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Seoni News: बांकी हाई स्कूल में उमंग दिवस, विद्यार्थियों को मिला स्वस्थ जीवन और सकारात्मक सोच का संदेश
BS News Network
Seoni News: बांकी हाई स्कूल में उमंग दिवस, विद्यार्थियों को मिला स्वस्थ जीवन और सकारात्मक सोच का संदेश
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- मासूमों के स्कूल में लापरवाही का खेल! गेट पर कचरे का ढेर, खुले गड्ढे और ट्रांसफार्मर बना खतरा अंदर गंदगी, शौचालय बदहाल 14 बच्चों पर दो शिक्षक गेट से सटा निजी शौचालय गंदा पानी खुले गड्ढे में ग्रामीणों ने पंचायत और शिक्षा विभाग पर उठाए गंभीर सवाल सिवनी जिले की ग्राम पंचायत कान्हीवाड़ा अंतर्गत तहसीलटोला की प्राथमिक शाला में अव्यवस्थाओं का अंबार है। कक्षा पहली से पांचवीं तक यहां महज 14 बच्चे अध्ययनरत हैं और दो शिक्षक पदस्थ हैं, लेकिन स्कूल की अव्यवस्थाएं बच्चों की सुरक्षा और स्वच्छता दोनों पर सवाल खड़े करती हैं। स्कूल के मुख्य गेट के ठीक सामने ग्राम पंचायत द्वारा कचरा एकत्र करने के लिए नाडेप बनाया गया है, जहां कचरे का ढेर लगा रहता है। इसके पास ही बिजली विभाग का ट्रांसफार्मर लगा है। गेट के सामने हेडपंप का सोक टैंक और खुला गड्ढा भी है, जिससे बच्चों के लिए खतरा बना हुआ है। हालात यहीं नहीं रुकते। स्कूल के गेट से बिल्कुल सटकर एक ग्रामीण द्वारा शौचालय बना दिया गया है, जिसका गंदा पानी गेट के सामने बने खुले गड्ढे में गिर रहा है। स्कूल परिसर के अंदर प्रवेश करने पर भी कचरा और गंदगी का अंबार नजर आता है, जबकि स्कूल के शौचालय भी गंदगी से भरे पड़े हैं। जब हमारी टीम मौके पर पहुंची तो प्रधान पाठक अटेंडेंस लगाकर स्कूल से कहीं चले गए थे, जो बुलाने पर आए। इस स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने स्कूल के शिक्षकों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों और पंचायत पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि छोटे बच्चों के स्कूल में इस तरह की अव्यवस्था कभी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। लोगों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर स्कूल की सफाई, खुले गड्ढों और अन्य खतरनाक स्थितियों को तत्काल दुरुस्त कराने तथा जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।1
- Seoni News: बांकी हाई स्कूल में उमंग दिवस, विद्यार्थियों को मिला स्वस्थ जीवन और सकारात्मक सोच का संदेश1
- *शराब बंदी को लेकर ग्राम घोघरी की महिलाओं ने ग्राम में रैली निकाल मदद के लिए पुलिस चौकी पहुंची* बादलपार पुलिस चौकी के अंतर्गत ग्राम पंचायत सागर की ग्राम घोघरी में आज दिनांक 22 तारीख दिन मंगलवार को ग्राम में एक बैठक का आयोजन किया जिसमें महिला एवं पुरुष सभी ने भाग लिया तत्पश्चात बैठक में निर्णय लिया कि ग्राम में आए दिन गांव में शराब से माहौल खराब हो रहा है बताया गया कि शराब पीकर लोग बहुत परेशान करते हैं, खेती-बाड़ी का काम न करना, शराब पीने के लिए घर का अनाज बेचना , छोटी-छोटी बातों पर महिलाओं को मारपीट करना ऐसी बातें सामने आई जिसे लेकर महिला एवं पुरुष ने मिलकर शराब बंदी रैली निकाल कर गांव में घर-घर जाकर संदेश दिया एवं बड़ी संख्या में महिलाएं एवं पुरुष पुलिस चौकी बादल पार पहुंचकर एक ज्ञापन सोप महिलाओं में मदद की मांग की।2
- छिंदवाड़ा में तेज बारिश और तूफान से फसल बर्बाद: खड़ी मक्के की फसल तेज हवा से जमीन में बिछी, किसानों ने की सर्वे और मुआवजे की मांग छिंदवाड़ा। जिले में मौसम की मार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शिकारपुर और आसपास के इलाकों में तेज बारिश के साथ आए आंधी-तूफान के कारण खेतों में खड़ी मक्के की फसल जमीन पर लेट गई। किसानों का दावा है कि बड़ी मात्रा में फसल खराब होने की कगार पर पहुंच गई है। ग्रामीणों के मुताबिक कुछ खेतों में करीब 70 से 80 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है, जबकि किसान पप्पू मोहरे ने 80 से 90 प्रतिशत तक फसल नुकसान का अनुमान बताया है। आंधी-तूफान में खेतों में लेट गई मक्के की फसल शिकारपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों में हुई तेज बारिश और आंधी-तूफान का असर किसानों की मक्के की फसल पर पड़ा है। खेतों में खड़ी फसल तेज हवा के कारण जमीन पर गिर गई। किसानों का कहना है कि फसल के इस तरह गिर जाने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। 