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सम्भल में एक जनसभा के दौरान AIMIM नेता और चेयरमैन प्रतिनिधि मुशीर खां ने समाजवादी पार्टी और यादव नेतृत्व पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने मुस्लिम नेताओं का सिर्फ राजनीतिक इस्तेमाल किया और संकट के समय उनका साथ नहीं दिया। मुशीर खां ने दावा किया कि कार्रवाई केवल मुस्लिम नेताओं पर होती है, जबकि यादव नेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। मुशीर खां ने उदाहरण देते हुए कहा कि आज़म खान ने मुसलमानों का समर्थन समाजवादी पार्टी को दिलाया, लेकिन आज जब आज़म खान जेल में हैं, तो पार्टी उनके साथ खड़ी नजर नहीं आती। उन्होंने मंच से स्पष्ट कहा कि आज़म खान, मुशीर और असद अब्दुल्ला जैसे नेता जेल जाएंगे, लेकिन वीरेश यादव, पिंकी यादव और अन्य यादव नेताओं पर कोई आंच नहीं आएगी। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि देश में गाय, दाढ़ी और टोपी के नाम पर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, और पीड़ितों की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। इस दौरान मुशीर खां ने मुस्लिम समाज से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर समुदाय एक साथ मिलकर AIMIM का साथ दे, तो प्रदेश की 25 से 50 विधानसभा सीटों पर जीत-हार का फैसला बदल सकता है और AIMIM के 50 विधायक विधानसभा पहुंच सकते हैं। मुशीर खां के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस छिड़ने की संभावना है, क्योंकि उन्होंने सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी के यादव नेतृत्व और मुस्लिम राजनीति को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

10 hrs ago
user_Mubarak Ali
Mubarak Ali
संभल, संभल, उत्तर प्रदेश•
10 hrs ago

सम्भल में एक जनसभा के दौरान AIMIM नेता और चेयरमैन प्रतिनिधि मुशीर खां ने समाजवादी पार्टी और यादव नेतृत्व पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने मुस्लिम नेताओं का सिर्फ राजनीतिक इस्तेमाल किया और संकट के समय उनका साथ नहीं दिया। मुशीर खां ने दावा किया कि कार्रवाई केवल मुस्लिम नेताओं पर होती है, जबकि यादव नेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। मुशीर खां ने उदाहरण देते हुए कहा कि आज़म खान ने मुसलमानों का समर्थन समाजवादी पार्टी को दिलाया, लेकिन आज जब आज़म खान जेल में हैं, तो पार्टी उनके साथ खड़ी नजर नहीं आती। उन्होंने मंच से स्पष्ट कहा कि आज़म खान, मुशीर और असद अब्दुल्ला जैसे नेता जेल जाएंगे, लेकिन वीरेश यादव, पिंकी यादव और अन्य यादव नेताओं पर कोई आंच नहीं आएगी। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि देश में गाय, दाढ़ी और टोपी के नाम पर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, और पीड़ितों की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। इस दौरान मुशीर खां ने मुस्लिम समाज से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर समुदाय एक साथ मिलकर AIMIM का साथ दे, तो प्रदेश की 25 से 50 विधानसभा सीटों पर जीत-हार का फैसला बदल सकता है और AIMIM के 50 विधायक विधानसभा पहुंच सकते हैं। मुशीर खां के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस छिड़ने की संभावना है, क्योंकि उन्होंने सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी के यादव नेतृत्व और मुस्लिम राजनीति को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • संभल के सलारपुर गाँव में एआईएमआईएम के युवा जिलाध्यक्ष नूर मोहम्मद पाशा के प्रथम आगमन पर भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने युवा जिलाध्यक्ष का फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में चेयरपर्सन पति चौधरी मुशीर अली खान और जिलाध्यक्ष असद अब्दुल्ला भी शामिल हुए। समारोह को संबोधित करते हुए, चौधरी मुशीर अली खान ने वर्तमान सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि संभल में बुलडोजर कार्रवाई के बहाने एक विशेष समाज को निशाना बनाया जा रहा है और केवल उसी समाज के लोगों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। वहीं, जिलाध्यक्ष असद अब्दुल्ला ने आगामी चुनावों के लिए एआईएमआईएम की पूरी तैयारी का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि पार्टी कार्यकर्ता बूथ स्तर तक सक्रियता से संगठन को मजबूत कर रहे हैं। असद अब्दुल्ला ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि मजलिस का विधायक चुना जाता है, तो शहर से लेकर गाँवों तक के विकास की दिशा और दशा में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। इस कार्यक्रम में पार्टी के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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    संभल के सलारपुर गाँव में एआईएमआईएम के युवा जिलाध्यक्ष नूर मोहम्मद पाशा के प्रथम आगमन पर भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने युवा जिलाध्यक्ष का फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में चेयरपर्सन पति चौधरी मुशीर अली खान और जिलाध्यक्ष असद अब्दुल्ला भी शामिल हुए।

