समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री को सौंपा आवेदन, सांख्यिकी स्वयंसेवकों ने भविष्य को लेकर की सहानुभूतिपूर्वक विचार की मांग सुपौल में समृद्धि यात्रा के दौरान सांख्यिकी स्वयंसेवकों ने अपने भविष्य को लेकर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री को आवेदन सौंपकर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की मांग की है। स्वयंसेवकों का कहना है कि योजना एवं विकास विभाग के नियंत्रणाधीन अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय द्वारा आयोजित दक्षता परीक्षा में उत्तीर्ण घोषित किए जाने के बाद उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं में कार्य करने का अवसर दिया गया था। आवेदन में बताया गया कि सरकार द्वारा संचालित कई महत्वपूर्ण योजनाओं जैसे आर्थिक गणना, जन्म-मृत्यु निबंधन, फसल क्षेत्र सर्वेक्षण, छठी आर्थिक गणना तथा फसल कटनी प्रयोग जैसे कार्यों में मान्यता प्राप्त सांख्यिकी स्वयंसेवकों की सेवाएं ली गईं। स्वयंसेवकों ने कहा कि उन्होंने दो से तीन वर्षों तक पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया और सरकार की योजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन कार्यों के बदले सरकार की ओर से उन्हें पारिश्रमिक का भी भुगतान किया गया। हालांकि स्वयंसेवकों का आरोप है कि इतने वर्षों तक सेवा देने के बावजूद सरकार द्वारा उनका पैनल बिना किसी स्पष्ट कारण के रद्द कर दिया गया है। इस निर्णय से सभी मान्यता प्राप्त सांख्यिकी स्वयंसेवकों के सामने भविष्य को लेकर अनिश्चितता की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने कहा कि पैनल रद्द होने से उनका भविष्य अंधकारमय दिखाई देने लगा है और कई स्वयंसेवकों के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। सांख्यिकी स्वयंसेवकों ने मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि वे इस मामले में संवेदनशीलता के साथ पहल करें और उनके भविष्य के संबंध में सहानुभूतिपूर्वक विचार करें। उनका मानना है कि राज्य सरकार हमेशा जनहित और युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर रही है, इसलिए उन्हें उम्मीद है कि सरकार इस समस्या का समाधान निकालते हुए सांख्यिकी स्वयंसेवकों के हित में उचित निर्णय
समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री को सौंपा आवेदन, सांख्यिकी स्वयंसेवकों ने भविष्य को लेकर की सहानुभूतिपूर्वक विचार की मांग सुपौल में समृद्धि यात्रा के दौरान सांख्यिकी स्वयंसेवकों ने अपने भविष्य को लेकर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री को आवेदन सौंपकर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की मांग की है। स्वयंसेवकों का कहना है कि योजना एवं विकास विभाग के नियंत्रणाधीन अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय द्वारा आयोजित दक्षता परीक्षा में उत्तीर्ण घोषित किए जाने के बाद उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं में कार्य करने का अवसर दिया गया था। आवेदन में बताया गया कि सरकार द्वारा संचालित कई महत्वपूर्ण योजनाओं जैसे आर्थिक गणना, जन्म-मृत्यु निबंधन, फसल क्षेत्र सर्वेक्षण, छठी आर्थिक गणना तथा फसल कटनी प्रयोग जैसे कार्यों में मान्यता प्राप्त सांख्यिकी स्वयंसेवकों की सेवाएं ली गईं। स्वयंसेवकों ने कहा कि उन्होंने दो से तीन वर्षों तक पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया और सरकार की योजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन कार्यों के बदले सरकार की ओर से उन्हें पारिश्रमिक का भी भुगतान किया गया। हालांकि स्वयंसेवकों का आरोप है कि इतने वर्षों तक सेवा देने के बावजूद सरकार द्वारा उनका पैनल बिना किसी स्पष्ट कारण के रद्द कर दिया गया है। इस निर्णय से सभी मान्यता प्राप्त सांख्यिकी स्वयंसेवकों के सामने भविष्य को लेकर अनिश्चितता की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने कहा कि पैनल रद्द होने से उनका भविष्य अंधकारमय दिखाई देने लगा है और कई स्वयंसेवकों के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। सांख्यिकी स्वयंसेवकों ने मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि वे इस मामले में संवेदनशीलता के साथ पहल करें और उनके भविष्य के संबंध में सहानुभूतिपूर्वक विचार करें। उनका मानना है कि राज्य सरकार हमेशा जनहित और युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर रही है, इसलिए उन्हें उम्मीद है कि सरकार इस समस्या का समाधान निकालते हुए सांख्यिकी स्वयंसेवकों के हित में उचित निर्णय
