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बाबा बागेश्वर ने छतरपुर कैंडी में अजयपार सरकार के महंत से भेंट की। इस दौरान, उन्होंने अजयपार सरकार के महंत कारण कुशवाहा भगत जी से मुलाकात की।
पत्रकार धर्मेंद्र बुन्देला
बाबा बागेश्वर ने छतरपुर कैंडी में अजयपार सरकार के महंत से भेंट की। इस दौरान, उन्होंने अजयपार सरकार के महंत कारण कुशवाहा भगत जी से मुलाकात की।
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- पन्ना जिले के उत्तर वन मंडल अंतर्गत टकरा बीट में अवैध उत्खनन को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिबंधित वन क्षेत्र के भीतर रात के समय अवैध खुदाई कराई जा रही है। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि यह पूरा खेल बीट गार्ड की मिलीभगत से संचालित हो रहा है, जिसके चलते ट्रैक्टरों के माध्यम से हीरा युक्त मलवा जंगल से बाहर निकाला जाता है और वन क्षेत्र के बाहर उसकी धुलाई की जाती है। ग्रामीणों का दावा है कि इस अवैध उत्खनन से लाखों-करोड़ों रुपए के हीरे निकाले जा रहे हैं, जिससे प्राकृतिक पर्यावरण और वन क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंच रहा है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि खुदाई के बाद गड्ढों को तुरंत भर दिया जाता है, ताकि वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर किसी भी तरह की अवैध गतिविधि नजर न आए। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच करें तो पूरे खेल का पर्दाफाश हो सकता है। अब देखना यह होगा कि वन विभाग इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और आरोपों पर क्या ठोस कार्रवाई की जाती है।1
- नौगांव सिविल अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता राजलक्ष्मी कुशवाहा ने गंभीर सवाल उठाए हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बने इस अस्पताल के निरीक्षण के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि मरीजों को यहाँ मूलभूत सुविधाएँ भी नहीं मिल पा रही हैं। कुशवाहा ने बताया कि निरीक्षण के समय अस्पताल के कई कमरों में ताले लगे मिले, जबकि मरीजों को पर्चा बनवाने के लिए भी भटकना पड़ रहा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टर समय पर अस्पताल नहीं पहुँचते, जिससे मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था भी असंतोषजनक पाई गई। इसके अतिरिक्त, राजलक्ष्मी कुशवाहा ने जानकारी दी कि अस्पताल में कई आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध नहीं थीं, जिसके कारण मरीजों को बाहर से दवाएँ खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास के नाम पर केवल भ्रष्टाचार हुआ है, जिसका खामियाजा आम जनता भुगत रही है। राजलक्ष्मी कुशवाहा ने जिला कलेक्टर और बीएमओ से अस्पताल की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने की माँग की है। उनकी प्रमुख माँगें हैं कि मरीजों के पर्चे समय पर बनें, उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए, बेहतर उपचार व्यवस्था हो और अस्पताल में आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो जनता के हित में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने प्रशासन से अस्पताल की व्यवस्थाओं को पारदर्शी और जनहितैषी बनाने की अपील की है।1
- सोमवार को छतरपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक ने अपने हाथ की नस काटने का प्रयास किया। इस घटना से परिसर में मौजूद पुलिसकर्मी, फरियादी और अधिकारी कुछ देर के लिए सकते में आ गए। घायल युवक शिव प्रसाद को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। अस्पताल के बिस्तर से युवक शिव प्रसाद ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उसका कहना है कि पुलिस ने उस पर फर्जी मामला दर्ज किया, घर जाकर उसके परिवार को परेशान किया और लगातार उस पर मानसिक दबाव बनाया, जिससे तंग आकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। युवक ने यह भी दावा किया कि वह मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का इलाज करवा रहा है और कई मामलों में बरी भी हो चुका है, लेकिन पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया उसके लिए किसी सरकारी प्रतियोगी परीक्षा से कम मुश्किल साबित नहीं हो रही है। इस बीच प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। तहसीलदार शशांक जैन ने अस्पताल पहुंचकर घायल युवक के बयान दर्ज किए। हालांकि, जब पत्रकारों ने तहसीलदार से युवक द्वारा नस काटने का कारण पूछा, तो अधिकारी मुस्कुराए और बिना स्पष्ट जवाब दिए आगे बढ़ गए, जिससे यह सवाल खड़ा हो गया कि आखिर युवक के दर्द की वजह प्रशासनिक गलियारों में कहीं रास्ता क्यों भटक गई है। प्राथमिक जांच में युवक के हाथों पर पुराने कट के निशान भी पाए गए हैं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि वह पहले भी खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर चुका है, जिसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल, सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि युवक के आरोप सही हैं, तो उसकी सुनवाई क्यों नहीं हुई, और यदि गलत हैं, तो मामला एसपी कार्यालय में आत्मघाती कदम उठाने तक क्यों पहुंचा? जांच जारी है, जवाबों का इंतजार है, लेकिन छतरपुर की जनता यह सोचने पर मजबूर है कि यहां फाइलें ज्यादा तेज चलती हैं या अफवाहें, और अधिकारियों को पीड़ितों पर हंसना क्यों आ जाता है?1
