*हिमाचल पेसपाल्लो टीम का ऐलान, 3 से 5 अप्रैल तक पंजाब में राष्ट्रीय प्रतियोगिता* शिमला। हिमाचल प्रदेश पेसपाल्लो एसोसिएशन ने 17वीं पेसपाल्लो राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता के लिए खिलाड़ियों की सूची जारी कर दी है। यह प्रतियोगिता 3 अप्रैल से 5 अप्रैल 2026 तक पंजाब के संगरूर में आयोजित होगी। एसोसिएशन के सचिव डॉ. रमेश राजपूत ने बताया कि चयनित खिलाड़ियों के लिए तीन दिवसीय प्रैक्टिस कैंप 31 मार्च से 2 अप्रैल तक जिला सोलन के कुनिहार में आयोजित किया जाएगा। सभी चयनित खिलाड़ियों की कैंप में उपस्थिति अनिवार्य रखी गई है, ताकि टीम बेहतर तैयारी के साथ राष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर सके। डॉ. रमेश राजपूत ने कहा कि खेल युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने खिलाड़ियों से नशे से दूर रहकर खेलों को अपनाने का आह्वान किया और कहा कि अनुशासन, मेहनत और सकारात्मक सोच से ही जीवन में सफलता हासिल की जा सकती है। *चयनित खिलाड़ी* प्रकाश ठाकुर, अकुंश ठाकुर, अनमोल शर्मा, इंद्र कुमार, नव खेरा, एस हुडा, धीरज कौशल, डी चौधरी, गुरुजोत, सौरभ शर्मा, एन कौशल, योगेश, अक्षित, मनवीर, कपिल और डी कौशल। ये खिलाड़ी प्रदेश के विभिन्न जिलों—सिरमौर, सोलन, हमीरपुर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कांगड़ा, ऊना, मंडी, चंबा, शिमला और बिलासपुर से चयनित किए गए हैं। नरेश कुमार कौशल (कोच) और ईश्वर दास (टीम मैनेजर) टीम के साथ रहेंगे। एसोसिएशन ने सभी खिलाड़ियों को समय पर कैंप में पहुंचने और पूरी तैयारी के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने के निर्देश दिए हैं। इस मौके पर एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर, उपाध्यक्ष नरेश कौशल,कोषाध्यक्ष दुर्गानंद शर्मा और सह सचिव योगेश जोशी मौजूद रहे।
*हिमाचल पेसपाल्लो टीम का ऐलान, 3 से 5 अप्रैल तक पंजाब में राष्ट्रीय प्रतियोगिता* शिमला। हिमाचल प्रदेश पेसपाल्लो एसोसिएशन ने 17वीं पेसपाल्लो राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता के लिए खिलाड़ियों की सूची जारी कर दी है। यह प्रतियोगिता 3 अप्रैल से 5 अप्रैल 2026 तक पंजाब के संगरूर में आयोजित होगी। एसोसिएशन के सचिव डॉ. रमेश राजपूत ने बताया कि चयनित खिलाड़ियों के लिए तीन दिवसीय प्रैक्टिस कैंप 31 मार्च से 2 अप्रैल तक जिला सोलन के कुनिहार में आयोजित किया जाएगा। सभी चयनित खिलाड़ियों की कैंप में उपस्थिति अनिवार्य रखी गई है, ताकि टीम बेहतर तैयारी के साथ राष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर सके। डॉ. रमेश राजपूत ने कहा कि खेल युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने खिलाड़ियों से नशे से दूर रहकर खेलों को अपनाने का आह्वान किया और कहा कि अनुशासन, मेहनत और सकारात्मक सोच से ही जीवन में सफलता हासिल की जा सकती है। *चयनित खिलाड़ी* प्रकाश ठाकुर, अकुंश ठाकुर, अनमोल शर्मा, इंद्र कुमार, नव खेरा, एस हुडा, धीरज कौशल, डी चौधरी, गुरुजोत, सौरभ शर्मा, एन कौशल, योगेश, अक्षित, मनवीर, कपिल और डी कौशल। ये खिलाड़ी प्रदेश के विभिन्न जिलों—सिरमौर, सोलन, हमीरपुर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कांगड़ा, ऊना, मंडी, चंबा, शिमला और बिलासपुर से चयनित किए गए हैं। नरेश कुमार कौशल (कोच) और ईश्वर दास (टीम मैनेजर) टीम के साथ रहेंगे। एसोसिएशन ने सभी खिलाड़ियों को समय पर कैंप में पहुंचने और पूरी तैयारी के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने के निर्देश दिए हैं। इस मौके पर एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर, उपाध्यक्ष नरेश कौशल,कोषाध्यक्ष दुर्गानंद शर्मा और सह सचिव योगेश जोशी मौजूद रहे।
- वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट ध्वनि मत से पारित, CM सुक्खू बोले RDG बंद होने से घटा आकर, राज्य में राजस्व के दरवाजे खोलने पर होगा मंथन हिमाचल प्रदेश विधानसभा से वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 54,928 करोड़ का बजट ध्वनि मत से पारित किया गया. बजट पारित होने के बाद इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इतिहास में पहली बार सरकार ने वास्तविक वित्त स्थित जनता के सामने रखी है. RDG के रूप में राज्य को उसका अधिकार नहीं मिला. ऐसे में बजट के आकार को घटाना पड़ा. मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2026-27 के लिए 54,928 करोड़ का बजट पारित किया गया, जो बीते वर्ष करीब 58000 करोड़ का था. मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 3 वर्षों में नीतिगत बदलावों से राज्य आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है. VO -- मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में भी नीतिगत बदलाव से प्रदेश की वित्तीय स्थिति में सुधार लाया जाएगा. उन्होंने कर्मचारियों को आश्वासन देते हुए कहा कि जिन कर्मचारियों अधिकारियों का वेतन डेफर हुआ है उसे जल्द चुका जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि वो कल से प्रदेश की वित्त स्थिति को लेकर वह बैठक करेंगे. प्रदेश में राजस्व के दरवाजों को खोला जाएगा और भ्रष्टाचार के तो चोर दरवाजों को बंद किया जाएगा. राज्य सरकार के नीतिगत बदलाव से जल्द ही हिमाचल आत्मनिर्भर राज्य बनेगा. उन्होंने कहा कि वर्तमान आर्थिक स्थिति से भी राज्य जल्द ही पार पाएगा और आने वाले तीन से चार महीनों में राज्य गति पकड़ता हुआ नजर आएगा. बाइट -- सुखविंदर सिंह सुक्खू मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश PET भर्ती को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य चयन आयोग भर्तियां कर रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने 2000 पदों पर PTA के स्थान पर चयनित करके शिक्षकों की नियुक्ति के लिए कहा है. मुख्यमंत्री ने PET भर्ती पर विचार करने की बात कही है. वही पेंशनरों के धरने को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवानिवृत कर्मचारियों का सरकार सम्मान करती है. उन्होंने कहा कि बजट की परिधि में जितना संभव होगा सरकार पेंशनरों की देनदारियां चुकाने का प्रयास करेगी बाइट -- सुखविंदर सिंह सुक्खू मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश वहीं प्रदेश पर बढ़ते कर्ज के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले वक्त में प्रदेश पर कर्ज और बढ़ सकता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की जीडीपी के आकलन के आधार पर राज्य को लोन मिलता है. इसके अलावा केंद्र से भी इंटरेस्ट फ्री लोन मिलता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास के लिए ऋण जरूरी है लेकिन में रिफॉर्म किए जाएंगे. साथ ही उसका बोझ जनता पर न पड़े इसका ध्यान रखा जाएगा बाइट -- सुखविंदर सिंह सुक्खू मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश उधर एंट्री टैक्स के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एंट्री टैक्स में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे वाहनों पर टैक्स अधिक नहीं बढ़ा है. केवल बड़े माल वाहक वाहनों पर टैक्स ₹130 से बढ़कर 170 रुपए हुआ है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के वित्त मंत्री ने इस विषय को उठाया इसलिए यह मुद्दा बन गया मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राशनलाइजेशन करके बड़े वाहनों को एंट्री टैक्स में कुछ राहत देने पर विचार कर रही है. बाइट -- सुखविंदर सिंह सुक्खू मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश2
