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राजस्थान के गंगापुर सिटी में, 20 मई 2026 को रीवा के निकट एक भीषण सड़क दुर्घटना में परम पूज्य आर्यिका श्री श्रुतमति माताजी एवं परम पूज्य आर्यिका श्री उपशममति माताजी के अकाल समाधिमरण के विरोध में, सकल जैन समाज शोक और आक्रोश में है। परम पूज्य आचार्य श्री सुधासागर जी महाराज एवं परम पूज्य मुनि श्री प्रमाणसागर जी महाराज के राष्ट्रीय आह्वान पर, 25 मई 2026 को गंगापुर सिटी में "राष्ट्रीय संत सुरक्षा अभियान" के अंतर्गत एक विनयांजलि सभा और विशाल मौन जुलूस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ प्रातः 8:00 बजे श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में णमोकार मंत्र के सामूहिक पाठ और 2 मिनट के मौन के साथ हुआ, जिसमें दिवंगत तपस्विनी माताजी की आत्मशांति के लिए प्रार्थना की गई। सकल जैन समाज की ओर से नरेंद्र जैन नृपत्या ने माताजी के त्यागपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालते हुए इसे केवल जैन समाज नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता की क्षति बताया। इसके पश्चात, प्रातः 8:30 बजे मंदिर से उप जिला कलेक्टर कार्यालय तक एक अनुशासित मौन जुलूस निकाला गया, जिसमें पुरुष सफेद वस्त्रों और महिलाएं केसरिया साड़ी में थीं। जुलूस में महिलाएं हाथों में धर्म ध्वज लेकर सबसे आगे चल रही थीं, जबकि सैकड़ों समाजबंधु अपनी मांगों के समर्थन में नारे लिखे डिस्प्ले बोर्ड लेकर पूर्ण मौन और दुखी मन से कदमताल कर रहे थे। यह जुलूस जैन स्थानक, बालाजी चौक, खारी बाजार, देवी स्टोर चौराहा और सब्जी मंडी होते हुए उप जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचा, जहाँ शहरवासियों ने पहली बार बिना नारों और शोर के अपनी पीड़ा और मांग को मौन रहकर रखते हुए देखा। पुलिस प्रशासन, जिसमें तहसीलदार मुकेश शर्मा और कोतवाली थाना प्रभारी करण सिंह राठौर शामिल थे, जुलूस के साथ-साथ मौजूद रहा। एसडीएम कार्यालय पर तहसीलदार मुकेश शर्मा और कोतवाली थाना प्रभारी करण सिंह राठौर को दिगंबर जैन समाज अध्यक्ष प्रवीण जैन गंगवाल, श्वेतांबर जैन समाज अध्यक्ष रितेश पल्लीवाल सहित विभिन्न जैन संगठनों के पदाधिकारियों और सैकड़ों जैन बंधुओं व महिलाओं की ओर से एक ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन में छह सूत्रीय प्रमुख मांगें रखी गईं। इनमें रीवा दुर्घटना के दोषी व्यक्ति के विरुद्ध SIT गठित कर कठोरतम कार्रवाई, सभी राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर जैन साधु-संतों के पद विहार हेतु अलग "संत सुरक्षा लेन" का निर्माण, मंगल विहार के समय संबंधित थाने द्वारा पुलिस पेट्रोलिंग सुनिश्चित करना, विहार मार्ग में पड़ने वाले सभी सरकारी विद्यालय और पंचायत भवनों में साधु-संतों के रात्रि विश्राम की स्थाई व्यवस्था, जिला स्तर पर "संत सुरक्षा समन्वय समिति" का गठन, और देशभर में "संत सुरक्षा कोड" लागू कर विहार को सुरक्षित बनाना शामिल था। यह ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, केंद्रीय रक्षा मंत्री, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री, मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार एवं जिला कलेक्टर के नाम प्रेषित किया गया। प्रशासन की ओर से, तहसीलदार मुकेश शर्मा एवं थाना प्रभारी करण सिंह राठौड़ ने समाज को आश्वस्त किया कि सभी ज्ञापन तत्काल उचित माध्यम से उच्च स्तर पर भेजे जाएंगे। उन्होंने स्थानीय स्तर पर जैन साधु-संतों के मंगल विहार, सुरक्षा एवं रात्रि विश्राम से संबंधित व्यवस्थाओं पर तुरंत कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया। कार्यक्रम का समापन उप जिला कलेक्टर प्रांगण में पुनः 2 मिनट णमोकार मंत्र के पाठ और दिवंगत आत्माओं के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गया। इस दौरान शहर के सभी जैन प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद रहे। कार्यक्रम का समापन "जो जगत को शांति देते हैं, उन्हें सुरक्षा दो - यही सच्ची श्रद्धांजलि है" के उद्घोष के साथ हुआ।

