में मर्ग क्रमांक 32/26 धारा 194 बी.एन.एस.एस. के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। प्रभारी एसडीओपी अनूपपुर श्री नवीन तिवारी द्वारा की गई जांच में मृतिका के मायके पक्ष के गवाहों ने महत्वपूर्ण खुलासे किए। गवाहों के अनुसार, शादी के बाद से ही हेमा वंशकार के पति राज वंशकार और सास ज्योति वंशकार लगातार उनसे दहेज के तौर पर 2 लाख रुपये और एक मोटरसाइकिल की मांग कर रहे थे। दहेज न मिलने पर वे हेमा के साथ गाली-गलौज करते और मारपीट भी करते थे, जिससे वह लगातार प्रताड़ित हो रही थीं। जांच में यह सामने आया कि दहेज प्रताड़ना के कारण ही शादी के सात वर्ष के भीतर हेमा वंशकार की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हुई है। इस कृत्य को आरोपीगणों का अपराध मानते हुए थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्रमांक 311/26, धारा 85, 80(2), 3(5) बी.एन.एस. तथा 3, 4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 के तहत पंजीबद्ध किया गया। बुधवार सुबह एसडीओपी नवीन तिवारी, टी. आई. कोतवाली अरविंद जैन, प्रधान आरक्षक शिवशंकर, महेंद्र सिंह, खेमराज मार्को और महिला आरक्षक कविता विकल की टीम ने इस मामले में मृतिका के पति राज वंशकार और सास ज्योति वंशकार को गिरफ्तार कर लिया।
- आशा, ऊषा एवं आशा पर्यवेक्षकों ने आज शहडोल के कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। संगठन ने आरोप लगाया है कि उन्हें मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा है और कई स्थानों पर इसमें अनुचित कटौती भी की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। कर्मचारियों ने मांग की है कि प्रोत्साहन राशि का नियमित भुगतान हर माह की 5 तारीख तक बिना किसी कटौती के सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने वेतन पर्ची की व्यवस्था लागू करने, सभी बकाया राशि का एरियर सहित भुगतान करने और भुगतान प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरतने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, आशा कार्यकर्ताओं के लिए ₹26,000 न्यूनतम वेतन, राज्य सरकार की ओर से तत्काल ₹10,000 मासिक मानदेय, गैर-विभागीय कार्यों के लिए अतिरिक्त भुगतान, रिक्त पदों पर योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति और सेवा समाप्ति में होने वाली मनमानी पर तत्काल रोक लगाने की भी मांग उठाई गई। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी इन प्रमुख मांगों का शीघ्र और संतोषजनक निराकरण नहीं किया जाता है, तो वे अपने आंदोलन को और भी अधिक तेज करेंगे।2
- डिंडौरी शहर के वार्ड क्रमांक 02 सुबखार इलाके में एक युवक ने कथित तौर पर शराब के नशे में खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। इस घटना में युवक गंभीर रूप से झुलस गया। उसे तुरंत जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। वहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। फिलहाल, युवक द्वारा यह कदम उठाने के कारणों का पता नहीं चल सका है। घटना की जानकारी मिलने के बाद सिटी कोतवाली पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।1
- डिंडौरी जिला मुख्यालय के वार्ड क्रमांक-1 में बुधवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहाँ 35 वर्षीय परसराम वनवासी नामक युवक ने अज्ञात कारणों से अपने शरीर पर पेट्रोल डालकर खुद को आग लगा ली। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और परिजन व स्थानीय लोग तुरंत उसे बचाने मौके पर पहुँचे। गंभीर रूप से झुलसे परसराम को तत्काल जिला अस्पताल डिंडौरी लाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार किया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, युवक लगभग 75 प्रतिशत तक आग से झुलस चुका है, जिसके कारण उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर कर दिया है। यह घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर-1 की बताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल, इस आत्मघाती कदम उठाने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। वहीं, परसराम के परिजनों ने पुलिस को बताया कि वह लंबे समय से अत्यधिक शराब के सेवन का आदी था। हालाँकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि इस घटना का संबंध उसकी शराब की लत से है या किसी अन्य व्यक्तिगत कारण से। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए गहराई से जांच कर रही है। इस घटना ने जिले में लोगों को झकझोर कर रख दिया है। परसराम की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और परिजन उसके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।1
