सपोटरा क्षेत्र के गोठरा गांव में कुछ लोगों ने एक घर में घुसकर महिलाओं पर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया, जिसमें मां और पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गोठरा निवासी रवि मीणा ने पुलिस को दी अपनी रिपोर्ट में बताया कि 2 मई की शाम वह गांव की सरकारी स्कूल के पास विष्णु महावर के साथ बैठे थे, तभी धबले मीणा वहाँ आया और उनके साथ गाली-गलौज करने लगा। बाद में जब रवि ने विष्णु महावर को फोन कर गाली देने का कारण पूछा, तो धबले मीणा और भूर सिंह मीणा ने कथित तौर पर उनका फोन छीन लिया, उन्हें धमकियां दीं और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इस घटना की सूचना भी पुलिस को दी गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उसी रात करीब साढ़े आठ से नौ बजे के बीच भूर सिंह मीणा, धबले मीणा, गिर्राज मीणा, रमेश मीणा, मान सिंह मीणा और लाली मीणा लाठी, गंडासा, कुल्हाड़ी और फरसे जैसे धारदार हथियार लेकर रवि मीणा के घर में घुस गए। उस समय घर पर उनकी माता और पत्नी मौजूद थीं। आरोप है कि आरोपियों ने घर में घुसते ही गाली-गलौज की और रवि मीणा को जान से मारने की धमकी दी। इसी दौरान भूर सिंह मीणा ने गंडासे से रवि की माता के सिर पर हमला किया, जिससे उनका सिर फट गया। धबले मीणा और रमेश मीणा ने रवि की पत्नी पर कुल्हाड़ी से वार किया, जिससे उनका हाथ टूट गया। इसके बाद सभी आरोपियों ने मिलकर दोनों महिलाओं के साथ बेरहमी से मारपीट की। घटना के बाद रवि मीणा जब घर पहुंचे, तो दोनों महिलाएं लहूलुहान हालत में मिलीं। परिजनों ने उन्हें तुरंत सपोटरा अस्पताल पहुंचाया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें करौली जिला अस्पताल रेफर किया गया, और बाद में जयपुर रेफर कर दिया गया। रवि मीणा ने बताया कि घायलों के उपचार में व्यस्त रहने के कारण वह तत्काल रिपोर्ट दर्ज नहीं करवा सके। बाद में सपोटरा थाने में रिपोर्ट दी गई और पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। रविवार को पुलिस ने उप जिला अस्पताल में परिवादी और घायलों का मेडिकल मुआयना भी करवाया। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि मामला दर्ज होने के बावजूद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और उनकी गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है, जिसे लेकर परिजनों में रोष व्याप्त है।
सपोटरा क्षेत्र के गोठरा गांव में कुछ लोगों ने एक घर में घुसकर महिलाओं पर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया, जिसमें मां और पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गोठरा निवासी रवि मीणा ने पुलिस को दी अपनी रिपोर्ट में बताया कि 2 मई की शाम वह गांव की सरकारी स्कूल के पास विष्णु महावर के साथ बैठे थे, तभी धबले मीणा वहाँ आया और उनके साथ गाली-गलौज करने लगा। बाद में जब रवि ने विष्णु महावर को फोन कर गाली देने का कारण पूछा, तो धबले मीणा और भूर सिंह मीणा ने कथित तौर पर उनका फोन छीन लिया, उन्हें धमकियां दीं और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इस घटना की सूचना भी पुलिस को दी गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उसी रात करीब साढ़े आठ से नौ बजे के बीच भूर सिंह मीणा, धबले मीणा, गिर्राज मीणा, रमेश मीणा, मान सिंह मीणा और लाली मीणा लाठी, गंडासा, कुल्हाड़ी और फरसे जैसे धारदार हथियार लेकर रवि मीणा के घर में घुस गए। उस समय घर पर उनकी माता और पत्नी मौजूद थीं। आरोप है कि आरोपियों ने घर में घुसते ही गाली-गलौज की