1 hr ago
user_Anil Kumar journalist
Anil Kumar journalist
Rajasthan TV news buro chief Gangapur, Sawai Madhopur•
1 hr ago

राजस्थान के गंगापुर सिटी में, 20 मई 2026 को रीवा के निकट एक भीषण सड़क दुर्घटना में परम पूज्य आर्यिका श्री श्रुतमति माताजी एवं परम पूज्य आर्यिका श्री उपशममति माताजी के अकाल समाधिमरण के विरोध में, सकल जैन समाज शोक और आक्रोश में है। परम पूज्य आचार्य श्री सुधासागर जी महाराज एवं परम पूज्य मुनि श्री प्रमाणसागर जी महाराज के राष्ट्रीय आह्वान पर, 25 मई 2026 को गंगापुर सिटी में "राष्ट्रीय संत सुरक्षा अभियान" के अंतर्गत एक विनयांजलि सभा और विशाल मौन जुलूस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ प्रातः 8:00 बजे श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में णमोकार मंत्र के सामूहिक पाठ और 2 मिनट के मौन के साथ हुआ, जिसमें दिवंगत तपस्विनी माताजी की आत्मशांति के लिए प्रार्थना की गई। सकल जैन समाज की ओर से नरेंद्र जैन नृपत्या ने माताजी के त्यागपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालते हुए इसे केवल जैन समाज नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता की क्षति बताया। इसके पश्चात, प्रातः 8:30 बजे मंदिर से उप जिला कलेक्टर कार्यालय तक एक अनुशासित मौन जुलूस निकाला गया, जिसमें पुरुष सफेद वस्त्रों और महिलाएं केसरिया साड़ी में थीं। जुलूस में महिलाएं हाथों में धर्म ध्वज लेकर सबसे आगे चल रही थीं, जबकि सैकड़ों समाजबंधु अपनी मांगों के समर्थन में नारे लिखे डिस्प्ले बोर्ड लेकर पूर्ण मौन और दुखी मन से कदमताल कर रहे थे। यह जुलूस जैन स्थानक, बालाजी चौक, खारी बाजार, देवी स्टोर चौराहा और सब्जी मंडी होते हुए उप जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचा, जहाँ शहरवासियों ने पहली बार बिना नारों और शोर के अपनी पीड़ा और मांग को मौन रहकर रखते हुए देखा। पुलिस प्रशासन, जिसमें तहसीलदार मुकेश शर्मा और कोतवाली थाना प्रभारी करण सिंह राठौर शामिल थे, जुलूस के साथ-साथ मौजूद रहा। एसडीएम कार्यालय पर तहसीलदार मुकेश शर्मा और कोतवाली थाना प्रभारी करण सिंह राठौर को दिगंबर जैन समाज अध्यक्ष प्रवीण जैन गंगवाल, श्वेतांबर जैन समाज अध्यक्ष रितेश पल्लीवाल सहित विभिन्न जैन संगठनों के पदाधिकारियों और सैकड़ों जैन बंधुओं व महिलाओं की ओर से एक ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन में छह सूत्रीय प्रमुख मांगें रखी गईं। इनमें रीवा दुर्घटना के दोषी व्यक्ति के विरुद्ध SIT गठित कर कठोरतम कार्रवाई, सभी राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर जैन साधु-संतों के पद विहार हेतु अलग "संत सुरक्षा लेन" का निर्माण, मंगल विहार के समय संबंधित थाने द्वारा पुलिस पेट्रोलिंग सुनिश्चित करना, विहार मार्ग में पड़ने वाले सभी सरकारी विद्यालय और पंचायत भवनों में साधु-संतों के रात्रि विश्राम की स्थाई व्यवस्था, जिला स्तर पर "संत सुरक्षा समन्वय समिति" का गठन, और देशभर में "संत सुरक्षा कोड" लागू कर विहार को सुरक्षित बनाना शामिल था। यह ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, केंद्रीय रक्षा मंत्री, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री, मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार एवं जिला कलेक्टर के नाम प्रेषित किया गया। प्रशासन की ओर से, तहसीलदार मुकेश शर्मा एवं थाना प्रभारी करण सिंह राठौड़ ने समाज को आश्वस्त किया कि सभी ज्ञापन तत्काल उचित माध्यम से उच्च स्तर पर भेजे जाएंगे। उन्होंने स्थानीय स्तर पर जैन साधु-संतों के मंगल विहार, सुरक्षा एवं रात्रि विश्राम से संबंधित व्यवस्थाओं पर तुरंत कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया। कार्यक्रम का समापन उप जिला कलेक्टर प्रांगण में पुनः 2 मिनट णमोकार मंत्र के पाठ और दिवंगत आत्माओं के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गया। इस दौरान शहर के सभी जैन प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद रहे। कार्यक्रम का समापन "जो जगत को शांति देते हैं, उन्हें सुरक्षा दो - यही सच्ची श्रद्धांजलि है" के उद्घोष के साथ हुआ।

