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Led की तेज रोशनी से घटा गोरैया का रिप्रोडक्शन और आंगन से हो गई गायब। एलईडी की तेज रोशनी ने गोरैया की रिप्रोडक्शन पर ऐसा बुरा असर डाला है कि अब यह घरों के आंगन से गायब ही हो गयी। शहर से लेकर गांव तक के हालात ऐसे ही हैं। "Central Avian Research Institute" केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान के रिसर्च में ये बातें निकल कर सामने आयी हैं। CARI के डायरेक्टर डॉ. जगबीर सिंह त्यागी के अनुसार, पहले मोबाइल टावरों की भरमार ने इनके जीवन पर असर डाला और अब एलईडी की तीखी लाइट ने तो इनकी प्रजनन क्षमता पर बुरा प्रभाव डाला है। डॉ. त्यागी ने बताया कि गोरैया अमूमन इंसानी रिहायश के आसपास ही रहना पसंद करते हैं। तेज रोशनी के कारण गोरैया को दिन-रात का भ्रम हो जाता है। इसके कारण मेलाटोनिन हार्मोन का संतुलन गड़बड़ हो गया। CARI की रिसर्च में खुलासा कंक्रीट के घरों में गोरैया के लिए नहीं है कोई घोंसला। मोबाइल टॉवर से निकलने वाली रेडिएशन से भी हो रहा खतरा। टावर से रेडियेशन का बहुत बड़ा खतरा मोबाइल फोन और नेटवर्क टावरों का विस्तार भी गोरैया के अस्तित्व के लिए एक गंभीर खतरा बन चुका है। मोबाइल टावर से निकलने वाली रेडियेशन गोरैया जैसे छोटे पक्षियों के लिए बेहद हानिकारक हो सकती है। ये रेडियेशन पक्षियों के नेविगेशन सिस्टम को प्रभावित करती है, जिससे उनकी दिशा भटक सकती है। यही नहीं, मोबाइल टावरों के पास रहने वाले पक्षियों में प्रजनन में कमी देखी गई है। खाने का कोई साधन नहीं खेती में इस्तेमाल होने वाले रसायन कीड़ों को खत्म कर देते हैं, जिससे गोरैया को पर्याप्त भोजन नहीं मिल पाता है, वहीं पॉल्यूशन और शोर भी उनके व्यवहार और हेल्थ पर नकारात्मक असर डालते है। कीटनाशकों के कारण कीड़ों की संख्या में भारी कमी आई है, जिससे गौरैया के बच्चों को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता। यही कारण है कि उनकी संख्या लगातार घट रही है। पेड़ों की अंधाधुध कटाई ने उसके प्राकृतिक आवास को नष्ट कर दिया है। कंक्रीट के घरों ने छीना गोरैया का आशियाना लोगों की लाइफ स्टाइल के साथ साथ एक और महत्वपूर्ण बदलाव जो गोरैया के अस्तित्व पर असर डाल रहा है, वह है कंक्रीट के घरों का निर्माण, पुराने समय में गोरैया घरों की छतों, झरोखों और दरवाजों के आस-पास अपने घोंसले बना लेती थीं, लेकिन अब कक्रीट और सिमेंट के बने मॉडर्न घरों में गोरैया के लिए कोई जगह ही नहीं बची है। इनमें न तो पुराने मकान जैसी जगहें है और न ही किसी प्रकार की कोई सुरक्षा, साथ ही घरों में हवा के पलो और प्राकृतिक आवास की कमी भी गोरैया के लिए एक बड़ी समस्या बन चुकी है। इसके अलावा, अब नए निर्माण में घरों के आस-पास बगीचों और खुले स्थानों की कमी हो गई। नेचर से खिलाफत सीएआरआई के डायरेक्टर डॉ. जगबीर सिंह त्यागी ने बताया कि न केवल गोरैया बल्कि काफी ऐसे रेयर पक्षी जो अपनी आवाज, अपनी कला और अपने अट्रेक्टिव लुक के लिए फेमस है, वह धीरे धीरे कम होते जा रहे है और इसका सबसे बड़ा कारण है नेचर के साथ छेडछाड, कभी कॉलोनी के नाम पर पेड़ों को काट दिया जाता है, जिसके कारण पॉल्यूशन बढ़ रहा है और हवा में उड़ती जहरीली गैस इन पक्षियों की सेहत के लिए नुकसानदायक है। टैरेस पर कर रहे चिड़ियों का घर जहा एक ओर बिजी लाइफ में लोग इन पक्षियों पर ध्यान नहीं देते है, वहीं दूसरी और कुछ लोग ऐसे है जो वर्ड लवर भी है। जिन्होंने अपनी टैरेस पर छोटे छोटे पानी और दाने से भरे पात्रों को रखा हुआ है। लोगो का मानना है कि गर्मी के मौसम में सबसे ज्यादा पानी की किल्लत पक्षियों और जानवरों को ही होती है। वहीं कई तो ऐसे भी होते है जो न केवल अपनी घर की टैरेस पर, बल्कि बाहर जगह जगह पर पानी से भरा कलश और उनके खाने के लिए अनाज का इंतजाम भी करते हैं।

