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छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव में तामिया-छिंदवाड़ा और बैतूल मार्ग को जोड़ने वाला प्रमुख ओवरब्रिज इन दिनों अंधेरे और अव्यवस्थाओं के कारण असामाजिक तत्वों और अश्लील गतिविधियों का अड्डा बनता जा रहा है। लंबे समय से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों के बीच सोमवार देर शाम ओवरब्रिज पर एक युवक और युवती की आपत्तिजनक हरकत कैमरे में कैद हो गई। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद राहगीरों और स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी फैल गई है। लोगों का कहना है कि रात के अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व यहाँ खुलेआम ऐसी अवांछित हरकतों को अंजाम दे रहे हैं, जिससे इस महत्वपूर्ण मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लाखों रुपये की लागत से बने इस ओवरब्रिज की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था ठेकेदार और नगर पालिका के बीच जिम्मेदारी के विवाद में फंसी हुई है। इसी विवाद के परिणाम स्वरूप रात होते ही पूरा पुल अंधेरे के आगोश में समा जाता है। आक्रोशित नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को चालू कराने, ओवरब्रिज पर नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने की मांग की है ताकि इस संपर्क मार्ग को फिर से सुरक्षित बनाया जा सके।

11 hrs ago
user_अमन सोनी
अमन सोनी
जमाई, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
11 hrs ago

छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव में तामिया-छिंदवाड़ा और बैतूल मार्ग को जोड़ने वाला प्रमुख ओवरब्रिज इन दिनों अंधेरे और अव्यवस्थाओं के कारण असामाजिक तत्वों और अश्लील गतिविधियों का अड्डा बनता जा रहा है। लंबे समय से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों के बीच सोमवार देर शाम ओवरब्रिज पर एक युवक और युवती की आपत्तिजनक हरकत कैमरे में कैद हो गई। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद राहगीरों और स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी फैल गई है। लोगों का कहना है कि रात के अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व यहाँ खुलेआम ऐसी अवांछित हरकतों को अंजाम दे रहे हैं, जिससे इस महत्वपूर्ण मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लाखों रुपये की लागत से बने इस ओवरब्रिज की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था ठेकेदार और नगर पालिका के बीच जिम्मेदारी के विवाद में फंसी हुई है। इसी विवाद के परिणाम स्वरूप रात होते ही पूरा पुल अंधेरे के आगोश में समा जाता है। आक्रोशित नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को चालू कराने, ओवरब्रिज पर नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने की मांग की है ताकि इस संपर्क मार्ग को फिर से सुरक्षित बनाया जा सके।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के तामिया में आदिवासी छात्र-छात्राओं ने अपनी बुनियादी समस्याओं को लेकर मोहन सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में इन बच्चों का आक्रोश और दर्द खुलकर सामने आया है, जहां वे पर्यटन के विकास के बजाय पहले बेहतर शिक्षा की मांग कर रहे हैं और उनका स्पष्ट कहना है कि इस मुद्दे पर कलेक्टर को खुद यहां आना होगा। एक तरफ जहां तामिया को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी तरफ यहां के मूल निवासी आदिवासी बच्चों के सामने स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी, छात्रावासों की बदहाली, परिवहन की दिक्कतें और मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव बना हुआ है। ब्लॉक ब्यूरो चीफ नोमान खान कादरी की रिपोर्ट के अनुसार, विकास के बड़े-बड़े सरकारी दावों के विपरीत जमीनी हकीकत यह है कि बच्चों को अपनी जायज मांगों के लिए सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन का रास्ता चुनना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के युवा और शिक्षा केंद्रित दावों के बीच, इन आदिवासी बच्चों ने सरकार से सीधी गुहार लगाते हुए कहा है कि 'मोहन जी, हमें पर्यटन के पोस्टरों में मत खोजिए, हमारे स्कूलों और छात्रावासों में भी आइए।' इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार से मांग की जा रही है कि वह इस पूरे प्रकरण की जांच कराए, छात्रों और अभिभावकों से सीधा संवाद करे और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे ताकि पर्यटन से होने वाली आय पर पहला अधिकार इन बच्चों को मिल सके।
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    मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के तामिया में आदिवासी छात्र-छात्राओं ने अपनी बुनियादी समस्याओं को लेकर मोहन सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में इन बच्चों का आक्रोश और दर्द खुलकर सामने आया है, जहां वे पर्यटन के विकास के बजाय पहले बेहतर शिक्षा की मांग कर रहे हैं और उनका स्पष्ट कहना है कि इस मुद्दे पर कलेक्टर को खुद यहां आना होगा।