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  • राजस्थान के गंगापुर सिटी में, 20 मई 2026 को रीवा के निकट एक भीषण सड़क दुर्घटना में परम पूज्य आर्यिका श्री श्रुतमति माताजी एवं परम पूज्य आर्यिका श्री उपशममति माताजी के अकाल समाधिमरण के विरोध में, सकल जैन समाज शोक और आक्रोश में है। परम पूज्य आचार्य श्री सुधासागर जी महाराज एवं परम पूज्य मुनि श्री प्रमाणसागर जी महाराज के राष्ट्रीय आह्वान पर, 25 मई 2026 को गंगापुर सिटी में "राष्ट्रीय संत सुरक्षा अभियान" के अंतर्गत एक विनयांजलि सभा और विशाल मौन जुलूस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ प्रातः 8:00 बजे श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में णमोकार मंत्र के सामूहिक पाठ और 2 मिनट के मौन के साथ हुआ, जिसमें दिवंगत तपस्विनी माताजी की आत्मशांति के लिए प्रार्थना की गई। सकल जैन समाज की ओर से नरेंद्र जैन नृपत्या ने माताजी के त्यागपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालते हुए इसे केवल जैन समाज नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता की क्षति बताया। इसके पश्चात, प्रातः 8:30 बजे मंदिर से उप जिला कलेक्टर कार्यालय तक एक अनुशासित मौन जुलूस निकाला गया, जिसमें पुरुष सफेद वस्त्रों और महिलाएं केसरिया साड़ी में थीं। जुलूस में महिलाएं हाथों में धर्म ध्वज लेकर सबसे आगे चल रही थीं, जबकि सैकड़ों समाजबंधु अपनी मांगों के समर्थन में नारे लिखे डिस्प्ले बोर्ड लेकर पूर्ण मौन और दुखी मन से कदमताल कर रहे थे। यह जुलूस जैन स्थानक, बालाजी चौक, खारी बाजार, देवी स्टोर चौराहा और सब्जी मंडी होते हुए उप जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचा, जहाँ शहरवासियों ने पहली बार बिना नारों और शोर के अपनी पीड़ा और मांग को मौन रहकर रखते हुए देखा। पुलिस प्रशासन, जिसमें तहसीलदार मुकेश शर्मा और कोतवाली थाना प्रभारी करण सिंह राठौर शामिल थे, जुलूस के साथ-साथ मौजूद रहा। एसडीएम कार्यालय पर तहसीलदार मुकेश शर्मा और कोतवाली थाना प्रभारी करण सिंह राठौर को दिगंबर जैन समाज अध्यक्ष प्रवीण जैन गंगवाल, श्वेतांबर जैन समाज अध्यक्ष रितेश पल्लीवाल सहित विभिन्न जैन संगठनों के पदाधिकारियों और सैकड़ों जैन बंधुओं व महिलाओं की ओर से एक ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन में छह सूत्रीय प्रमुख मांगें रखी गईं। इनमें रीवा दुर्घटना के दोषी व्यक्ति के विरुद्ध SIT गठित कर कठोरतम कार्रवाई, सभी राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर जैन साधु-संतों के पद विहार हेतु अलग "संत सुरक्षा लेन" का निर्माण, मंगल विहार के समय संबंधित थाने द्वारा पुलिस पेट्रोलिंग सुनिश्चित करना, विहार मार्ग में पड़ने वाले सभी सरकारी विद्यालय और पंचायत भवनों में साधु-संतों के रात्रि विश्राम की स्थाई व्यवस्था, जिला स्तर पर "संत सुरक्षा समन्वय समिति" का गठन, और देशभर में "संत सुरक्षा कोड" लागू कर विहार को सुरक्षित बनाना शामिल था। यह ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, केंद्रीय रक्षा मंत्री, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री, मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार एवं जिला कलेक्टर के नाम प्रेषित किया गया। प्रशासन की ओर से, तहसीलदार मुकेश शर्मा एवं थाना प्रभारी करण सिंह राठौड़ ने समाज को आश्वस्त किया कि सभी ज्ञापन तत्काल उचित माध्यम से उच्च स्तर पर भेजे जाएंगे। उन्होंने स्थानीय स्तर पर जैन साधु-संतों के मंगल विहार, सुरक्षा एवं रात्रि विश्राम से संबंधित व्यवस्थाओं पर तुरंत कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया। कार्यक्रम का समापन उप जिला कलेक्टर प्रांगण में पुनः 2 मिनट णमोकार मंत्र के पाठ और दिवंगत आत्माओं के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गया। इस दौरान शहर के सभी जैन प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद रहे। कार्यक्रम का समापन "जो जगत को शांति देते हैं, उन्हें सुरक्षा दो - यही सच्ची श्रद्धांजलि है" के उद्घोष के साथ हुआ।
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    राजस्थान के गंगापुर सिटी में, 20 मई 2026 को रीवा के निकट एक भीषण सड़क दुर्घटना में परम पूज्य आर्यिका श्री श्रुतमति माताजी एवं परम पूज्य आर्यिका श्री उपशममति माताजी के अकाल समाधिमरण के विरोध में, सकल जैन समाज शोक और आक्रोश में है। परम पूज्य आचार्य श्री सुधासागर जी महाराज एवं परम पूज्य मुनि श्री प्रमाणसागर जी महाराज के राष्ट्रीय आह्वान पर, 25 मई 2026 को गंगापुर सिटी में "राष्ट्रीय संत सुरक्षा अभियान" के अंतर्गत एक विनयांजलि सभा और विशाल मौन जुलूस का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का प्रारंभ प्रातः 8:00 बजे श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में णमोकार मंत्र के सामूहिक पाठ और 2 मिनट के मौन के साथ हुआ, जिसमें दिवंगत तपस्विनी माताजी की आत्मशांति के लिए प्रार्थना की गई। सकल जैन समाज की ओर से नरेंद्र जैन नृपत्या ने माताजी के त्यागपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालते हुए इसे केवल जैन समाज नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता की क्षति बताया। इसके पश्चात, प्रातः 8:30 बजे मंदिर से उप जिला कलेक्टर कार्यालय तक एक अनुशासित मौन जुलूस निकाला गया, जिसमें पुरुष सफेद वस्त्रों और महिलाएं केसरिया साड़ी में थीं। जुलूस में महिलाएं हाथों में धर्म ध्वज लेकर सबसे आगे चल रही थीं, जबकि सैकड़ों समाजबंधु अपनी मांगों के समर्थन में नारे लिखे डिस्प्ले बोर्ड लेकर पूर्ण मौन और दुखी मन से कदमताल कर रहे थे। यह जुलूस जैन स्थानक, बालाजी चौक, खारी बाजार, देवी स्टोर चौराहा और सब्जी मंडी होते हुए उप जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचा, जहाँ शहरवासियों ने पहली बार बिना नारों और शोर के अपनी पीड़ा और मांग को मौन रहकर रखते हुए देखा। पुलिस प्रशासन, जिसमें तहसीलदार मुकेश शर्मा और कोतवाली थाना प्रभारी करण सिंह राठौर शामिल थे, जुलूस के साथ-साथ मौजूद रहा।

