झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने यह स्पष्ट किया है कि एसआईआर 2026 (विशेष गहन पुनरीक्षण 2026) के प्रारूप मतदाता सूची से पांच श्रेणियों के अनकलेक्टिवल इन्यूमरेशन फॉर्म को शामिल नहीं किया जाएगा। उन्होंने कुछ सोशल मीडिया और पारंपरिक मीडिया द्वारा फैलाई जा रही भ्रामक और गलत जानकारी का खंडन किया, जिसमें कहा जा रहा था कि मौजूदा मतदाता सूची से कुछ मतदाताओं के नाम हटा दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ राजनीतिक नेता भी संवैधानिक अधिकारों और भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों को स्पष्ट किए बिना दुष्प्रचार वाले बयान दे रहे हैं, जबकि आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक छूटे नहीं और कोई भी अपात्र व्यक्ति शामिल न हो। मतदाता के रूप में पंजीकरण का अधिकार भारत के संविधान के अनुच्छेद 326 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 के तहत एक संवैधानिक तथा वैधानिक अधिकार है। के. रवि कुमार ने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बीच का अंतर समझाया। SSR एक वार्षिक एकल-चरण प्रक्रिया है, जिसमें मौजूदा मतदाताओं को प्रारूप सूची में शामिल किया जाता है और शुद्धिकरण के लिए दावे व आपत्तियां आमंत्रित की जाती हैं। इसके विपरीत, SIR एक 'डी-नोवो' (नए सिरे से) दो-चरणीय प्रक्रिया है, जो झारखंड में 23 वर्षों के बाद आयोजित की जा रही है। इसमें मतदाता सूची के सभी मौजूदा मतदाताओं को इन्यूमरेशन फॉर्म दिए जाते हैं, और जो मतदाता इन फॉर्म पर हस्ताक्षर कर जमा करेंगे, उन्हें बिना किसी दस्तावेज़ के प्रारूप मतदाता सूची में शामिल कर लिया जाएगा। दूसरे चरण में, भारत के नागरिकों से मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए दावे और आपत्तियां आमंत्रित की जाती हैं, तथा प्रपत्र-7 में किसी मतदाता के नाम को बाहर करने के लिए आपत्ति भी स्वीकार की जाती है। स्वतंत्रता के बाद से अब तक नौ बार गहन पुनरीक्षण हो चुका है, और वर्तमान SIR 2025-26 देश का दसवां गहन पुनरीक्षण है। यह प्रक्रिया SSR की तरह ही पारदर्शी और सहभागी है। इन्यूमरेशन फेज (30 जून 2026 से 29 जुलाई 2026) के दौरान, 2026 की वर्तमान मतदाता सूची के सभी मौजूदा मतदाताओं को इन्यूमरेशन फॉर्म प्रदान किए जाएंगे। जो भी मतदाता हस्ताक्षरित इन्यूमरेशन फॉर्म जमा करेंगे, उन्हें एसआईआर 2026 की प्रारूप मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा, भले ही वे किसी भी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की पिछली एसआईआर मतदाता सूची से मैप किए गए हों या नहीं। इस चरण में मतदाताओं द्वारा कोई दस्तावेज़ जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, निम्नलिखित पांच श्रेणियों के अनकलेक्टिवल इन्यूमरेशन फॉर्म को एसआईआर 2026 की प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाएगा: 1. **पहले से नामांकित (D - डुप्लिकेट/एकाधिक प्रविष्टि):** जिन मतदाताओं ने एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्र या मतदान केंद्र पर पंजीकरण कराया है। इन्हें केवल उसी मतदान केंद्र में शामिल किया जाएगा जहां उन्होंने हस्ताक्षरित फॉर्म जमा किया है, और अन्य अहस्ताक्षरित फॉर्मों को 'पहले से नामांकित' के रूप में अपलोड किया जाएगा। 2. **मृत (D - Dead):** मृत मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे। परिवार के सदस्यों को बिना हस्ताक्षर किए फॉर्म वापस करने होंगे, जिस पर कारण दर्ज होगा और रसीद लेनी होगी। 3. **स्थायी रूप से स्थानांतरित (S - Permanently Shifted):** जो मतदाता दूसरे मतदान केंद्र क्षेत्र में स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए हैं और अपना नाम नहीं हटवाया है, उनके परिवार के सदस्य बिना हस्ताक्षर किए फॉर्म वापस करेंगे। यदि पूरा परिवार स्थानांतरित हो गया है, तो बीएलओ फील्ड वेरिफिकेशन के आधार पर कारण दर्ज करेगा। 