और रवि मीणा को जान से मारने की धमकी दी। इसी दौरान भूर सिंह मीणा ने गंडासे से रवि की माता के सिर पर हमला किया, जिससे उनका सिर फट गया। धबले मीणा और रमेश मीणा ने रवि की पत्नी पर कुल्हाड़ी से वार किया, जिससे उनका हाथ टूट गया। इसके बाद सभी आरोपियों ने मिलकर दोनों महिलाओं के साथ बेरहमी से मारपीट की। घटना के बाद रवि मीणा जब घर पहुंचे, तो दोनों महिलाएं लहूलुहान हालत में मिलीं। परिजनों ने उन्हें तुरंत सपोटरा अस्पताल पहुंचाया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें करौली जिला अस्पताल रेफर किया गया, और बाद में जयपुर रेफर कर दिया गया। रवि मीणा ने बताया कि घायलों के उपचार में व्यस्त रहने के कारण वह तत्काल रिपोर्ट दर्ज नहीं करवा सके। बाद में सपोटरा थाने में रिपोर्ट दी गई और पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। रविवार को पुलिस ने उप जिला अस्पताल में परिवादी और घायलों का मेडिकल मुआयना भी करवाया। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि मामला दर्ज होने के बावजूद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और उनकी गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है, जिसे लेकर परिजनों में रोष व्याप्त है।
- सपोटरा क्षेत्र के गोठरा गांव में कुछ लोगों ने एक घर में घुसकर महिलाओं पर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया, जिसमें मां और पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गोठरा निवासी रवि मीणा ने पुलिस को दी अपनी रिपोर्ट में बताया कि 2 मई की शाम वह गांव की सरकारी स्कूल के पास विष्णु महावर के साथ बैठे थे, तभी धबले मीणा वहाँ आया और उनके साथ गाली-गलौज करने लगा। बाद में जब रवि ने विष्णु महावर को फोन कर गाली देने का कारण पूछा, तो धबले मीणा और भूर सिंह मीणा ने कथित तौर पर उनका फोन छीन लिया, उन्हें धमकियां दीं और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इस घटना की सूचना भी पुलिस को दी गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उसी रात करीब साढ़े आठ से नौ बजे के बीच भूर सिंह मीणा, धबले मीणा, गिर्राज मीणा, रमेश मीणा, मान सिंह मीणा और लाली मीणा लाठी, गंडासा, कुल्हाड़ी और फरसे जैसे धारदार हथियार लेकर रवि मीणा के घर में घुस गए। उस समय घर पर उनकी माता और पत्नी मौजूद थीं। आरोप है कि आरोपियों ने घर में घुसते ही गाली-गलौज की और रवि मीणा को जान से मारने की धमकी दी। इसी दौरान भूर सिंह मीणा ने गंडासे से रवि की माता के सिर पर हमला किया, जिससे उनका सिर फट गया। धबले मीणा और रमेश मीणा ने रवि की पत्नी पर कुल्हाड़ी से वार किया, जिससे उनका हाथ टूट गया। इसके बाद सभी आरोपियों ने मिलकर दोनों महिलाओं के साथ बेरहमी से मारपीट की। घटना के बाद रवि मीणा जब घर पहुंचे, तो दोनों महिलाएं लहूलुहान हालत में मिलीं। परिजनों ने उन्हें तुरंत सपोटरा अस्पताल पहुंचाया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें करौली जिला अस्पताल रेफर किया गया, और बाद में जयपुर रेफर कर दिया गया। रवि मीणा ने बताया कि घायलों के उपचार में व्यस्त रहने के कारण वह तत्काल रिपोर्ट दर्ज नहीं करवा सके। बाद में सपोटरा थाने में रिपोर्ट दी गई और पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। रविवार को पुलिस ने उप जिला अस्पताल में परिवादी और घायलों का मेडिकल मुआयना भी करवाया। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि मामला दर्ज होने के बावजूद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और उनकी गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है, जिसे लेकर परिजनों में रोष व्याप्त है।2
