यूजीसी मुद्दे पर बोले पूर्व विधायक उदय भान कांवरिया, कहा— छात्रों और समाज के हक के लिए विरोध जरूरी यूजीसी से जुड़े मुद्दे पर पूर्व विधायक उदय भान कांवरिया ने खुलकर अपनी राय रखते हुए कहा कि यदि सामान्य वर्ग और समाज के लोग इसका विरोध नहीं करेंगे, तो फिर कौन करेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भले ही वे सत्ता पक्ष से जुड़े हुए हैं, लेकिन यदि कोई निर्णय छात्रों और समाज के हित में नहीं है, तो उसका विरोध करना जरूरी हो जाता है। उन्होंने कहा कि यूजीसी का निर्णय भले ही नीति के तहत लिया गया हो, लेकिन यदि यह छात्रों के भविष्य को प्रभावित करता है, तो इसके खिलाफ आवाज उठाना हर जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अपने बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनाने और उनके हक की लड़ाई लड़ने के लिए समाज को एकजुट होकर विरोध करना चाहिए। पूर्व विधायक ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष में रहते हुए भी सच बोलने से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने के लिए उन्होंने गांव-गांव, गली-गली मेहनत की है और कार्यकर्ताओं के खून-पसीने से ही सरकार बनी है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में पार्टी में शामिल हुए कुछ लोग कार्यकर्ताओं के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, जो संगठन के लिए ठीक नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि सत्ता पक्ष कहीं भी समाज या किसी वर्ग के खिलाफ गलत निर्णय लेता है, तो कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे उसे सही दिशा दिखाएं। अंत में उदय भान कांवरिया ने कहा कि उन्हें न तो अपने पद की चिंता है, न पार्टी की, बल्कि उन्हें केवल अपने समाज, विद्यार्थियों और उनके अधिकारों की लड़ाई की चिंता है, जो आने वाली पीढ़ी को नई दिशा देगी। यूजीसी मुद्दे पर बोले पूर्व विधायक उदय भान कांवरिया, कहा—कुर्सी की चिंता है जनता चिंता नहीं इसलिए नहीं बोलते हैं कुर्सी वाले छात्रों और समाज के हक के लिए विरोध जरूरी यूजीसी से जुड़े मुद्दे पर पूर्व विधायक उदय भान कांवरिया ने खुलकर अपनी राय रखते हुए कहा कि यदि सामान्य वर्ग और समाज के लोग इसका विरोध नहीं करेंगे, तो फिर कौन करेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भले ही वे सत्ता पक्ष से जुड़े हुए हैं, लेकिन यदि कोई निर्णय छात्रों और समाज के हित में नहीं है, तो उसका विरोध करना जरूरी हो जाता है। उन्होंने कहा कि यूजीसी का निर्णय भले ही नीति के तहत लिया गया हो, लेकिन यदि यह छात्रों के भविष्य को प्रभावित करता है, तो इसके खिलाफ आवाज उठाना हर जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अपने बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनाने और उनके हक की लड़ाई लड़ने के लिए समाज को एकजुट होकर विरोध करना चाहिए। पूर्व विधायक ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष में रहते हुए भी सच बोलने से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने के लिए उन्होंने गांव-गांव, गली-गली मेहनत की है और कार्यकर्ताओं के खून-पसीने से ही सरकार बनी है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में पार्टी में शामिल हुए कुछ लोग कार्यकर्ताओं के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, जो संगठन के लिए ठीक नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि सत्ता पक्ष कहीं भी समाज या किसी वर्ग के खिलाफ गलत निर्णय लेता है, तो कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे उसे सही दिशा दिखाएं। अंत में उदय भान कांवरिया ने कहा कि उन्हें न तो अपने पद की चिंता है, न पार्टी की, बल्कि उन्हें केवल अपने समाज, विद्यार्थियों और उनके अधिकारों की लड़ाई की चिंता है, जो आने वाली पीढ़ी को नई दिशा देगी।