4. **अनुपस्थित/अप्राप्य मतदाता (A - Absent/Untraceable Voters):** ऐसे मतदाता जिनके बारे में कोई जानकारी नहीं है और जो बीएलओ द्वारा स्थानीय पूछताछ के बाद भी नहीं मिल सके, उनके फॉर्म बीएलओ द्वारा 'अनुपस्थित/अप्राप्य' के रूप में अपलोड किए जाएंगे। 5. **इन्यूमरेशन फॉर्म पर हस्ताक्षर करने से इंकार (Refused to sign EF) (F - विदेशी / Foreigners):** इसमें वे मतदाता शामिल हैं जो दूसरे देश चले गए हैं और वहां की नागरिकता प्राप्त कर चुके हैं, या वे विदेशी नागरिक जिन्होंने झूठी घोषणा देकर अवैध रूप से मतदाता के रूप में पंजीकरण कराया है। इन्यूमरेशन फॉर्म पर हस्ताक्षर करके झूठी घोषणा देना दंडनीय अपराध है, और विदेशियों को फॉर्म पर हस्ताक्षर न करके इसे वापस करना होगा। ये सभी पांच श्रेणियां एएसडीडी (Absent, Shifted, Duplicate, Death) सूची का हिस्सा होंगी। यह सूची सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ-बीएलए-2 की बैठक में रखी जाएगी, जिसकी कार्यवाही और तस्वीरें ईसीआईनेट पर अपलोड की जाएंगी। एएसडीडी सूची को सभी मतदान केंद्रों, पंचायत भवनों और शहरी स्थानीय निकायों के कार्यालयों में प्रकाशित किया जाएगा, और 5 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के दौरान मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को इसकी एक प्रति भी प्रदान की जाएगी। यह जिला निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की वेबसाइट पर भी सर्चेबल फॉर्मेट में उपलब्ध होगी, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। जिन मौजूदा मतदाताओं ने इन्यूमरेशन फॉर्म पर स्वयं या माता-पिता के मैपिंग के साथ हस्ताक्षर कर जमा किया है, उन्हें एसआईआर 2026 की प्रारूप मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। मौजूदा मतदाताओं को इन्यूमरेशन फॉर्म के साथ कोई दस्तावेज़ जमा करने की आवश्यकता नहीं है। जो मतदाता एएसडीडी सूची में शामिल हैं, उन्हें प्रारूप सूची में शामिल नहीं किया जाएगा। फॉर्म पर हस्ताक्षर स्वयं मतदाता, परिवार के किसी वयस्क सदस्य द्वारा, या ईसीआईनेट के माध्यम से ऑनलाइन या बीएलओ के संपर्क में आकर किया जा सकता है। झारखंड से बाहर रहने वाले मतदाता 'बुक-ए-कॉल' सुविधा का उपयोग करके या अपने बीएलओ से संपर्क करके फॉर्म जमा कर सकते हैं। 30 जून 2026 से 29 जुलाई 2026 के इन्यूमरेशन फेज के दौरान हस्ताक्षरित फॉर्म जमा करना अनिवार्य है। दावे और आपत्ति की अवधि 5 अगस्त 2026 से 4 सितंबर 2026 तक रहेगी, जिसके दौरान कोई भी पात्र भारतीय नागरिक प्रपत्र-6 में अपना नाम शामिल करने या प्रपत्र-8 में सुधार के लिए आवेदन कर सकता है। जो नागरिक 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु प्राप्त कर रहे हैं और पंजीकृत नहीं हैं, वे भी इस अवधि के दौरान आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रपत्र-6 में आवेदन जमा कर सकते हैं।
झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने यह स्पष्ट किया है कि एसआईआर 2026 (विशेष गहन पुनरीक्षण 2026) के प्रारूप मतदाता सूची से पांच श्रेणियों के अनकलेक्टिवल इन्यूमरेशन फॉर्म को शामिल नहीं किया जाएगा। उन्होंने कुछ सोशल मीडिया और पारंपरिक मीडिया द्वारा फैलाई जा रही भ्रामक और गलत जानकारी का खंडन किया, जिसमें कहा जा रहा था कि मौजूदा मतदाता सूची से कुछ मतदाताओं के नाम हटा दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ राजनीतिक नेता भी संवैधानिक अधिकारों और भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों को स्पष्ट किए बिना दुष्प्रचार वाले बयान दे रहे हैं, जबकि आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक छूटे नहीं और कोई भी अपात्र व्यक्ति शामिल न