3 hrs ago
user_AT Samachar
AT Samachar
Media house प्रयागराज, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

Led की तेज रोशनी से घटा गोरैया का रिप्रोडक्शन और आंगन से हो गई गायब। एलईडी की तेज रोशनी ने गोरैया की रिप्रोडक्शन पर ऐसा बुरा असर डाला है कि अब यह घरों के आंगन से गायब ही हो गयी। शहर से लेकर गांव तक के हालात ऐसे ही हैं। "Central Avian Research Institute" केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान के रिसर्च में ये बातें निकल कर सामने आयी हैं। CARI के डायरेक्टर डॉ. जगबीर सिंह त्यागी के अनुसार, पहले मोबाइल टावरों की भरमार ने इनके जीवन पर असर डाला और अब एलईडी की तीखी लाइट ने तो इनकी प्रजनन क्षमता पर बुरा प्रभाव डाला है। डॉ. त्यागी ने बताया कि गोरैया अमूमन इंसानी रिहायश के आसपास ही रहना पसंद करते हैं। तेज रोशनी के कारण गोरैया को दिन-रात का भ्रम हो जाता है। इसके कारण मेलाटोनिन हार्मोन का संतुलन गड़बड़ हो गया। CARI की रिसर्च में खुलासा कंक्रीट के घरों में गोरैया के लिए नहीं है कोई घोंसला। मोबाइल टॉवर से निकलने वाली रेडिएशन से भी हो रहा खतरा। टावर से रेडियेशन का बहुत बड़ा खतरा मोबाइल फोन और नेटवर्क टावरों का विस्तार भी गोरैया के अस्तित्व के लिए एक गंभीर खतरा बन चुका है। मोबाइल टावर से निकलने वाली रेडियेशन गोरैया जैसे छोटे पक्षियों के लिए बेहद हानिकारक हो सकती है। ये रेडियेशन पक्षियों के नेविगेशन सिस्टम को प्रभावित करती है, जिससे उनकी दिशा भटक सकती है। यही नहीं, मोबाइल टावरों के पास रहने वाले पक्षियों में प्रजनन में कमी देखी गई है। खाने का कोई साधन नहीं खेती में इस्तेमाल होने वाले रसायन कीड़ों को खत्म कर देते हैं, जिससे गोरैया को पर्याप्त भोजन नहीं मिल पाता है, वहीं पॉल्यूशन और शोर भी उनके व्यवहार और हेल्थ पर नकारात्मक असर डालते है। कीटनाशकों के कारण कीड़ों की संख्या में भारी कमी आई है, जिससे गौरैया के बच्चों को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता। यही कारण है कि उनकी संख्या लगातार घट रही है। पेड़ों की अंधाधुध कटाई ने उसके प्राकृतिक आवास को नष्ट कर दिया है। कंक्रीट के घरों ने छीना गोरैया का आशियाना लोगों की लाइफ स्टाइल के साथ साथ एक और महत्वपूर्ण बदलाव जो गोरैया के अस्तित्व पर असर डाल रहा है, वह है कंक्रीट के घरों का निर्माण, पुराने समय में गोरैया घरों की छतों, झरोखों और दरवाजों के आस-पास अपने घोंसले बना लेती थीं, लेकिन अब कक्रीट और सिमेंट के बने मॉडर्न घरों में गोरैया के लिए कोई जगह ही नहीं बची है। इनमें न तो पुराने मकान जैसी जगहें है और न ही किसी प्रकार की कोई सुरक्षा, साथ ही घरों में हवा के पलो और प्राकृतिक आवास की कमी भी गोरैया के लिए एक बड़ी समस्या बन चुकी है। इसके अलावा, अब नए निर्माण में घरों के आस-पास बगीचों और खुले स्थानों की कमी हो गई। नेचर से खिलाफत सीएआरआई के डायरेक्टर डॉ. जगबीर सिंह त्यागी ने बताया कि न केवल गोरैया बल्कि काफी ऐसे रेयर पक्षी जो अपनी आवाज, अपनी कला और अपने अट्रेक्टिव लुक के लिए फेमस है, वह धीरे धीरे कम होते जा रहे है और इसका सबसे बड़ा कारण है नेचर के साथ छेडछाड, कभी कॉलोनी के नाम पर पेड़ों को काट दिया जाता है, जिसके कारण पॉल्यूशन बढ़ रहा है और हवा में उड़ती जहरीली गैस इन पक्षियों की सेहत के लिए नुकसानदायक है। टैरेस पर कर रहे चिड़ियों का घर जहा एक ओर बिजी लाइफ में लोग इन पक्षियों पर ध्यान नहीं देते है, वहीं दूसरी और कुछ लोग ऐसे है जो वर्ड लवर भी है। जिन्होंने अपनी टैरेस पर छोटे छोटे पानी और दाने से भरे पात्रों को रखा हुआ है। लोगो का मानना है कि गर्मी के मौसम में सबसे ज्यादा पानी की किल्लत पक्षियों और जानवरों को ही होती है। वहीं कई तो ऐसे भी होते है जो न केवल अपनी घर की टैरेस पर, बल्कि बाहर जगह जगह पर पानी से भरा कलश और उनके खाने के लिए अनाज का इंतजाम भी करते हैं।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • Post by हिमांशु गुप्ता समाचार नेशन