- Post by Mankhush kumar1
- मधेपुरा में नकली नोट के जरिए बाजार में ठगी करने वाले अंतरजिला गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस कार्रवाई में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 80 हजार रुपये के नकली नोट समेत अन्य सामान बरामद किए गए हैं। घटना 14 अप्रैल की है, जब पुरैनी थाना क्षेत्र के भटौनी गांव में दो युवक नकली 200 रुपये के नोट से सामान खरीदते पकड़े गए। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर तलाशी ली, जहां से 23 नकली नोट, दो मोबाइल और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई। पूछताछ में मुख्य आरोपी नितीश कुमार की निशानदेही पर पूर्णिया जिले के जानकीनगर थाना क्षेत्र में छापेमारी की गई, जहां से मो. ऐनुल के पास से 80 हजार रुपये के नकली नोट बरामद हुए। इससे अंतरजिला स्तर पर फैले गिरोह का खुलासा हुआ। उदाकिशुनगंज एसडीपीओ अविनाश कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई विशेष अभियान के तहत की गई है और गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। उन्होंने आम लोगों से संदिग्ध नोट मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील की है। पुलिस ने दोनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई तेज कर दी है। बाइट - अविनाश कुमार, एसडीपीओ, उदाकिशुनगंज4
- सहरसा: अंतरजिला लुटेरा गिरोह का पर्दाफाश, एक आरोपी गिरफ्तार, एक बालक निरुद्ध1
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- सुपौल जिले के सिमराहा गांव के ग्रामीणों ने लगाया आरोप, मुखिया और वार्ड सदस्य पर भेदभाव का आरोप 96670154731
- खबर है सहरसा जिले के बैजनाथपुर थाना क्षेत्र के जहां पदमपुरा गांव से बराही गांव जाने वाली मुख्य सड़क मार्ग में शाम होते ही नशा कारोबारियों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है। इसको लेकर दर्जनों लोगों ने बताया की अन्य जिले से कई युवक अपने बाइक से शाम ढलते ही इस सड़क मार्ग में आते हैं जहां पहले से ही नशा के शौकीन उनके इंतजार में रहते हैं इस दौरान वे अपने साथ प्रतिबंधित कोरेक्स के अलावा स्मैक भी लेकर आता है इससे पहले उनके द्वारा नियुक्त एजेंट दिन भर ग्राहक के तलाश में घूमते रहते हैं जिसका अंदाजा लगाया जाना भी मुश्किल हो जाता है। कई बार उसे गिरफ्त में लेने का प्रयास भी किया गया है मगर स्थानीय कुछ युवा के मदद से जो नशा के शिकार हो चुके हैं उनके मदद से वो फरार हो जाता है। इसको लेकर स्थानीय लोगों ने शाम होने के बाद इस सड़क मार्ग में पुलिस गस्ती तेज करने की मांग उठाया है जिससे नशा कारोबारी पुलिस की गिरफ्त में आ सके।1
- सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत नव प्राथमिक विद्यालय गड़िया में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कक्षा पहली से पांचवीं तक के उन मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपनी कक्षा में उच्च अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया—“अपने बच्चों को स्कूल जरूर भेजें।” नन्हे कलाकारों के शानदार नृत्य प्रदर्शन ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया और तालियों की गूंज से पूरा विद्यालय परिसर गूंज उठा। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सहित पंचायत के जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों का मनोबल बढ़ाना है, ताकि वे नियमित रूप से विद्यालय आएं और शिक्षा के प्रति जागरूक बनें। उन्होंने यह भी अपील की कि हर ग्रामीण अपने आसपास के बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करें, जिससे उन्हें बेहतर शिक्षा मिल सके। कार्यक्रम ने न केवल बच्चों को सम्मानित किया, बल्कि पूरे समाज को शिक्षा के महत्व का संदेश भी दिया।1
- Post by Kumar Raj1
- Post by मिथिलेश कुमार1