हो। मतदाता के रूप में पंजीकरण का अधिकार भारत के संविधान के अनुच्छेद 326 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 के तहत एक संवैधानिक तथा वैधानिक अधिकार है। के. रवि कुमार ने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बीच का अंतर समझाया। SSR एक वार्षिक एकल-चरण प्रक्रिया है, जिसमें मौजूदा मतदाताओं को प्रारूप सूची में शामिल किया जाता है और शुद्धिकरण के लिए दावे व आपत्तियां आमंत्रित की जाती हैं। इसके विपरीत, SIR एक 'डी-नोवो' (नए सिरे से) दो-चरणीय प्रक्रिया है, जो झारखंड में 23 वर्षों के बाद आयोजित की जा रही है। इसमें मतदाता सूची के सभी मौजूदा मतदाताओं को इन्यूमरेशन फॉर्म दिए जाते हैं, और जो मतदाता इन फॉर्म पर हस्ताक्षर कर जमा करेंगे, उन्हें बिना किसी दस्तावेज़ के प्रारूप मतदाता सूची में शामिल कर लिया जाएगा। दूसरे चरण में, भारत के नागरिकों से मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए दावे और आपत्तियां आमंत्रित की जाती हैं, तथा प्रपत्र-7 में किसी मतदाता के नाम को बाहर करने के लिए आपत्ति भी स्वीकार की जाती है। स्वतंत्रता के बाद से अब तक नौ बार गहन पुनरीक्षण हो चुका है, और वर्तमान SIR 2025-26 देश का दसवां गहन पुनरीक्षण है। यह प्रक्रिया SSR की तरह ही पारदर्शी और सहभागी है। इन्यूमरेशन फेज (30 जून 2026 से 29 जुलाई 2026) के दौरान, 2026 की वर्तमान मतदाता सूची के सभी मौजूदा मतदाताओं को इन्यूमरेशन फॉर्म प्रदान किए जाएंगे। जो भी मतदाता हस्ताक्षरित इन्यूमरेशन फॉर्म जमा करेंगे, उन्हें एसआईआर 2026 की प्रारूप मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा, भले ही वे किसी भी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की पिछली एसआईआर मतदाता सूची से मैप किए गए हों या नहीं। इस चरण में मतदाताओं द्वारा कोई दस्तावेज़ जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, निम्नलिखित पांच श्रेणियों के अनकलेक्टिवल इन्यूमरेशन फॉर्म को एसआईआर 2026 की प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाएगा: 1. **पहले से नामांकित (D - डुप्लिकेट/एकाधिक प्रविष्टि):** जिन मतदाताओं ने एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्र या मतदान केंद्र पर पंजीकरण कराया है। इन्हें केवल उसी मतदान केंद्र में शामिल किया जाएगा जहां उन्होंने हस्ताक्षरित फॉर्म जमा किया है, और अन्य अहस्ताक्षरित फॉर्मों को 'पहले से नामांकित' के रूप में अपलोड किया जाएगा। 2. **मृत (D - Dead):** मृत मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे। परिवार के सदस्यों को बिना हस्ताक्षर किए फॉर्म वापस करने होंगे, जिस पर कारण दर्ज होगा और रसीद लेनी होगी। 3. **स्थायी रूप से स्थानांतरित (S - Permanently Shifted):** जो मतदाता दूसरे मतदान केंद्र क्षेत्र में स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए हैं और अपना नाम नहीं हटवाया है, उनके परिवार के सदस्य बिना हस्ताक्षर किए फॉर्म वापस करेंगे। यदि पूरा परिवार स्थानांतरित हो गया है, तो बीएलओ फील्ड वेरिफिकेशन के आधार पर कारण दर्ज करेगा। 4. **अनुपस्थित/अप्राप्य मतदाता (A - Absent/Untraceable Voters):** ऐसे मतदाता जिनके बारे में कोई जानकारी नहीं है और जो बीएलओ द्वारा स्थानीय पूछताछ के बाद भी नहीं मिल सके, उनके फॉर्म बीएलओ द्वारा 'अनुपस्थित/अप्राप्य' के रूप में अपलोड किए जाएंगे। 