- छतरपुर की शिवनगर कॉलोनी में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ 30 वर्षीय दीनदयाल कुशवाहा की कथित तौर पर उसकी पत्नी ने डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस दंपति के दो छोटे बच्चे बताए जा रहे हैं। घटना को अंजाम देने के बाद, पत्नी खुद सिविल लाइन थाने पहुंची और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी।1
- बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बद्रीनाथ धाम में अपनी एक माह की तपस्या और साधना पूर्ण करने के बाद वापसी की है। धाम पहुंचने से पहले, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अजय पार सरकार के 14 वर्षीय महाराज करण कुशवाहा से मुलाकात की।1
- छतरपुर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत सोरा रोड पहाड़िया निवासी शमा खातून नामक महिला ने सिटी कोतवाली पहुँचकर अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्महत्या का प्रयास किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महिला को सुरक्षित पकड़ लिया और तत्काल उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उसका उपचार जारी है। अस्पताल में उपचार के दौरान महिला ने वार्ड क्रमांक-2 के पार्षद गोविंद तिवारी सहित अन्य तीन लोगों पर अपने पिता की मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उसने दिनेश अहिरवार, महेश अहिरवार और रफीक नट पर भी मारपीट और छेड़छाड़ के आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज कराए हैं। वहीं, पार्षद गोविंद तिवारी ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्हें द्वेषपूर्ण भावना के तहत बदनाम करने और झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की जा रही है। गोविंद तिवारी का कहना है कि लगभग एक वर्ष पूर्व भी महिला ने उनके खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कराया था, जिस पर कई वार्ड पार्षदों ने एकजुट होकर निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर सिटी कोतवाली में ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि महिला के पिता की मौत के लिए वे जिम्मेदार थे, तो उस समय हत्या का मामला दर्ज क्यों नहीं हुआ और न ही शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पार्षद ने आरोप लगाया कि महिला उन्हें झूठे प्रकरण में फंसाकर बदनाम करना चाहती है तथा धन उगाही का भी प्रयास कर रही है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए की मांग करते हुए कहा कि यदि वे दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि वे स्वयं जांच में पूरा सहयोग देने को तैयार हैं। गोविंद तिवारी ने यह भी बताया कि पूर्व में महिला द्वारा शासकीय नाली एवं सड़क निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न किए जाने के संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा सिटी कोतवाली में कार्रवाई के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, दिनेश अहिरवार ने मीडिया के सामने आकर बताया कि शमा खातून ने उन पर धारा 354 का झूठा मामला दर्ज कराया था। उन्होंने कहा कि उनके और उनके परिवार के सदस्यों पर छेड़खानी और मारपीट सहित अन्य धाराओं में भी मामले दर्ज कराए गए थे, जिनकी आज दिनांक तक कोई भी निष्पक्ष जांच की कार्यवाही नहीं की गई। दिनेश ने आरोप लगाया कि महिला ने उनके भाई महेश अहिरवार का मकान छीन लिया है, जिसके डर के मारे महेश अहिरवार छतरपुर छोड़कर दिल्ली में मजदूरी का कार्य कर रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि महिला झूठे केस लगवाने में माहिर है और पूर्व में थाने में पकड़ी होने के कारण उसने कई लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज कराए हैं, इसलिए इन मामलों की भी निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।4
- Post by Mukesh Gautam1
- छतरपुर जिले के सटई थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पड़रिया में खेत पर करंट लगने से एक 10 वर्षीय किशोर गंभीर रूप से झुलस गया। हरिओम पांडे नामक यह किशोर आज 01 जून की दोपहर करीब 2:00 बजे खेत पर खेलते समय करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसके हाथ और पेट का हिस्सा बुरी तरह झुलस गया। परिजनों के अनुसार, हरिओम खेत पर आम के पेड़ के पास खेलते हुए कुएं तक पहुंच गया था। प्यास लगने पर उसने कुएं पर लगे पंप के तारों को चालू करने का प्रयास किया और तभी वह करंट की चपेट में आ गया। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे, जहां वह बेहोशी की हालत में मिला। उसे तत्काल एक निजी वाहन से जिला अस्पताल ले जाया गया। घायल हरिओम को जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है, जैसा कि उसकी मां रामदेवी पांडे ने बताया। इसी बीच, जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि वार्ड में लगे एसी और पंखे बंद पड़े हैं, जिसके कारण मरीजों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। कई परिजन निजी पंखों की व्यवस्था करते दिखे, जबकि कुछ गर्मी से बेहाल नजर आए।1