70 से 80 फीसदी फसल नुकसान का दावा ग्रामीणों का कहना है कि कई खेतों में मक्के की फसल बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई है। किसानों के मुताबिक करीब 70 से 80 प्रतिशत तक फसल बर्बाद होने की स्थिति में है। वहीं किसान पप्पू मोहरे ने मीडिया से चर्चा में बताया कि उनके क्षेत्र में आंधी-तूफान के कारण करीब 80 से 90 प्रतिशत तक फसल नुकसान का अनुमान है। छिंदवाड़ा में तेज बारिश और तूफान से फसल बर्बाद: खड़ी मक्के की फसल तेज हवा से जमीन में बिछी, किसानों ने की सर्वे और मुआवजे की मांग छिंदवाड़ा। जिले में मौसम की मार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शिकारपुर और आसपास के इलाकों में तेज बारिश के साथ आए आंधी-तूफान के कारण खेतों में खड़ी मक्के की फसल जमीन पर लेट गई। किसानों का दावा है कि बड़ी मात्रा में फसल खराब होने की कगार पर पहुंच गई है। ग्रामीणों के मुताबिक कुछ खेतों में करीब 70 से 80 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है, जबकि किसान पप्पू मोहरे ने 80 से 90 प्रतिशत तक फसल नुकसान का अनुमान बताया है। आंधी-तूफान में खेतों में लेट गई मक्के की फसल शिकारपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों में हुई तेज बारिश और आंधी-तूफान का असर किसानों की मक्के की फसल पर पड़ा है। खेतों में खड़ी फसल तेज हवा के कारण जमीन पर गिर गई। किसानों का कहना है कि फसल के इस तरह गिर जाने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। 70 से 80 फीसदी फसल नुकसान का दावा ग्रामीणों का कहना है कि कई खेतों में मक्के की फसल बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई है। किसानों के मुताबिक करीब 70 से 80 प्रतिशत तक फसल बर्बाद होने की स्थिति में है। वहीं किसान पप्पू मोहरे ने मीडिया से चर्चा में बताया कि उनके क्षेत्र में आंधी-तूफान के कारण करीब 80 से 90 प्रतिशत तक फसल नुकसान का अनुमान है।1
- छिंदवाड़ा की धरती से आयुर्वेद की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो आपको हैरान भी करेगी और गौरवान्वित भी... महज 8 दिनों में 15 देशों का सफर, और इस पूरे सफर के दौरान मरीजों का उपचार... जी हां, छिंदवाड़ा के विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर प्रकाश टाटा ने आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवा के लिए एक अनोखा सफर पूरा किया है। पातालकोट की जड़ी-बूटियों और आयुर्वेदिक चिकित्सा को दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचाने का उनका यह प्रयास चर्चा में है। छिंदवाड़ा के पातालकोट की औषधीय जड़ी-बूटियों को लेकर आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर प्रकाश टाटा ने महज 8 दिनों में 15 देशों की यात्रा पूरी की। पुर्तगाल, स्पेन, फ्रांस, लक्जमबर्ग, बेल्जियम, नीदरलैंड और जर्मनी समेत कई देशों के इस दौरे का मकसद सिर्फ यात्रा करना नहीं, बल्कि वहां रह रहे मरीजों को आयुर्वेदिक उपचार और परामर्श देना था। डॉक्टर प्रकाश टाटा के मुताबिक, इस चुनौतीपूर्ण यात्रा के दौरान उन्होंने अलग-अलग देशों में मरीजों से मुलाकात की, उनकी नब्ज देखी, स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली और जरूरत के अनुसार आयुर्वेदिक औषधियां उपलब्ध कराईं। खास बात यह रही कि व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद डॉक्टर टाटा मरीजों के साथ समय बिताते रहे। उन्होंने मरीजों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य का हाल जाना और उन्हें मानसिक रूप से भी संबल देने का प्रयास किया। डॉक्टर प्रकाश टाटा इससे पहले भी कई देशों का दौरा कर चुके हैं और विदेशों में रहने वाले मरीजों को आयुर्वेदिक चिकित्सा और परामर्श देते रहे हैं। उनका कहना है कि मरीजों की सेवा और उनके साथ समय बिताना उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि कम समय में अधिक देशों की यात्रा के बावजूद उन्होंने उपचार और मरीजों से संवाद को प्राथमिकता दी।4