5. **इन्यूमरेशन फॉर्म पर हस्ताक्षर करने से इंकार (Refused to sign EF) (F - विदेशी / Foreigners):** इसमें वे मतदाता शामिल हैं जो दूसरे देश चले गए हैं और वहां की नागरिकता प्राप्त कर चुके हैं, या वे विदेशी नागरिक जिन्होंने झूठी घोषणा देकर अवैध रूप से मतदाता के रूप में पंजीकरण कराया है। इन्यूमरेशन फॉर्म पर हस्ताक्षर करके झूठी घोषणा देना दंडनीय अपराध है, और विदेशियों को फॉर्म पर हस्ताक्षर न करके इसे वापस करना होगा। ये सभी पांच श्रेणियां एएसडीडी (Absent, Shifted, Duplicate, Death) सूची का हिस्सा होंगी। यह सूची सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ-बीएलए-2 की बैठक में रखी जाएगी, जिसकी कार्यवाही और तस्वीरें ईसीआईनेट पर अपलोड की जाएंगी। एएसडीडी सूची को सभी मतदान केंद्रों, पंचायत भवनों और शहरी स्थानीय निकायों के कार्यालयों में प्रकाशित किया जाएगा, और 5 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के दौरान मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को इसकी एक प्रति भी प्रदान की जाएगी। यह जिला निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की वेबसाइट पर भी सर्चेबल फॉर्मेट में उपलब्ध होगी, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। जिन मौजूदा मतदाताओं ने इन्यूमरेशन फॉर्म पर स्वयं या माता-पिता के मैपिंग के साथ हस्ताक्षर कर जमा किया है, उन्हें एसआईआर 2026 की प्रारूप मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। मौजूदा मतदाताओं को इन्यूमरेशन फॉर्म के साथ कोई दस्तावेज़ जमा करने की आवश्यकता नहीं है। जो मतदाता एएसडीडी सूची में शामिल हैं, उन्हें प्रारूप सूची में शामिल नहीं किया जाएगा। फॉर्म पर हस्ताक्षर स्वयं मतदाता, परिवार के किसी वयस्क सदस्य द्वारा, या ईसीआईनेट के माध्यम से ऑनलाइन या बीएलओ के संपर्क में आकर किया जा सकता है। झारखंड से बाहर रहने वाले मतदाता 'बुक-ए-कॉल' सुविधा का उपयोग करके या अपने बीएलओ से संपर्क करके फॉर्म जमा कर सकते हैं। 30 जून 2026 से 29 जुलाई 2026 के इन्यूमरेशन फेज के दौरान हस्ताक्षरित फॉर्म जमा करना अनिवार्य है। दावे और आपत्ति की अवधि 5 अगस्त 2026 से 4 सितंबर 2026 तक रहेगी, जिसके दौरान कोई भी पात्र भारतीय नागरिक प्रपत्र-6 में अपना नाम शामिल करने या प्रपत्र-8 में सुधार के लिए आवेदन कर सकता है। जो नागरिक 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु प्राप्त कर रहे हैं और पंजीकृत नहीं हैं, वे भी इस अवधि के दौरान आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रपत्र-6 में आवेदन जमा कर सकते हैं।
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, सामाजिक संस्था हजारीबाग यूथ विंग ने मालवीय मार्ग स्थित अग्रसेन भवन सभागार में एक भव्य योग शिविर का आयोजन किया। योग, अध्यात्म और समाजसेवा के इस संगम में शहर के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद मनीष जायसवाल उपस्थित रहे, जिन्होंने योग के माध्यम से स्वास्थ्य और आध्यात्मिक जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम की शुरुआत विश्व शांति, स्वस्थ समाज और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए रंग-बिरंगे गुब्बारों को आसमान में छोड़कर की गई। इसके बाद, सांसद मनीष जायसवाल, संस्था के पदाधिकारियों और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। हजारीबाग यूथ विंग ने सांसद मनीष जायसवाल को अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। शिविर में शहर के 100 से अधिक लोगों ने योगाभ्यास किया, जिनमें महिलाएं, युवा, छात्र-छात्राएं, बच्चे और वरिष्ठ नागरिक शामिल थे। अनुभवी योग शिक्षिका वर्षा डे ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया। सामूहिक रूप से किए गए योगाभ्यास, 'ॐ' के उच्चारण और मंत्रोच्चार से पूरा सभागार आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया। डेढ़ घंटे तक चले इस योग सत्र में प्रतिभागियों ने पूरे मनोयोग और अनुशासन के साथ भाग लिया, बच्चों की सहभागिता ने यह दर्शाया कि योग आज की नई पीढ़ी की भी आवश्यकता बन चुका है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विकास तिवारी, विकास केशरी और मोहम्मद ताजुद्दीन ने