छतरपुर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत सोरा रोड पहाड़िया निवासी शमा खातून नामक महिला ने सिटी कोतवाली पहुँचकर अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्महत्या का प्रयास किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महिला को सुरक्षित पकड़ लिया और तत्काल उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उसका उपचार जारी है। अस्पताल में उपचार के दौरान महिला ने वार्ड क्रमांक-2 के पार्षद गोविंद तिवारी सहित अन्य तीन लोगों पर अपने पिता की मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उसने दिनेश अहिरवार, महेश अहिरवार और रफीक नट पर भी मारपीट और छेड़छाड़ के आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज कराए हैं। वहीं, पार्षद गोविंद तिवारी ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्हें द्वेषपूर्ण भावना के तहत बदनाम करने और झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की जा रही है। गोविंद तिवारी का कहना है कि लगभग एक वर्ष पूर्व भी महिला ने उनके खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कराया था, जिस पर कई वार्ड पार्षदों ने एकजुट होकर निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर सिटी कोतवाली में ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि महिला के पिता की मौत के लिए वे जिम्मेदार थे, तो उस समय हत्या का मामला दर्ज क्यों नहीं हुआ और न ही शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पार्षद ने आरोप लगाया कि महिला उन्हें झूठे प्रकरण में फंसाकर बदनाम करना चाहती है तथा धन उगाही का भी प्रयास कर रही है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए की मांग करते हुए कहा कि यदि वे दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि वे स्वयं जांच में पूरा सहयोग देने को तैयार हैं। गोविंद तिवारी ने यह भी बताया कि पूर्व में महिला द्वारा शासकीय नाली एवं सड़क निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न किए जाने के संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा सिटी कोतवाली में कार्रवाई के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, दिनेश अहिरवार ने मीडिया के सामने आकर बताया कि शमा खातून ने उन पर धारा 354 का झूठा मामला दर्ज कराया था। उन्होंने कहा कि उनके और उनके परिवार के सदस्यों पर छेड़खानी और मारपीट सहित अन्य धाराओं में भी मामले दर्ज कराए गए थे, जिनकी आज दिनांक तक कोई भी निष्पक्ष जांच की कार्यवाही नहीं की गई। दिनेश ने आरोप लगाया कि महिला ने उनके भाई महेश अहिरवार का मकान छीन लिया है, जिसके डर के मारे महेश अहिरवार छतरपुर छोड़कर दिल्ली में मजदूरी का कार्य कर रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि महिला झूठे केस लगवाने में माहिर है और पूर्व में थाने में पकड़ी होने के कारण उसने कई लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज कराए हैं, इसलिए इन मामलों की भी निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
छतरपुर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत सोरा रोड पहाड़िया निवासी शमा खातून नामक महिला ने सिटी कोतवाली पहुँचकर अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्महत्या का प्रयास किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महिला को सुरक्षित पकड़ लिया और तत्काल उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उसका उपचार जारी है। अस्पताल में उपचार के दौरान महिला ने वार्ड क्रमांक-2 के पार्षद गोविंद तिवारी सहित अन्य तीन लोगों पर अपने पिता की मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उसने दिनेश अहिरवार, महेश अहिरवार और रफीक नट पर भी मारपीट और छेड़छाड़ के आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज कराए हैं। वहीं, पार्षद गोविंद तिवारी ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्हें द्वेषपूर्ण भावना के तहत बदनाम करने
और झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की जा रही है। गोविंद तिवारी का कहना है कि लगभग एक वर्ष पूर्व भी महिला ने उनके खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कराया था, जिस पर कई वार्ड पार्षदों ने एकजुट होकर निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर सिटी कोतवाली में ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि महिला के पिता की मौत के लिए वे जिम्मेदार थे, तो उस समय हत्या का मामला दर्ज क्यों नहीं हुआ और न ही शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पार्षद ने आरोप लगाया कि महिला उन्हें झूठे प्रकरण में फंसाकर बदनाम करना चाहती है तथा धन उगाही का भी प्रयास कर रही है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए की मांग करते