- पाँचवीं अनुसूचित क्षेत्र तामिया में दूधी सिंचाई परियोजना के विरोध में सैकड़ों आदिवासी किसानों का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा गया सामूहिक ज्ञापन पाँचवीं अनुसूचित क्षेत्र तामिया में दूधी सिंचाई परियोजना के विरोध में सैकड़ों आदिवासी किसानों का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा गया सामूहिक ज्ञापन फर्जी ग्रामसभा, बार-बार नोटिस और बिना ग्रामसभा की स्वतंत्र सहमति भूमि अधिग्रहण का आरोप; 7 अक्टूबर तक कार्रवाई नहीं हुई तो जनआंदोलन की चेतावनी छिंदवाड़ा | 22 सितम्बर 2026 पाँचवीं अनुसूचित क्षेत्र तामिया विकासखंड में प्रस्तावित दूधी सिंचाई परियोजना के विरोध में आज जिला मुख्यालय छिंदवाड़ा में सैकड़ों आदिवासी किसान एवं प्रभावित ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल, मध्यप्रदेश के नाम विस्तृत सामूहिक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में तामिया विकासखंड के 11 प्रभावित ग्रामों के ग्रामवासियों ने आरोप लगाया कि उनकी पुश्तैनी कृषि भूमि और आजीविका पर संकट उत्पन्न हो गया है तथा ग्रामसभाओं द्वारा परियोजना का विरोध किए जाने के बावजूद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। 11 ग्रामों के 1166 परिवार होंगे प्रभावित ज्ञापन के अनुसार दूधी सिंचाई परियोजना से लगभग 752.54 हेक्टेयर भूमि प्रभावित हो रही है तथा 1166 आदिवासी परिवार विस्थापन की जद में हैं। प्रभावित ग्राम हैं— * पोंड़ी * पाठई * खुनिया * घमहरा * केवलारी * खापासानी * देहगांव कला * चावलपानी * नजरपुर कामठी * खेरीशेरगंजाना * बहेरी खुर्द ग्रामीणों का कहना है कि यह पूरा क्षेत्र संविधान की पाँचवीं अनुसूची के अंतर्गत अधिसूचित अनुसूचित क्षेत्र है, इसलिए यहां भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में ग्रामसभा की भूमिका सर्वोपरि है। ग्रामसभा के निर्णय की अनदेखी का आरोप प्रभावित ग्रामसभाओं ने दावा किया कि पूर्व में आयोजित ग्रामसभाओं में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर स्पष्ट निर्णय लिया गया था कि दूधी सिंचाई परियोजना के लिए भूमि नहीं दी जाएगी। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा बार-बार ग्रामसभा बुलाने, नोटिस जारी करने और पुनः सहमति लेने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में असंतोष व्याप्त है। बार-बार नोटिस देकर मानसिक दबाव बनाने का आरोप ग्रामीणों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कई बार नोटिस जारी कर ग्रामीणों को उपस्थित होने के लिए बाध्य किया जा रहा है। उनका कहना है कि अधिकांश ग्रामीण कानून की जानकारी से वंचित हैं और नोटिसों की भाषा से भय एवं मानसिक दबाव का वातावरण बनाया जा रहा है। राष्ट्रीय क्रांति मोर्चा ने उठाए संवैधानिक सवाल राष्ट्रीय क्रांति मोर्चा (RKM) एवं JBD GROUP ने कहा कि पाँचवीं अनुसूची, PESA Act 1996, मध्यप्रदेश पेसा नियम 2022, वन अधिकार अधिनियम 2006 तथा भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम 2013 के प्रावधानों का पालन किए बिना भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। संगठन ने मांग की कि ग्रामसभा की स्वतंत्र, पूर्व एवं सूचित सहमति के बिना किसी भी प्रकार की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जाए। किसानों की प्रमुख मांगें ज्ञापन में प्रशासन से निम्न प्रमुख मांगें की गईं— * दूधी सिंचाई परियोजना से संबंधित भूमि अधिग्रहण की समस्त कार्रवाई तत्काल स्थगित की जाए। * पूर्व में पारित ग्रामसभा प्रस्तावों को विधिक मान्यता दी जाए। * किसी भी ग्रामसभा की कार्यवाही वीडियो रिकॉर्डिंग एवं सार्वजनिक सूचना के साथ पारदर्शी तरीके से कराई जाए। * कथित फर्जी ग्रामसभा और सहमति की स्वतंत्र जांच कराई जाए। * प्रभावित ग्रामीणों को जारी सभी नोटिस वापस लिए जाएं। * संबंधित अधिकारियों द्वारा दबाव और डराने-धमकाने की शिकायतों की जांच की जाए। * प्रत्येक प्रभावित ग्राम में संविधान, पेसा कानून एवं भूमि अधिग्रहण कानून पर जनसुनवाई आयोजित की जाए। 