औरंगाबाद में जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा विधिक सेवा सदन में 31 मई 2026 को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर एक शपथ समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह प्राधिकार के अध्यक्ष श्री विश्व विभूति गुप्ता, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल, सभी न्यायिक पदाधिकारीगण, प्राधिकार के कर्मीगण और पैनल अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। समारोह का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल ने किया। इस अवसर पर, श्री विश्व विभूति गुप्ता ने अपने संबोधन में बताया कि हर साल 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 1987 में की थी। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में प्रति वर्ष लगभग 80 लाख लोग तंबाकू के प्रयोग के कारण अपनी जान गँवा देते हैं। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि आम जनता तंबाकू से होने वाले नुकसान को समझे और इसके उत्पादों से दूर रहे। उन्होंने तंबाकू को एक धीमा जहर बताते हुए कहा कि यह सेवन करने वाले व्यक्ति को धीरे-धीरे मौत की ओर धकेलता है, और अक्सर लोगों को पता भी नहीं चलता कि कब उनका शौक लत में बदल जाता है। श्री गुप्ता ने यह भी संदेश दिया कि शारीरिक दुष्प्रभावों और अनेक प्रकार की बीमारियों से बचने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को तंबाकू का निषेध करना चाहिए। उनके अनुसार, एक बार तंबाकू की गिरफ्त में आने के बाद अगर व्यक्ति किसी बीमारी से ग्रसित हो जाता है तो उसका पूरा परिवार बिखर जाता है, और तंबाकू का सेवन करने वालों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी काफी कमजोर हो जाती है, जिसका सीधा प्रतिकूल प्रभाव उनके स्वास्थ्य पर पड़ता है। प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने उपस्थित सभी लोगों से अपील की कि वे अपना दायित्व समझते हुए कम से कम 50 लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि यदि उनके प्रयास से कुछ लोग भी इससे सकारात्मक रूप से प्रभावित होकर तंबाकू और इसके उत्पादों का निषेध करते हैं, तो यह प्रयास किसी की जिंदगी को खुशहाली की ओर ले जाएगा। इस शपथ कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय श्री अरुण कुमार ने भी उपस्थित जन समूह को तंबाकू निषेध हेतु प्रेरित किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव श्रीमती तान्या पटेल ने सभी कर्मियों सहित उपस्थित लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभाव के बारे में अवगत कराया और शपथ दिलाई कि वे स्वयं तंबाकू का सेवन नहीं करेंगे, दूसरों को भी प्रेरित करेंगे, इसके शारीरिक दुष्प्रभावों और नुकसान के बारे में लोगों को जागरूक करेंगे तथा तंबाकू रहित समाज एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में अपना योगदान देंगे। इस अवसर पर श्रीमति आन्दिता सिंह, श्री अशोक कुमार गुप्ता, श्रीमती दिव्या वशिष्ट, श्री लक्ष्मीकांत मिश्रा, श्री संतोष कुमार झा, श्री विवेक कुमार सिंह, श्री उमेश प्रसाद, श्री मनीष कुमार जायसवाल, श्री पंकज पाण्डेय (जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश), श्री लाल बिहारी पासवान (मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी), श्री संदीप कुमार सिंह (अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी), श्री अभय सिंह (न्यायकर्त्ता) और श्री सुरज प्रकाश (न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी) सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारीगण भी उपस्थित थे।