हुए कहा कि यदि वे दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि वे स्वयं जांच में पूरा सहयोग देने को तैयार हैं। गोविंद तिवारी ने यह भी बताया कि पूर्व में महिला द्वारा शासकीय नाली एवं सड़क निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न किए जाने के संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा सिटी कोतवाली में कार्रवाई के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, दिनेश अहिरवार ने मीडिया के सामने आकर बताया कि शमा खातून ने उन पर धारा 354 का झूठा मामला दर्ज कराया था। उन्होंने कहा कि उनके और उनके परिवार के सदस्यों पर छेड़खानी और मारपीट सहित अन्य धाराओं में भी
मामले दर्ज कराए गए थे, जिनकी आज दिनांक तक कोई भी निष्पक्ष जांच की कार्यवाही नहीं की गई। दिनेश ने आरोप लगाया कि महिला ने उनके भाई महेश अहिरवार का मकान छीन लिया है, जिसके डर के मारे महेश अहिरवार छतरपुर छोड़कर दिल्ली में मजदूरी का कार्य कर रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि महिला झूठे केस लगवाने में माहिर है और पूर्व में थाने में पकड़ी होने के कारण उसने कई लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज कराए हैं, इसलिए इन मामलों की भी निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
- आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह को प्रयागराज के सर्किट हाउस में NEET पेपर लीक मामले पर चर्चा करने से रोकने के लिए प्रशासन और पुलिस के अधिकारी पहुँचे। इन अधिकारियों को, जिन्हें मूल पोस्ट में 'जोगी जी के प्रशासन' का हिस्सा बताया गया है, संजय सिंह ने 'हिंदी में समझा' कर उल्टे पांव वापस लौटा दिया। इस घटना को लेकर पोस्ट में गहरा कटाक्ष किया गया है, जिसमें कहा गया है कि यह 'गजब का समय' आ गया है जब आईपीएस और आईएएस अधिकारियों को 'समझदारी' दिखाते हुए वापस लौटना पड़ा। यह टिप्पणी देश में 'लोकतंत्र' की स्थिति पर सवाल उठाती है, व्यंग्यात्मक रूप से यह इंगित करते हुए कि यदि इस तरह की घटनाओं के बाद भी किसी को लगता है कि लोकतंत्र बचा है, तो उन्हें 'मैलोडी' खाकर मस्त रहना चाहिए।1
- छतरपुर के ओरछा रोड थाना क्षेत्र के अंतर्गत कैंडी ब्रिज के पास बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और कैंडी में स्थित अजयपार बाबा की मुलाकात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 1 जून की शाम करीब 5 बजे का है, जिसमें अजयपार बाबा कैंडी ब्रिज के पास पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से मिलते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि, वीडियो के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी अब तक सामने नहीं आई है।1
- बाबा बागेश्वर ने छतरपुर कैंडी में अजयपार सरकार के महंत से भेंट की। इस दौरान, उन्होंने अजयपार सरकार के महंत कारण कुशवाहा भगत जी से मुलाकात की।1
- टीकमगढ़ में प्रशासन की लगातार उदासीनता और उपेक्षा के बाद, ओबीसी महासभा की जिला इकाई ने अमर शहीद श्री मदन यादव जी की प्रतिमा को जनसहयोग से एक महीने के भीतर स्थापित करने का संकल्प लिया है। लंबे समय से प्रशासन से प्रतिमा स्थापना की दिशा में कदम उठाने का आग्रह किया जा रहा था, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो सामाजिक संगठन ने स्वयं मोर्चा संभालने की घोषणा की है। इस महत्वपूर्ण निर्णय के दौरान ओबीसी महासभा के शीर्ष पदाधिकारियों और विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। इनमें प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सीबी कुशवाहा, प्रदेश महासचिव अखिलेश यादव, प्रदेश सचिव सीताराम लोधी, जिला अध्यक्ष उत्तम नापित, जिला कार्यकारी अध्यक्ष रविन्द्र लोधी, जिला प्रभारी नीलेश यादव, वरिष्ठ सलाहकार एमडी वर्मा, चक्रेश लोधी, रवि विश्वकर्मा, गोवर्धन सिंह लोधी, आकाश यादव, नीलेश यादव (सपा), रूपसिंह यादव और योगेन्द्र प्रजापति जैसे प्रमुख व्यक्ति शामिल थे। इस स्वावलंबी पहल को समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का भी व्यापक समर्थन मिला, जिन्होंने हर संभव 'ताहफ्फुज' (समर्थन) और सहयोग का आश्वासन दिया, साथ ही तत्काल ₹5000 की सहयोग राशि संगठन को सौंपी। ओबीसी महासभा के जिला पदाधिकारियों ने प्रशासन के टालमटोल वाले रवैये पर समाज में भारी आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि अब यह कार्य जनता के स्वाभिमान और 'शफ्फाफियत' (पारदर्शिता) के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। प्रतिमा निर्माण के लिए एक महीने की समय-सीमा निर्धारित की गई है, जिसके अंतर्गत 10 जून तक गांव-गांव और वार्ड-वार्ड जाकर लोगों से आर्थिक सहयोग के लिए संपर्क किया जाएगा, ताकि जनभावनाओं के अनुरूप इस पावन कार्य को समय पर पूरा किया जा सके।1
