सतना के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत आशीर्वाद ढाबे में रविवार रात दर्जनभर हथियारबंद बदमाशों ने खौफनाक तांडव मचाया। बदमाशों ने शराब के लिए पाँच हजार रुपये की माँग की और विरोध करने पर ढाबे के कर्मचारी पुष्पराज दहिया को लाठियों व मुक्कों से बुरी तरह पीटा, जिससे उनके हाथ-पैर फ्रैक्चर हो गए। इस दौरान बदमाशों ने ढाबे में तोड़फोड़ भी की और मोबाइल व नकदी लूटकर फरार हो गए। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। इस घटना को लेकर आमजन में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि सतना शहर में इन दिनों बदमाशों और नशेड़ियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि उन्हें पुलिस का कोई डर नहीं है। शहर में आए दिन ये नशेड़ी और अपराधी तांडव मचा रहे हैं। आशीर्वाद ढाबे में हुई इस घटना का वीडियो देखकर लोग हैरान हैं और उनके रोंगटे खड़े हो रहे हैं। पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह के सामने अब यह देखना है कि क्या सोशल मीडिया पर मारपीट और उपद्रव का यह वीडियो वायरल होने के बाद वे इन अपराधियों पर अंकुश लगा पाते हैं या कार्रवाई केवल खानापूर्ति तक सीमित रह जाएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस सीसीटीवी वीडियो के माध्यम से आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी हुई है।
सतना के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत आशीर्वाद ढाबे में रविवार रात दर्जनभर हथियारबंद बदमाशों ने खौफनाक तांडव मचाया। बदमाशों ने शराब के लिए पाँच हजार रुपये की माँग की और विरोध करने पर ढाबे के कर्मचारी पुष्पराज दहिया को लाठियों व मुक्कों से बुरी तरह पीटा, जिससे उनके हाथ-पैर फ्रैक्चर हो गए। इस दौरान बदमाशों ने ढाबे में तोड़फोड़ भी की और मोबाइल व नकदी लूटकर फरार हो गए। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। इस घटना को लेकर आमजन में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि सतना शहर में इन दिनों बदमाशों और नशेड़ियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि उन्हें पुलिस का कोई डर नहीं है। शहर में आए दिन ये नशेड़ी और अपराधी तांडव मचा रहे हैं। आशीर्वाद ढाबे में हुई इस घटना का वीडियो देखकर लोग हैरान हैं और उनके रोंगटे खड़े हो रहे हैं। पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह के सामने अब यह देखना है कि क्या सोशल मीडिया पर मारपीट और उपद्रव का यह वीडियो वायरल होने के बाद वे इन अपराधियों पर अंकुश लगा पाते हैं या कार्रवाई केवल खानापूर्ति तक सीमित रह जाएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस सीसीटीवी वीडियो के माध्यम से आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी हुई है।
- जनपद पंचायत रामपुर बघेलान से संबंधित ग्राम पंचायत बढौंरा की एक शिकायत के निराकरण पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जहाँ सीएम हेल्पलाइन 181 में दर्ज शिकायत को बिना उचित जांच के ही “जांच जारी है” कहकर बंद कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने 13 फरवरी 2026 को जनपद पंचायत रामपुर बघेलान के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया था। जब कई दिनों तक कोई जांच या कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्होंने 3 जून 2026 को सीएम हेल्पलाइन 181 में शिकायत क्रमांक 38727645 दर्ज कराई। शिकायत दर्ज होने के बाद भी लंबे समय तक कोई जांच नहीं हुई और 27 जून 2026 को जनपद पंचायत द्वारा यह कहते हुए शिकायत का निराकरण कर दिया गया कि “जांच जारी है”, जबकि शिकायतकर्ता का दावा है कि वास्तव में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी। इस निराकरण से असंतुष्ट होकर शिकायतकर्ता ने इसे उच्च स्तर पर भेजा, लेकिन चार महीने बीत जाने के बाद भी शिकायत पर कोई निष्पक्ष जांच नहीं हुई। इसके बजाय, मनगढ़ंत और भ्रामक निराकरण प्रस्तुत कर शिकायत को बंद करने का प्रयास किया गया। शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले को तथ्यों और दस्तावेजों के साथ सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किया है, ताकि सच्चाई सभी तक पहुँच सके। उनका मानना है कि यदि आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए बनाई गई सीएम हेल्पलाइन जैसी व्यवस्था में भी बिना जांच के झूठे निराकरण दिए जाएंगे, तो इससे उसकी विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न उठते हैं।1