समारोह को संबोधित करते हुए, चौधरी मुशीर अली खान ने वर्तमान सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि संभल में बुलडोजर कार्रवाई के बहाने एक विशेष समाज को निशाना बनाया जा रहा है और केवल उसी समाज के लोगों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। वहीं, जिलाध्यक्ष असद अब्दुल्ला ने आगामी चुनावों के लिए एआईएमआईएम की पूरी तैयारी का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि पार्टी कार्यकर्ता बूथ स्तर तक सक्रियता से संगठन को मजबूत कर रहे हैं।

असद अब्दुल्ला ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि मजलिस का विधायक चुना जाता है, तो शहर से लेकर गाँवों तक के विकास की दिशा और दशा में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। इस कार्यक्रम में पार्टी के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
    user_Mubarak Ali
    Mubarak Ali
    संभल, संभल, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • फरीदाबाद में एक हाई-प्रोफाइल मामला सामने आया है, जहाँ हरियाणा पुलिस ने एक आलीशान होटल से आईटी इंजीनियर को नकली नोट छापते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान विनायक झा के रूप में हुई है, जो फरीदाबाद के सेक्टर-17 का निवासी है और आईआईटी बेंगलुरु से पासआउट है। वह नोएडा की एक मल्टीनेशनल कंपनी में ₹34 लाख के सालाना पैकेज पर आईटी प्रोफेशनल के तौर पर कार्यरत था। पुलिस के अनुसार, विनायक झा पिछले दो दिनों से फरीदाबाद के एक लक्जरी होटल में कमरा बुक करके रुका हुआ था। गुप्त सूचना के आधार पर सूरजकुंड थाना पुलिस ने होटल के कमरे में छापा मारा, जहाँ उसे नकली नोट बनाते हुए पकड़ा गया। यह भी सामने आया है कि विनायक झा एक बेहद संपन्न परिवार से ताल्लुक रखता है, जिसके माता और पिता दोनों ही सरकारी नौकरी में ऊंचे पदों पर कार्यरत हैं। पुलिस ने होटल के कमरे से ₹500 का एक नकली नोट और ₹100 के 10 नकली नोट बरामद किए हैं। इसके साथ ही, नकली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, जिनमें एक लैपटॉप, एक हाई-क्वालिटी प्रिंटर और विशेष कागज शामिल हैं, भी जब्त किए गए हैं। सूरजकुंड थाना पुलिस ने विनायक झा के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि बरामद किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और लैपटॉप की तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी ने पहले भी कहीं जाली नोटों की आपूर्ति की है और इस रैकेट में उसके साथ कोई और भी शामिल है या नहीं।
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    फरीदाबाद में एक हाई-प्रोफाइल मामला सामने आया है, जहाँ हरियाणा पुलिस ने एक आलीशान होटल से आईटी इंजीनियर को नकली नोट छापते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान विनायक झा के रूप में हुई है, जो फरीदाबाद के सेक्टर-17 का निवासी है और आईआईटी बेंगलुरु से पासआउट है। वह नोएडा की एक मल्टीनेशनल कंपनी में ₹34 लाख के सालाना पैकेज पर आईटी प्रोफेशनल के तौर पर कार्यरत था।

