मंगलवार शाम संग्रामपुर क्षेत्र में आई तेज आंधी-तूफान और बारिश ने बोझी बाजार में भारी तबाही मचाई। संग्रामपुर-चांडिकन मार्ग पर अजय वर्मा की दुकान के सामने खड़ी चार बाइकों पर पीपल के पेड़ की एक भारी डाल गिर गई, जिससे सभी वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना से मार्ग पर चार पहिया वाहनों का आवागमन भी पूरी तरह से बाधित हो गया। क्षतिग्रस्त हुई बाइकों में खरेथू निवासी सजनलाल, अरुण, रामकरन और जोगीपुर (प्रतापगढ़) निवासी जितेंद्र सिंह की बाइकें शामिल हैं। अचानक तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि के बीच पेड़ की डाल गिरने से बाजार में अफरातफरी मच गई और लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। इसी दौरान, बाजार निवासी मेवालाल सरोज के सुअरबाड़े की टिन शेड भी तेज हवा में उड़ गई। वहीं, नेवादा कनू ग्राम सभा के कई पुरवों में विद्युत पोल और तार टूटकर गिर जाने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। आंधी थमने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। लेखपाल नितेश मिश्रा ने बताया कि उन्हें घटना की सूचना मिल गई है और वे मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लेने के बाद ग्रामीणों को मुआवजा दिलाएंगे।
मंगलवार शाम संग्रामपुर क्षेत्र में आई तेज आंधी-तूफान और बारिश ने बोझी बाजार में भारी तबाही मचाई। संग्रामपुर-चांडिकन मार्ग पर अजय वर्मा की दुकान के सामने खड़ी चार बाइकों पर पीपल के पेड़ की एक भारी डाल गिर गई, जिससे सभी वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो
गए। इस घटना से मार्ग पर चार पहिया वाहनों का आवागमन भी पूरी तरह से बाधित हो गया। क्षतिग्रस्त हुई बाइकों में खरेथू निवासी सजनलाल, अरुण, रामकरन और जोगीपुर (प्रतापगढ़) निवासी जितेंद्र सिंह की बाइकें शामिल हैं। अचानक तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि के बीच पेड़ की
डाल गिरने से बाजार में अफरातफरी मच गई और लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। इसी दौरान, बाजार निवासी मेवालाल सरोज के सुअरबाड़े की टिन शेड भी तेज हवा में उड़ गई। वहीं, नेवादा कनू ग्राम सभा के कई पुरवों में विद्युत पोल और तार टूटकर
गिर जाने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। आंधी थमने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। लेखपाल नितेश मिश्रा ने बताया कि उन्हें घटना की सूचना मिल गई है और वे मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लेने के बाद ग्रामीणों को मुआवजा दिलाएंगे।
- महिला आयोग की सदस्य प्रियंका मौर्य ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमेठी का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल के इमरजेंसी ओपीडी भर्ती कक्ष, एक्स-रे कक्ष और प्रसव कक्ष का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, मौर्य ने अस्पताल में धीरे चल रहे पंखों के संबंध में जानकारी ली। साथ ही, कुछ लोगों ने एक महिला डॉक्टर के प्रतिदिन अस्पताल न आने को लेकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। इस मौके पर एसीएमओ डॉक्टर पी के उपाध्याय, अधीक्षक डॉक्टर सौरभ सिंह, डा आलोक तिवारी, फार्मासिस्ट मनोज पटेल, जितेन्द्र सिंह, कमलेश कुमार, सीओ मनोज मिश्रा, तहसील में उप जिलाधिकारी प्रीति तिवारी और नम्रता मिश्रा सहित कई अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। महिला आयोग की सदस्य प्रियंका मौर्य ने निरीक्षण के उपरांत आवश्यक निर्देश भी दिए।4
- सुलतानपुर की सदर तहसील में राजस्व विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ गए हैं, जहाँ कथित तौर पर 'जय-वीरू' की एक जोड़ी ने उच्च अधिकारियों और न्यायालय के आदेशों को बेअसर साबित कर दिया है। ग्राम चुनहा करोंदिया के निवासी इसरार हुसैन ने लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल और कानूनगो रामपाल मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसरार हुसैन के अनुसार, इन दोनों ने सदर एसडीएम और नायब तहसीलदार द्वारा पहले ही खारिज की गई एक विरासत को न केवल फर्जी तरीके से दर्ज किया, बल्कि कोर्ट के स्टे के बावजूद उसका बैनामा भी करा दिया। तहसील में चर्चा है कि लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल और कानूनगो रामपाल मिश्रा की 'कलम में ऐसा जादू' है कि एसडीएम का खारिज आदेश भी उनके सामने 'कागज का टुकड़ा' बन जाता है। पीड़ित इसरार हुसैन ने दावा किया है कि इस जोड़ी ने साबित कर दिया है कि तहसील के असली 'डीएम' वही हैं, क्योंकि 'डीएम का आदेश ही रद्दी है, एसडीएम का खारिज आदेश मजाक है और कोर्ट का स्टे जोक है'। पीड़ित के अनुसार, वह समाधान दिवस से लेकर डीएम दफ्तर तक न्याय के