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महेंद्र पाल सिंह नयागांव
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- Post by Tarun Dixit1
- Post by महेंद्र पाल सिंह नयागांव1
- ग्वालियर मे 26 अप्रैल को माहौर (कोरी) महासभा का 13वा परिचय सम्मेलन चेंबर ऑफ कॉमर्स में होगा आयोजित होगा जिसने लगभग 250 से अधिक युवक- युवतियों का परिचय होगा।1
- प्रीतम लोधी के सपोर्ट में मैदान में उतरे दामोदर यादव कहा एस डी ओपी फेस डी ओपी को ओकात में रहना चाहिए1
- केदारनाथ यात्रा 2026 की शुरुआत में गुजरात के श्रद्धालु की की मौत, प्रशासन पर सवाल..... केदारनाथ यात्रा 2026 की शुरुआत एक दर्दनाक खबर के साथ हुई। Kedarnath Temple के कपाट खुलने के पहले ही दिन गुजरात के श्रद्धालु दिलीप भाई माली की कथित तौर पर हार्ट अटैक से मौत हो गई। परिवार के अनुसार, उनके बेटे ने कई बार हेलिकॉप्टर की मदद से शव को नीचे लाने की गुहार लगाई, लेकिन दावा है कि DGCA के नए नियमों के तहत NOC न होने की वजह से अनुमति नहीं दी गई। यह मामला अब सिर्फ एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं रहा, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर रहा है। क्या सख्त एविएशन नियम आपात स्थिति में भी लागू होने चाहिए? क्या इमरजेंसी के लिए अलग और तेज़ व्यवस्था नहीं होनी चाहिए थी? और सबसे बड़ा सवाल-क्या नियम सभी पर समान रूप से लागू हो रहे हैं, या वीआईपी और आम श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग व्यवस्था है? Uttarakhand में हर साल लाखों श्रद्धालु कठिन परिस्थितियों में इस पवित्र यात्रा पर निकलते हैं। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी सिर्फ व्यवस्था संभालने की नहीं, बल्कि हर आपात स्थिति में तुरंत और मानवीय प्रतिक्रिया देने की भी होती है। यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है-क्या हमारी तैयारियां इस तरह की उच्च जोखिम वाली यात्राओं के लिए पर्याप्त हैं? क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है?1
- डबरा के तहसील परिसर मे प्रतेक मंगलवार को होने बाली जन सुनवाई मे लोग बड़ी आस से आवेदन लेकर आते है, किन्तु महीनो बाद भी समस्या निराकरण नहीं होती1
- *20 दिन से न्याय के लिए भटक रहा दंपति, पुलिस पर FIR दर्ज न करने का आरोप* पिछोर थाना क्षेत्र के रहने वाले पवन वंशकार और उनका परिवार पिछले 20 दिनों से न्याय की आस में दर-दर भटक रहा है। पीड़ित का आरोप है कि उनके साथ कुछ लोगों ने मारपीट की, जातिगत सूचक गालियां दीं और घटना का वीडियो भी बनाया। पवन वंशकार ने इस मामले की शिकायत 31 मार्च 2026 को पिछोर थाना पुलिस से की थी। आरोप है कि पुलिस ने आवेदन तो ले लिया, लेकिन आज दिनांक तक आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की गई। पीड़ित का कहना है कि वह लगातार पुलिस के संपर्क में रहा, लेकिन हर बार उसे टाल दिया गया। न्याय की तलाश में पवन वंशकार पिछोर से डबरा और वहां से ग्वालियर तक वरिष्ठ अधिकारियों के पास पहुंचा, लेकिन कहीं भी उसकी सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार जनसुनवाई के दौरान वह ग्वालियर कलेक्टर से मिला, जहां उसे फिर से पिछोर थाना भेज दिया गया। पीड़ित का आरोप है कि जब वह दोबारा थाने पहुंचा तो उसे यह कहकर लौटा दिया गया कि “आज साहब नहीं हैं, कल आना”। पवन वंशकार अपनी पत्नी और बच्चों के साथ लगातार न्याय के लिए भटक रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर पीड़ित को न्1
- Post by Tarun Dixit1