पुलिस के अनुसार, विनायक झा पिछले दो दिनों से फरीदाबाद के एक लक्जरी होटल में कमरा बुक करके रुका हुआ था। गुप्त सूचना के आधार पर सूरजकुंड थाना पुलिस ने होटल के कमरे में छापा मारा, जहाँ उसे नकली नोट बनाते हुए पकड़ा गया। यह भी सामने आया है कि विनायक झा एक बेहद संपन्न परिवार से ताल्लुक रखता है, जिसके माता और पिता दोनों ही सरकारी नौकरी में ऊंचे पदों पर कार्यरत हैं।

पुलिस ने होटल के कमरे से ₹500 का एक नकली नोट और ₹100 के 10 नकली नोट बरामद किए हैं। इसके साथ ही, नकली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, जिनमें एक लैपटॉप, एक हाई-क्वालिटी प्रिंटर और विशेष कागज शामिल हैं, भी जब्त किए गए हैं। सूरजकुंड थाना पुलिस ने विनायक झा के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि बरामद किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और लैपटॉप की तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी ने पहले भी कहीं जाली नोटों की आपूर्ति की है और इस रैकेट में उसके साथ कोई और भी शामिल है या नहीं।
    user_आशीष कुमार मिश्रा
    आशीष कुमार मिश्रा
    Local News Reporter Chandausi, Sambhal•
    5 hrs ago
  • जनपद संभल में ₹101 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 38 बीघा सरकारी जमीन को अवैध रूप से निजी भू-स्वामियों के नाम दर्ज कर बेचने का बड़ा मामला सामने आया है। एक शिकायत के बाद हुई गहन जांच में पता चला कि यह बेशकीमती 'नवीन परती' भूमि, जो संभल-मुरादाबाद हाईवे पर चार जुड़े हुए प्लॉट नंबरों के रूप में स्थित है, का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। लगभग 60 साल बाद, डीडीसी कोर्ट के आदेश पर अब खतौनी से निजी खातेदारों के नाम हटा दिए गए हैं और भूमि को राज्य सरकार तथा ग्राम सभा के नाम दर्ज कर दिया गया है। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने रविवार शाम को तहसील संभल के थाना रायसत्ती क्षेत्र के गांव तख्त गोसाईं का दौरा किया और गाटा संख्या 206, 207, 233, 242/378 और 279 में लगभग डेढ़ घंटे तक जांच की। जिलाधिकारी ने बताया कि यह भूमि वर्ष 1954 में नगर पालिका परिषद संभल को प्रबंधन के लिए दी गई थी। इसके 13 साल बाद, वर्ष 1967 में, नगर पालिका परिषद ने कथित तौर पर कुछ पट्टेदारों को इस जमीन का पट्टा आवंटित कर दिया था। प्रथम दृष्टया, नगर पालिका को प्रबंधन के लिए दी गई जमीन का पट्टा करने का अधिकार नहीं था, जिसके कारण यह पट्टा शुरू से ही शून्य था। इसके बाद यह जमीन पट्टेदारों के कब्जे में आ गई। वर्ष 1991 में, अपर तहसीलदार कोर्ट ने सईदउल्लाह सहित इन अवैध कब्जाधारियों को अवैध घोषित करते हुए उनकी बेदखली का आदेश दिया। वर्ष 1992 में अपर जिलाधिकारी