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कैबिनेट मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने पूर्व पार्षद स्वर्गीय श्रीमती मधु भारद्वाज की तृतीय पुण्यतिथि पर जाकर दी अपनी ओर से श्रद्धांजलि कैबिनेट मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने पूर्व पार्षद स्वर्गीय श्रीमती मधु भारद्वाज की तृतीय पुण्यतिथि पर जाकर दी अपनी ओर से श्रद्धांजलि
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कैबिनेट मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने पूर्व पार्षद स्वर्गीय श्रीमती मधु भारद्वाज की तृतीय पुण्यतिथि पर जाकर दी अपनी ओर से श्रद्धांजलि कैबिनेट मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने पूर्व पार्षद स्वर्गीय श्रीमती मधु भारद्वाज की तृतीय पुण्यतिथि पर जाकर दी अपनी ओर से श्रद्धांजलि
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- डबरा (ग्वालियर) मध्य प्रदेश दोस्त का बर्थडे मनाया और अवैध पिस्टल से किया हवाई फायर, डबरा अनुविभाग के पिछोर थाने का बताया जा रहा है वीडियो , वीडियो हुआ सोशल मीडिया पर वायरल।1
- दतिया प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय चन्द्र द्वारा शासकीय विधि महाविधालय में महाविद्यालय/नेशनल स्तर पर आयोजित मूट कोर्ट प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागियों को ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित कर उनको उज्जवल भविष्य की शुभकामनाये दी। न्यायाधीश द्वारा अपने संबोधन में छात्र-छात्राओं को विधि की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करते हुए कहा गया की यह व्यवसाय सर्वश्रेष्ठ व्यवसायों में से एक है इस व्यवसाय में सतत अध्ययन की आवश्यकता है बड़े बड़े राजनेता, राष्ट्रपिता एवं राष्ट्रपति इस व्यवसाय से जुड़े रहे। उन्होंने अपने तीस वर्षों के अनुभवों को साझा करते हुए स्वर्गीय वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठ मलानी जी का उदाहरण दिया की लोग उनके तर्कों को सुनते हैं लेकिन उस तर्क के पीछे की रात्रि 2 बजे तक की गई तैयारी को नहीं देखते हैं। साथ ही चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया 2005 रमेश चन्द्र लाहोटी के प्रतिदिन जर्नल सुप्रीम कोर्ट केसेस का 1 घंटा अध्ययन करने का जिक्र करते हुए छात्र-छात्राओं को सतत अध्ययन के लिए प्रोत्साहित किया। इसी तारतम्य में महाविद्यालय में नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत महिलाओं के कानूनी अधिकार विषय पर संविधान, स्त्रीधन, तीन तलाक, भरण पोषण, उत्तराधिकार, विधायिकाओं में प्रतिनिधित्व इत्यादि पर प्राचार्य डॉ आशुतोष राय द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता एवं निबंध प्रतियोगिता के विजयी छात्र छात्राओं को ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. जयश्री त्रिवेदी एवं महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।1
- दतिया में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय चन्द्र द्वारा शासकीय विधि महाविधालय में महाविद्यालय/नेशनल स्तर पर आयोजित मूट कोर्ट प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागियों को ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित कर उनको उज्जवल भविष्य की शुभकामनाये दी। न्यायाधीश द्वारा अपने संबोधन में छात्र-छात्राओं को विधि की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करते हुए कहा गया की यह व्यवसाय सर्वश्रेष्ठ व्यवसायों में से एक है इस व्यवसाय में सतत अध्ययन की आवश्यकता है बड़े बड़े राजनेता, राष्ट्रपिता एवं राष्ट्रपति इस व्यवसाय से जुड़े रहे। उन्होंने अपने तीस वर्षों के अनुभवों को साझा करते हुए स्वर्गीय वरिष्ठ अधिवक्ता श्री राम जेठ मलानी का उदाहरण दिया की लोग उनके तर्कों को सुनते हैं लेकिन उस तर्क के पीछे की रात्रि 2 बजे तक की गई तैयारी को नहीं देखते हैं। साथ ही चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया 2005 श्री रमेश चन्द्र लाहोटी के प्रतिदिन जर्नल सुप्रीम कोर्ट केसेस का 1 घंटा अध्ययन करने का जिक्र करते हुए छात्र-छात्राओं को सतत अध्ययन के लिए प्रोत्साहित किया। इसी तारतम्य में महाविद्यालय में नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत महिलाओं के कानूनी अधिकार विषय पर संविधान, स्त्रीधन, तीन तलाक, भरण पोषण, उत्तराधिकार, विधायिकाओं में प्रतिनिधित्व इत्यादि पर प्राचार्य डॉ आशुतोष राय द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता एवं निबंध प्रतियोगिता के विजयी छात्र छात्राओं को ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. जयश्री त्रिवेदी एवं महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।1
