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मौसम से जुड़ी एक अहम जानकारी के अनुसार, कल से नौतपा की शुरुआत होने जा रही है। बताया गया है कि नौतपा के इन 9 दिनों के दौरान भीषण गर्मी का प्रकोप रहेगा, जो लोगों को झुलसाने वाली होगी।
जनहित आवाज न्यूज़
मौसम से जुड़ी एक अहम जानकारी के अनुसार, कल से नौतपा की शुरुआत होने जा रही है। बताया गया है कि नौतपा के इन 9 दिनों के दौरान भीषण गर्मी का प्रकोप रहेगा, जो लोगों को झुलसाने वाली होगी।
More news from राजस्थान and nearby areas
- जैन साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर जैन समाज द्वारा चौथकाबरवाड़ा में एक मौन जुलूस निकाला गया। इस दौरान, जैन समाज ने अधिकारियों से इस मामले में निष्पक्ष जांच करने की पुरजोर मांग की।1
- गंगापुरसिटी के नगर परिषद वार्ड नंबर 5 में काफी दिनों से सीवरेज चैंबरों के ओवरफ्लो होने की गंभीर समस्या बनी हुई है, जिसका अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है। मुख्य सड़क पर सीवरेज और चैंबरों से लगातार गंदा पानी और लेटरिंग बह रही है, जिससे रास्ते से निकलने वाले राहगीरों और आसपास के घरों में रहने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन ओवरफ्लो चैंबरों से भयानक बदबू निकलती है, जिसके कारण लोगों का खाना-पीना तक दूभर हो गया है और विभिन्न प्रकार की बीमारियाँ पनपने का खतरा बढ़ गया है। जागरूक नागरिकों का कहना है कि वे इस स्थिति से अत्यंत परेशान हैं और यह समझ नहीं पा रहे हैं कि अपनी इन समस्याओं के समाधान के लिए आखिर कहाँ जाएँ। उन्होंने प्रशासन से इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने की मांग की है, अन्यथा मजबूर होकर धरने पर बैठने की चेतावनी दी है। उनका आरोप है कि चेंबर ओवरफ्लो होने से आम जनता त्रस्त है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं।1
- राजस्थान के गंगापुर सिटी में, 20 मई 2026 को रीवा के निकट एक भीषण सड़क दुर्घटना में परम पूज्य आर्यिका श्री श्रुतमति माताजी एवं परम पूज्य आर्यिका श्री उपशममति माताजी के अकाल समाधिमरण के विरोध में, सकल जैन समाज शोक और आक्रोश में है। परम पूज्य आचार्य श्री सुधासागर जी महाराज एवं परम पूज्य मुनि श्री प्रमाणसागर जी महाराज के राष्ट्रीय आह्वान पर, 25 मई 2026 को गंगापुर सिटी में "राष्ट्रीय संत सुरक्षा अभियान" के अंतर्गत एक विनयांजलि सभा और विशाल मौन जुलूस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ प्रातः 8:00 बजे श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में णमोकार मंत्र के सामूहिक पाठ और 2 मिनट के मौन के साथ हुआ, जिसमें दिवंगत तपस्विनी माताजी की आत्मशांति के लिए प्रार्थना की गई। सकल जैन समाज की ओर से नरेंद्र जैन नृपत्या ने माताजी के त्यागपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालते हुए इसे केवल जैन समाज नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता की क्षति बताया। इसके पश्चात, प्रातः 8:30 बजे मंदिर से उप जिला कलेक्टर कार्यालय तक एक अनुशासित मौन जुलूस निकाला गया, जिसमें पुरुष सफेद वस्त्रों और महिलाएं केसरिया साड़ी में थीं। जुलूस में महिलाएं हाथों में धर्म ध्वज लेकर सबसे आगे चल रही थीं, जबकि सैकड़ों समाजबंधु अपनी मांगों के समर्थन में नारे लिखे डिस्प्ले बोर्ड लेकर पूर्ण मौन और दुखी मन से कदमताल कर रहे थे। यह जुलूस जैन स्थानक, बालाजी चौक, खारी बाजार, देवी स्टोर चौराहा और सब्जी मंडी होते हुए उप जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचा, जहाँ शहरवासियों ने पहली बार बिना नारों और शोर के अपनी पीड़ा और मांग को मौन रहकर रखते हुए देखा। पुलिस प्रशासन, जिसमें तहसीलदार मुकेश शर्मा और कोतवाली थाना प्रभारी करण सिंह राठौर शामिल थे, जुलूस के साथ-साथ मौजूद रहा। एसडीएम कार्यालय पर तहसीलदार मुकेश शर्मा और कोतवाली थाना प्रभारी करण सिंह राठौर को दिगंबर जैन समाज अध्यक्ष प्रवीण जैन गंगवाल, श्वेतांबर जैन समाज अध्यक्ष रितेश पल्लीवाल सहित विभिन्न जैन संगठनों के पदाधिकारियों और सैकड़ों जैन बंधुओं व महिलाओं की ओर से एक ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन में छह सूत्रीय प्रमुख मांगें रखी गईं। इनमें रीवा दुर्घटना के दोषी व्यक्ति के विरुद्ध SIT गठित कर कठोरतम कार्रवाई, सभी राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर जैन