औरंगाबाद में जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा विधिक सेवा सदन में 31 मई 2026 को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर एक शपथ समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह प्राधिकार के अध्यक्ष श्री विश्व विभूति गुप्ता, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल, सभी न्यायिक पदाधिकारीगण, प्राधिकार के कर्मीगण और पैनल अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। समारोह का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल ने किया। इस अवसर पर, श्री विश्व विभूति गुप्ता ने अपने संबोधन में बताया कि हर साल 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 1987 में की थी। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में प्रति वर्ष लगभग 80 लाख लोग तंबाकू के प्रयोग के कारण अपनी जान गँवा देते हैं। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि आम जनता तंबाकू से होने वाले नुकसान को समझे और इसके उत्पादों से दूर रहे। उन्होंने तंबाकू को एक धीमा जहर बताते हुए कहा कि यह सेवन करने वाले व्यक्ति को धीरे-धीरे मौत की ओर धकेलता है, और अक्सर लोगों को पता भी नहीं चलता कि कब उनका शौक लत में बदल जाता है। श्री गुप्ता ने यह भी संदेश दिया कि शारीरिक दुष्प्रभावों और अनेक प्रकार की बीमारियों से बचने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को तंबाकू का निषेध करना चाहिए। उनके अनुसार, एक बार तंबाकू की गिरफ्त में आने के बाद अगर व्यक्ति किसी बीमारी से ग्रसित हो जाता है तो उसका पूरा परिवार बिखर जाता है, और तंबाकू का सेवन करने वालों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी काफी कमजोर हो जाती है, जिसका सीधा प्रतिकूल प्रभाव उनके स्वास्थ्य पर पड़ता है। प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने उपस्थित सभी लोगों से अपील की कि वे अपना दायित्व समझते हुए कम से कम 50 लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि यदि उनके प्रयास से कुछ लोग भी इससे सकारात्मक रूप से प्रभावित होकर तंबाकू और इसके उत्पादों का निषेध करते हैं, तो यह प्रयास किसी की जिंदगी को खुशहाली की ओर ले जाएगा। इस शपथ कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय श्री अरुण कुमार ने भी उपस्थित जन समूह को तंबाकू निषेध हेतु प्रेरित किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव श्रीमती तान्या पटेल ने सभी कर्मियों सहित उपस्थित लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभाव के बारे में अवगत कराया और शपथ दिलाई कि वे स्वयं तंबाकू का सेवन नहीं करेंगे, दूसरों को भी प्रेरित करेंगे, इसके शारीरिक दुष्प्रभावों और नुकसान के बारे में लोगों को जागरूक करेंगे तथा तंबाकू रहित समाज एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में अपना योगदान देंगे। इस अवसर पर श्रीमति आन्दिता सिंह, श्री अशोक कुमार गुप्ता, श्रीमती दिव्या वशिष्ट, श्री लक्ष्मीकांत मिश्रा, श्री संतोष कुमार झा, श्री विवेक कुमार सिंह, श्री उमेश प्रसाद, श्री मनीष कुमार जायसवाल, श्री पंकज पाण्डेय (जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश), श्री लाल बिहारी पासवान (मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी), श्री संदीप कुमार सिंह (अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी), श्री अभय सिंह (न्यायकर्त्ता) और श्री सुरज प्रकाश (न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी) सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारीगण भी उपस्थित थे।
- औरंगाबाद में जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा विधिक सेवा सदन में 31 मई 2026 को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर एक शपथ समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह प्राधिकार के अध्यक्ष श्री विश्व विभूति गुप्ता, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल, सभी न्यायिक पदाधिकारीगण, प्राधिकार के कर्मीगण और पैनल अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। समारोह का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल ने किया। इस अवसर पर, श्री विश्व विभूति गुप्ता ने अपने संबोधन में बताया कि हर साल 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 1987 में की थी। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में प्रति वर्ष लगभग 80 लाख लोग तंबाकू के प्रयोग के कारण अपनी जान गँवा देते हैं। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि आम जनता तंबाकू से होने वाले नुकसान को समझे और इसके उत्पादों से दूर रहे। उन्होंने तंबाकू को एक धीमा जहर बताते हुए कहा कि यह सेवन करने वाले व्यक्ति को धीरे-धीरे मौत की ओर धकेलता है, और अक्सर लोगों को पता भी नहीं चलता कि कब उनका शौक लत में बदल जाता है। श्री गुप्ता ने यह भी संदेश दिया कि शारीरिक दुष्प्रभावों और अनेक प्रकार की बीमारियों से बचने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को तंबाकू का निषेध करना चाहिए। उनके अनुसार, एक बार तंबाकू की गिरफ्त में आने के बाद अगर व्यक्ति किसी बीमारी से ग्रसित हो जाता है तो उसका पूरा परिवार बिखर जाता है, और तंबाकू का सेवन करने वालों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी काफी कमजोर हो जाती है, जिसका सीधा प्रतिकूल प्रभाव उनके स्वास्थ्य पर पड़ता है। प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने उपस्थित सभी लोगों से अपील की कि वे अपना दायित्व समझते हुए कम से कम 50 लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि यदि उनके प्रयास से कुछ लोग भी इससे सकारात्मक रूप से प्रभावित होकर तंबाकू और इसके उत्पादों का निषेध करते हैं, तो यह प्रयास किसी की जिंदगी को खुशहाली की ओर ले जाएगा। इस शपथ कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय श्री अरुण कुमार ने भी उपस्थित जन समूह को तंबाकू निषेध हेतु प्रेरित किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव श्रीमती तान्या पटेल ने सभी कर्मियों सहित उपस्थित लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभाव के बारे में अवगत कराया और शपथ दिलाई कि वे स्वयं तंबाकू का सेवन नहीं करेंगे, दूसरों को भी प्रेरित करेंगे, इसके शारीरिक दुष्प्रभावों और नुकसान के बारे में लोगों को जागरूक करेंगे तथा तंबाकू रहित समाज एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में अपना योगदान देंगे। इस अवसर पर श्रीमति आन्दिता सिंह, श्री अशोक कुमार गुप्ता, श्रीमती दिव्या वशिष्ट, श्री लक्ष्मीकांत मिश्रा, श्री संतोष कुमार झा, श्री विवेक कुमार सिंह, श्री उमेश प्रसाद, श्री मनीष कुमार जायसवाल, श्री पंकज पाण्डेय (जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश), श्री लाल बिहारी पासवान (मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी), श्री संदीप कुमार सिंह (अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी), श्री अभय सिंह (न्यायकर्त्ता) और श्री सुरज प्रकाश (न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी) सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारीगण भी उपस्थित थे।1
- गया जिले के गुरुआ प्रखंड स्थित चिलोर पंचायत के ढिबरा स्टेडियम में ग्यारह दिवसीय महारुद्र यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर अयोध्या से पधारे जगतगुरु श्रीराम दिनेशाचार्य जी महाराज ने श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और मानव कल्याण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उनके प्रवचन सुनने के लिए गुरुआ और आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में लोग यज्ञ स्थल पर पहुंचे। जगतगुरु श्रीराम दिनेशाचार्य जी महाराज ने अपने प्रवचन में यज्ञ और धार्मिक अनुष्ठानों को भारतीय संस्कृति की आत्मा बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-शांति और भाईचारे का वातावरण स्थापित करते हैं। उन्होंने लोगों से सत्य, सदाचार और धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान करते हुए कहा कि मानव जीवन तभी सफल हो सकता है, जब व्यक्ति अपने कर्म और आचरण को धर्म से जोड़े। उनके अनुसार, भगवान की भक्ति और सेवा से जीवन में शांति प्राप्त होती है और समाज में आपसी प्रेम व समरसता बढ़ती है। यह महारुद्र यज्ञ बाबा सीताराम दास जी महाराज के सानिध्य में संचालित हो रहा है। प्रवचन के दौरान पूरा यज्ञ स्थल भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा, जहाँ श्रद्धालु देर रात तक भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होकर आध्यात्मिक आनंद का अनुभव करते रहे। यज्ञ स्थल पर 'जय श्रीराम' और 'हर-हर महादेव' के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा। आयोजन समिति के सदस्यों ने जगतगुरु श्रीराम दिनेशाचार्य जी महाराज और बाबा सीताराम दास जी महाराज को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया, और कहा कि संतों के आशीर्वाद से क्षेत्र में धार्मिक माहौल मजबूत हो रहा