- राजस्थान के गंगापुर सिटी में, 20 मई 2026 को रीवा के निकट एक भीषण सड़क दुर्घटना में परम पूज्य आर्यिका श्री श्रुतमति माताजी एवं परम पूज्य आर्यिका श्री उपशममति माताजी के अकाल समाधिमरण के विरोध में, सकल जैन समाज शोक और आक्रोश में है। परम पूज्य आचार्य श्री सुधासागर जी महाराज एवं परम पूज्य मुनि श्री प्रमाणसागर जी महाराज के राष्ट्रीय आह्वान पर, 25 मई 2026 को गंगापुर सिटी में "राष्ट्रीय संत सुरक्षा अभियान" के अंतर्गत एक विनयांजलि सभा और विशाल मौन जुलूस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ प्रातः 8:00 बजे श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में णमोकार मंत्र के सामूहिक पाठ और 2 मिनट के मौन के साथ हुआ, जिसमें दिवंगत तपस्विनी माताजी की आत्मशांति के लिए प्रार्थना की गई। सकल जैन समाज की ओर से नरेंद्र जैन नृपत्या ने माताजी के त्यागपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालते हुए इसे केवल जैन समाज नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता की क्षति बताया। इसके पश्चात, प्रातः 8:30 बजे मंदिर से उप जिला कलेक्टर कार्यालय तक एक अनुशासित मौन जुलूस निकाला गया, जिसमें पुरुष सफेद वस्त्रों और महिलाएं केसरिया साड़ी में थीं। जुलूस में महिलाएं हाथों में धर्म ध्वज लेकर सबसे आगे चल रही थीं, जबकि सैकड़ों समाजबंधु अपनी मांगों के समर्थन में नारे लिखे डिस्प्ले बोर्ड लेकर पूर्ण मौन और दुखी मन से कदमताल कर रहे थे। यह जुलूस जैन स्थानक, बालाजी चौक, खारी बाजार, देवी स्टोर चौराहा और सब्जी मंडी होते हुए उप जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचा, जहाँ शहरवासियों ने पहली बार बिना नारों और शोर के अपनी पीड़ा और मांग को मौन रहकर रखते हुए देखा। पुलिस प्रशासन, जिसमें तहसीलदार मुकेश शर्मा और कोतवाली थाना प्रभारी करण सिंह राठौर शामिल थे, जुलूस के साथ-साथ मौजूद रहा। एसडीएम कार्यालय पर तहसीलदार मुकेश शर्मा और कोतवाली थाना प्रभारी करण सिंह राठौर को दिगंबर जैन समाज अध्यक्ष प्रवीण जैन गंगवाल, श्वेतांबर जैन समाज अध्यक्ष रितेश पल्लीवाल सहित विभिन्न जैन संगठनों के पदाधिकारियों और सैकड़ों जैन बंधुओं व महिलाओं की ओर से एक ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन में छह सूत्रीय प्रमुख मांगें रखी गईं। इनमें रीवा दुर्घटना के दोषी व्यक्ति के विरुद्ध SIT गठित कर कठोरतम कार्रवाई, सभी राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर जैन साधु-संतों के पद विहार हेतु अलग "संत सुरक्षा लेन" का निर्माण, मंगल विहार के समय संबंधित थाने द्वारा पुलिस पेट्रोलिंग सुनिश्चित करना, विहार मार्ग में पड़ने वाले सभी सरकारी विद्यालय और पंचायत भवनों में साधु-संतों के रात्रि विश्राम की स्थाई व्यवस्था, जिला स्तर पर "संत सुरक्षा समन्वय समिति" का गठन, और देशभर में "संत सुरक्षा कोड" लागू कर विहार को सुरक्षित बनाना शामिल था। यह ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, केंद्रीय रक्षा मंत्री, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री, मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार एवं जिला कलेक्टर के नाम प्रेषित किया गया। प्रशासन की ओर से, तहसीलदार मुकेश शर्मा एवं थाना प्रभारी करण सिंह राठौड़ ने समाज को आश्वस्त किया कि सभी ज्ञापन तत्काल उचित माध्यम से उच्च स्तर पर भेजे जाएंगे। उन्होंने स्थानीय स्तर पर जैन साधु-संतों के मंगल विहार, सुरक्षा एवं रात्रि विश्राम से संबंधित व्यवस्थाओं पर तुरंत कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया। कार्यक्रम का समापन उप जिला कलेक्टर प्रांगण में पुनः 2 मिनट णमोकार मंत्र के पाठ और दिवंगत आत्माओं के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गया। इस दौरान शहर के सभी जैन प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद रहे। कार्यक्रम का समापन "जो जगत को शांति देते हैं, उन्हें सुरक्षा दो - यही सच्ची श्रद्धांजलि है" के उद्घोष के साथ हुआ।1