कोर्ट में की गई अपील भी खारिज हो गई और कोर्ट ने कब्जाधारियों को अवैध मानते हुए इसे सरकारी जमीन घोषित किया था। बाद में, चकबंदी कोर्ट में दायर एक वाद के बाद, वर्ष 2005 में चकबंदी अधिकारी ने सुनवाई कर इसे ग्राम सभा की भूमि के रूप में यथावत रखने का आदेश दिया। हालांकि, वर्ष 2008 में तत्कालीन डीडीसी प्रेम सिंह खड़क ने अपने क्षेत्राधिकार से परे जाकर और गलत तथ्यों के आधार पर इस जमीन को निजी खातेदारों का बता दिया और उन्हें कब्जा दिए जाने के आदेश भी जारी कर दिए। 2008 के इस आदेश के खिलाफ नगर पालिका प्रबंधन ने हाईकोर्ट में अपील दायर करने का प्रयास किया, लेकिन वर्ष 2013 में तत्कालीन ईओ राजकुमार गुप्ता ने हाईकोर्ट में एक आवेदन दायर कर कहा कि नगर पालिका इस मामले में पैरवी करने की इच्छुक नहीं है। हाल ही में जब यह पूरा प्रकरण अधिकारियों के संज्ञान में आया, तो 1954 से अब तक की पूरी जांच कराई गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि यह 'नवीन परती' की जमीन है और इसका उपयोग गलत लोगों द्वारा व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया गया था। तत्काल संज्ञान लेते हुए एक टीम का गठन किया गया और डीडीसी कोर्ट में पुनर्स्थापना याचिका दायर की गई, जिसकी सुनवाई प्रतिदिन सुनिश्चित की गई। जिलाधिकारी के अनुसार, सुनवाई रोकने के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कुछ लोगों द्वारा प्रयास भी किए गए, लेकिन अंततः डीडीसी कोर्ट ने राज्य सरकार के पक्ष में निर्णय सुनाया। इस निर्णय के परिणामस्वरूप, खतौनी से उन खातेदारों के नाम तुरंत हटाकर राज्य सरकार और ग्राम सभा का नाम 'नवीन परती' के अंतर्गत दर्ज किया गया। अब इस मामले में तत्कालीन ईओ, उस समय के नगर पालिका के मानचित्र बनाने वाले कर्मी, वर्ष 2005 और 2008 के डीडीसी, बैनामा कराने वाले सभी संबंधित व्यक्तियों और मूल पट्टेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। साथ ही, विभागीय कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है।
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    जनपद संभल में ₹101 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 38 बीघा सरकारी जमीन को अवैध रूप से निजी भू-स्वामियों के नाम दर्ज कर बेचने का बड़ा मामला सामने आया है। एक शिकायत के बाद हुई गहन जांच में पता चला कि यह बेशकीमती 'नवीन परती' भूमि, जो संभल-मुरादाबाद हाईवे पर चार जुड़े हुए प्लॉट नंबरों के रूप में स्थित है, का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। लगभग 60 साल बाद, डीडीसी कोर्ट के आदेश पर अब खतौनी से निजी खातेदारों के नाम हटा दिए गए हैं और भूमि को राज्य सरकार तथा ग्राम सभा के नाम दर्ज कर दिया गया है।

जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने रविवार शाम को तहसील संभल के थाना रायसत्ती क्षेत्र के गांव तख्त गोसाईं का दौरा किया और गाटा संख्या 206, 207, 233, 242/378 और 279 में लगभग डेढ़ घंटे तक जांच की। जिलाधिकारी ने बताया कि यह भूमि वर्ष 1954 में नगर पालिका परिषद संभल को प्रबंधन के लिए दी गई थी। इसके 13 साल बाद, वर्ष 1967 में, नगर पालिका परिषद ने कथित तौर पर कुछ पट्टेदारों को इस जमीन का पट्टा आवंटित कर दिया था। प्रथम दृष्टया, नगर पालिका को प्रबंधन के लिए दी गई जमीन का पट्टा करने का अधिकार नहीं था, जिसके कारण यह पट्टा शुरू से ही शून्य था। इसके बाद यह जमीन पट्टेदारों के कब्जे में आ गई। वर्ष 1991 में, अपर तहसीलदार कोर्ट ने सईदउल्लाह सहित इन अवैध कब्जाधारियों को अवैध घोषित करते हुए उनकी बेदखली का आदेश दिया। वर्ष 1992 में अपर जिलाधिकारी कोर्ट में की गई अपील भी खारिज हो गई और कोर्ट ने कब्जाधारियों को अवैध मानते हुए इसे सरकारी जमीन घोषित किया था। बाद में, चकबंदी कोर्ट में दायर एक वाद के बाद, वर्ष 2005 में चकबंदी अधिकारी ने सुनवाई कर इसे ग्राम सभा की भूमि के रूप में यथावत रखने का आदेश दिया। हालांकि, वर्ष 2008 में तत्कालीन डीडीसी प्रेम सिंह खड़क ने अपने क्षेत्राधिकार से परे जाकर और गलत तथ्यों के आधार पर इस जमीन को निजी खातेदारों का बता दिया और उन्हें कब्जा दिए जाने के आदेश भी जारी कर दिए। 2008 के इस आदेश के खिलाफ नगर पालिका प्रबंधन ने हाईकोर्ट में अपील दायर करने का प्रयास किया, लेकिन वर्ष 2013 में तत्कालीन ईओ राजकुमार गुप्ता ने हाईकोर्ट में एक आवेदन दायर कर कहा कि नगर पालिका इस मामले में पैरवी करने की इच्छुक नहीं है।