एक तरफ जहां तामिया को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी तरफ यहां के मूल निवासी आदिवासी बच्चों के सामने स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी, छात्रावासों की बदहाली, परिवहन की दिक्कतें और मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव बना हुआ है। ब्लॉक ब्यूरो चीफ नोमान खान कादरी की रिपोर्ट के अनुसार, विकास के बड़े-बड़े सरकारी दावों के विपरीत जमीनी हकीकत यह है कि बच्चों को अपनी जायज मांगों के लिए सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन का रास्ता चुनना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के युवा और शिक्षा केंद्रित दावों के बीच, इन आदिवासी बच्चों ने सरकार से सीधी गुहार लगाते हुए कहा है कि 'मोहन जी, हमें पर्यटन के पोस्टरों में मत खोजिए, हमारे स्कूलों और छात्रावासों में भी आइए।' इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार से मांग की जा रही है कि वह इस पूरे प्रकरण की जांच कराए, छात्रों और अभिभावकों से सीधा संवाद करे और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे ताकि पर्यटन से होने वाली आय पर पहला अधिकार इन बच्चों को मिल सके।
    user_Noman kadri KHAN
    Noman kadri KHAN
    Electrician तामिया, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • छिंदवाड़ा जिले के थाना जुन्नारदेव द्वारा 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के अंतर्गत एक जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को नशे के विभिन्न दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया। नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे इस अभियान के तहत लोगों से आह्वान किया गया है कि वे एक नशामुक्त, स्वस्थ और सुरक्षित समाज के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण सहभागिता सुनिश्चित करें।
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    छिंदवाड़ा जिले के थाना जुन्नारदेव द्वारा 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के अंतर्गत एक जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को नशे के विभिन्न दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया। नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे इस अभियान के तहत लोगों से आह्वान किया गया है कि वे एक नशामुक्त, स्वस्थ और सुरक्षित समाज के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण सहभागिता सुनिश्चित करें।
    user_यश भारत
    यश भारत
    Local News Reporter छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • आज के डिजिटल युग और डिजिटल इंडिया की तर्ज पर काम, जनसंपर्क कनेक्टिविटी और आधुनिक तकनीक का विशेष योगदान देखने को मिल रहा है। सतर्कता अभियानों और जन जागरूकता कार्यक्रमों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बेहतरीन तरीके से काम कर रहे हैं। इसके साथ ही, विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने और साइबर क्राइम के प्रति जागरूक करने के लिए आजकल आधुनिक एआई तकनीकी प्रणाली की मदद से शिक्षा प्रदान की जा रही है और उन्हें जागरूकता कार्यक्रमों के लिए तैयार किया जा रहा है। छिंदवाड़ा के कई शासकीय स्कूलों में इस आधुनिक तकनीक का उपयोग करके विद्यार्थियों का बौद्धिक और मानसिक विकास किया जा रहा है, जिससे शिक्षा के स्तर में सुधार देखने को मिला है। हालांकि, इस दिशा में अभी और काम करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। एआई तकनीक की मदद से पढ़ाई के तरीकों में बदलाव आया है, जिससे विद्यार्थियों को बेहद सरल विधि से समझाना आसान हो गया है। इस व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए शासन, संबंधित एजेंसियां और विभिन्न संगठन मिलकर जन-जागरण, सतर्कता और जागरूकता फैलाने में लगातार सहयोग कर रहे हैं।
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    आज के डिजिटल युग और डिजिटल इंडिया की तर्ज पर काम, जनसंपर्क कनेक्टिविटी और आधुनिक तकनीक का विशेष योगदान देखने को मिल रहा है। सतर्कता अभियानों और जन जागरूकता कार्यक्रमों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बेहतरीन तरीके से काम कर रहे हैं। इसके साथ ही, विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने और साइबर क्राइम के प्रति जागरूक करने के लिए आजकल आधुनिक एआई तकनीकी प्रणाली की मदद से शिक्षा प्रदान की जा रही है और उन्हें जागरूकता कार्यक्रमों के लिए तैयार किया जा रहा है।