- टीकमगढ़ में अमर शहीद श्री मदन यादव की प्रतिमा स्थापना के मामले में प्रशासन की उदासीनता के बाद, ओबीसी महासभा की जिला इकाई ने जनसहयोग से एक माह के भीतर इस कार्य को पूरा करने का संकल्प लिया है। क्षेत्र में सामाजिक चेतना और जनभावनाओं के प्रति प्रशासन के टालमटोल रवैये का यह एक स्पष्ट उदाहरण है, क्योंकि लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों और चुनौतियों के बावजूद प्रतिमा स्थापित करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था। इस महत्वपूर्ण निर्णय के दौरान ओबीसी महासभा के शीर्ष पदाधिकारियों और विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। इनमें प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सीबी कुशवाहा, प्रदेश महासचिव अखिलेश यादव, प्रदेश सचिव सीताराम लोधी, जिला अध्यक्ष उत्तम नापित, जिला कार्यकारी अध्यक्ष रविन्द्र लोधी, जिला प्रभारी नीलेश यादव, वरिष्ठ सलाहकार एमडी वर्मा, तथा चक्रेश लोधी, रवि विश्वकर्मा, गोवर्धन सिंह लोधी, आकाश यादव, नीलेश यादव सपा, रूपसिंह यादव, योगेन्द्र प्रजापति सहित अन्य युवा शामिल थे। महासभा के इस स्वावलंबी कदम को अन्य राजनीतिक दलों का भी व्यापक समर्थन मिल रहा है। समाजवादी पार्टी (सपा) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी इस निर्णय की सराहना की और हर संभव 'ताहफ्फुज' (समर्थन) व सहयोग देने का आश्वासन दिया। मुहिम को गति देने के लिए सपा कार्यकर्ताओं द्वारा तत्काल ₹5000 की सहयोग राशि संगठन को सौंपी गई। ओबीसी महासभा के जिला पदाधिकारियों ने प्रशासन के इस रवैये पर भारी आक्रोश व्यक्त किया है, और कड़े शब्दों में कहा है कि अब यह कार्य जनता के स्वाभिमान और 'शफ्फाफियत' (पारदर्शिता) के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। प्रतिमा निर्माण के लिए एक महीने की समय-सीमा निर्धारित की गई है, जिसके तहत 10 जून तक गांव-गांव और वार्ड-वार्ड जाकर लोगों से आर्थिक सहयोग जुटाने के लिए संपर्क किया जाएगा, ताकि जनभावनाओं के अनुरूप इस पावन कार्य को समय पर पूरा किया जा सके।3
- मध्य प्रदेश के पलेरा में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती के अवसर पर एक ऐतिहासिक नजारा देखने को मिला। इस भव्य कार्यक्रम में थाना तिराहे पर भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां उपस्थित लोगों ने फूलों की जोरदार बारिश की। यह आयोजन लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के सम्मान में किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।1
- छतरपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब हरपालपुर निवासी शिवप्रताप सिंह राजपूत ने कार्यालय के शौचालय में अपने हाथ की नस काट ली। इस घटना के तुरंत बाद, सिटी कोतवाली पुलिस ने युवक को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया, जहाँ उसका उपचार किया गया। इस मामले में आज 1 जून को दोपहर करीब 4:00 बजे छतरपुर के एसपी रजत सकलेचा ने विस्तृत जानकारी दी है।1
- टीकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायत चौबारा में एक नर नीलगाय की अज्ञात कारणों से मौत हो गई, जिससे क्षेत्र के लोगों में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। सोमवार सुबह, चौबारा के जमुनिया मोहल्ला स्थित बस्ती में एक हैंडपंप के पास ग्रामीणों ने इस नर नीलगाय को तड़पते हुए देखा। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग और डीएफओ कार्यालय को दी। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक नीलगाय ने दम तोड़ दिया था। विभागीय अधिकारियों ने घटनास्थल पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए पंचनामा तैयार किया। इसके बाद, ग्रामीणों की सहायता से नीलगाय के शव को ट्रैक्टर के माध्यम से पोस्टमार्टम के लिए बल्देवगढ़ भेजा गया। वन विभाग के अनुसार, नीलगाय की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल, मौत के कारणों की जांच की जा रही है।1
- जितेंद्र पाठक नामक एक दरिंदे ने एक बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी है। इस बेशर्म व्यक्ति ने बच्चे को ज़मीन पर पटक-पटक कर मार डाला, क्योंकि बच्चे की माँ ने उससे शादी करने से इनकार कर दिया था। पुलिस ने आरोपी जितेंद्र पाठक को पकड़ने के लिए उसकी दोनों टांगों में गोली मारी है। गिरफ्तारी के बाद, उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद स्थित एक अस्पताल में जब एक व्यक्ति ने जितेंद्र से बच्चे को मारने का कारण पूछा, तो उसने बेझिझक जवाब दिया कि यह बात उस बच्चे की माँ से पूछिए।1