संयोजक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर सांसद मनीष जायसवाल ने सभी को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं दीं और कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वैश्विक पहचान प्राप्त हुई है। उन्होंने जोर दिया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की एक संपूर्ण जीवनशैली है और प्रत्येक व्यक्ति को इसे अपने दैनिक जीवन में शामिल करना चाहिए, क्योंकि 'करो योग, रहो निरोग' का संदेश आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक है। जायसवाल ने हजारीबाग यूथ विंग की सराहना करते हुए कहा कि संस्था लगातार सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए जनहित के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभा रही है। कार्यक्रम के दौरान, सांसद मनीष जायसवाल ने उपस्थित प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया, वहीं संस्था ने भी सांसद मनीष जायसवाल को योग दिवस कार्यक्रम में सहभागिता और प्रेरणादायी योगदान के लिए सामूहिक रूप से प्रशस्ति पत्र भेंट किया। संस्था के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन ने अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योग जीवन का अमूल्य अंग है और इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए, साथ ही समाज के सहयोग और विश्वास से ही संस्था जनहित के कार्यों को आगे बढ़ा रही है। संस्था के अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा को संतुलित रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने आज की व्यस्त जीवनशैली में योग को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य, जागरूकता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना भी है। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में भी हजारीबाग यूथ विंग समाजहित में ऐसे रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर करती रहेगी। कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्था के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन, अध्यक्ष करण जायसवाल, उपाध्यक्ष विकास तिवारी, सचिव रितेश खण्डेलवाल, सह सचिव अभिषेक पांडे, संजय कुमार, विकास केशरी, रोहित बजाज, मोहम्मद ताजुद्दीन, प्रमोद खण्डेलवाल, प्रणीत जैन, विवेक तिवारी, सत्यनारायण सिंह, सेजल सिंह, प्रवेक जैन और उदित तिवारी सहित कई सदस्यों ने सक्रिय योगदान दिया।4
- हजारीबाग में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विधायक प्रदीप प्रसाद ने अपने जनसेवा कार्यालय में स्थानीय निवासियों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक प्रदीप प्रसाद द्वारा दीप प्रज्वलित करके किया गया और इसका समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सक्रिय रूप से भाग लेकर योग के महत्व को आत्मसात किया। इस अवसर पर विधायक प्रदीप प्रसाद ने योग को भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर बताया, जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक जीवन में संतुलन स्थापित कर स्वस्थ, सुखी और श्रेष्ठ जीवन का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने यह भी कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि समग्र स्वास्थ्य, मानसिक शांति और आत्मिक उन्नति का एक प्रभावी माध्यम है, और इसका नियमित अभ्यास व्यक्ति को तनावमुक्त, ऊर्जावान एवं सकारात्मक बनाता है। विधायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणादायी पहल और सतत प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्हीं के परिणामस्वरूप आज योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान और प्रतिष्ठा प्राप्त हुई है। