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धौलपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) की टीम ने बसेड़ी पंचायत समिति की ग्राम पंचायत रतनपुर में कार्यरत कनिष्ठ सहायक रमेश कुमार योगी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी को ₹25,000 की रिश्वत लेते हुए दबोचा गया। बताया गया है कि आरोपी रमेश कुमार योगी नई मस्टरोल जारी करने के एवज में यह रिश्वत मांग रहा था। शिकायत के सत्यापन के बाद, एसीबी ने एक जाल बिछाया और भूतेश्वर मंदिर के पास आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल, इस पूरे मामले की जांच जारी है।
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धौलपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) की टीम ने बसेड़ी पंचायत समिति की ग्राम पंचायत रतनपुर में कार्यरत कनिष्ठ सहायक रमेश कुमार योगी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी को ₹25,000 की रिश्वत लेते हुए दबोचा गया। बताया गया है कि आरोपी रमेश कुमार योगी नई मस्टरोल जारी करने के एवज में यह रिश्वत मांग रहा था। शिकायत के सत्यापन के बाद, एसीबी ने एक जाल बिछाया और भूतेश्वर मंदिर के पास आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल, इस पूरे मामले की जांच जारी है।
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- उनियारा में अब सब्जी के थोक विक्रेता तबेला स्थित पुरानी सब्जी मंडी की जगह कृषि उपज मंडी परिसर में अपना व्यापार करेंगे। मोहम्मद हुसैन, इकबाल, प्रकाश, सैयद, महमूद, रतन, साबिर और सत्यनारायण सहित थोक विक्रेताओं ने बताया कि नगर पालिका प्रशासन ने उनकी पुरानी व्यापारिक जगह को आयुर्वेदिक चिकित्सालय के लिए आवंटित कर दिया है। इसके बाद अधिकारियों के निर्देश पर उन्होंने जून में सब्जी मंडी खाली करने की बात कही थी। नगर पालिका प्रशासन और कृषि उपज मंडी प्रशासन की सहमति से सभी सब्जी विक्रेताओं को थोक व्यापार के लिए कृषि उपज मंडी परिसर में जगह आवंटित की गई है। हालांकि, इस बदलाव से फुटकर व्यापारियों के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। उनियारा के मुख्य बाजार से कृषि उपज मंडी करीब एक किलोमीटर दूर है, जिससे फुटकर सब्जी विक्रेताओं को हाथ ठेलों में सब्जी लाने और बाजार तक पहुंचाने में अतिरिक्त खर्च और दूरी तय करनी पड़ेगी। इस दूरी और खर्च के कारण सब्जी के दाम बढ़ने की आशंका है, जिससे आम जनता के जनजीवन पर भी प्रभाव पड़ेगा। सब्जी विक्रेताओं ने प्रशासन से एक स्थायी जगह आवंटित करने की मांग की है, जहाँ से वे आसानी से अपना थोक व्यापार कर सकें।4
- राजस्थान के टोंक जिले के चोरू क्षेत्र के निवासी रोडवेज बसों की मनमानी और प्रशासनिक उपेक्षा से बुरी तरह त्रस्त हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि रोडवेज बसें नियमों की अनदेखी करते हुए कस्बे के भीतर आने के बजाय सीधे बाईपास से गुजर रही हैं। इस लापरवाही के कारण भीषण गर्मी में छात्र-छात्राओं, महिलाओं और बुजुर्गों को बस स्टैंड पर घंटों इंतजार करना पड़ता है। इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर जनसेवक गणेश शर्मा ने सोमवार को एक दिवसीय अन्न-जल त्याग अनशन शुरू किया, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं धरना स्थल पर एकत्र हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पंचायत समिति सदस्य फोरूलाल मीना ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की और गणेश शर्मा का अनशन समाप्त करवाया। गणेश शर्मा ने बताया कि वे इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री आवास तक गुहार लगा चुके हैं और स्थानीय एसडीएम को भी कई बार लिखित ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब यह लड़ाई आर-पार की होगी, क्योंकि शांतिपूर्ण ज्ञापन का कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला है। अनशन समाप्त होने के बाद, ग्रामीणों और महिलाओं ने मिलकर एक सामूहिक प्रस्ताव तैयार किया और प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई है कि यदि अगले दो दिनों के भीतर रोडवेज बसों का कस्बे के अंदर से नियमित संचालन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो 4 जून को नेशनल हाईवे-116 (टोंक–सवाई माधोपुर मार्ग) पर पूर्ण चक्का जाम कर दिया जाएगा।1
- सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा कस्बे में स्थित चौथ माता मंदिर में बुधवार को ज्येष्ठ माह की तृतीया के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु चौथ माता के दर्शन करने पहुंचे। भीषण गर्मी के बावजूद दूरदराज से आए पैदल यात्रियों सहित असंख्य भक्तों ने मां चौथ भवानी की पूजा-अर्चना की और अपने खुशहाल जीवन की कामना की। इस दौरान दिनभर माता के जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इस आयोजन के लिए चौथमाता ट्रस्ट और पंचायत ने मिलकर यात्रियों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा। वहीं, पुलिस प्रशासन भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने में व्यस्त नजर आया, ताकि दर्शन करने आए भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।2
- सवाई माधोपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित अटल सेवा केंद्र में वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान के संबंध में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान मीडिया प्रतिनिधियों के साथ अभियान से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।1
- सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय पर आज रणथंभौर त्रिनेत्र गणेश मंदिर जाने वाले दर्शनार्थियों के लिए शीतल जल सेवा का शुभारंभ किया गया। पर्यावरण संरक्षण को समर्पित 'मानव सेवा प्रकृति प्रेमी ग्रुप सवाई माधोपुर' द्वारा यह पहल भीषण गर्मी को देखते हुए की गई, जिसकी अध्यक्षता ग्रुप के अध्यक्ष हनुमान सिंह नरूका ने की। बजरिया सिटी मॉल के पास जीप स्टैंड पर सुबह 7 बजे आर.ओ. के कैंपर रखवाकर इस सेवा की शुरुआत मनीष जैन और सुनीता जैन ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। संगठन मंत्री रामबाबू कुमावत ने कहा कि दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को गर्मी में ठंडे पानी के लिए भटकना पड़ता है, इसलिए ग्रुप ने 'नर सेवा नारायण सेवा' के तहत यह अनूठी पहल की है। यह शीतल पेय एवं जल सेवा तपती गर्मी में जिला अस्पताल के साथ-साथ इस जीप स्टैंड पर भी प्रत्येक बुधवार और चतुर्थी को निरंतर जारी रहेगी। गौरतलब है कि जिला अस्पताल में आमजन के लिए प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक शीतल जल सेवा पहले से ही अविरल चल रही है। इस अवसर पर अध्यक्ष हनुमान सिंह नरूका, सचिव राजेश सैनी, रुपेन्द्र सिंह सोलंकी, गणेश सैनी, खुशाल जैन, शिवराज और विनोद कुमावत सहित कई पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे।1
- धौलपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) की टीम ने बसेड़ी पंचायत समिति की ग्राम पंचायत रतनपुर में कार्यरत कनिष्ठ सहायक रमेश कुमार योगी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी को ₹25,000 की रिश्वत लेते हुए दबोचा गया। बताया गया है कि आरोपी रमेश कुमार योगी नई मस्टरोल जारी करने के एवज में यह रिश्वत मांग रहा था। शिकायत के सत्यापन के बाद, एसीबी ने एक जाल बिछाया और भूतेश्वर मंदिर के पास आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल, इस पूरे मामले की जांच जारी है।1
- राजस्थान के नैनवां स्थित गोपाल गौशाला इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है, जहाँ गौशाला के ट्रॉमा सेंटर में चार गायें और एक बछड़ी मृत अवस्था में पाई गईं, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि इन पाँच गोवंश में से तीन की मौत पेट में पॉलीथिन जमा होने के कारण हुई, जबकि शेष दो गोवंश डीहाइड्रेशन का शिकार हो गए। इस घटना के निरीक्षण के दौरान, एक थैले में 67 मृत गोवंश के टैग मिलने से मामला और भी गंभीर हो गया है। स्थानीय लोगों ने गौशाला प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं और इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जाँच की मांग की है। यह घटना गोसंरक्षण के नाम पर चल रही व्यवस्था में एक बड़ी चूक पर सवाल उठा रही है, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट ईटीवी नाइन देश की दस्तक द्वारा प्रकाशित की गई है।1