मथुरा जनपद में अपराध पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार के निर्देश पर कोसीकलां थाना क्षेत्र के शाहपुर चौकी अंतर्गत ग्राम शाहपुर, नगला उटावर और नगला सिरोही में पुलिस टीम ने छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने टटलू गिरोह से जुड़े लगभग 40 से 50 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए संदिग्धों में रफीक, अहमद, फैज, मुफीद, समून, अंगद, अब्बास, खुर्शीद, अनवर, जमाल सहित कई अन्य शामिल हैं। पुलिस इन सभी से पूछताछ कर गिरोह के पूरे नेटवर्क, मुख्य सरगनाओं और ठगी से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ जुटा रही है। जानकारी के अनुसार, राजस्थान और हरियाणा सीमा से सटे इन क्षेत्रों में टटलू गिरोह लंबे समय से सक्रिय रहा है। यह गिरोह लोगों को नकली सोना, सस्ते दामों पर विभिन्न सामान या अन्य तरह के प्रलोभन देकर अपने जाल में फंसाता था। आरोपी पहले लोगों का विश्वास जीतते थे और फिर उन्हें सुनसान स्थानों पर बुलाकर नकली धातु देकर उनकी रकम हड़पने जैसी घटनाओं को अंजाम देते थे। मथुरा पुलिस की इस कार्रवाई को अपराध मुक्त अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, उनके आर्थिक लेन-देन और पूरे नेटवर्क की गहराई से जाँच कर रही है।
मथुरा जनपद में अपराध पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार के निर्देश पर कोसीकलां थाना क्षेत्र के शाहपुर चौकी अंतर्गत ग्राम शाहपुर, नगला उटावर और नगला सिरोही में पुलिस टीम ने छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने टटलू गिरोह से जुड़े लगभग 40 से 50 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए संदिग्धों में रफीक, अहमद, फैज, मुफीद, समून, अंगद, अब्बास, खुर्शीद, अनवर, जमाल सहित कई अन्य शामिल हैं। पुलिस इन सभी से पूछताछ कर गिरोह के पूरे नेटवर्क, मुख्य सरगनाओं और ठगी से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ जुटा रही है। जानकारी के अनुसार, राजस्थान और हरियाणा सीमा से सटे इन क्षेत्रों में टटलू गिरोह लंबे समय से सक्रिय रहा है। यह गिरोह लोगों को नकली सोना, सस्ते दामों पर विभिन्न सामान या अन्य तरह के प्रलोभन देकर अपने जाल में फंसाता था। आरोपी पहले लोगों का विश्वास जीतते थे और फिर उन्हें सुनसान स्थानों पर बुलाकर नकली धातु देकर उनकी रकम हड़पने जैसी घटनाओं को अंजाम देते थे। मथुरा पुलिस की इस कार्रवाई को अपराध मुक्त अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, उनके आर्थिक लेन-देन और पूरे नेटवर्क की गहराई से जाँच कर रही है।
- मथुरा में पवित्र अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुए श्रद्धालुओं का स्थानीय निवासियों द्वारा बड़े उत्साह और गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। इस अवसर पर, श्रद्धालु महेंद्र शर्मा, जो अपने जीवन की 53वीं अमरनाथ यात्रा पर निकले हैं, का विशेष रूप से सम्मान किया गया। क्षेत्रवासियों ने उन्हें पुष्पमालाएं पहनाकर, अंगवस्त्र भेंट कर और शुभकामनाएं देकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी से समस्त देशवासियों के सुख, समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना की। विदाई के दौरान, उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक "बम-बम भोले" और "हर-हर महादेव" के जयघोष लगाए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने बताया कि अमरनाथ यात्रा आस्था, श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है, और वे बाबा बर्फानी के दर्शन कर देश तथा समाज की खुशहाली के लिए प्रार्थना करेंगे।1
- मथुरा में पुलिस कप्तान श्लोक कुमार ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई के दौरान, कथित तौर पर 'टटलू गिरोह' से जुड़े दर्जनों ठगों को हिरासत में लिया गया है।1