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रतिदिन योग करने का संकल्प लेने का आह्वान किया, इस बात पर जोर देते हुए कि एक स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाकर हम सभी स्वस्थ, सशक्त एवं समृद्ध भारत के निर्माण में योगदान दे सकते हैं। इस कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष अशोक यादव, सुदेश चंद्रवंशी, हरिश श्रीवास्तव, भाजपा जिला उपाध्यक्ष एवं सांसद प्रतिनिधि रेणुका साहू, मंजू नंदिनी, आनंद देव, सुनील मेहता, प्रकाश झा, नरेंद्र प्रसाद, विवेक सिंह, भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष साक्षी राणा, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष राजकरण पांडेय, मनमीत अकेला, राजेश गुप्ता, विधायक प्रतिनिधि सदर पूर्वी कोलेश्वर रजक, विधायक प्रतिनिधि सदर पश्चिमी चौधरी साहू, विधायक प्रतिनिधि दारू दिलीप साहू, विधायक प्रतिनिधि नगर निगम बलराम शर्मा, विधायक प्रतिनिधि कटकमसांडी पश्चिमी सुमन राय, विधायक प्रतिनिधि कटकमसांडी पूर्वी रामकुमार मेहता, विधायक प्रतिनिधि नगर पूर्वी पंडल यादव, विधायक प्रतिनिधि नगर पश्चिमी सौरभ सिन्हा, विधायक प्रतिनिधि पशुपालन एवं गव्य विकास विभाग विनोद सिंह, विधायक प्रतिनिधि भूमि संरक्षण विभाग अशोक राणा, विधायक प्रतिनिधि सोशल मीडिया प्रभारी मनदीप यादव, विधायक प्रतिनिधि संस्कृति कला सुबोध सिन्हा, विधायक प्रतिनिधि जिला परिषद राजेश गुप्ता, विधायक प्रतिनिधि लघु सिंचाई प्रीत गुप्ता, विधायक प्रतिनिधि वन एवं पर्यावरण विभाग कृष्णा साहू, विधायक सह प्रतिनिधि महिला बाल विकास विभाग हेमंती देवी, विधायक प्रतिनिधि महिला एवं बाल विकास विभाग फुलवा कच्छप, विधायक प्रतिनिधि खेलकूद दिलीप गोप, विधायक योजना प्रतिनिधि रामावतार शर्मा, विधायक सदर प्रखंड कार्यालय प्रभारी बिरजू रवि, विधायक कटकमसांडी कार्यालय प्रभारी मनीष चौधरी, विधायक प्रतिनिधि बिजली विभाग सुरेंद्र सिंह, विधायक प्रतिनिधि स्वास्थ्य विभाग राजेश यादव, कटकमदाग विधायक कार्यालय प्रभारी राजेश ठाकुर, कार्यालय प्रभारी विजय निषाद, निजी सहायक व मीडिया प्रतिनिधि चंदन सिहं, मंडल अध्यक्ष कटकमसांडी पूर्वी प्रकाश कुशवाहा, कटकमदाग मंडल अध्यक्ष विमल गुप्ता सहित कई गणमान्य नागरिक और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। योगाचार्य सोनू पाण्डेय और अंजू कुमारी ने उपस्थित प्रतिभागियों को विभिन्न योगाभ्यास करवाए। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने नियमित योगाभ्यास करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।1
- मोहर्रम पर्व के मद्देनजर हजारीबाग पुलिस पूरी तरह से अलर्ट पर है। इसी तैयारी के तहत, बरकट्ठा क्षेत्र में एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर हजारीबाग यूथ विंग द्वारा एक भव्य योग शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस शिविर में सांसद मनीष जायसवाल सहित कई लोगों ने योगाभ्यास किया, और इस दौरान स्वास्थ्य तथा आध्यात्मिक जागरूकता का संदेश दिया गया। सांसद मनीष जायसवाल ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि योग केवल एक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह बेहतर जीवन जीने की एक कला है।1
- नाम जोड़ने और काटने के काम से संबंधित एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई है। यह काम 30 जून से शुरू होकर 29 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान BLO (बूथ लेवल अधिकारी) स्वयं आपके घर तक पहुँचकर नाम जोड़ने और काटने का काम पूरा करेंगे।1
