दिनांक 30.05.2026 को जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी महोदय की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा पोषण ट्रैकर पर पंजीकृत लाभार्थियों के वजन फीड किए जाने की समीक्षा करना था। जिलाधिकारी महोदय ने सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को शत-प्रतिशत लाभार्थियों का वजन आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के माध्यम से फीड किए जाने हेतु निर्देशित किया। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी ने अवगत कराया कि जनपद के 48 ऐसे आंगनवाड़ी केंद्र हैं जो नान को-लोकेटेड हैं, वहाँ बर्तन न होने के कारण हाटकुक्ड मील योजना के तहत खाना नहीं बन पा रहा है। इस पर जिलाधिकारी महोदय ने तत्काल निर्देश दिए कि इन सभी 48 नान को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों पर खाना पकाने और परोसने के लिए बर्तन तथा गैस कनेक्शन की उपलब्धता शीघ्र सुनिश्चित की जाए। स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी कार्यक्रमों में गतिशीलता और समन्वय स्थापित करने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी के साथ समन्वय कर सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और बाल विकास परियोजना स्तर पर 'AAA' की बैठकें अतिशीघ्र या आगामी बैठक से पहले आयोजित करने का निर्देश दिया गया। इन बैठकों में समस्त अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, समस्त खंड विकास अधिकारी और समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी, जहाँ स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी कार्यक्रमों की जानकारी और प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जनपद के आंगनवाड़ी केंद्रों को विकसित करने के लिए वाराणसी मॉडल का अध्ययन कर सुलतानपुर जनपद हेतु एक कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा गया। सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी/प्रभारी को एक सप्ताह के भीतर अपनी-अपनी परियोजना के एक-एक आंगनवाड़ी केंद्र को मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र बनाते हुए प्रस्तुतीकरण तैयार कर प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया गया। NFHS6 के नवीनतम डेटा जारी होने के संदर्भ में, जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद सुलतानपुर के डेटा का विश्लेषण किया जाए और आगामी जिला पोषण समिति की बैठक में तदनुसार डेटा प्रस्तुत किया जाए। साथ ही, जनपद में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को पुरस्कृत करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी, उपायुक्त श्रमरोजगार, उपायुक्त स्वतः रोजगार, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी तथा समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी उपस्थित रहे।
दिनांक 30.05.2026 को जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी महोदय की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा पोषण ट्रैकर पर पंजीकृत लाभार्थियों के वजन फीड किए जाने की समीक्षा करना था। जिलाधिकारी महोदय ने सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को शत-प्रतिशत लाभार्थियों का वजन आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के माध्यम से फीड किए जाने हेतु निर्देशित किया। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी ने अवगत कराया कि जनपद के 48 ऐसे आंगनवाड़ी केंद्र हैं जो नान को-लोकेटेड हैं, वहाँ बर्तन न होने के कारण हाटकुक्ड मील योजना के तहत खाना नहीं बन पा रहा है। इस पर जिलाधिकारी महोदय ने तत्काल निर्देश दिए कि इन सभी 48 नान को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों पर खाना पकाने और परोसने के लिए बर्तन तथा गैस कनेक्शन की उपलब्धता शीघ्र सुनिश्चित की जाए। स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी कार्यक्रमों में गतिशीलता और समन्वय स्थापित करने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी के साथ समन्वय कर सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और बाल विकास परियोजना स्तर पर 'AAA' की बैठकें अतिशीघ्र या आगामी बैठक से पहले आयोजित करने का निर्देश दिया गया। इन बैठकों में समस्त अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, समस्त खंड विकास अधिकारी और समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी, जहाँ स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी कार्यक्रमों की जानकारी और प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जनपद के आंगनवाड़ी केंद्रों को विकसित करने के लिए वाराणसी मॉडल का अध्ययन कर सुलतानपुर जनपद हेतु एक कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा गया। सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी/प्रभारी को एक सप्ताह के भीतर अपनी-अपनी परियोजना के एक-एक आंगनवाड़ी केंद्र को मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र बनाते हुए प्रस्तुतीकरण तैयार कर प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया गया। NFHS6 के नवीनतम डेटा जारी होने के संदर्भ में, जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद सुलतानपुर के डेटा का विश्लेषण किया जाए और आगामी जिला पोषण समिति की बैठक में तदनुसार डेटा प्रस्तुत किया जाए। साथ ही, जनपद में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को पुरस्कृत करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी, उपायुक्त श्रमरोजगार, उपायुक्त स्वतः रोजगार, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी तथा समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी उपस्थित रहे।
