रांची में रविवार को सामाजिक संगठन ‘मुक्ति’ संस्था ने एक महत्वपूर्ण सेवा कार्य करते हुए रिम्स मोर्चरी में महीनों से रखे गए 36 अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार संपन्न कराया। यह अंतिम संस्कार जुमार नदी के तट पर पूरे विधि-विधान और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। रविवार की सुबह, ‘मुक्ति’ संस्था के समर्पित सदस्य रिम्स के मोर्चरी गृह पहुंचे, जहां से उन्होंने सभी 36 अज्ञात शवों को अत्यंत आदर और सम्मान के साथ बाहर निकाला। इन सभी शवों को उचित तरीके से पैक किया गया और फिर पूरे सम्मान के साथ वाहनों के माध्यम से जुमार नदी के तट पर ले जाया गया। नदी तट पर पहुँचने के बाद, अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी गरिमा के साथ शुरू हुई। इस पुनीत कार्य और अंतिम संस्कार के मौके पर ‘मुक्ति’ संस्था के कई सदस्य नदी तट पर उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने शारीरिक दूरी और मर्यादा का पालन करते हुए इस सेवा कार्य में अपना योगदान दिया, जिससे यह पूरा अनुष्ठान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका।
रांची में रविवार को सामाजिक संगठन ‘मुक्ति’ संस्था ने एक महत्वपूर्ण सेवा कार्य करते हुए रिम्स मोर्चरी में महीनों से रखे गए 36 अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार संपन्न कराया। यह अंतिम संस्कार जुमार नदी के तट पर पूरे विधि-विधान और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। रविवार की सुबह, ‘मुक्ति’ संस्था के समर्पित सदस्य रिम्स के मोर्चरी गृह पहुंचे, जहां से उन्होंने सभी 36 अज्ञात शवों को अत्यंत आदर और सम्मान के साथ बाहर निकाला। इन सभी शवों को उचित तरीके से पैक किया गया और फिर पूरे सम्मान के साथ वाहनों के माध्यम से जुमार नदी के तट पर ले जाया गया। नदी तट पर पहुँचने के बाद, अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी गरिमा के साथ शुरू हुई। इस पुनीत कार्य और अंतिम संस्कार के मौके पर ‘मुक्ति’ संस्था के कई सदस्य नदी तट पर उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने शारीरिक दूरी और मर्यादा का पालन करते हुए इस सेवा कार्य में अपना योगदान दिया, जिससे यह पूरा अनुष्ठान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका।
- ओरमांझी प्रखंड में पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस के बीच रविवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश ने लोगों को बड़ी राहत दी। सुबह लगभग 7 बजे से करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश के बाद मौसम पूरी तरह सुहाना हो गया। इस बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने भीषण गर्मी से बड़ी राहत महसूस की। तेज धूप और गर्म हवाओं से परेशान लोग बारिश का आनंद लेते हुए दिखाई दिए। वहीं, इस बारिश से किसानों के चेहरों पर भी खुशी लौट आई है, क्योंकि खेतों में नमी बढ़ने से उन्हें फायदा पहुंचा है। सुबह की बारिश के कारण सड़कों पर भी ठंडक महसूस हुई और पूरे इलाके का मौसम खुशनुमा बना रहा। हालांकि, कुछ इलाकों में जलजमाव की स्थिति भी देखने को मिली, लेकिन इसके बावजूद लोगों ने इस राहत भरी बारिश का स्वागत किया।1
- बोकारो जिले के दुग्दा में स्थित आर्या भट्ट एकेडमी में मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।1
- रांची पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है, जिसके तहत प्रतिबंधित संगठन PLFI (पीपल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया) के स्टेट चीफ अमृत होरो को गिरफ्तार कर लिया गया है। अमृत होरो, जिसे मेचो और सूर्या के नाम से भी जाना जाता है, 10 लाख रुपये का इनामी उग्रवादी था। पुलिस के अनुसार, अमृत होरो पिछले कई वर्षों से झारखंड के विभिन्न जिलों में सक्रिय था। उस पर हत्या, लेवी वसूली, रंगदारी, फायरिंग और अन्य गंभीर प्रकृति के 50 से अधिक मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के समय पुलिस ने उसके पास से हथियार, जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और नक्सली साहित्य भी बरामद किया। इस पूरी कार्रवाई, पुलिस के दावों और एसएसपी रांची राकेश रंजन द्वारा दी गई विस्तृत जानकारी के लिए एक वीडियो में विवरण उपलब्ध है। यह लाइव स्ट्रीम केवल सूचनात्मक और जन जागरूकता के उद्देश्यों के लिए है।1