है। कार्यक्रम में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, भाजपा के पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह और गुरुआ विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक डॉ. उपेन्द्र प्रसाद भी पहुंचे। उन्होंने इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से वातावरण शुद्ध होने और लोगों की ईश्वर के प्रति श्रद्धा व आस्था बढ़ने की बात कही, साथ ही सफल आयोजन के लिए समिति को धन्यवाद दिया। सुरक्षा व्यवस्था के तहत गुरुआ थानाध्यक्ष मनेश कुमार लगातार यज्ञ स्थल की निगरानी कर रहे हैं और लोगों से शांतिपूर्ण व अनुशासित तरीके से यज्ञ को सफल बनाने की अपील कर रहे हैं। शेरघाटी एसडीपीओ संदीप कुमार और एसडीओ मनीष कुमार ने भी यज्ञ स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। यज्ञ को सफल बनाने में आयोजन समिति के सदस्य और स्थानीय ग्रामीण निष्ठापूर्वक सहयोग कर रहे हैं, तथा श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए निःस्वार्थ भाव से सेवा कार्य में जुटे हुए हैं।2
- ऑनलाइन परीक्षा के दौरान एक युवक, अभिषेक कुमार, को मोबाइल फोन का उपयोग करके नकल करते हुए देखा गया। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है।1
- धरती पर रहने वालों के लिए 'सच्चा प्यार' की तुलना 'स्वर्गलोक के प्यार' से करते हुए, एक मार्मिक सवाल उठाया गया है। पोस्ट में यह दिखाया गया है कि जहाँ परी शिगमा राजन के लिए आँसू बहा रही है और रो रही है, वहीं ब्रह्मा की बेटी, दो बच्चों वाली सरस्वती शारदा हँस रही है। यह प्रश्न किया गया है कि इन दोनों स्थितियों में से 'सच्चा प्यार' कौन दर्शाता है: परी शिगमा या दो बच्चों के साथ सरस्वती शारदा?1
- धरती पर रहने वाले प्राणियों के सच्चे प्यार की तुलना स्वर्गलोक के प्यार से करते हुए एक भावनात्मक प्रश्न उठाया गया है। परी शिग्मा राजन के लिए रोती हुई दिखाई देती हैं, जबकि इसके विपरीत ब्रह्मा की बेटी सरस्वती शारदा, जिनके दो बच्चे हैं, हंसती हैं। इस विरोधाभासी स्थिति में यह सवाल उठाया गया है कि इन दोनों में से सच्चा प्यार किसका है: परी शिग्मा का या दो बच्चों वाली सरस्वती शारदा का।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। अभिषेक कुमार eMedia द्वारा इस वायरल वीडियो के संबंध में यह प्रश्न उठाया गया है कि क्या इसमें दर्शाई गई जानकारी वास्तव में सत्य है। प्रमुख सवाल यह है कि क्या यह वीडियो किसी कानूनी प्रावधान पर आधारित है, या फिर यह मात्र गलत जानकारी फैलाने का एक माध्यम है।1
- शनिवार दोपहर करीब 12 बजे औरंगाबाद जिले के नगर थाना क्षेत्र में NH-19 स्थित होटल नीलम पैलेस में चार बदमाशों ने घुसकर मैनेजर समेत चार होटल कर्मियों के साथ मारपीट की और कथित तौर पर लूटपाट भी की। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। इस वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें बदमाशों की पूरी करतूत कैद होने की बात कही जा रही है। जानकारी के अनुसार, बदमाशों ने होटल में घुसते ही अचानक मैनेजर पर हमला कर दिया। शोर सुनकर बीच-बचाव करने आईं महिला कर्मी रीमा देवी और वीणा देवी के साथ भी मारपीट की गई, और वेटर पिंटू कुमार को भी नहीं बख्शा गया। हमले में सभी चार कर्मचारी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि बदमाशों ने मारपीट के दौरान सोने के आभूषण, मोबाइल फोन और कैश काउंटर से लगभग ₹25,000 नकद भी छीन लिए, साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। इस संबंध में, महिलाकर्मी रीमा देवी ने नगर थाना में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें दो नामजद और दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने होटल के सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है, और नगर थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है तथा नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पुलिस ने जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-19 जैसे व्यस्त मार्ग पर दिनदहाड़े हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और स्थानीय लोगों ने सार्वजनिक स्थानों पर ऐसी घटनाओं को कानून-व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बताया है।1