7 अक्टूबर से जनआंदोलन की चेतावनी ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि यदि 7 अक्टूबर 2026 तक प्रशासन द्वारा लिखित रूप से उचित निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रभावित ग्रामों के ग्रामीण लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन, विशाल ग्रामसभा, पारंपरिक आदिवासी पंचायत सम्मेलन और जिला स्तर पर जनआंदोलन शुरू करेंगे। बड़ी संख्या में किसान और संगठन के पदाधिकारी रहे उपस्थित आज कलेक्ट्रेट में आयोजित ज्ञापन कार्यक्रम में पाँचवीं अनुसूचित क्षेत्र के सभी प्रभावित गांवों से सैकड़ों किसान एवं आदिवासी ग्रामीण शामिल हुए। इस दौरान राष्ट्रीय क्रांति मोर्चा एवं JBD GROUP की ओर से देवरावेन भलावी (संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष), कृष्णा सल्लाम, तुलसी धुर्वे सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे। जारीकर्ता समस्त किसान दूधी परियोजना के विरोध में एवं राष्ट्रीय क्रांति मोर्चा (RKM) JBD GROUP युवा एवं छात्र संगठन जिला इकाई – छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) एकता • संघर्ष • अधिकार • सम्मान4
- जनसुनवाई में एसपी ने सुनी फरियादियों की समस्याएं मौके पर अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के निर्देश सिवनी। पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी ने मंगलवार को एसपी कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में आमजन की समस्याएं सुनीं। कई मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। महिलाओं, बुजुर्गों और कमजोर वर्ग से जुड़ी शिकायतों पर प्राथमिकता से कार्रवाई के निर्देश दिए गए।1
- Seoni News: तेज आंधी ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानी, खेतों में बिछी मक्के की फसल1
- *श्री महामाया मंदिर नंदौरा में हवन-पूजन के साथ हुई भव्य महाआरती* गणेश उत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल, महाप्रसाद भंडारे में भक्तों ने ग्रहण किया प्रसाद बिहारीलाल सोनी- 21 सितम्बर, सोमवार सिवनी- श्री महामाया मंदिर नंदौरा में गणेश उत्सव के पावन पर्व पर प्रतिदिन भगवान श्री गणेश जी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना, आरती एवं भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। इसमें महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। श्री महामाया मंदिर गणेश पूजा उत्सव समिति के तत्वावधान में सोमवार 21 सितंबर को भगवान श्री गणेश जी का विधि-विधान से हवन-पूजन संपन्न कराया गया। इसके पश्चात बजरंग उत्सव समिति मोरखा, (चौरई) द्वारा बैंड की धुन पर भगवान श्री गणेश एवं मां श्री महामाया की भव्य महाआरती की गई। महाआरती के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। महिलाओं ने भी थाल में दीप प्रज्ज्वलित कर सामूहिक महाआरती में सहभागिता की। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं भक्तों ने महाआरती में शामिल होकर धर्मलाभ अर्जित किया। हवन-पूजन एवं महाआरती के पश्चात समिति के तत्वावधान में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया। नंदौरा सहित आसपास के ग्रामों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने आयोजन में सहभागिता की। आयोजन समिति ने सभी भक्तों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।2