बीकानेर: खेजड़ी बचाओ आंदोलन में संत लालदास जी महाराज की बिगड़ी तबियत आईरा समाचार बीकानेर में खेजड़ी बचाओ आंदोलन में शामिल संत लालदास जी महाराज की तबियत बिगड़ गई है। संतों ने सरकार पर हठधर्मिता का आरोप लगाते हुए कहा है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती, तब तक वे अनशन नहीं तोड़ेंगे। संतों का कहना है कि सरकार को अपनी हठधर्मिता छोड़कर खेजड़ी के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी, तो वे अपने प्राणों की आहुति देने से भी पीछे नहीं हटेंगे। आंदोलन की प्रमुख मांगें: खेजड़ी के संरक्षण के लिए कठोर कानून बनाना 50 वर्ष से अधिक पुराने पेड़ों की कटाई पर रोक लगाना पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाना संतों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह से अडिग हैं और सरकार को उनकी मांगें माननी ही होंगी।
बीकानेर: खेजड़ी बचाओ आंदोलन में संत लालदास जी महाराज की बिगड़ी तबियत आईरा समाचार बीकानेर में खेजड़ी बचाओ आंदोलन में शामिल संत लालदास जी महाराज की तबियत बिगड़ गई है। संतों ने सरकार पर हठधर्मिता का आरोप लगाते हुए कहा है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती, तब तक वे अनशन नहीं तोड़ेंगे। संतों का कहना है कि सरकार को अपनी हठधर्मिता छोड़कर खेजड़ी के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी, तो वे अपने प्राणों की आहुति देने से भी पीछे नहीं हटेंगे। आंदोलन की प्रमुख मांगें: खेजड़ी के संरक्षण के लिए कठोर कानून बनाना 50 वर्ष से अधिक पुराने पेड़ों की कटाई पर रोक लगाना पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाना संतों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह से अडिग हैं और सरकार को उनकी मांगें माननी ही होंगी।
- Post by SSSO NEWS1
- आईरा समाचार बीकानेर में खेजड़ी बचाने के लिए चल रहे आंदोलन में संतों और पर्यावरण प्रेमियों ने मोबाइल से अपना विरोध दर्ज कराया है। उनका कहना है कि सरकार को खेजड़ी की कटाई पर सख्त कानून बनाना चाहिए, ताकि प्रकृति की रक्षा हो सके।आंदोलनकारियों का आरोप है कि सोलर प्लांट लगाने के नाम पर खेजड़ी के पेड़ों की अंधाधुंध कटाई की जा रही है, जिससे पर्यावरण को खतरा हो रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि खेजड़ी की कटाई पर रोक लगाई जाए और सख्त कानून बनाया जाए ।इस आंदोलन का समर्थन कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने भी किया है। उनका कहना है कि सरकार को खेजड़ी की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।1
- बीकानेर l बीकानेर में चल रहे खेजड़ी बचाओ आंदोलन के समर्थन में बीकानेर के शहरी क्षेत्र में भी लोगों का समर्थन दिखाना शुरू हो गया है। इसी क्रम में आज नत्थूसर गेट के बाहर स्थित बड़ा गणेश जी के मंदिर में सेवा दल के सयोजन मै विष्णु यज्ञ का आयोजन किया गया इस आयोजन के माध्यम से सरकार की सद्बुद्धि के लिए भगवान विष्णु से प्रार्थना की गई। कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश उपाध्यक्ष कमल कल्ला ने बताया कि भगवान विष्णु सृष्टि का पालन करता है और वही सृष्टि में सद्बुद्धि देता है इसलिए आज यज्ञ के माध्यम से भगवान विष्णु से प्रार्थना की गई है कि वह राज्य व केंद्र सरकार को सद्बुद्धि दे और राजस्थान का राज्य वृक्ष खेजड़ी बढ़ाने की मानसिकता सरकार में बैठे नेताओं पर अधिकारियों में पैदा करें। कमल कल्ला ने कहा कि जब सरकार से और मनुष्यों से उम्मीद समाप्त हो जाती है तब हमारे पास ईश्वर की शरण में जाने के अलावा कोई उपाय नहीं रहता है सरकार से बार-बार निवेदन करने के बाद और ज्ञापन देने के बाद भी जब खेजड़ी की कटाई को रोक नहीं गया और प्रदेश में लाखों की संख्या में खेजड़ी के पेड़ काट दिए गए तब यह आंदोलन सड़कों पर आया और इस राज्य में जो संस्कृति बचाने और संस्कृति संरक्षण के नाम पर सत्ता में आई है उसमें भी राजस्थान की पर्यावरण की सांस्कृतिक प्रतीक खेजड़ी संकट में है, उम्मीद है कि भगवान विष्णु सरकार को सद्बुद्धि देगा और राजस्थान की धरती का श्रंगार खेजड़ी बच पाएगी। इस अवसर पर शहर अध्यक्ष अनील व्यास ने कहा कि केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है और यह सरकार हिंदू हित और सनातन संस्कृति के नाम पर ही सत्तासीन हुई l ऐसे में जनता को उम्मीद थी कि सरकार सनातन और सांस्कृतिक प्रतीकों के साथ खिलवाड़ नहीं करेगी लेकिन सरकार ने अपने धन्ना सेठों के फायदे के लिए राजस्थान का राज्य वृक्ष खेजड़ी दाव पर लगा दिया जिसे किसी भी सूरत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। विश्नोई समाज के गुमान राम ने गुरु जाम्बेश्वर की शब्द वाणी का वाचन किया औऱ अपनी बात कहते हुए कहा कि राजस्थान के लोगों के लिए खेजड़ी अपनी जान से ज्यादा कीमती है और राजस्थान का इतिहास राय यहां के लोगों ने अपनी जान देकर भी खेजड़ी की रक्षा की है ऐसे में हर कीमत पर खेतड़ी के वृक्ष की रक्षा की जाएगी। इस अवसर पर विश्नोई समाज के बनवारी बिश्नोई, गुमान राम बिश्नोई,मनोज बिश्नोई, सुरजाराम पंचारिया,सोहनलाल उपाध्याय, मगनलाल पाणेचा, चंद्रशेखर राठौर,मनीराम चौधरी वही सेवादल के तेजकरण हर्ष, सुखदेव नाथ,मनोज कल्ला, बसंत व्यास, पाठा महाराज, रत्ना महाराज, गोपाल किराडू, राजाल्डो बोहरा, असलम भाई, बाबू खान सहित सभी सेवा दल औऱ समाज़विदों व परियावर्ण प्रेमियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज़ करवाई l4
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- जोधपुर विधुत वितरण निगम लिमिटेड बीकानेर के गांव सुजासर के G.S.S कर्मचारी की लापरवाही हो सकता था बड़ा हादसा ग्रामीणो की सूझबूझ से टला हादसा1
- Post by Rajasthan Patrika1
- कैंसर के बचाव के बारे में दी गई जानकारी1
- यह राजस्थान का बीकानेर है… लेकिन आज यह शहर सिर्फ एक जगह नहीं, एक चेतावनी है।” जहाँ 400 से ज़्यादा लोग… ना खाना खा रहे हैं… ना पानी पी रहे हैं… सिर्फ इसलिए… ताकि राजस्थान की प्रकृति ज़िंदा रह सके।1