छिंदवाड़ा के कई शासकीय स्कूलों में इस आधुनिक तकनीक का उपयोग करके विद्यार्थियों का बौद्धिक और मानसिक विकास किया जा रहा है, जिससे शिक्षा के स्तर में सुधार देखने को मिला है। हालांकि, इस दिशा में अभी और काम करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। एआई तकनीक की मदद से पढ़ाई के तरीकों में बदलाव आया है, जिससे विद्यार्थियों को बेहद सरल विधि से समझाना आसान हो गया है। इस व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए शासन, संबंधित एजेंसियां और विभिन्न संगठन मिलकर जन-जागरण, सतर्कता और जागरूकता फैलाने में लगातार सहयोग कर रहे हैं।
    user_Ranjeet Dehariya
    Ranjeet Dehariya
    Voice of people छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • छिंदवाड़ा जिले के तामिया स्थित एकलव्य विद्यालय में छात्र-छात्राओं ने खाने की गुणवत्ता को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है। गुस्साए बच्चों ने स्कूल के सामने धरने पर बैठकर जमकर नारेबाजी की। बच्चों का आरोप है कि उन्हें जो खाना परोसा जा रहा है, वह बिल्कुल भी खाने लायक नहीं है। प्रदर्शन के दौरान मासूम बच्चे रोते हुए पूछ रहे थे कि "ऐसा खाना कौन खाएगा"। छात्रों ने बताया कि इस संबंध में पहले भी शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन उस पर कोई सुनवाई नहीं की गई। मासूम बच्चों की आंखों से बहते आंसू उनकी पीड़ा को बयां कर रहे थे। छात्रों की मांग है कि जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त सत्येंद्र मरकाम खुद मौके पर आएं और उनकी समस्या को सुनें। बच्चों ने स्पष्ट कह दिया है कि वे कलेक्टर से मुलाकात करने के बाद ही मानेंगे। इस मामले में स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले भर के आदिवासी अंचल इलाकों में स्थित आदिवासी छात्रावासों और एकलव्य विद्यालयों से खाने की गुणवत्ता को लेकर इस तरह की शिकायतें लगातार आ रही हैं और यह कोई पहली घटना नहीं है। फिलहाल, प्रशासन के अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच का आश्वासन दिया है।
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    छिंदवाड़ा जिले के तामिया स्थित एकलव्य विद्यालय में छात्र-छात्राओं ने खाने की गुणवत्ता को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है। गुस्साए बच्चों ने स्कूल के सामने धरने पर बैठकर जमकर नारेबाजी की। बच्चों का आरोप है कि उन्हें जो खाना परोसा जा रहा है, वह बिल्कुल भी खाने लायक नहीं है। प्रदर्शन के दौरान मासूम बच्चे रोते हुए पूछ रहे थे कि "ऐसा खाना कौन खाएगा"।

छात्रों ने बताया कि इस संबंध में पहले भी शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन उस पर कोई सुनवाई नहीं की गई। मासूम बच्चों की आंखों से बहते आंसू उनकी पीड़ा को बयां कर रहे थे। छात्रों की मांग है कि जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त सत्येंद्र मरकाम खुद मौके पर आएं और उनकी समस्या को सुनें। बच्चों ने स्पष्ट कह दिया है कि वे कलेक्टर से मुलाकात करने के बाद ही मानेंगे।