यूजीसी मुद्दे पर बोले पूर्व विधायक उदय भान कांवरिया, कहा— छात्रों और समाज के हक के लिए विरोध जरूरी यूजीसी से जुड़े मुद्दे पर पूर्व विधायक उदय भान कांवरिया ने खुलकर अपनी राय रखते हुए कहा कि यदि सामान्य वर्ग और समाज के लोग इसका विरोध नहीं करेंगे, तो फिर कौन करेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भले ही वे सत्ता पक्ष से जुड़े हुए हैं, लेकिन यदि कोई निर्णय छात्रों और समाज के हित में नहीं है, तो उसका विरोध करना जरूरी हो जाता है। उन्होंने कहा कि यूजीसी का निर्णय भले ही नीति के तहत लिया गया हो, लेकिन यदि यह छात्रों के भविष्य को प्रभावित करता है, तो इसके खिलाफ आवाज उठाना हर जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अपने बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनाने और उनके हक की लड़ाई लड़ने के लिए समाज को एकजुट होकर विरोध करना चाहिए। पूर्व विधायक ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष में रहते हुए भी सच बोलने से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने के लिए उन्होंने गांव-गांव, गली-गली मेहनत की है और कार्यकर्ताओं के खून-पसीने से ही सरकार बनी है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में पार्टी में शामिल हुए कुछ लोग कार्यकर्ताओं के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, जो संगठन के लिए ठीक नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि सत्ता पक्ष कहीं भी समाज या किसी वर्ग के खिलाफ गलत निर्णय लेता है, तो कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे उसे सही दिशा दिखाएं। अंत में उदय भान कांवरिया ने कहा कि उन्हें न तो अपने पद की चिंता है, न पार्टी की, बल्कि उन्हें केवल अपने समाज, विद्यार्थियों और उनके अधिकारों की लड़ाई की चिंता है, जो आने वाली पीढ़ी को नई दिशा देगी। यूजीसी मुद्दे पर बोले पूर्व विधायक उदय भान कांवरिया, कहा—कुर्सी की चिंता है जनता चिंता नहीं इसलिए नहीं बोलते हैं कुर्सी वाले छात्रों और समाज के हक के लिए विरोध जरूरी यूजीसी से जुड़े मुद्दे पर पूर्व विधायक उदय भान कांवरिया ने खुलकर अपनी राय रखते हुए कहा कि यदि सामान्य वर्ग और समाज के लोग इसका विरोध नहीं करेंगे, तो फिर कौन करेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भले ही वे सत्ता पक्ष से जुड़े हुए हैं, लेकिन यदि कोई निर्णय छात्रों और समाज के हित में नहीं है, तो उसका विरोध करना जरूरी हो जाता है। उन्होंने कहा कि यूजीसी का निर्णय भले ही नीति के तहत लिया गया हो, लेकिन यदि यह छात्रों के भविष्य को प्रभावित करता है, तो इसके खिलाफ आवाज उठाना हर जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अपने बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनाने और उनके हक की लड़ाई लड़ने के लिए समाज को एकजुट होकर विरोध करना चाहिए। पूर्व विधायक ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष में रहते हुए भी सच बोलने से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने के लिए उन्होंने गांव-गांव, गली-गली मेहनत की है और कार्यकर्ताओं के खून-पसीने से ही सरकार बनी है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में पार्टी में शामिल हुए कुछ लोग कार्यकर्ताओं के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, जो संगठन के लिए ठीक नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि सत्ता पक्ष कहीं भी समाज या किसी वर्ग के खिलाफ गलत निर्णय लेता है, तो कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे उसे सही दिशा दिखाएं। अंत में उदय भान कांवरिया ने कहा कि उन्हें न तो अपने पद की चिंता है, न पार्टी की, बल्कि उन्हें केवल अपने समाज, विद्यार्थियों और उनके अधिकारों की लड़ाई की चिंता है, जो आने वाली पीढ़ी को नई दिशा देगी।
- Armanहंडिया, प्रयागराज, उत्तर प्रदेशविरोध ही नहीं स्वर्ण एक ऐसा समाज हैं जो निस्वार्थ बीजेपी से जुड़ा हुआ था लेकिन बड़ी दुख की बात हैं जिस बीजेपी को स्वर्ण समाज अपनी खून से सीच कर इतना बड़ा किया हैं वही बीजेपी स्वर्ण के लिए गले के फांसी बन गई हैं उन्हें 2029 अच्छा से समझ में आ जाएगा लेकिन यूजीसी कानून वापस होगा और बीजेपी भी अब स्वर्ण के विश्वास के साथ छल किया हैं जय स्वर्ण समाज जय भारत माता की14 hrs ago