एसडीएम कार्यालय पर तहसीलदार मुकेश शर्मा और कोतवाली थाना प्रभारी करण सिंह राठौर को दिगंबर जैन समाज अध्यक्ष प्रवीण जैन गंगवाल, श्वेतांबर जैन समाज अध्यक्ष रितेश पल्लीवाल सहित विभिन्न जैन संगठनों के पदाधिकारियों और सैकड़ों जैन बंधुओं व महिलाओं की ओर से एक ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन में छह सूत्रीय प्रमुख मांगें रखी गईं। इनमें रीवा दुर्घटना के दोषी व्यक्ति के विरुद्ध SIT गठित कर कठोरतम कार्रवाई, सभी राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर जैन साधु-संतों के पद विहार हेतु अलग "संत सुरक्षा लेन" का निर्माण, मंगल विहार के समय संबंधित थाने द्वारा पुलिस पेट्रोलिंग सुनिश्चित करना, विहार मार्ग में पड़ने वाले सभी सरकारी विद्यालय और पंचायत भवनों में साधु-संतों के रात्रि विश्राम की स्थाई व्यवस्था, जिला स्तर पर "संत सुरक्षा समन्वय समिति" का गठन, और देशभर में "संत सुरक्षा कोड" लागू कर विहार को सुरक्षित बनाना शामिल था। यह ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, केंद्रीय रक्षा मंत्री, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री, मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार एवं जिला कलेक्टर के नाम प्रेषित किया गया।