- देवभूमि हिमाचल में बाहर से शूटर बुलाकर सुपारी किलिंग की शुरुआत करने के साथ ही बिलासपुर में चिट्टे जैसे घातक नशे के जन्मदाता पूर्व विधायक बंबर ठाकुर अपना मानसिक संतुलन पूरी तरह से खो बैठे हैं। खुद को नेता कहने वाले यह एक ऐसे पेशेवर ठेकेदार हैं, जो गुंडागर्दी के दम पर वन, खनन व जमीन से लेकर हर तरह के माफिया के सरगना हैं। उनके खिलाफ लगभग 30 केस दर्ज हैं। बिलासपुर के एक पूर्व डीसी के साथ ही वर्तमान में एएसपी पद पर कार्यरत पुलिस अधिकारी भी उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा चुके हैं। कांग्रेस के पिछले कार्यकाल में इसी पार्टी के पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर जी भी उन पर फोरलेन में लगभग 200 करोड़ रुपये के घोटाले का गंभीर आरोप लगा चुके हैं। उनकी रग-रग को पहचान चुकी सदर विधानसभा क्षेत्र की प्रबुद्ध जनता ने वर्ष 2022 के चुनाव में उन्हें नकार दिया था। उसी समय से उनकी दिमागी हालत ठीक नहीं है। रही-सही कसर कांग्रेस सरकार में उन्हें हाशिये पर धकेले जाने से पूरी हो गई है। पहले उन्होंने सरकार में कोई ओहदा मिलने की उम्मीद लगा रखी थी। जब वह उम्मीद पूरी नहीं हुई तो वह खुद को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद का सबसे बड़ा दावेदार बताने लगे, लेकिन उनकी यह हसरत भी पूरी नहीं हो पाई। उनकी हालत कुछ ऐसी है कि ‘चौबे जी चले थे छब्बे जी बनने, दूबे जी बनकर रह गए।’ ड्रामेबाजी में माहिर यही नौटंकीबाज पूर्व विधायक अब एक बार फिर से विधानसभा के बाहर धरना देने पहंुच गए। प्रदेश में कांगे्रस की सरकार है। जिन तथ्यहीन आरोपों का सहारा लेकर वह सुर्खियां बटोरने का असफल प्रयास कर रहे हैं, उनकी जांच किसी भी एजेंसी से करवाने से उन्हें कौन रोक रहा है। ईश्वर से यही प्रार्थना है कि उन्हें स्वस्थ रखने के साथ सद्बुद्धि भी दें।1
- Post by Dev Raj Thakur1
- Post by Himachal Ab Tak1
- ऊपरी शिमला में भारी ओलावृष्टि कोटखाई, नारकंडा समेत कुमारसेन में औलावृष्टि से स्टोन फ्रूट सहित सेब की फ़सल को नुकसान1
- Post by Pardeep Kumar1
- रिपोर्ट 31 मार्च सैंज (बुद्धि सिंह ठाकुर ): शिक्षा के क्षेत्र में चार दशकों से अधिक का समय न्यौछावर करने वाले राजेंद्र शर्मा 31 मार्च को अपनी राजकीय सेवा से सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। इस अवसर पर पीएम श्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सैंज में एक भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें स्कूल प्रबंधन और विद्यार्थियों ने अपने प्रिय शिक्षक का भावपूर्ण स्वागत किया। विद्यार्थियों और प्रबंधन द्वारा यादगार विदाई समारोह की शुरुआत में स्कूल के पूर्व व वर्तमान प्रबंधन और विद्यार्थियों द्वारा राजेंद्र शर्मा जी का भव्य स्वागत किया गया। विद्यार्थियों ने फूल-मालाओं और गीतों के साथ अपने गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। स्कूल प्रशासन ने उनके 40 वर्षों के सेवाकाल को संस्थान के लिए एक 'स्वर्ण युग' बताया और शिक्षा के प्रति उनके समर्पण की सराहना की। शून्य से शिखर तक का सफर सैंज घाटी की रैला पंचायत के जीवा गांव के एक साधारण परिवार में जन्मे राजेंद्र शर्मा की यात्रा प्रेरणादायक रही है: शिक्षा: प्रारंभिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय शरण-II से करने के बाद उन्होंने सैंज स्कूल से ही अपनी माध्यमिक शिक्षा पूरी की। इसके बाद प्रभाकर, स्नातक, एमए (हिंदी), जेबीटी और बीएड जैसी उच्च शिक्षा मेरिट के साथ हासिल की। करियर की शुरुआत: वर्ष 1987 में जेबीटी अध्यापक के रूप में नियुक्ति हुई। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने मझाण और खुन्न जैसे अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में भी अपनी सेवाएं दीं। पदोन्नति: जेबीटी से सफर शुरू कर वे भाषा अध्यापक और टीजीटी हिंदी के पद तक पहुँचे। सेवा के मुख्य केंद्र राजेंद्र शर्मा ने अपने 40 वर्ष 03 माह के कार्यकाल में कई विद्यालयों को सींचा, जिनमें मुख्य रूप से: प्रारंभिक चरण: राजकीय केंद्र प्राथमिक विद्यालय सैंज, मंगलौर, पुखरी, करटाह और शरण-II। वरिष्ठ चरण: वराण, ढालपुर कुल्लू, खल्याणी और अंत में पीएम श्री सैंज। भविष्य का संकल्प और आभार विदाई के क्षणों में भावुक होते हुए राजेंद्र शर्मा ने कहा, "मैंने जीवन भर कड़ी मेहनत से हर मुकाम हासिल किया है और मेरा प्रयास हमेशा विद्यार्थियों की भलाई रहा है। सरकारी सेवा भले ही समाप्त हो रही हो, लेकिन समाज की भलाई के लिए मैं आगे भी सक्रिय रहूँगा।" उन्होंने अपने पूरे जीवन काल में सहयोग देने के लिए सभी सहयोगियों और क्षेत्रवासियों का आभार जताया। अपनी सेवानिवृत्ति के उपलक्ष्य में उन्होंने अपने पैतृक गांव जीवा (सिउंड) में सभी शुभचिंतकों के लिए धाम (पारंपरिक भोज) का आयोजन भी किया है।1