- रायबरेली जिले के सरेनी थाना क्षेत्र स्थित गेगासो घाट पर एक महिला ने पारिवारिक विवाद के चलते गंगा नदी में छलांग लगा दी, जिससे वहाँ हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मिली जानकारी के अनुसार, महिला की पहचान रामपुर मजरे ऐहार गांव निवासी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि पारिवारिक कलह से परेशान होकर महिला ने यह कदम उठाया था। घाट पर मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। पुलिस की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई के चलते महिला की जान बच गई। घटना के बाद पुलिस ने महिला को सुरक्षित हिरासत में लेकर उसके परिजनों को सूचना दी। पुलिस ने महिला के परिवार वालों को बुलाकर उन्हें समझाइश दी और महिला को सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस की इस संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोगों द्वारा सराहना की जा रही है।1
- लखनऊ में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार, मृतका की शादी लगभग डेढ़ साल पहले हुई थी। इस मामले में नवविवाहिता के चाचा ने सीधे तौर पर पति और ससुर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि स्कॉर्पियो गाड़ी की मांग पूरी न होने पर दोनों ने मिलकर महिला की हत्या कर दी।1
- लखनऊ में पल्लव चैरिटेबल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा 151 विभूतियों को सम्मानित किया गया।1
- अयोध्या के रामनगर धौरहरा में भाजपा कार्यकर्ता शिवम सिंह की दिनदहाड़े पीट-पीटकर की गई हत्या के मामले में लखनऊ की विभूतिखंड पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस हत्याकांड के तीन आरोपियों शांतनु रावत उर्फ अंकित रावत, हरि तिवारी और विवेक सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। इस मामले में एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है, जिस पर पुलिस ने इनाम घोषित किया है। एडीसीपी ईस्ट डॉ. अमोल मुरकूट ने इन गिरफ्तारियों की पुष्टि करते हुए पुलिस कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी है। हालांकि, इन गिरफ्तारियों के बाद अब पूरे अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में कानून के समान पैमाने को लेकर एक नया सवाल चर्चा का विषय बन गया है। इस मुद्दे पर सपा नेता अनूप सिंह ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश में कई चर्चित मामलों में अपराधियों के खिलाफ एनकाउंटर, बुलडोजर और कठोर कार्रवाई देखने को मिली है।1
- लखनऊ में कांग्रेस पार्टी ने पेपर लीक के मुद्दे पर जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए एक मशाल जुलूस निकाला। इस प्रदर्शन में NSUI, यूथ विंग, महिला मोर्चा और सेवा दल सहित कांग्रेस पार्टी के सभी विंगों ने भागीदारी की। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी और हंगामा किया। प्रदर्शनकारी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि बार-बार पेपर लीक होने और परीक्षाओं के रद्द होने से छात्र मानसिक रूप से बेहद परेशान हो चुके हैं। हाथ में मशाल लेकर विधानसभा घेरने की कोशिश कर रहे इन प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोक दिया।2
- राजधानी लखनऊ में सुलतानपुर हाईवे पर लगे एक रोड मैप (साइनबोर्ड) का अंकलन टूटकर उड़ते हुए शहीद पथ के किनारे जा गिरा, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। बोर्ड के इस तरह गिरने से गंभीर दुर्घटना की आशंका थी, लेकिन राहगीरों और वाहन चालकों को तुरंत सूचित किया गया। इसके बाद स्थानीय लोगों और कुछ राहगीरों की मदद से इस गिरे हुए बोर्ड को एक सुरक्षित जगह पर रखवा दिया गया। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि यह घटना नगर निगम द्वारा बोर्ड की नियमित देखरेख और सुरक्षित रूप से उसे स्थापित करने में बरती गई चूक का नतीजा है। इस वाकये ने सार्वजनिक और प्रशासनिक स्तर पर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर ऐसी लापरवाही के कारण कोई बड़ा हादसा होता और किसी की जान चली जाती, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी मानी जाएगी। इस संबंध में नगर निगम से टिप्पणी मांगी जा रही है।1
- शुरू लोकल न्यूज़ की उत्तर प्रदेश मुख्यालय से क्षमा डाटा लव कुश की एक खास रिपोर्ट में करोना वायरस के समाप्त होने को लेकर एक सीधा सवाल उठाया गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, करोना के बाद अब एक नया डर सामने आया है, जिसे हंता वायरस के रूप में पहचाना गया है।1
- उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के मऊरानीपुर क्षेत्र में स्थित एक मॉडल शॉप के भीतर कुछ लोगों द्वारा कर्मचारियों के साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ व्यक्ति मॉडल शॉप के अंदर घुसकर कर्मचारियों के साथ अभद्रता और मारपीट कर रहे हैं, जिससे दुकान में अफरा-तफरी मच गई और मौजूद लोग सहम गए। इस मारपीट की घटना के बाद संबंधित पक्षों द्वारा पुलिस को सूचना दी गई। वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना से जुड़े तथ्यों को खंगाला जा रहा है। स्थानीय लोगों ने ऐसी घटनाओं को सार्वजनिक स्थानों पर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला बताया है। पुलिस ने कहा है कि वायरल वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है और घटना में शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।1