हाल ही में जब यह पूरा प्रकरण अधिकारियों के संज्ञान में आया, तो 1954 से अब तक की पूरी जांच कराई गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि यह 'नवीन परती' की जमीन है और इसका उपयोग गलत लोगों द्वारा व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया गया था। तत्काल संज्ञान लेते हुए एक टीम का गठन किया गया और डीडीसी कोर्ट में पुनर्स्थापना याचिका दायर की गई, जिसकी सुनवाई प्रतिदिन सुनिश्चित की गई। जिलाधिकारी के अनुसार, सुनवाई रोकने के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कुछ लोगों द्वारा प्रयास भी किए गए, लेकिन अंततः डीडीसी कोर्ट ने राज्य सरकार के पक्ष में निर्णय सुनाया। इस निर्णय के परिणामस्वरूप, खतौनी से उन खातेदारों के नाम तुरंत हटाकर राज्य सरकार और ग्राम सभा का नाम 'नवीन परती' के अंतर्गत दर्ज किया गया।

अब इस मामले में तत्कालीन ईओ, उस समय के नगर पालिका के मानचित्र बनाने वाले कर्मी, वर्ष 2005 और 2008 के डीडीसी, बैनामा कराने वाले सभी संबंधित व्यक्तियों और मूल पट्टेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। साथ ही, विभागीय कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है।
    user_Nitin Sagar
    Nitin Sagar
    Court reporter चंदौसी, संभल, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास और विरासत के संगम के बीच कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि डबल इंजन की सरकार सबका विकास कर रही है और सबका विश्वास जीत रही है, जबकि गुंडे-माफियाओं की जगह सिर्फ जेल में है। इसी कार्यक्रम में एक बेहद मार्मिक और संवेदनशील पल तब आया जब करोड़ों की परियोजनाओं में शामिल 'श्री राम वाटिका' का उद्घाटन किसी राजनेता या अधिकारी के बजाय दो नन्ही बच्चियों, वांची और आची, के हाथों मुख्यमंत्री के सानिध्य में हुआ। मुख्यमंत्री और इन बच्चियों, छह वर्षीय वांची और उसकी छोटी बहन आची, के बीच स्नेह का यह बंधन नया नहीं है। दरअसल, मुरादाबाद निवासी इनके पिता अमित कुमार जून 2025 में अपनी बेटी वांची के स्कूल दाखिले को लेकर तीन महीने से परेशान थे। उन्होंने ‘जनता दर्शन’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर अपनी गुहार लगाई थी, जिस पर बच्चों के प्रति विशेष स्नेह रखने वाले मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने न केवल फरियाद सुनी, बल्कि महज तीन घंटे के भीतर ही समस्या का समाधान भी कर दिया। उनके त्वरित निर्देश पर उसी दिन सोमवार दोपहर को वांची का दाखिला आरटीई के तहत मुरादाबाद के प्रतिष्ठित 'सीएल गुप्ता वर्ल्ड स्कूल' में हो गया था। श्री राम वाटिका के लोकार्पण के समय जब मुख्यमंत्री का काफिला पहुंचा, तो ये दोनों बच्चियां उनसे मिलने आईं। मुख्यमंत्री ने बिना किसी देरी के उन्हें अपने पास बुलाया और पूरे वात्सल्य के साथ उन्हीं नन्हे हाथों से इस भव्य वाटिका का फीता कटवाकर इसे जनता को समर्पित किया। इस अनूठे पल और बच्चियों के चेहरों की मुस्कान ने वहां मौजूद सभी का दिल जीत लिया।
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    उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास और विरासत के संगम के बीच कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि डबल इंजन की सरकार सबका विकास कर रही है और सबका विश्वास जीत रही है, जबकि गुंडे-माफियाओं की जगह सिर्फ जेल में है। इसी कार्यक्रम में एक बेहद मार्मिक और संवेदनशील पल तब आया जब करोड़ों की परियोजनाओं में शामिल 'श्री राम वाटिका' का उद्घाटन किसी राजनेता या अधिकारी के बजाय दो नन्ही बच्चियों, वांची और आची, के हाथों मुख्यमंत्री के सानिध्य में हुआ।