- जनसंपर्क से संबंधित खबरें भोपाल, सतना, रीवा, सीधी, शहडोल, अनूपपुर, कटनी और जबलपुर शहरों से उपलब्ध हैं। यह जानकारी इन सभी उल्लिखित स्थानों से जुड़ी जनसंपर्क सामग्री को इंगित करती है।1
- सतना जिले के रामपुर बाघेलान जनपद पंचायत में अध्यक्ष रावेंद्र सिंह छोटू के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक हलचल लगातार बनी हुई है। इसी क्रम में, जनपद पंचायत सभागार में एसडीएम सुभाष मिश्रा की मौजूदगी में हस्ताक्षर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की गई। दरअसल, जनपद अध्यक्ष के खिलाफ 10 जनपद सदस्यों ने कलेक्टर के समक्ष उपस्थित होकर अविश्वास प्रस्ताव का पत्र सौंपा था, जिसके बाद प्रशासन ने नियमानुसार हस्ताक्षरों के सत्यापन की प्रक्रिया निर्धारित की थी। निर्धारित तिथि पर जनपद सभागार में एसडीएम सुभाष मिश्रा की उपस्थिति में सदस्यों को बुलाया गया। हालांकि, अविश्वास प्रस्ताव में जिन 10 सदस्यों के हस्ताक्षर बताए गए थे, उनमें से केवल 07 सदस्य ही सत्यापन के लिए पहुंचे। इनमें श्रीमती इंदु सिंह, प्रशांत सिंह, रामबाई, सुखिनन्द साकेत, आशालता सिंह, बेला सिंह और प्रतिभा सिंह उपस्थित रहे। तीन सदस्यों की अनुपस्थिति के कारण इस पूरे मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।1
- सतना में हुए विंध्य चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के चुनाव में सतीश सुखेजा ने एक बार फिर अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। इस जीत के साथ उन्होंने लगातार दूसरी बार व्यापारियों का विश्वास जीतने में सफलता पाई है। सुखेजा की विजय के बाद उनके समर्थकों में भारी उत्साह का माहौल देखने को मिला। व्यापारियों ने उम्मीद जताई है कि उनके नेतृत्व में आने वाले कार्यकाल में व्यापारिक हितों, संगठन की मजबूती और नए विकास कार्यों को और अधिक गति मिलेगी।1
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक घटना सामने आई है जहाँ ग्रामीणों ने गौ मांस के साथ दो लड़कियों को पकड़ा है। इस मामले की सूचना मिलने के बाद समान थाना पुलिस घटना की जाँच में जुटी हुई है और आगे की कार्रवाई कर रही है।1
- गोबरांव कला में स्थित अति प्राचीन सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में चोरी की घटना सामने आई है।1
- सतना के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत आशीर्वाद ढाबे में रविवार रात दर्जनभर हथियारबंद बदमाशों ने घुसकर खौफनाक तांडव मचाया। बदमाशों ने शराब के लिए 5 हजार रुपये की मांग की, और इसका विरोध करने पर ढाबे के कर्मचारी पुष्पराज दहिया को लाठियों व मुक्कों से बुरी तरह पीटा, जिससे उसके हाथ-पैर फ्रैक्चर हो गए। इस दौरान ढाबे में जमकर तोड़फोड़ भी की गई और मोबाइल व नकदी लूट ली गई। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। आमजन का कहना है कि सतना शहर में इन दिनों बदमाशों और नशेड़ियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि उन्हें किसी भी प्रकार से पुलिस का डर नहीं रहा। लोग बताते हैं कि ये अपराधी और नशेड़ी आए दिन पूरे शहर में तांडव मचाते रहते हैं। बीते रविवार की रात आशीर्वाद ढाबे में जिस तरह नशेड़ियों ने तांडव मचाया है, उसका वीडियो देखकर वाकई में रोंगटे खड़े हो रहे हैं। पुलिस प्राप्त जानकारी और सीसीटीवी वीडियो के माध्यम से आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी हुई है। अब देखना यह होगा कि सोशल मीडिया पर इस मारपीट और उपद्रव का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह क्या इन अपराधियों पर अंकुश लगा पाते हैं या कार्रवाई केवल खानापूर्ति तक सीमित रह जाएगी।1