- सीबीएसई के नाम पर हिमाचल शिक्षा बोर्ड को खत्म करने की साजिश : राकेश जमवाल* सुंदरनगर से भाजपा के विधायक व मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा में शिक्षा व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार के फैसलों पर जोरदार हमला बोलते हुए इसे हिमाचल के अपने शिक्षा बोर्ड को कमजोर करने की सुनियोजित साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ने का निर्णय बिना किसी ठोस अध्ययन और दूरदर्शिता के जल्दबाजी में लिया गया है, जिसका खामियाजा आने वाले समय में प्रदेश के विद्यार्थियों और शिक्षा तंत्र को भुगतना पड़ेगा। सदन में सरकार द्वारा दिए गए जवाब का हवाला देते हुए जमवाल ने कहा कि प्रदेश के लगभग 151 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को सीबीएसई से जोड़ा जा रहा है और इन्हें शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सीबीएसई के अंतर्गत संचालित किया जाएगा, जिसके लिए प्रति विद्यालय लगभग ₹45,000 खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर यह निर्णय किस आधार पर लिया गया और क्या इसके लिए कोई व्यापक शैक्षणिक या प्रशासनिक अध्ययन किया गया है। जमवाल ने कहा कि करीब 151 ऐसे विद्यालय, जो पहले हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से जुड़े थे, उन्हें सीबीएसई में शामिल करना सीधे तौर पर अपने ही बोर्ड को कमजोर करने का प्रयास है। उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि क्या हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से पढ़ा हुआ विद्यार्थी किसी भी स्तर पर सीबीएसई के विद्यार्थियों से कम है, जबकि हकीकत यह है कि प्रदेश के छात्र वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं और विभिन्न सेवाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड एक मजबूत, आत्मनिर्भर और विश्वसनीय संस्था रही है, जिसने प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की है, लेकिन सरकार का यह कदम इसके अस्तित्व पर ही प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस निर्णय से लगभग 450पेंशनर्स, 350 कर्मचारियों का भविष्य अधर में लटक गया है, लेकिन सरकार ने उनके लिए कोई स्पष्ट नीति तक नहीं बनाई है, जो सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है। जमवाल ने आरोप लगाया कि शिक्षक वर्ग इस फैसले के खिलाफ लगातार विरोध जता रहा है, लेकिन सरकार उनकी आवाज को सुनने के बजाय उसे दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि जब एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम पहले से ही हिमाचल प्रदेश बोर्ड और सीबीएसई दोनों में समान रूप से लागू है, तो केवल बोर्ड बदलने का कोई औचित्य नहीं बनता। वही शिक्षक, वही सिलेबस और वही विद्यार्थी होने के बावजूद यह बदलाव केवल दिखावा और भ्रम पैदा करने का प्रयास है। जमवाल ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर उन विद्यालयों को सीबीएसई से जोड़ रही है जहां बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और अधिक छात्र संख्या है, ताकि धीरे-धीरे हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड को कमजोर कर समाप्त किया जा सके। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस फैसले पर तुरंत पुनर्विचार नहीं किया गया, तो आने वाले समय में प्रदेश का अपना शिक्षा बोर्ड अस्तित्व के संकट में पहुंच जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भाजपा इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी और प्रदेश के हितों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ सहन नहीं किया जाएगा। बाइट,,,विधायक राकेश जमवाल सुंदरनगर2