मुख्यमंत्री और इन बच्चियों, छह वर्षीय वांची और उसकी छोटी बहन आची, के बीच स्नेह का यह बंधन नया नहीं है। दरअसल, मुरादाबाद निवासी इनके पिता अमित कुमार जून 2025 में अपनी बेटी वांची के स्कूल दाखिले को लेकर तीन महीने से परेशान थे। उन्होंने ‘जनता दर्शन’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर अपनी गुहार लगाई थी, जिस पर बच्चों के प्रति विशेष स्नेह रखने वाले मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लिया।

मुख्यमंत्री ने न केवल फरियाद सुनी, बल्कि महज तीन घंटे के भीतर ही समस्या का समाधान भी कर दिया। उनके त्वरित निर्देश पर उसी दिन सोमवार दोपहर को वांची का दाखिला आरटीई के तहत मुरादाबाद के प्रतिष्ठित 'सीएल गुप्ता वर्ल्ड स्कूल' में हो गया था। श्री राम वाटिका के लोकार्पण के समय जब मुख्यमंत्री का काफिला पहुंचा, तो ये दोनों बच्चियां उनसे मिलने आईं। मुख्यमंत्री ने बिना किसी देरी के उन्हें अपने पास बुलाया और पूरे वात्सल्य के साथ उन्हीं नन्हे हाथों से इस भव्य वाटिका का फीता कटवाकर इसे जनता को समर्पित किया। इस अनूठे पल और बच्चियों के चेहरों की मुस्कान ने वहां मौजूद सभी का दिल जीत लिया।
    user_Jpn7 News
    Jpn7 News
    अमरोहा, अमरोहा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • 45°C की भीषण गर्मी और तपती धूप के बीच एक वैज्ञानिक अपनी मांगों को लेकर अनशन पर बैठे हैं। यह घटना एक वीडियो के माध्यम से सामने आई है, जिसका उद्देश्य इस मुद्दे की जानकारी देना और जनता से इस विषय पर अपनी राय कमेंट्स में बताने का अनुरोध करना है। पोस्ट में वीडियो को पसंद करने, साझा करने और चैनल को सब्सक्राइब करने की अपील भी की गई है।
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    45°C की भीषण गर्मी और तपती धूप के बीच एक वैज्ञानिक अपनी मांगों को लेकर अनशन पर बैठे हैं। यह घटना एक वीडियो के माध्यम से सामने आई है, जिसका उद्देश्य इस मुद्दे की जानकारी देना और जनता से इस विषय पर अपनी राय कमेंट्स में बताने का अनुरोध करना है। पोस्ट में वीडियो को पसंद करने, साझा करने और चैनल को सब्सक्राइब करने की अपील भी की गई है।
    user_Dharmendra Kumar
    Dharmendra Kumar
    Voice of people मुरादाबाद, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • गजरौला पुलिस ने एक 5 वर्षीय बालक के अपहरण के मामले को त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर अपहृत बालक को सकुशल बरामद कर लिया, जिसे बाद में उसके परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस को 28 जून की रात करीब 11 बजे सूचना मिली थी कि एक 5 वर्षीय बालक खेलते समय लापता हो गया है। बालक की मां ने इस अपहरण के लिए अपनी जेठानी और उसके बेटे पर संदेह जताया था। इस सूचना के बाद पुलिस ने तत्काल एक अभियान चलाया और रात भर चली तलाश के बाद बालक को ग्राम बहलोलपुर से सुरक्षित ढूंढ निकाला। इस मामले में गजरौला थाना में मुकदमा संख्या 358/2026, धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने ग्राम नौनेर निवासी आदित्य पुत्र विजेंद्र और उसकी मां सरिता पत्नी विजेंद्र को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। पूछताछ के दौरान आरोपी सरिता ने बताया कि उसकी अपनी देवरानी से लंबे समय से पारिवारिक रंजिश चली आ रही थी, जिसके चलते उसने अपने बेटे आदित्य के साथ मिलकर देवरानी के 5 वर्षीय पुत्र का अपहरण किया था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में बच्चे को बेचने की नीयत से अपहरण करने की बात भी स्वीकार की है, जिसकी जांच और पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी। इस पूरी कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश भदौरिया के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी धनौरा अंजली कटारिया के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने अंजाम दिया। गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक सरज कुमार, हेड कांस्टेबल सोहनवीर सिंह, कांस्टेबल अजय कुमार और महिला कांस्टेबल बबीता शामिल थीं।
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    गजरौला पुलिस ने एक 5 वर्षीय बालक के अपहरण के मामले को त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर अपहृत बालक को सकुशल बरामद कर लिया, जिसे बाद में उसके परिजनों को सौंप दिया गया।