लिए रो चुका है, लेकिन इस 'जय-वीरू सरकार' के सामने सब बेबस हैं। यह भी बताया गया है कि लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल पहले भी निलंबित हो चुके हैं, बावजूद इसके तहसील में उनकी पकड़ बरकरार है। इस मामले से तहसील में भ्रष्टाचार और मिलीभगत की आशंका गहरी हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब एसडीएम और नायब तहसीलदार ने विरासत खारिज कर दी थी और जमीन पर कोर्ट का स्टे भी था, तो लेखपाल-कानूनगो ने किसके आदेश पर इसे दर्ज कर बैनामा करा दिया? पीड़ित इसरार हुसैन ने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। यह खबर पीड़ित इसरार हुसैन पक्ष के आरोपों पर आधारित है, और लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल, कानूनगो रामपाल मिश्रा, तथा राजस्व विभाग का पक्ष आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।1
- रायबरेली जनपद के रहवा गांव के पूर्व प्रधान महेंद्र विक्रम सिंह उर्फ डब्बू सिंह ने क्षेत्र में जनसेवा की एक विशेष पहचान बनाई है। वे गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। डब्बू सिंह जनता की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान कराने का निरंतर प्रयास करते हैं, जिसके कारण क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।1
- प्रतापगढ़ जिले के थाना कंधई क्षेत्रान्तर्गत ग्राम आनापुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। गांव के ही एक व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी है कि उसकी पुत्री गांव में आयोजित एक दावत में शामिल होने गई थी। इसी दौरान, गांव के ही एक युवक ने उसे बहला-फुसलाकर और शादी का झांसा देकर अपने साथ कहीं ले गया। इस घटना के संबंध में थाना कंधई पर तत्काल अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस द्वारा मामले में आगे की कार्यवाही की जा रही है। क्षत्राधिकारी पट्टी श्री मनोज कुमार सिंह रघुवंशी ने भी इस संबंध में की जा रही कार्रवाई को लेकर अपनी बाइट दी है।1
- प्रतापगढ़ के कंधई थाना क्षेत्रान्तर्गत ग्राम आनापुर निवासी एक व्यक्ति ने सूचना दी है कि उसकी पुत्री गांव में आयोजित एक दावत में गई थी। वहां से गांव के ही एक युवक ने कथित तौर पर उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर और शादी का झांसा देकर अपने साथ कहीं ले गया। इस मामले को लेकर कंधई थाने में एक अभियोग पंजीकृत किया गया है और पुलिस द्वारा आगे की कार्यवाही की जा रही है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी पट्टी श्री मनोज कुमार सिंह रघुवंशी ने जानकारी साझा की है।1
- बरेली के थाना हाफिजगंज क्षेत्र में हुई एक सड़क दुर्घटना में घायल हुए तीन व्यक्तियों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है। नवाबगंज क्षेत्राधिकारी श्री नीलेश मिश्र ने इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि मृतकों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और अन्य वैधानिक कार्यवाही भी अमल में लाई जा रही है।1
- इस पाठ में बारंबार "जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय" का उद्घोष किया गया है, जिसके उपरांत "जय जय जय जय जय जय जय महाकाल" के जयकारे से गहरी भक्ति और श्रद्धा व्यक्त की गई है।1
- सुल्तानपुर जनपद के मोतीगरपुर क्षेत्र की दियरा ग्राम सभा के तिवारीपुर गांव में सार्वजनिक मार्ग को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि गाटा संख्या 1924 पर वर्षों से आवागमन का सार्वजनिक रास्ता रहा है, जिससे सैकड़ों परिवार आते-जाते हैं। इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा इस रास्ते का निर्माण नहीं होने दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) जयसिंहपुर को लिखित शिकायत भी दी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के अनुसार, दियरा ग्राम सभा में वर्तमान में चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है, फिर भी रास्ते की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। उनका गंभीर आरोप है कि मौके पर तैनात उप चकबंदी अधिकारी (ACO) अर्शद जमाल कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में आकर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चकबंदी का मुख्य उद्देश्य ही भूमि और रास्तों से संबंधित विवादों को सुलझाना होता है, लेकिन उनके गांव में ऐसा नहीं हो रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सार्वजनिक मार्ग को तत्काल बहाल करने की मांग की है ताकि सैकड़ों परिवारों को आवागमन में हो रही समस्या से निजात मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने और आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।1