- मथुरा जनपद में अपराध पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार के निर्देश पर कोसीकलां थाना क्षेत्र के शाहपुर चौकी अंतर्गत ग्राम शाहपुर, नगला उटावर और नगला सिरोही में पुलिस टीम ने छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने टटलू गिरोह से जुड़े लगभग 40 से 50 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए संदिग्धों में रफीक, अहमद, फैज, मुफीद, समून, अंगद, अब्बास, खुर्शीद, अनवर, जमाल सहित कई अन्य शामिल हैं। पुलिस इन सभी से पूछताछ कर गिरोह के पूरे नेटवर्क, मुख्य सरगनाओं और ठगी से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ जुटा रही है। जानकारी के अनुसार, राजस्थान और हरियाणा सीमा से सटे इन क्षेत्रों में टटलू गिरोह लंबे समय से सक्रिय रहा है। यह गिरोह लोगों को नकली सोना, सस्ते दामों पर विभिन्न सामान या अन्य तरह के प्रलोभन देकर अपने जाल में फंसाता था। आरोपी पहले लोगों का विश्वास जीतते थे और फिर उन्हें सुनसान स्थानों पर बुलाकर नकली धातु देकर उनकी रकम हड़पने जैसी घटनाओं को अंजाम देते थे। मथुरा पुलिस की इस कार्रवाई को अपराध मुक्त अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, उनके आर्थिक लेन-देन और पूरे नेटवर्क की गहराई से जाँच कर रही है।1
- मथुरा के कोसीकलां थाना क्षेत्र में मथुरा पुलिस अधीक्षक श्री श्लोक कुमार के नेतृत्व में चलाए जा रहे अपराध मुक्त अभियान के तहत पुलिस ने 'टटलू' गिरोह के 40 से 50 सदस्यों को पकड़ा है। यह कार्रवाई नकली सोना या सस्ते दामों पर सामान देने के बहाने ठगी करने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस की एक बड़ी और साहसिक पहल को दर्शाती है, जिसका मुख्य केंद्र शाहपुर चौकी अंतर्गत नगला उटावर के समीप स्थित नगला सिरोही गांव था। यह क्षेत्र राजस्थान और हरियाणा की सीमाओं के करीब होने के कारण लंबे समय से टटलू गिरोहों, जिसमें साइबर ठग और सोने की ठगी करने वाले अपराधी शामिल हैं, की गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है। कोसीकलां पुलिस और स्थानीय सुरक्षा बलों ने अचानक घेराबंदी करके दो दर्जन (24) से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ती ठगी, फर्जी कॉल और नकली सोने के बिस्कुट दिखाकर लोगों को लूटने वाले नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करना है। टटलू गिरोह के सदस्य अनजान लोगों को फोन करके या मिलकर पहले उनका विश्वास जीतते थे। इसके बाद वे खुदाई में 'प्राचीन सोने का घड़ा' या 'सोने की ईंटें' मिलने का नाटक करते थे। शिकार को सूनसान जगहों पर बुलाकर उनसे असली पैसे ले लेते थे और बदले में पीतल या नकली धातु थमाकर फरार हो जाते थे। कई बार ये अपराधी लोगों को बंधक बनाकर उनसे पैसे भी लूट लेते थे। पुलिस ने जिन आरोपियों को हिरासत में लिया है, उनमें रफीक, अहमद, फ़ैज़, मुफीद, समून, अंगद, अब्बास, खुर्शीद, अनवर और जमाल जैसे नाम शामिल हैं। फिलहाल, पुलिस हिरासत में लिए गए सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि इस गिरोह के मुख्य सरगनाओं और उनके बैंक खातों का पता लगाया जा सके।4
- सोशल मीडिया पर मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक वीआईपी काफिले के गुजरने से पहले सड़क पर की गई कथित बैरिकेडिंग के कारण एक बीमार बच्चे को अस्पताल ले जा रहे व्यक्ति को रोक दिया गया। वीडियो में वह व्यक्ति पुलिसकर्मी से अपने बीमार बच्चे को अस्पताल ले जाने की गुहार लगाता दिखाई देता है। जब पुलिसकर्मी कथित रूप से गाड़ी का नंबर पूछता है, तो व्यक्ति दृढ़ता से कहता है, "मेरी गाड़ी का नंबर मेरा चेहरा है।" इसके बाद दोनों के बीच तीखी बहस होती है। यह वायरल वीडियो देश भर में वीआईपी संस्कृति को लेकर एक नई और गंभीर बहस छेड़ रहा है, जिसने आम आदमी की बेबसी और आपातकालीन स्थितियों में सड़क बाधित करने पर गहरा गुस्सा पैदा किया है। हालांकि, वीडियो में दिखाए गए सभी तथ्यों और परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन इसने सोशल मीडिया पर #NoVIPCulture और #SayNoToVIPCulture जैसे हैशटैग के साथ आक्रोश और चर्चा को जन्म दिया है। इस घटना ने यह महत्वपूर्ण सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या वीआईपी आवाजाही के दौरान आपातकालीन मरीजों के लिए कोई अलग और प्राथमिकता वाली व्यवस्था होनी चाहिए। इस वीडियो ने जनभावनाओं को आंदोलित किया है, और इसे लेकर सोशल मीडिया पर जनता से अपनी राय कमेंट सेक्शन में साझा करने का आह्वान किया जा रहा है।1
- 7 जुलाई 2026 को वृंदावन के प्रेम मंदिर के दर्शनों का विवरण दिया गया है। पोस्ट में प्रेम मंदिर की मनमोहक सुंदरता और दिव्य वातावरण पर प्रकाश डाला गया है, जिसे भक्तों के मन को शांति और आनंद से भरने वाला बताया गया है। इसमें उन सभी से, जिन्हें श्री राधा-कृष्ण के दर्शन प्रिय हैं, एक वीडियो को अंत तक देखने और 'राधे राधे' लिखने का अनुरोध किया गया है।1
- रुक्मिणी विहार गोलचक्कर से बुर्जा चौकी तक जाने वाले मार्ग पर बीच सड़क में बने गड्ढों के कारण लोग परेशानी का सामना कर रहे हैं।1