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    Post by हिमांशु गुप्ता समाचार नेशन
    user_हिमांशु गुप्ता समाचार नेशन
    हिमांशु गुप्ता समाचार नेशन
    इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    26 min ago
  • प्रयागराज: इंटर स्टेट गैंग आईएस-227 का सरगना माफिया अतीक अहमद एक बार फिर सोशल मीडिया की सुर्खियो में है। यूपी की सबसे बड़ी सनसनी उमेश पाल हत्याकांड और फिर अतीक-अशरफ की हत्या का घटनाक्रम फिल्म धुरंधर 2 में गूंज गया है। ऐसे में सोशल मीडिया पर अतीक के वीडियो,फिल्म की सीन,डायलाग,गैंग के बड़े कारनामों को लेकर बहस छिड़ने लगी है,खासकर अतीक के पाकिस्तानी कनेक्शन को लेकर खूब चर्चा हो रही है। फिल्म देखकर निकल रहे लोगों ने भी इस पर काफी कमेट्स किया है। सोशल मीडिया पर टीका टिप्पणी की भरमार है।
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    प्रयागराज: इंटर स्टेट गैंग आईएस-227 का सरगना माफिया अतीक अहमद एक बार फिर सोशल मीडिया की सुर्खियो में है। यूपी की सबसे बड़ी सनसनी उमेश पाल हत्याकांड और फिर अतीक-अशरफ की हत्या का घटनाक्रम फिल्म धुरंधर 2 में गूंज गया है। ऐसे में सोशल मीडिया पर अतीक के वीडियो,फिल्म की सीन,डायलाग,गैंग के बड़े कारनामों को लेकर बहस छिड़ने लगी है,खासकर अतीक के पाकिस्तानी कनेक्शन को लेकर खूब चर्चा हो रही है। फिल्म देखकर निकल रहे लोगों ने भी इस पर काफी कमेट्स किया है। सोशल मीडिया पर टीका टिप्पणी की भरमार है।
    user_अजय सरोज~पत्रकार
    अजय सरोज~पत्रकार
    Media house इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    27 min ago
  • जनपद प्रयागराज में सुबह से ही मौसम ने अपना मिजाज बदला हुआ है कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई है।
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    जनपद प्रयागराज में सुबह से ही मौसम ने अपना मिजाज बदला हुआ है कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई है।
    user_AT Samachar
    AT Samachar
    Media house प्रयागराज, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • Post by GOPAL JEE
    1
    Post by GOPAL JEE
    user_GOPAL JEE
    GOPAL JEE
    इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • प्रयागराज के कौंधियारा थाना क्षेत्र अंतर्गत जारी बाजार में शुक्रवार की देर रात चोरी की एक बड़ी घटना सामने आई है। चोरों ने एक फर्नीचर की दुकान को निशाना बनाते हुए नगदी, जेवरात और मोबाइल समेत लाखों रुपये का सामान पार कर दिया। घटना से इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं पीड़ित परिवार ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। जानकारी के अनुसार, जारी बाजार निवासी राकेश अग्रहरी की फर्नीचर की दुकान में बीती रात अज्ञात चोर घुस गए। चोरों ने दुकान के अंदर रखी करीब 1 लाख 75 हजार रुपये नकद रकम के साथ सोने की अंगूठी, सोने की चैन और चांदी का छागल समेत लगभग 3 लाख 50 हजार रुपये कीमत के जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। इसके अलावा एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी चोर अपने साथ ले गए। बताया जा रहा है कि चोरी की वारदात के दौरान जब चोर सामान समेटकर भागने की कोशिश कर रहे थे, तभी राकेश अग्रहरी की बेटी की नजर उन पर पड़ गई। उसने तुरंत शोर मचाया और चोरों को रोकने का प्रयास किया। आवाज सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भी जाग गए, लेकिन तब तक चोर मौके से फरार हो चुके थे। हालांकि परिवार