इस मामले में स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले भर के आदिवासी अंचल इलाकों में स्थित आदिवासी छात्रावासों और एकलव्य विद्यालयों से खाने की गुणवत्ता को लेकर इस तरह की शिकायतें लगातार आ रही हैं और यह कोई पहली घटना नहीं है। फिलहाल, प्रशासन के अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच का आश्वासन दिया है।
    user_मानव अधिकार मिशन मीडिया सेक्रे
    मानव अधिकार मिशन मीडिया सेक्रे
    छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    1 day ago
  • बैतूल के कोसमी रेलवे फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर एक युवक का क्षत-विक्षत शव मिलने से सनसनी फैल गई है। यह दिलदहला देने वाली घटना रात में घर से निकलने के बाद हुई, जिसके बाद सुबह युवक की बाइक रेलवे ट्रैक के पास खड़ी मिली और उससे कुछ ही दूरी पर उसका क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया। घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी और कोतवाली थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतक की पहचान अनंत बोरखडे के रूप में की है और मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। जांच के दौरान पुलिस को मृतक के सोशल मीडिया अकाउंट पर कुछ समय पहले की गई दो पोस्ट मिली हैं, जिसमें कथित रूप से लिखा था, "ओके गुड बाय दोस्तों, अगले जन्म मिलेंगे"। पुलिस के अनुसार, परिजनों ने बताया कि मृतक शराब पीने का आदी था और पूर्व में भी वह सोशल मीडिया पर आत्महत्या से जुड़ी पोस्ट साझा कर चुका था। फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू पर बारीकी से जांच कर रही है और अनुमान लगाया जा रहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
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    बैतूल के कोसमी रेलवे फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर एक युवक का क्षत-विक्षत शव मिलने से सनसनी फैल गई है। यह दिलदहला देने वाली घटना रात में घर से निकलने के बाद हुई, जिसके बाद सुबह युवक की बाइक रेलवे ट्रैक के पास खड़ी मिली और उससे कुछ ही दूरी पर उसका क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया। घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी और कोतवाली थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतक की पहचान अनंत बोरखडे के रूप में की है और मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।

जांच के दौरान पुलिस को मृतक के सोशल मीडिया अकाउंट पर कुछ समय पहले की गई दो पोस्ट मिली हैं, जिसमें कथित रूप से लिखा था, "ओके गुड बाय दोस्तों, अगले जन्म मिलेंगे"। पुलिस के अनुसार, परिजनों ने बताया कि मृतक शराब पीने का आदी था और पूर्व में भी वह सोशल मीडिया पर आत्महत्या से जुड़ी पोस्ट साझा कर चुका था। फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू पर बारीकी से जांच कर रही है और अनुमान लगाया जा रहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
    user_M. Afsar khan
    M. Afsar khan
    Local News Reporter Multai, Betul•
    20 min ago
  • मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में पुलिस द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के लिए एक अनोखा अभियान चलाया जा रहा है। इस नवाचार के तहत पुलिस एआईबीए कार्टून और एनीमेशन का प्रयोग कर जनहित के संदेश लोगों तक पहुँचा रही है। विशेषकर बारिश के मौसम को देखते हुए कार्टून एनीमेशन के जरिए लोगों को सतर्कता और सावधानी बरतने का संदेश दिया जा रहा है, जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं। इसके साथ ही, खाद्य विभाग छिंदवाड़ा ने कई रिसोर्ट का औचक निरीक्षण किया है। इस कार्रवाई के दौरान रिसोर्ट में कई कमियां पाई गईं, जिसके चलते प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और जुर्माना भी लगाया गया है। विशेष रूप से दो रिसोर्ट में एक्सपायरी (तय तिथि से बाहर की) खाद्य सामग्री मिलने पर नोटिस जारी कर कार्रवाई की गई है। दूसरी तरफ, शासकीय स्कूलों के विद्यार्थी अभी भी स्कूल यूनिफॉर्म का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि इस संबंध में अब तक शासन का कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। सरकारी स्कूलों में यूनिफॉर्म वितरण कार्यक्रम के तहत डायरेक्ट बेनिफिट प्रणाली के माध्यम से सीधे विद्यार्थियों के खातों में ड्रेस की रकम पहुँचाई जाती है। भीलवाड़ा जिले के अनुमानित आंकड़ों के अनुसार, करीब 1 लाख 28 हजार छात्राओं को अभी भी अपनी स्कूल यूनिफॉर्म मिलने का इंतजार है।
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    मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में पुलिस द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के लिए एक अनोखा अभियान चलाया जा रहा है। इस नवाचार के तहत पुलिस एआईबीए कार्टून और एनीमेशन का प्रयोग कर जनहित के संदेश लोगों तक पहुँचा रही है। विशेषकर बारिश के मौसम को देखते हुए कार्टून एनीमेशन के जरिए लोगों को सतर्कता और सावधानी बरतने का संदेश दिया जा रहा है, जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं।

