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प्रतापगढ़: बुलेट के पटाखा साइलेंसर लगाना पड़ा भारी, कटा लंबा चालन... बुलेट में तेज और पटाखा साइलेंसर वाहनों पर ट्रैफिक पुलिस रख रही है पैनी नजर... तेज ध्वनि मानक के विपरीत लगे साइलेंसर पर बुलेट UP 72 BL 4944 का ट्रैफिक विभाग ने 12000 हजार रुपए का चलान किया। शहर के राजपाल चौराहे पर TSI संतोष शुक्ल, कॉन्स्टेबल संदीप कुमार ने चौराहे पर वाहन चेकिंग के दौरान किया बुलेट का चालान.... बुलेट में लगे तेज ध्वनि वाले साइलेंसरो का उपयोग रोड ट्रैफिक नियमों के विरुद्ध है, जिस पर कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार भारी जुर्माने का है प्रावधान।
हिमांशु गुप्ता समाचार नेशन
प्रतापगढ़: बुलेट के पटाखा साइलेंसर लगाना पड़ा भारी, कटा लंबा चालन... बुलेट में तेज और पटाखा साइलेंसर वाहनों पर ट्रैफिक पुलिस रख रही है पैनी नजर... तेज ध्वनि मानक के विपरीत लगे साइलेंसर पर बुलेट UP 72 BL 4944 का ट्रैफिक विभाग ने 12000 हजार रुपए का चलान किया। शहर के राजपाल चौराहे पर TSI संतोष शुक्ल, कॉन्स्टेबल संदीप कुमार ने चौराहे पर वाहन चेकिंग के दौरान किया बुलेट का चालान.... बुलेट में लगे तेज ध्वनि वाले साइलेंसरो का उपयोग रोड ट्रैफिक नियमों के विरुद्ध है, जिस पर कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार भारी जुर्माने का है प्रावधान।
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- Post by हिमांशु गुप्ता समाचार नेशन1
- Led की तेज रोशनी से घटा गोरैया का रिप्रोडक्शन और आंगन से हो गई गायब। एलईडी की तेज रोशनी ने गोरैया की रिप्रोडक्शन पर ऐसा बुरा असर डाला है कि अब यह घरों के आंगन से गायब ही हो गयी। शहर से लेकर गांव तक के हालात ऐसे ही हैं। "Central Avian Research Institute" केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान के रिसर्च में ये बातें निकल कर सामने आयी हैं। CARI के डायरेक्टर डॉ. जगबीर सिंह त्यागी के अनुसार, पहले मोबाइल टावरों की भरमार ने इनके जीवन पर असर डाला और अब एलईडी की तीखी लाइट ने तो इनकी प्रजनन क्षमता पर बुरा प्रभाव डाला है। डॉ. त्यागी ने बताया कि गोरैया अमूमन इंसानी रिहायश के आसपास ही रहना पसंद करते हैं। तेज रोशनी के कारण गोरैया को दिन-रात का भ्रम हो जाता है। इसके कारण मेलाटोनिन हार्मोन का संतुलन गड़बड़ हो गया। CARI की रिसर्च में खुलासा कंक्रीट के घरों में गोरैया के लिए नहीं है कोई घोंसला। मोबाइल टॉवर से निकलने वाली रेडिएशन से भी हो रहा खतरा। टावर से रेडियेशन का बहुत बड़ा खतरा मोबाइल फोन और नेटवर्क टावरों का विस्तार भी गोरैया के अस्तित्व के लिए एक गंभीर खतरा बन चुका है। मोबाइल टावर से निकलने वाली रेडियेशन गोरैया जैसे छोटे पक्षियों के लिए बेहद हानिकारक हो सकती है। ये रेडियेशन पक्षियों के नेविगेशन सिस्टम को प्रभावित करती है, जिससे उनकी दिशा भटक सकती है। यही नहीं, मोबाइल टावरों के पास रहने वाले पक्षियों में प्रजनन में कमी देखी गई है। खाने का कोई साधन नहीं खेती में इस्तेमाल होने वाले रसायन कीड़ों को खत्म कर देते हैं, जिससे गोरैया को पर्याप्त भोजन नहीं मिल पाता है, वहीं पॉल्यूशन और शोर भी उनके व्यवहार