- गंगापुर सिटी और आसपास के इलाकों में पिछले चार-पांच दिनों से भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पिछले तीन-चार दिनों से अधिकतम तापमान लगातार 44 डिग्री सेल्सियस पर बना हुआ है। सुबह सूरज निकलने के साथ ही गर्मी का असर महसूस होने लगता है और सुबह 11 बजे तक सूरज आग उगलने लगता है। दोपहर होते-होते धरती तपने लगती है और लू के तेज थपेड़े लोगों को बेहाल कर रहे हैं। तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है, लोग केवल बहुत जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। शाम ढलने के बाद ही बाजारों में कुछ चहल-पहल दिखाई देती है। रात में भी गर्मी से कोई राहत नहीं मिल रही है, जिससे लोग ठीक से सो नहीं पा रहे हैं। इस भीषण गर्मी का सबसे अधिक असर दिहाड़ी मजदूरों, राहगीरों और शादी-विवाह वाले घरों में आने-जाने वाले लोगों पर पड़ रहा है। कूलर और पंखे भी गर्म हवा फेंक रहे हैं, जिससे लोग थोड़ी-थोड़ी देर में छांव और ठंडे पानी की तलाश में रहते हैं। बाजारों में पंखे, कूलर और ठंडे पेय पदार्थों की मांग काफी बढ़ गई है। भीषण गर्मी का असर पशु-पक्षियों पर भी साफ दिख रहा है, जहां मवेशी पेड़ों की छांव में जमावड़ा लगाए हुए हैं और पक्षी पानी की तलाश में भटक रहे हैं। बढ़ते तापमान के कारण लोग मौसमी बीमारियों और हीट स्ट्रोक की चपेट में आने लगे हैं। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि लोग दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और हल्के सूती कपड़े पहनें ताकि गर्मी के दुष्प्रभावों से बचा जा सके।1
- करौली जिले के हिंडौन तहसील के टोडूपुरा गांव निवासी नेम सिंह मीणा को राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ की कार्यकारिणी में प्रदेश संगठन मंत्री के रूप में निर्विरोध निर्वाचित किया गया है। सोमवार दोपहर 3 बजे मिली जानकारी के अनुसार, राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ, जयपुर के प्रांतीय कार्यकारिणी के चुनाव खाटूश्याम में संपन्न हुए। इस चुनाव में नेम सिंह मीणा के साथ प्रदेश अध्यक्ष महावीर शर्मा और महामंत्री शिवराज चौधरी भी निर्विरोध चुने गए। उल्लेखनीय है कि नेम सिंह मीणा इससे पहले प्रदेश में आई टी मंत्री के पद पर भी रह चुके हैं। उनके इस निर्विरोध निर्वाचन पर क्षेत्र के लोगों ने गहरी खुशी व्यक्त की है।1
- देश में पेट्रोल की कीमतें 100 रुपये प्रति लीटर का आंकड़ा पार कर गई हैं, जबकि डीजल के दाम भी 2.71 रुपये बढ़ गए हैं। यह बढ़ोतरी बीते 10 दिनों के भीतर चौथी बार हुई है।1
- डॉक्टर श्री राजकुमार जी शर्मा राजस्थान के झुंझुनू जिले की नवलगढ़ विधानसभा से पूर्व विधायक हैं।1
- मलारना डूंगर उपखंड के रघुवंठी गांव में देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक ओवरलोड तूड़ी के ट्रक ने बिजली के खंभे को टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर से बिजली का खंभा बीच में से टूटकर ओवरलोड ट्रक पर ही जा गिरा। ट्रक में छह लोग सवार थे, जो बाल-बाल बच गए। दुर्घटना के समय खंभे और तारों में बिजली सुचारू थी, लेकिन टक्कर के तुरंत बाद लाइट कट गई, जिससे बड़ा अनर्थ होने से बच गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह घटना देर रात हुई, अन्यथा यदि यह दिन या शाम के समय घटित होती तो दुकानों पर आने-जाने वाले लोगों की भीड़ और हाडोती, सपोटरा, मलारना स्टेशन जाने वाले वाहनों का आवागमन अधिक होने के कारण एक बहुत बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। हादसे के तुरंत बाद गांव के लोगों ने बिजली विभाग के फीडर इंचार्ज शेर सिंह मीणा को सूचना दी। जानकारी मिलने पर शेर सिंह मीणा ने तीन गांवों श्यामोली, रघुवंठी और कोथाली की बिजली आपूर्ति को लगभग तीन से चार घंटे के लिए बंद कर दिया। वे अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी टीम और ब्राह्मणों की मदद से दूसरा खंभा लगाकर बिजली व्यवस्था को सुचारू किया।1
- गंगापुर सिटी में गुड मॉर्निंग हैप्पीनेस ग्रुप द्वारा एक सामूहिक सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया।1