पुलिस को 28 जून की रात करीब 11 बजे सूचना मिली थी कि एक 5 वर्षीय बालक खेलते समय लापता हो गया है। बालक की मां ने इस अपहरण के लिए अपनी जेठानी और उसके बेटे पर संदेह जताया था। इस सूचना के बाद पुलिस ने तत्काल एक अभियान चलाया और रात भर चली तलाश के बाद बालक को ग्राम बहलोलपुर से सुरक्षित ढूंढ निकाला।

इस मामले में गजरौला थाना में मुकदमा संख्या 358/2026, धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने ग्राम नौनेर निवासी आदित्य पुत्र विजेंद्र और उसकी मां सरिता पत्नी विजेंद्र को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। पूछताछ के दौरान आरोपी सरिता ने बताया कि उसकी अपनी देवरानी से लंबे समय से पारिवारिक रंजिश चली आ रही थी, जिसके चलते उसने अपने बेटे आदित्य के साथ मिलकर देवरानी के 5 वर्षीय पुत्र का अपहरण किया था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में बच्चे को बेचने की नीयत से अपहरण करने की बात भी स्वीकार की है, जिसकी जांच और पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।

इस पूरी कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश भदौरिया के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी धनौरा अंजली कटारिया के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने अंजाम दिया। गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक सरज कुमार, हेड कांस्टेबल सोहनवीर सिंह, कांस्टेबल अजय कुमार और महिला कांस्टेबल बबीता शामिल थीं।
    user_Kapil kumar Chawla Amroha
    Kapil kumar Chawla Amroha
    Local News Reporter Amroha, Uttar Pradesh•
    6 hrs ago
  • सकलैनी मस्जिद में सुन्नत-ए-रसूल के सिद्धांतों के अनुरूप एक निकाह अत्यंत सादगी के साथ संपन्न हुआ। इस समारोह में दहेज के तौर पर केवल छह मिट्टी के बर्तन दिए गए, जो इस विशेष आयोजन की सरलता और धार्मिक परंपरा के प्रति निष्ठा को दर्शाता है।
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    सकलैनी मस्जिद में सुन्नत-ए-रसूल के सिद्धांतों के अनुरूप एक निकाह अत्यंत सादगी के साथ संपन्न हुआ। इस समारोह में दहेज के तौर पर केवल छह मिट्टी के बर्तन दिए गए, जो इस विशेष आयोजन की सरलता और धार्मिक परंपरा के प्रति निष्ठा को दर्शाता है।
    user_नाजिम हुसैन पत्रकार डिलारी
    नाजिम हुसैन पत्रकार डिलारी
    Local Politician Moradabad, Uttar Pradesh•
    6 hrs ago
  • सम्भल में आयोजित एक जनसभा के दौरान AIMIM नेता और चेयरमैन प्रतिनिधि मुशीर खां ने समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके यादव नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने मुस्लिम नेताओं का केवल राजनीतिक उपयोग किया और कठिन समय में उनका समर्थन नहीं किया। मुशीर खां ने उदाहरण देते हुए कहा कि आज़म खान ने मुसलमानों का समर्थन सपा को दिलाया, लेकिन जब आज़म खान जेल में हैं, तो पार्टी उनके साथ खड़ी नजर नहीं आती। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कार्रवाई केवल मुस्लिम नेताओं पर की जाती है, जबकि यादव नेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं होती। मंच से उन्होंने दावा किया कि आज़म खान, मुशीर और असद अब्दुल्ला जैसे नेता जेल जाएंगे, लेकिन वीरेश यादव, पिंकी यादव और अन्य यादव नेता बंद नहीं होंगे। खां ने केंद्र और राज्य सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश में गाय, दाढ़ी और टोपी के नाम पर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, और पीड़ितों की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। सभा में उन्होंने मुस्लिम समाज से एकजुट होने की भावुक अपील करते हुए कहा कि यदि समुदाय एकजुट होकर AIMIM का साथ देता है, तो प्रदेश की 25 से 50 विधानसभा सीटों पर जीत-हार का फैसला बदला जा सकता है और AIMIM के 50 विधायक विधानसभा तक पहुंच सकते हैं। मुशीर खां के इस सीधे और दो टूक बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस छिड़ने की संभावना है, क्योंकि उन्होंने सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी के यादव नेतृत्व और मुस्लिम राजनीति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
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    सम्भल में आयोजित एक जनसभा के दौरान AIMIM नेता और चेयरमैन प्रतिनिधि मुशीर खां ने समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके यादव नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने मुस्लिम नेताओं का केवल राजनीतिक उपयोग किया और कठिन समय में उनका समर्थन नहीं किया।

मुशीर खां ने उदाहरण देते हुए कहा कि आज़म खान ने मुसलमानों का समर्थन सपा को दिलाया, लेकिन जब आज़म खान जेल में हैं, तो पार्टी उनके साथ खड़ी नजर नहीं आती। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कार्रवाई केवल मुस्लिम नेताओं पर की जाती है, जबकि यादव नेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं होती। मंच से उन्होंने दावा किया कि आज़म खान, मुशीर और असद अब्दुल्ला जैसे नेता जेल जाएंगे, लेकिन वीरेश यादव, पिंकी यादव और अन्य यादव नेता बंद नहीं होंगे। खां ने केंद्र और राज्य सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश में गाय, दाढ़ी और टोपी के नाम पर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, और पीड़ितों की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है।

सभा में उन्होंने मुस्लिम समाज से एकजुट होने की भावुक अपील करते हुए कहा कि यदि समुदाय एकजुट होकर AIMIM का साथ देता है, तो प्रदेश की 25 से 50 विधानसभा सीटों पर जीत-हार का फैसला बदला जा सकता है और AIMIM के 50 विधायक विधानसभा तक पहुंच सकते हैं। मुशीर खां के इस सीधे और दो टूक बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस छिड़ने की संभावना है, क्योंकि उन्होंने सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी के यादव नेतृत्व और मुस्लिम राजनीति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
    user_Mubarak Ali
    Mubarak Ali
    संभल, संभल, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
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