प्रशासन की ओर से, तहसीलदार मुकेश शर्मा एवं थाना प्रभारी करण सिंह राठौड़ ने समाज को आश्वस्त किया कि सभी ज्ञापन तत्काल उचित माध्यम से उच्च स्तर पर भेजे जाएंगे। उन्होंने स्थानीय स्तर पर जैन साधु-संतों के मंगल विहार, सुरक्षा एवं रात्रि विश्राम से संबंधित व्यवस्थाओं पर तुरंत कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया। कार्यक्रम का समापन उप जिला कलेक्टर प्रांगण में पुनः 2 मिनट णमोकार मंत्र के पाठ और दिवंगत आत्माओं के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गया। इस दौरान शहर के सभी जैन प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद रहे। कार्यक्रम का समापन "जो जगत को शांति देते हैं, उन्हें सुरक्षा दो - यही सच्ची श्रद्धांजलि है" के उद्घोष के साथ हुआ।
    user_Anil Kumar journalist
    Anil Kumar journalist
    Rajasthan TV news buro chief Gangapur, Sawai Madhopur•
    1 hr ago
  • गंगापुर सिटी और आसपास के इलाकों में पिछले चार-पांच दिनों से भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पिछले तीन-चार दिनों से अधिकतम तापमान लगातार 44 डिग्री सेल्सियस पर बना हुआ है। सुबह सूरज निकलने के साथ ही गर्मी का असर महसूस होने लगता है और सुबह 11 बजे तक सूरज आग उगलने लगता है। दोपहर होते-होते धरती तपने लगती है और लू के तेज थपेड़े लोगों को बेहाल कर रहे हैं। तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है, लोग केवल बहुत जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। शाम ढलने के बाद ही बाजारों में कुछ चहल-पहल दिखाई देती है। रात में भी गर्मी से कोई राहत नहीं मिल रही है, जिससे लोग ठीक से सो नहीं पा रहे हैं। इस भीषण गर्मी का सबसे अधिक असर दिहाड़ी मजदूरों, राहगीरों और शादी-विवाह वाले घरों में आने-जाने वाले लोगों पर पड़ रहा है। कूलर और पंखे भी गर्म हवा फेंक रहे हैं, जिससे लोग थोड़ी-थोड़ी देर में छांव और ठंडे पानी की तलाश में रहते हैं। बाजारों में पंखे, कूलर और ठंडे पेय पदार्थों की मांग काफी बढ़ गई है। भीषण गर्मी का असर पशु-पक्षियों पर भी साफ दिख रहा है, जहां मवेशी पेड़ों की छांव में जमावड़ा लगाए हुए हैं और पक्षी पानी की तलाश में भटक रहे हैं। बढ़ते तापमान के कारण लोग मौसमी बीमारियों और हीट स्ट्रोक की चपेट में आने लगे हैं। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि लोग दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और हल्के सूती कपड़े पहनें ताकि गर्मी के दुष्प्रभावों से बचा जा सके।
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    गंगापुर सिटी और आसपास के इलाकों में पिछले चार-पांच दिनों से भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पिछले तीन-चार दिनों से अधिकतम तापमान लगातार 44 डिग्री सेल्सियस पर बना हुआ है। सुबह सूरज निकलने के साथ ही गर्मी का असर महसूस होने लगता है और सुबह 11 बजे तक सूरज आग उगलने लगता है। दोपहर होते-होते धरती तपने लगती है और लू के तेज थपेड़े लोगों को बेहाल कर रहे हैं।

तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है, लोग केवल बहुत जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। शाम ढलने के बाद ही बाजारों में कुछ चहल-पहल दिखाई देती है। रात में भी गर्मी से कोई राहत नहीं मिल रही है, जिससे लोग ठीक से सो नहीं पा रहे हैं। इस भीषण गर्मी का सबसे अधिक असर दिहाड़ी मजदूरों, राहगीरों और शादी-विवाह वाले घरों में आने-जाने वाले लोगों पर पड़ रहा है। कूलर और पंखे भी गर्म हवा फेंक रहे हैं, जिससे लोग थोड़ी-थोड़ी देर में छांव और ठंडे पानी की तलाश में रहते हैं। बाजारों में पंखे, कूलर और ठंडे पेय पदार्थों की मांग काफी बढ़ गई है।