के लोगों ने चोरों का पीछा भी किया, लेकिन वे अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। घटना के बाद पीड़ित ने कौंधियारा थाने में लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। इस घटना से स्थानीय व्यापारियों में भी आक्रोश और भय का माहौल बना हुआ है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में रात्रि गश्त की व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके। थाना प्रभारी कौंधियारा कुलदीप शर्मा ने बताया कि पीड़ित की तहरीर प्राप्त हो गई है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, जिससे चोरों की पहचान की जा सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस की जांच जारी है, वहीं पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद है।
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    प्रयागराज के कौंधियारा थाना क्षेत्र अंतर्गत जारी बाजार में शुक्रवार की देर रात चोरी की एक बड़ी घटना सामने आई है। चोरों ने एक फर्नीचर की दुकान को निशाना बनाते हुए नगदी, जेवरात और मोबाइल समेत लाखों रुपये का सामान पार कर दिया। घटना से इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं पीड़ित परिवार ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।
जानकारी के अनुसार, जारी बाजार निवासी राकेश अग्रहरी की फर्नीचर की दुकान में बीती रात अज्ञात चोर घुस गए। चोरों ने दुकान के अंदर रखी करीब 1 लाख 75 हजार रुपये नकद रकम के साथ सोने की अंगूठी, सोने की चैन और चांदी का छागल समेत लगभग 3 लाख 50 हजार रुपये कीमत के जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। इसके अलावा एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी चोर अपने साथ ले गए।
बताया जा रहा है कि चोरी की वारदात के दौरान जब चोर सामान समेटकर भागने की कोशिश कर रहे थे, तभी राकेश अग्रहरी की बेटी की नजर उन पर पड़ गई। उसने तुरंत शोर मचाया और चोरों को रोकने का प्रयास किया। आवाज सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भी जाग गए, लेकिन तब तक चोर मौके से फरार हो चुके थे। हालांकि परिवार के लोगों ने चोरों का पीछा भी किया, लेकिन वे अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।
घटना के बाद पीड़ित ने कौंधियारा थाने में लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। इस घटना से स्थानीय व्यापारियों में भी आक्रोश और भय का माहौल बना हुआ है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में रात्रि गश्त की व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।
थाना प्रभारी कौंधियारा कुलदीप शर्मा ने बताया कि पीड़ित की तहरीर प्राप्त हो गई है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, जिससे चोरों की पहचान की जा सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
पुलिस की जांच जारी है, वहीं पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद है।
    user_Ravendra kumar kesharwani
    Ravendra kumar kesharwani
    इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Post by गुरु ज्ञान
    1
    Post by गुरु ज्ञान
    user_गुरु ज्ञान
    गुरु ज्ञान
    इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • Post by Sanjay Lal
    1
    Post by Sanjay Lal
    user_Sanjay Lal
    Sanjay Lal
    Local News Reporter Allahabad, Prayagraj•
    6 hrs ago
  • Post by हिमांशु गुप्ता समाचार नेशन
    1
    Post by हिमांशु गुप्ता समाचार नेशन
    user_हिमांशु गुप्ता समाचार नेशन
    हिमांशु गुप्ता समाचार नेशन
    इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    40 min ago
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