साधु-संतों के पद विहार हेतु अलग "संत सुरक्षा लेन" का निर्माण, मंगल विहार के समय संबंधित थाने द्वारा पुलिस पेट्रोलिंग सुनिश्चित करना, विहार मार्ग में पड़ने वाले सभी सरकारी विद्यालय और पंचायत भवनों में साधु-संतों के रात्रि विश्राम की स्थाई व्यवस्था, जिला स्तर पर "संत सुरक्षा समन्वय समिति" का गठन, और देशभर में "संत सुरक्षा कोड" लागू कर विहार को सुरक्षित बनाना शामिल था। यह ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, केंद्रीय रक्षा मंत्री, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री, मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार एवं जिला कलेक्टर के नाम प्रेषित किया गया। प्रशासन की ओर से, तहसीलदार मुकेश शर्मा एवं थाना प्रभारी करण सिंह राठौड़ ने समाज को आश्वस्त किया कि सभी ज्ञापन तत्काल उचित माध्यम से उच्च स्तर पर भेजे जाएंगे। उन्होंने स्थानीय स्तर पर जैन साधु-संतों के मंगल विहार, सुरक्षा एवं रात्रि विश्राम से संबंधित व्यवस्थाओं पर तुरंत कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया। कार्यक्रम का समापन उप जिला कलेक्टर प्रांगण में पुनः 2 मिनट णमोकार मंत्र के पाठ और दिवंगत आत्माओं के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गया। इस दौरान शहर के सभी जैन प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद रहे। कार्यक्रम का समापन "जो जगत को शांति देते हैं, उन्हें सुरक्षा दो - यही सच्ची श्रद्धांजलि है" के उद्घोष के साथ हुआ।1
- उनियारा के सकल जैन समाज ने सोमवार सुबह उपखंड अधिकारी के प्रतिनिधि नायब तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपकर जैन साधु-संतों की सुरक्षा हेतु ठोस नीति बनाने की मांग की। यह कदम मध्यप्रदेश के रीवा में हाल ही में हुई एक दुखद सड़क दुर्घटना के मद्देनजर उठाया गया है, जिसमें समाज ने गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया। ज्ञापन में बताया गया कि इस दुर्घटना में परम पूज्य संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महा मुनिराज की शिष्याएं, दिगम्बर जैन साध्वियां आर्यिका मां श्रुत मति माताजी एवं आर्यिका मां उप शममति माताजी का आकस्मिक निधन हो गया। जैन समाज के प्रतिनिधियों ने इस पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जैन साधु-साध्वी आजीवन पदयात्री होते हैं और अहिंसा का पालन करते हुए नंगे पैर पूरे देश में भ्रमण करते हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों और मुख्य मार्गों पर बढ़ते यातायात और तेज रफ्तार वाहनों के कारण उनके साथ दुर्घटनाओं की घटनाएं बढ़ रही हैं। प्रशासन से मांग की गई है कि जैन साधु-संतों के पदविहार के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर एक व्यापक “संत सुरक्षा नीति” लागू की जाए। इसमें पदयात्रा के दौरान अनिवार्य पुलिस एस्कॉर्ट, थाना क्षेत्रों के बीच समन्वय, राजमार्गों पर सुरक्षित लेन और बैरिकेडिंग की व्यवस्था के साथ-साथ दुर्घटनाओं के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी शामिल है। जैन समाज ने अपील की कि संत देश की अमूल्य आध्यात्मिक धरोहर हैं और उनकी सुरक्षा शासन की नैतिक जिम्मेदारी है। समाज ने प्रशासन से शीघ्र आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस मांग को लेकर उनियारा शहर में पुरानी नगर पालिका से उपखंड कार्यालय तक जैन समाज के लोगों और महिलाओं ने मौन धारण कर हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर जुलूस निकाला। ज्ञापन सौंपने वालों में दिगंबर समाज के ब्लॉक अध्यक्ष दिनेश पाटोदी, बाबूलाल कासलीवाल, प्रेमचंद जैन, घासी लाल जैन, ओम प्रकाश जैन, कमल कासलीवाल, पिंटू गोधा, मनीष कासलीवाल, चंद्र प्रकाश जैन सहित सैकड़ों सदस्य और महिलाएं शामिल थीं।4
- आज श्योपुर, मध्य प्रदेश के फेमस बल्लू टी स्टॉल पर घर से आए स्वादिष्ट खाने का आनंद लिया गया। इस खास भोजन में आलू-गोभी की मिक्सर सब्जी, प्याज, तीखा अचार, हरी मिर्च और गरमा-गरम रोटियां शामिल थीं, जिसने खाने के अनुभव को और भी यादगार बना दिया। पोस्ट के अनुसार, घर के खाने में जो अपनापन, प्यार और सुकून होता है, वह कहीं और नहीं मिलता, और ऐसा स्वादिष्ट भोजन शरीर के साथ-साथ दिल को भी खुशी देता है। यह भी बताया गया कि परिवार के हाथों से बना खाना हमेशा खास और यादगार होता है। बल्लू टी स्टॉल की ओर से सभी भाइयों और दोस्तों को प्यार भरा नमस्कार और शुभकामनाएं दी गई हैं।1