- अनूपपुर के वार्ड नंबर 14, पुरानी बस्ती निवासी नवविवाहिता श्रीमती हेमा वंशकार (लगभग 21 वर्ष) की 13 मई 2026 को घर पर संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु के मामले में उनके पति राज वंशकार और सास ज्योति वंशकार को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रारंभिक रूप से हेमा को घर में फांसी लगाने के बाद मृत अवस्था में शासकीय जिला चिकित्सालय अनूपपुर लाया गया था, जिसके बाद थाना कोतवाली अनूपपुर में मर्ग क्रमांक 32/26 धारा 194 बी.एन.एस.एस. के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। प्रभारी एसडीओपी अनूपपुर श्री नवीन तिवारी द्वारा की गई जांच में मृतिका के मायके पक्ष के गवाहों ने महत्वपूर्ण खुलासे किए। गवाहों के अनुसार, शादी के बाद से ही हेमा वंशकार के पति राज वंशकार और सास ज्योति वंशकार लगातार उनसे दहेज के तौर पर 2 लाख रुपये और एक मोटरसाइकिल की मांग कर रहे थे। दहेज न मिलने पर वे हेमा के साथ गाली-गलौज करते और मारपीट भी करते थे, जिससे वह लगातार प्रताड़ित हो रही थीं। जांच में यह सामने आया कि दहेज प्रताड़ना के कारण ही शादी के सात वर्ष के भीतर हेमा वंशकार की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हुई है। इस कृत्य को आरोपीगणों का अपराध मानते हुए थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्रमांक 311/26, धारा 85, 80(2), 3(5) बी.एन.एस. तथा 3, 4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 के तहत पंजीबद्ध किया गया। बुधवार सुबह एसडीओपी नवीन तिवारी, टी. आई. कोतवाली अरविंद जैन, प्रधान आरक्षक शिवशंकर, महेंद्र सिंह, खेमराज मार्को और महिला आरक्षक कविता विकल की टीम ने इस मामले में मृतिका के पति राज वंशकार और सास ज्योति वंशकार को गिरफ्तार कर लिया।1
- डिंडौरी जिले की शाहपुर थाना पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के एक मामले में कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब और एक मोटरसाइकिल जब्त की है। पुलिस को जानकारी मिली थी कि कुछ व्यक्ति मोटरसाइकिल पर अवैध शराब लेकर जा रहे हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी करके तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। जांच के दौरान, आरोपियों से कुल 61.2 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद हुई। साथ ही, शराब के परिवहन में इस्तेमाल की जा रही मोटरसाइकिल को भी जब्त किया गया। जब्त की गई शराब और वाहन की कुल कीमत लगभग 1 लाख 75 हजार 600 रुपये बताई गई है। पुलिस ने तीनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ उनका अभियान लगातार जारी रहेगा।1
- मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के भरतपुर विकासखंड के ग्राम चरखर में मंगलवार को मनरेगा कार्य के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। बोल्डर चेक डैम निर्माण के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पाँच अन्य महिलाएँ गंभीर रूप से झुलस गईं। यह घटना मनरेगा कार्यों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। घायल महिलाओं का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जनकपुर में जारी है, जहाँ दो की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्यस्थल पर करीब 58 मजदूर मौजूद थे, तभी अचानक मौसम बिगड़ा, तेज आंधी चली, आसमान में गर्जना होने लगी और हल्की बारिश शुरू हो गई। मजदूर सुरक्षित स्थान पर जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि एक तेज चमक के साथ बिजली गिरी और छह महिलाएँ उसकी चपेट में आ गईं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा संबंधी निर्देश दिए गए होते तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। ग्राम चरखर के मेट विवेक कुमार सिंह और घायल मजदूर रामकली ने भी मौसम खराब होने और मजदूरों के कार्यस्थल पर होने की पुष्टि की है। हादसे के बाद पूरे गाँव में मातम छा गया है, और ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी है। स्थानीय निवासी अमित केवट ने बताया कि सूचना के काफी देर बाद भी जनपद या प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुँचा। चिकित्सक डॉ. पवन गुप्ता ने छह महिलाओं में से एक को मृत घोषित करने और पाँच के उपचार जारी होने की जानकारी दी। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों द्वारा लगातार यह सवाल उठाया जा रहा है कि जब मौसम विभाग लगातार खराब मौसम और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी कर रहा था, तब भी मजदूरों को कार्यस्थल पर क्यों रोका गया और उनकी सुरक्षा के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई? ग्रामीणों की मांग है कि मृतक परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए, घायलों का बेहतर उपचार हो और इस पूरे मामले की जाँच कर दोषी अधिकारियों एवं जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाए। यह हादसा केवल प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि सुरक्षा प्रबंधन और प्रशासनिक सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाली घटना बन गया है।3