इसके साथ ही, खाद्य विभाग छिंदवाड़ा ने कई रिसोर्ट का औचक निरीक्षण किया है। इस कार्रवाई के दौरान रिसोर्ट में कई कमियां पाई गईं, जिसके चलते प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और जुर्माना भी लगाया गया है। विशेष रूप से दो रिसोर्ट में एक्सपायरी (तय तिथि से बाहर की) खाद्य सामग्री मिलने पर नोटिस जारी कर कार्रवाई की गई है।

दूसरी तरफ, शासकीय स्कूलों के विद्यार्थी अभी भी स्कूल यूनिफॉर्म का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि इस संबंध में अब तक शासन का कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। सरकारी स्कूलों में यूनिफॉर्म वितरण कार्यक्रम के तहत डायरेक्ट बेनिफिट प्रणाली के माध्यम से सीधे विद्यार्थियों के खातों में ड्रेस की रकम पहुँचाई जाती है। भीलवाड़ा जिले के अनुमानित आंकड़ों के अनुसार, करीब 1 लाख 28 हजार छात्राओं को अभी भी अपनी स्कूल यूनिफॉर्म मिलने का इंतजार है।
    user_Ranjeet Dehariya
    Ranjeet Dehariya
    Voice of people छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव में तामिया-छिंदवाड़ा और बैतूल मार्ग को जोड़ने वाला प्रमुख ओवरब्रिज इन दिनों अंधेरे और अव्यवस्थाओं के कारण असामाजिक तत्वों और अश्लील गतिविधियों का अड्डा बनता जा रहा है। लंबे समय से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों के बीच सोमवार देर शाम ओवरब्रिज पर एक युवक और युवती की आपत्तिजनक हरकत कैमरे में कैद हो गई। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद राहगीरों और स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी फैल गई है। लोगों का कहना है कि रात के अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व यहाँ खुलेआम ऐसी अवांछित हरकतों को अंजाम दे रहे हैं, जिससे इस महत्वपूर्ण मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लाखों रुपये की लागत से बने इस ओवरब्रिज की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था ठेकेदार और नगर पालिका के बीच जिम्मेदारी के विवाद में फंसी हुई है। इसी विवाद के परिणाम स्वरूप रात होते ही पूरा पुल अंधेरे के आगोश में समा जाता है। आक्रोशित नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को चालू कराने, ओवरब्रिज पर नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने की मांग की है ताकि इस संपर्क मार्ग को फिर से सुरक्षित बनाया जा सके।
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    छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव में तामिया-छिंदवाड़ा और बैतूल मार्ग को जोड़ने वाला प्रमुख ओवरब्रिज इन दिनों अंधेरे और अव्यवस्थाओं के कारण असामाजिक तत्वों और अश्लील गतिविधियों का अड्डा बनता जा रहा है। लंबे समय से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों के बीच सोमवार देर शाम ओवरब्रिज पर एक युवक और युवती की आपत्तिजनक हरकत कैमरे में कैद हो गई। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद राहगीरों और स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी फैल गई है। लोगों का कहना है कि रात के अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व यहाँ खुलेआम ऐसी अवांछित हरकतों को अंजाम दे रहे हैं, जिससे इस महत्वपूर्ण मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है।

स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लाखों रुपये की लागत से बने इस ओवरब्रिज की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था ठेकेदार और नगर पालिका के बीच जिम्मेदारी के विवाद में फंसी हुई है। इसी विवाद के परिणाम स्वरूप रात होते ही पूरा पुल अंधेरे के आगोश में समा जाता है। आक्रोशित नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को चालू कराने, ओवरब्रिज पर नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने की मांग की है ताकि इस संपर्क मार्ग को फिर से सुरक्षित बनाया जा सके।
    user_अमन सोनी
    अमन सोनी
    जमाई, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
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