और हेल्थ पर नकारात्मक असर डालते है। कीटनाशकों के कारण कीड़ों की संख्या में भारी कमी आई है, जिससे गौरैया के बच्चों को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता। यही कारण है कि उनकी संख्या लगातार घट रही है। पेड़ों की अंधाधुध कटाई ने उसके प्राकृतिक आवास को नष्ट कर दिया है। कंक्रीट के घरों ने छीना गोरैया का आशियाना लोगों की लाइफ स्टाइल के साथ साथ एक और महत्वपूर्ण बदलाव जो गोरैया के अस्तित्व पर असर डाल रहा है, वह है कंक्रीट के घरों का निर्माण, पुराने समय में गोरैया घरों की छतों, झरोखों और दरवाजों के आस-पास अपने घोंसले बना लेती थीं, लेकिन अब कक्रीट और सिमेंट के बने मॉडर्न घरों में गोरैया के लिए कोई जगह ही नहीं बची है। इनमें न तो पुराने मकान जैसी जगहें है और न ही किसी प्रकार की कोई सुरक्षा, साथ ही घरों में हवा के पलो और प्राकृतिक आवास की कमी भी गोरैया के लिए एक बड़ी समस्या बन चुकी है। इसके अलावा, अब नए निर्माण में घरों के आस-पास बगीचों और खुले स्थानों की कमी हो गई। नेचर से खिलाफत सीएआरआई के डायरेक्टर डॉ. जगबीर सिंह त्यागी ने बताया कि न केवल गोरैया बल्कि काफी ऐसे रेयर पक्षी जो अपनी आवाज, अपनी कला और अपने अट्रेक्टिव लुक के लिए फेमस है, वह धीरे धीरे कम होते जा रहे है और इसका सबसे बड़ा कारण है नेचर के साथ छेडछाड, कभी कॉलोनी के नाम पर पेड़ों को काट दिया जाता है, जिसके कारण पॉल्यूशन बढ़ रहा है और हवा में उड़ती जहरीली गैस इन पक्षियों की सेहत के लिए नुकसानदायक है। टैरेस पर कर रहे चिड़ियों का घर जहा एक ओर बिजी लाइफ में लोग इन पक्षियों पर ध्यान नहीं देते है, वहीं दूसरी और कुछ लोग ऐसे है जो वर्ड लवर भी है। जिन्होंने अपनी टैरेस पर छोटे छोटे पानी और दाने से भरे पात्रों को रखा हुआ है। लोगो का मानना है कि गर्मी के मौसम में सबसे ज्यादा पानी की किल्लत पक्षियों और जानवरों को ही होती है। वहीं कई तो ऐसे भी होते है जो न केवल अपनी घर की टैरेस पर, बल्कि बाहर जगह जगह पर पानी से भरा कलश और उनके खाने के लिए अनाज का इंतजाम भी करते हैं।1
- Post by Sanjay Lal1
- Post by GOPAL JEE2
- Post by गुरु ज्ञान1
- Post by JGE News1
- प्रयागराज: इंटर स्टेट गैंग आईएस-227 का सरगना माफिया अतीक अहमद एक बार फिर सोशल मीडिया की सुर्खियो में है। यूपी की सबसे बड़ी सनसनी उमेश पाल हत्याकांड और फिर अतीक-अशरफ की हत्या का घटनाक्रम फिल्म धुरंधर 2 में गूंज गया है। ऐसे में सोशल मीडिया पर अतीक के वीडियो,फिल्म की सीन,डायलाग,गैंग के बड़े कारनामों को लेकर बहस छिड़ने लगी है,खासकर अतीक के पाकिस्तानी कनेक्शन को लेकर खूब चर्चा हो रही है। फिल्म देखकर निकल रहे लोगों ने भी इस पर काफी कमेट्स किया है। सोशल मीडिया पर टीका टिप्पणी की भरमार है।1
- Post by हिमांशु गुप्ता समाचार नेशन1
- *प्रयागराज के झूंसी थाना क्षेत्र अंतर्गत इब्राहिमपुर मे आज बृहस्पतिवार की दोपहर को क्रिकेट मैच खेलने के दौरान किसी बात को लेकर दबंगों ने प्रिंस भारतीय पुत्र ज्ञानचंद्र भारतीया पर बल्ले से उसके सिर पर वार कर दिया जिससे प्रिंस भारतीया का सिर फट गया और वह लहूलुहान हो गया। पीड़ित ने घटना के सम्बन्ध मे सम्बंधित थाने पर तहरीर देते हुए लगाई न्याय की गुहार।*1