- हजारीबाग पुलिस ने शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर माइकिंग के माध्यम से लोगों को ठगी के प्रति जागरूक किया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि शहर में ऐसे ठग सक्रिय हैं जो भोले-भाले लोगों को निशाना बनाते हैं और उनके कीमती गहने लेकर फरार हो जाते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने गहने न दें और न ही झाड़-फूंक या चमत्कार के झांसे में आएं। यदि कोई अनजान व्यक्ति सोने-चांदी के गहने चमकाने, साफ करने या झाड़-फूंक के नाम पर मांगता है, तो उस पर बिल्कुल भी भरोसा न करें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि ये ठग पहले लोगों का विश्वास जीतते हैं और फिर उनकी मेहनत की कमाई लेकर गायब हो जाते हैं। इसके साथ ही, पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति दिखने पर तुरंत सूचना देने और अपने परिवार तथा बुजुर्गों को भी इस बारे में जागरूक करने का आग्रह किया है। हजारीबाग पुलिस ने आगाह किया है कि एक छोटी सी गलती से बड़ा नुकसान हो सकता है। लोगों से इस जानकारी को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की गई है ताकि कोई भी व्यक्ति ठगी का शिकार न बने।1
- झारखंड की राजधानी रांची स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर एक अत्यंत शुभ अवसर का साक्षी बना, जहाँ एक साथ 51 जोड़ों ने अपने सपनों का घर बसाते हुए वैवाहिक बंधन में प्रवेश किया। इस पावन अवसर पर मंदिर परिसर शहनाई के मधुर स्वरों से गुंजायमान रहा, जिससे चारों ओर हर्ष और उल्लास का वातावरण छा गया।1
- झारखंड के हजारीबाग शहर में इस समय पानी को लेकर दोहरा संकट गहरा गया है। एक तरफ शहर की प्यास बुझाने वाले छड़वा डैम में जलस्तर खतरनाक रूप से नीचे पहुंच चुका है और मात्र 10 से 12 दिनों का पानी ही शेष बचा है। वहीं, दूसरी ओर हजारीबाग झील परिसर में चल रहे सुंदरीकरण कार्य के दौरान ठेकेदार की घोर लापरवाही सामने आई है, जिसके कारण शहरी जलापूर्ति योजना की मुख्य राइजिंग पाइपलाइन टूट गई। पाइपलाइन के फटने से कई हजार गैलन शुद्ध पेयजल सड़कों पर बहकर बर्बाद हो गया, जिससे शहरवासियों में आसन्न जल संकट को लेकर भय और आक्रोश फैल गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, झील के सुंदरीकरण का काम कर रहे ठेकेदार द्वारा बिना किसी पूर्व योजना और विभागीय मैपिंग के धड़ल्ले से खुदाई कराई जा रही थी। खुदाई के दौरान भारी मशीनों के अनियंत्रित इस्तेमाल से जमीन के नीचे बिछी मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पाइपलाइन फटते ही पानी का दबाव इतना तेज था कि कई फीट ऊपर तक फव्वारा छूटने लगा और कुछ ही घंटों में पूरा इलाका जलमग्न हो गया। हैरानी की बात यह रही कि घटना के बाद भी ठेकेदार के कर्मियों द्वारा पानी के बहाव को रोकने या संबंधित पीएचईडी (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग) के अधिकारियों को सूचित करने का कोई गंभीर प्रयास नहीं किया गया। इस मुख्य पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने से शहर के कई मोहल्लों में जलापूर्ति सेवा पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे हजारों परिवारों के सामने अचानक भीषण जल संकट खड़ा हो गया है। पहले से ही छड़वा डैम के सूखते जलस्तर को लेकर चिंतित शहरवासियों में इस लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि जब शहर में महज 10-12 दिनों का पानी बचा है, तब ठेकेदार की इस लापरवाही से लाखों लीटर पानी सड़कों पर बहा दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और नगर निगम के वरीय अधिकारियों से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। जनता ने पुरजोर मांग की है कि बिना सुरक्षा मानकों के काम करने और इस भीषण जल संकट के दौर में बहुमूल्य जल को बर्बाद करने के एवज में संबंधित ठेकेदार और निर्माण एजेंसी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उन पर भारी जुर्माना लगाया जाए। फिलहाल, प्रभावित इलाकों के लोग पानी की वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर बेहद चिंतित हैं और पेयजल विभाग की त्वरित कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।1