भीषण गर्मी का असर पशु-पक्षियों पर भी साफ दिख रहा है, जहां मवेशी पेड़ों की छांव में जमावड़ा लगाए हुए हैं और पक्षी पानी की तलाश में भटक रहे हैं। बढ़ते तापमान के कारण लोग मौसमी बीमारियों और हीट स्ट्रोक की चपेट में आने लगे हैं। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि लोग दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और हल्के सूती कपड़े पहनें ताकि गर्मी के दुष्प्रभावों से बचा जा सके।
    user_Uttam Kumar Meena
    Uttam Kumar Meena
    Media and information sciences faculty गंगापुर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • सवाईमाधोपुर जिले की बामनवास तहसील के शफीपुरा ग्राम की बाड़े वाली ढाणी में जिला कलेक्टर द्वारा चलाए जा रहे “रास्ता खोलो अभियान” के तहत एक बड़ी कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई में लगभग 10 वर्षों से अवरुद्ध पड़े रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। यह अभियान तहसीलदार मेघा मीणा के नेतृत्व में राजस्व टीम और ग्राम पंचायत शफीपुरा की मौजूदगी में सम्पन्न हुआ। रास्ता खुलने से गांव के करीब 200 लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिली है। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे जनहित में एक अहम कदम बताया है।
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    सवाईमाधोपुर जिले की बामनवास तहसील के शफीपुरा ग्राम की बाड़े वाली ढाणी में जिला कलेक्टर द्वारा चलाए जा रहे “रास्ता खोलो अभियान” के तहत एक बड़ी कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई में लगभग 10 वर्षों से अवरुद्ध पड़े रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। यह अभियान तहसीलदार मेघा मीणा के नेतृत्व में राजस्व टीम और ग्राम पंचायत शफीपुरा की मौजूदगी में सम्पन्न हुआ।

रास्ता खुलने से गांव के करीब 200 लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिली है। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे जनहित में एक अहम कदम बताया है।
    user_Sudeep Kumar Gaur
    Sudeep Kumar Gaur
    Local News Reporter बामनवास, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    44 min ago
  • करौली जिले के हिंडौन तहसील के टोडूपुरा गांव निवासी नेम सिंह मीणा को राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ की कार्यकारिणी में प्रदेश संगठन मंत्री के रूप में निर्विरोध निर्वाचित किया गया है। सोमवार दोपहर 3 बजे मिली जानकारी के अनुसार, राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ, जयपुर के प्रांतीय कार्यकारिणी के चुनाव खाटूश्याम में संपन्न हुए। इस चुनाव में नेम सिंह मीणा के साथ प्रदेश अध्यक्ष महावीर शर्मा और महामंत्री शिवराज चौधरी भी निर्विरोध चुने गए। उल्लेखनीय है कि नेम सिंह मीणा इससे पहले प्रदेश में आई टी मंत्री के पद पर भी रह चुके हैं। उनके इस निर्विरोध निर्वाचन पर क्षेत्र के लोगों ने गहरी खुशी व्यक्त की है।
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    करौली जिले के हिंडौन तहसील के टोडूपुरा गांव निवासी नेम सिंह मीणा को राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ की कार्यकारिणी में प्रदेश संगठन मंत्री के रूप में निर्विरोध निर्वाचित किया गया है। सोमवार दोपहर 3 बजे मिली जानकारी के अनुसार, राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ, जयपुर के प्रांतीय कार्यकारिणी के चुनाव खाटूश्याम में संपन्न हुए। इस चुनाव में नेम सिंह मीणा के साथ प्रदेश अध्यक्ष महावीर शर्मा और महामंत्री शिवराज चौधरी भी निर्विरोध चुने गए।