- कैमला गांव के ग्रामीणों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश कुमार मीना के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि डॉ. मीना ने शराब के नशे में ग्रामीणों के साथ अभद्र व्यवहार किया। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने चिकित्सा अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर उक्त डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।3
- राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा में श्री दिगंबर जैन समाज ने जैन साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और हाल ही में मध्य प्रदेश में हुई साध्वियों की दुर्घटना की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर एक मौन जुलूस निकाला। जुलूस के उपरांत, समाज के प्रतिनिधियों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर संतों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया। इस विरोध प्रदर्शन में जैन समाज के बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवा और बालक उपस्थित रहे। जैन सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष विनोद कुमार जैन ने इस दौरान बताया कि जैन साधु-संत बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के विहार करते हैं, जिससे उनकी जान को लगातार खतरा बना रहता है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि मध्य प्रदेश में दो साध्वियों का दुर्घटना में समाधि मरण होने की घटना से जैन समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। समाज ने इस घटना की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन में साधु-संतों के लिए तत्काल 'संत सुरक्षा प्रोटोकॉल' लागू करने और राष्ट्रीय स्तर पर 'संत सुरक्षा नीति' बनाने की अपील की गई है। इसके अतिरिक्त, समाज ने संतों के विरुद्ध होने वाले अपराधों को 'विशेष संवेदनशील श्रेणी' में शामिल कर उन पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग उठाई। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के उद्देश्य से प्रशासन और समाज के बीच एक समन्वय तंत्र स्थापित करने की भी मांग रखी गई है।2
- गंगापुर सिटी में सोमवार को जैन समाज ने रीवा के निकट हुए सड़क हादसे में आर्यिका श्रुतमति माताजी एवं आर्यिका उपशममति माताजी के अकाल समाधिमरण के विरोध में "राष्ट्रीय संत सुरक्षा अभियान" के तहत एक ऐतिहासिक मौन जुलूस निकाला। सैकड़ों समाजबंधुओं ने बिना किसी नारेबाजी या प्रदर्शन के शांतिपूर्ण तरीके से संत सुरक्षा की पुरजोर मांग उठाई। जुलूस से पहले सुबह श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में एक विनयांजलि सभा आयोजित की गई, जहाँ णमोकार मंत्र के सामूहिक पाठ और दो मिनट के मौन के साथ दिवंगत संतों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान नरेंद्र जैन नृपत्या ने संतों की सुरक्षा को एक राष्ट्रीय विषय के रूप में रेखांकित किया। इसके उपरांत, पुरुष सफेद वस्त्रों में और महिलाएं केसरिया साड़ियों में सज्जित होकर मंदिर से मिनी सचिवालय तक मौन जुलूस में शामिल हुए। यह जुलूस जैन स्थानक, बालाजी चौक, खारी बाजार, देवी स्टोर चौराहा और सब्जी मंडी होते हुए मिनी सचिवालय पहुँचा, जहाँ समाजबंधुओं के हाथों में संत सुरक्षा संबंधी संदेश लिखे डिस्प्ले बोर्ड थे। मिनी सचिवालय पहुँचकर, दिगंबर जैन समाज अध्यक्ष प्रवीण जैन गंगवाल और श्वेतांबर जैन समाज अध्यक्ष रितेश पल्लीवाल सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री, मुख्यमंत्री और जिला कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में रीवा हादसे की एसआईटी जांच, राजमार्गों पर "संत सुरक्षा लेन" का निर्माण, विहार मार्गों पर पुलिस पेट्रोलिंग और "संत सुरक्षा कोड" लागू करने सहित कुल छह प्रमुख मांगें प्रस्तुत की गईं। इस अवसर पर तहसीलदार मुकेश शर्मा, कोतवाली थाना प्रभारी करण सिंह राठौड़ समेत डॉक्टर पीसी सेठी, निर्मल जैन, अरिहंत जैन, राजेश गंगवाल, सुभाष जैन पांड्या, देवेंद्र जैन पांड्या, महेश जैन, डॉ. मनोज जैन, मोनिका जैन सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु और महिलाएं मौजूद रहीं।1
- गंगापुर सिटी में गुड मॉर्निंग हैप्पीनेस ग्रुप द्वारा एक सामूहिक सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया।1