- झारखंड के लातेहार स्थित रिचूघूटा से प्राप्त होने वाला बॉक्साइट पत्थर काफी कीमती है। यह महत्वपूर्ण खनिज झारखंड राज्य की सीमाओं से बाहर ले जाया जाता है।1
- भाकपा माले की राहे इकाई ने रविवार को भगत सिंह चौक और सुभाष चौक से राहे बाजार तक पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस की मूल्यवृद्धि के खिलाफ विरोध मार्च निकाला, जिसके बाद प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया गया। पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान, रांची ग्रामीण जिला सचिव जगमोहन महतो ने पेट्रोलियम पदार्थों की मूल्यवृद्धि और रसोई गैस की किल्लत को मोदी सरकार की अमेरिकी-इजराइल परस्त आर्थिक-विदेश नीति का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि ईरान और रूस भारत के स्वाभाविक मित्रराष्ट्र रहे हैं, और युद्ध के समय मित्रता निभाने से ईंधन की किल्लत नहीं झेलनी पड़ती। महतो ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले सरकार आर्थिक संकट से इनकार कर रही थी, लेकिन चार राज्यों के चुनाव के तुरंत बाद ईंधन के इस्तेमाल में संयम बरतने, सोना कम खरीदने और विदेश यात्रा नहीं करने की सलाह तथा चार बार में पेट्रोल-डीजल में लगभग 8 रुपये की वृद्धि गहरे आर्थिक संकट की ओर इशारा करती है। उनके अनुसार, इस आर्थिक संकट का बोझ मंहगाई के जरिए आम जनता पर डालकर कंपनियों का बेतहाशा मुनाफा बढ़ाया जा रहा है और सरकारी खजाने को भरा जा रहा है। इसी क्रम में संतोष मुंडा ने कहा कि भारत की प्रतिव्यक्ति आय बांग्लादेश से नीचे आ गई है, सोने का भंडार और विदेश मुद्रा स्टॉक कम हो गया है, जबकि डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार गिर रहा है। उन्होंने इस संकट का कारण पूंजीपतियों द्वारा लोन नहीं चुकाने को बताया। मुंडा ने चेतावनी दी कि पेट्रोलियम पदार्थों की यह मूल्यवृद्धि आवश्यक वस्तुओं की कीमतें और बढ़ाएगी, जिससे देश का आर्थिक संकट और गहरा जाएगा। इस कार्यक्रम में दामोदर प्रजापति, दिलीप मांझी, डोमन सिंह मुंडा, राजकिशोर मुंडा, रामेश्वर मुंडा, ठाकुरा मुंडा, राजू मुंडा, कालीपद मुंडा, पूर्णचंद्र मुंडा, महावीर मुंडा, घासीराम मुंडा, वाणेश्वर मांझी, जीतमोहन मुंडा, जगरनाथ मुंडा, दुर्योधन मुंडा, राकेश मुंडा, विष्णुचरण मुंडा और सूर्यमोहन मुंडा सहित कई लोग मौजूद थे। भाकपा माले ने “पेट्रोल-डीजल मूल्यवृद्धि वापस लो” का नारा लगाते हुए अपनी मांग दोहराई।1
- रामगढ़ जिले के गोला थाना क्षेत्र में बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया गया है। इसी कड़ी में, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की गोला शाखा में एक मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई।1
- झारखंड की राजधानी रांची में 30 मई 2026 को Entrepreneurial Connect 3.0 (EC 3.0) का सफल आयोजन किया गया, जिसने राज्य के स्टार्टअप और नवाचार इकोसिस्टम को नई दिशा प्रदान की है। I-Hub Startup Jharkhand Foundation और JIIDCO के सहयोग से आयोजित इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में 600 से अधिक स्टार्टअप फाउंडर्स, निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस कार्यक्रम के दौरान स्टार्टअप ग्रोथ, निवेश, MSME विकास, AI इनोवेशन, Entrepreneurship, Fundraising, Market Expansion और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चाएँ हुईं। इस आयोजन ने राज्य में उद्यमशीलता और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में कार्य किया।1
- पश्चिम बंगाल में अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद से राज्य की सियासत गरमा गई है। इस घटना को लेकर राजनीतिक माहौल में गर्माहट साफ देखी जा रही है, जिसके चलते ममता बनर्जी ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस हमले और उसके बाद के राजनीतिक घटनाक्रम ने बंगाल के चुनावी माहौल को और तीखा कर दिया है।1