उल्लेखनीय है कि नेम सिंह मीणा इससे पहले प्रदेश में आई टी मंत्री के पद पर भी रह चुके हैं। उनके इस निर्विरोध निर्वाचन पर क्षेत्र के लोगों ने गहरी खुशी व्यक्त की है।
    user_RK LIVE KARAULI
    RK LIVE KARAULI
    Court reporter करौली, करौली, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • सपोटरा क्षेत्र के गोठरा गांव में कुछ लोगों ने एक घर में घुसकर महिलाओं पर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया, जिसमें मां और पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गोठरा निवासी रवि मीणा ने पुलिस को दी अपनी रिपोर्ट में बताया कि 2 मई की शाम वह गांव की सरकारी स्कूल के पास विष्णु महावर के साथ बैठे थे, तभी धबले मीणा वहाँ आया और उनके साथ गाली-गलौज करने लगा। बाद में जब रवि ने विष्णु महावर को फोन कर गाली देने का कारण पूछा, तो धबले मीणा और भूर सिंह मीणा ने कथित तौर पर उनका फोन छीन लिया, उन्हें धमकियां दीं और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इस घटना की सूचना भी पुलिस को दी गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उसी रात करीब साढ़े आठ से नौ बजे के बीच भूर सिंह मीणा, धबले मीणा, गिर्राज मीणा, रमेश मीणा, मान सिंह मीणा और लाली मीणा लाठी, गंडासा, कुल्हाड़ी और फरसे जैसे धारदार हथियार लेकर रवि मीणा के घर में घुस गए। उस समय घर पर उनकी माता और पत्नी मौजूद थीं। आरोप है कि आरोपियों ने घर में घुसते ही गाली-गलौज की और रवि मीणा को जान से मारने की धमकी दी। इसी दौरान भूर सिंह मीणा ने गंडासे से रवि की माता के सिर पर हमला किया, जिससे उनका सिर फट गया। धबले मीणा और रमेश मीणा ने रवि की पत्नी पर कुल्हाड़ी से वार किया, जिससे उनका हाथ टूट गया। इसके बाद सभी आरोपियों ने मिलकर दोनों महिलाओं के साथ बेरहमी से मारपीट की। घटना के बाद रवि मीणा जब घर पहुंचे, तो दोनों महिलाएं लहूलुहान हालत में मिलीं। परिजनों ने उन्हें तुरंत सपोटरा अस्पताल पहुंचाया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें करौली जिला अस्पताल रेफर किया गया, और बाद में जयपुर रेफर कर दिया गया। रवि मीणा ने बताया कि घायलों के उपचार में व्यस्त रहने के कारण वह तत्काल रिपोर्ट दर्ज नहीं करवा सके। बाद में सपोटरा थाने में रिपोर्ट दी गई और पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। रविवार को पुलिस ने उप जिला अस्पताल में परिवादी और घायलों का मेडिकल मुआयना भी करवाया। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि मामला दर्ज होने के बावजूद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और उनकी गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है, जिसे लेकर परिजनों में रोष व्याप्त है।
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    सपोटरा क्षेत्र के गोठरा गांव में कुछ लोगों ने एक घर में घुसकर महिलाओं पर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया, जिसमें मां और पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

गोठरा निवासी रवि मीणा ने पुलिस को दी अपनी रिपोर्ट में बताया कि 2 मई की शाम वह गांव की सरकारी स्कूल के पास विष्णु महावर के साथ बैठे थे, तभी धबले मीणा वहाँ आया और उनके साथ गाली-गलौज करने लगा। बाद में जब रवि ने विष्णु महावर को फोन कर गाली देने का कारण पूछा, तो धबले मीणा और भूर सिंह मीणा ने कथित तौर पर उनका फोन छीन लिया, उन्हें धमकियां दीं और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इस घटना की सूचना भी पुलिस को दी गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, उसी रात करीब साढ़े आठ से नौ बजे के बीच भूर सिंह मीणा, धबले मीणा, गिर्राज मीणा, रमेश मीणा, मान सिंह मीणा और लाली मीणा लाठी, गंडासा, कुल्हाड़ी और फरसे जैसे धारदार हथियार लेकर रवि मीणा के घर में घुस गए। उस समय घर पर उनकी माता और पत्नी मौजूद थीं। आरोप है कि आरोपियों ने घर में घुसते ही गाली-गलौज की और रवि मीणा को जान से मारने की धमकी दी। इसी दौरान भूर सिंह मीणा ने गंडासे से रवि की माता के सिर पर हमला किया, जिससे उनका सिर फट गया। धबले मीणा और रमेश मीणा ने रवि की पत्नी पर कुल्हाड़ी से वार किया, जिससे उनका हाथ टूट गया। इसके बाद सभी आरोपियों ने मिलकर दोनों महिलाओं के साथ बेरहमी से मारपीट की।

घटना के बाद रवि मीणा जब घर पहुंचे, तो दोनों महिलाएं लहूलुहान हालत में मिलीं। परिजनों ने उन्हें तुरंत सपोटरा अस्पताल पहुंचाया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें करौली जिला अस्पताल रेफर किया गया, और बाद में जयपुर रेफर कर दिया गया। रवि मीणा ने बताया कि घायलों के उपचार में व्यस्त रहने के कारण वह तत्काल रिपोर्ट दर्ज नहीं करवा सके। बाद में सपोटरा थाने में रिपोर्ट दी गई और पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। रविवार को पुलिस ने उप जिला अस्पताल में परिवादी और घायलों का मेडिकल मुआयना भी करवाया।

पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि मामला दर्ज होने के बावजूद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और उनकी गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है, जिसे लेकर परिजनों में रोष व्याप्त है।
    user_Devendra Kumar Sihra
    Devendra Kumar Sihra
    Teacher सपोटरा, करौली, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • दौसा जिले के सिकराय ब्लॉक में 'वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान' के तहत घूमना गाँव स्थित माधो सागर बांध और मोरा माता मंदिर पर एक ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विकास अधिकारी देशवीर सिंह और सरपंच संघ अध्यक्ष विपिन मीना की उपस्थिति रही। कार्यक्रम की शुरुआत मोरा माता मंदिर से निकाली गई एक भव्य कलश यात्रा के साथ हुई, जिसमें महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर पौधारोपण किया गया और पीपल पूजन कर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। आयोजन के अंत में, उपस्थित सभी महिला-पुरुषों को जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर विकास अधिकारी देशवीर सिंह ने जल संकट को देखते हुए बारिश के पानी को व्यर्थ न बहने देने की आवश्यकता पर जोर दिया, साथ ही अधिक से अधिक पौधारोपण करके पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की अपील की।
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    दौसा जिले के सिकराय ब्लॉक में 'वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान' के तहत घूमना गाँव स्थित माधो सागर बांध और मोरा माता मंदिर पर एक ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विकास अधिकारी देशवीर सिंह और सरपंच संघ अध्यक्ष विपिन मीना की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम की शुरुआत मोरा माता मंदिर से निकाली गई एक भव्य कलश यात्रा के साथ हुई, जिसमें महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर पौधारोपण किया गया और पीपल पूजन कर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।

आयोजन के अंत में, उपस्थित सभी महिला-पुरुषों को जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर विकास अधिकारी देशवीर सिंह ने जल संकट को देखते हुए बारिश के पानी को व्यर्थ न बहने देने की आवश्यकता पर जोर दिया, साथ ही अधिक से अधिक पौधारोपण करके पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की अपील की।
    user_पुष्पेन्द्र घूमना
    पुष्पेन्द्र घूमना
    Sikrai, Dausa•
    44 min ago
  • जयपुर के हरमाड़ा थाना क्षेत्र में लोहा मंडी के पास दोपहर करीब 3 बजे एक तेज रफ्तार कार ने सड़क पार कर रहे बाइक सवार दंपती को जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में तरुपति विहार निवासी पुष्पेंद्र सिंह और उनकी पत्नी वंदना कंवर बाइक सहित लगभग 20 फीट दूर उछलकर गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही हरमाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुँची और दोनों घायल दंपती को अस्पताल में भर्ती करवाया। थानाधिकारी (SHO) उदयभान के अनुसार, टक्कर मारने के बाद कार चालक अपनी गाड़ी को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है और अब फरार ड्राइवर की तलाश में जुट गई है। यह घटना एक बार फिर उजागर करती है कि सड़क पर तेज रफ्तार और लापरवाही कितनी जानलेवा साबित हो सकती है। इस पर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर ओवर स्पीडिंग को रोकने के लिए क्या सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
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    जयपुर के हरमाड़ा थाना क्षेत्र में लोहा मंडी के पास दोपहर करीब 3 बजे एक तेज रफ्तार कार ने सड़क पार कर रहे बाइक सवार दंपती को जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में तरुपति विहार निवासी पुष्पेंद्र सिंह और उनकी पत्नी वंदना कंवर बाइक सहित लगभग 20 फीट दूर उछलकर गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए।

सूचना मिलते ही हरमाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुँची और दोनों घायल दंपती को अस्पताल में भर्ती करवाया। थानाधिकारी (SHO) उदयभान के अनुसार, टक्कर मारने के बाद कार चालक अपनी गाड़ी को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है और अब फरार ड्राइवर की तलाश में जुट गई है।

यह घटना एक बार फिर उजागर करती है कि सड़क पर तेज रफ्तार और लापरवाही कितनी जानलेवा साबित हो सकती है। इस पर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर ओवर स्पीडिंग को रोकने के लिए क्या सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
    user_VK News Rajasthan
    VK News Rajasthan
    Farmer राहुवास, दौसा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • गंगापुर सिटी में गुड मॉर्निंग हैप्पीनेस ग्रुप द्वारा एक सामूहिक सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया।
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    गंगापुर सिटी में गुड मॉर्निंग हैप्पीनेस ग्रुप द्वारा एक सामूहिक सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया।
    user_Anil Kumar journalist
    Anil Kumar journalist
    Rajasthan TV news buro chief Gangapur, Sawai Madhopur•
    2 hrs ago
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