- मेजारोड प्रयागराज। मेजा थाना क्षेत्र के ग्राम लूतर में पुरानी रंजिश को लेकर मुस्लिम पक्ष में शुरू हुआ विवाद शनिवार को हिंसक झड़प में बदल गया। इस दौरान एक युवक पर लाठी-डंडा, बेल्ट से जानलेवा हमला कर दिया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई, जिसे ईद के दिन पुलिस की सक्रियता से नियंत्रित कर लिया गया। मिली जानकारी के अनुसार, विकास कुमार पुत्र स्व. संतोष कुमार निवासी ग्राम लूतर, ग्राम प्रधान का ट्रैक्टर चालक है। शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे वह ट्रैक्टर से मिट्टी लेकर लूतर नहर के पास जा रहा था, तभी पहले से घात लगाए बैठे मुस्तकीम पुत्र सलीम अली, कौशन अंसारी पुत्र सलीम और उनके साथ करीब पांच अज्ञात लोगों ने उसे घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने विकास पर बेल्ट, लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस दौरान जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उसे अपमानित किया गया और मारपीट के दौरान उससे 5700 रुपये भी छीन लिए गए। हमले में विकास के सिर पर गंभीर चोट आई और वह मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ा। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। शोर-शराबा सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद घायल युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पीड़ित पक्ष ने मेजा थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया। इसे देखते हुए ईद के दिन पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। एसीपी मेजा संत प्रसाद उपाध्याय, थाना प्रभारी मेजा दीनदयाल सिंह और मांडा थाना प्रभारी अनील कुमार वर्मा व कोरांव थाना प्रभारी राकेश कुमार वर्मा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने गांव में गश्त कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। पुलिस की मुस्तैदी के चलते क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रही और ईद का पर्व सकुशल संपन्न हुआ। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- Post by चंद्र दीप सिंह1
- Post by Vaibhav Yadav India Tv1
- करछना थाना क्षेत्र के तिलखवार ग्राम सभा में जमीनी विवाद को लेकर जमकर हंगामा हो गया। आरोप है कि दर्जनों लोगों के साथ कुछ अज्ञात महिलाएं घर में घुसकर मकान गिराने लगीं, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया है। आगे की जांच जारी है।1
- Post by Ved Prakash Pandey1
- बाराबंकी के रामसनेहीघाट तहसील के विकासखंड बनीकॉडर में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की नई ब्लाक कार्यकारिणी का गठन प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे द्वारा किया गया। जिसमें बनीकॉडर ब्लॉक से राजेश सिंह को ब्लॉक अध्यक्ष बनाया गया तो वही वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद शैलेंद्र द्विवेदी को मिला। प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने कहा कि संगठन शिक्षकों के अधिकारों मान सम्मान और समस्याओं के समाधान के लिए सदैव संघर्षरत रहा है। उन्होंने नवगठित कार्यकारी को शुभकामनाएं देते हुए शैक्षिक गुणवत्ता सुधार व शिक्षक हितों की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाने की उम्मीद जताई। इसके अलावा उदय कुमार अग्रवाल को मंत्री और दिनेश प्रताप सिंह को कोषाध्यक्ष भी नियुक्त किया गया। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष डॉ राकेश सिंह जनपदीय मंत्री उमानाथ मिश्रा कोषाध्यक्ष राजेश श्रीवास्तव प्रांतीय संगठन मंत्री डॉ देवेंद्र द्विवेदी संयुक्त मंत्री सुनील त्रिपाठी दिलीप तिवारी जिला मीडिया प्रभारी जय कुमार उपाध्यक्ष श्याम किशोर बाजपेई मौजूद रहे।4
- Post by रंजना हडिया प्रयागराज मोबाइल नंबर,84169043591
- Post by चंद्र दीप सिंह1