- दतिया। सिंगरौली में हुई बैंक डकैती की घटना के बाद दतिया पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा के निर्देश पर जिले भर में बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में दतिया सिटी कोतवाली टीआई धीरेंद्र मिश्रा तथा सिविल लाइन थाना प्रभारी वैभव गुप्ता की टीमों ने अपने-अपने थाना क्षेत्रों में स्थित विभिन्न बैंक शाखाओं का निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों ने बैंक पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संदिग्ध व्यक्तियों की सघन तलाशी भी ली। निरीक्षण के दौरान थाना प्रभारियों ने बैंक प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए कि सभी सीसीटीवी कैमरे 24 घंटे चालू रखें और उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। साथ ही सुरक्षा गार्डों को निर्देशित किया गया कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को बिना जांच के बैंक में प्रवेश न दिया जाए। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर दतिया सहित पूरे जिले में पुलिस सतर्क नजर आई। सभी बैंक शाखाओं में सुरक्षा व्यवस्था की गहन जांच कर संभावित घटनाओं को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई है।2
- Post by Sharukh Khan1
- भांडेर थाना क्षेत्र के पथर्रा नारायण गांव में अज्ञात कारणों के चलते एक महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जिसको लेकर भांडेर पुलिस ने शनिवार दोपहर 12 वजे मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार पथर्रा नारायण गांव निवासी मृतका महिला समीक्षा दोहरे पत्नी अनुरुद्ध दोहरे उम्र 23 वर्ष दोपहर को कमरे में लगे पंखे कुंदे से साड़ी के फंदे पर लटकी मिली। परिजनों ने तत्काल भांडेर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पंचनामा कार्रवाई कर सबको पीएम के लिए भांडेर अस्पताल भेजा। महिला ने यह कदम क्यों उठाया है यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है पुलिस मामले की जांच कर रही है1
- स्व, श्रीमती मधु भारद्वाज की श्रद्धांजलि 4 भजन संध्या एवं पुष्पांजलि सभा आयोजित........1
- दतिया में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री विजय चन्द्र द्वारा शासकीय विधि महाविधालय में महाविद्यालय/नेशनल स्तर पर आयोजित मूट कोर्ट प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागियों को ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित कर उनको उज्जवल भविष्य की शुभकामनाये दी। न्यायाधीश द्वारा अपने संबोधन में छात्र-छात्राओं को विधि की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करते हुए कहा गया की यह व्यवसाय सर्वश्रेष्ठ व्यवसायों में से एक है इस व्यवसाय में सतत अध्ययन की आवश्यकता है बड़े बड़े राजनेता, राष्ट्रपिता एवं राष्ट्रपति इस व्यवसाय से जुड़े रहे। उन्होंने अपने तीस वर्षों के अनुभवों को साझा करते हुए स्वर्गीय वरिष्ठ अधिवक्ता श्री राम जेठ मलानी का उदाहरण दिया की लोग उनके तर्कों को सुनते हैं लेकिन उस तर्क के पीछे की रात्रि 2 बजे तक की गई तैयारी को नहीं देखते हैं। साथ ही चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया 2005 श्री रमेश चन्द्र लाहोटी के प्रतिदिन जर्नल सुप्रीम कोर्ट केसेस का 1 घंटा अध्ययन करने का जिक्र करते हुए छात्र-छात्राओं को सतत अध्ययन के लिए प्रोत्साहित किया। इसी तारतम्य में महाविद्यालय में नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत महिलाओं के कानूनी अधिकार विषय पर संविधान, स्त्रीधन, तीन तलाक, भरण पोषण, उत्तराधिकार, विधायिकाओं में प्रतिनिधित्व इत्यादि पर प्राचार्य डॉ आशुतोष राय द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता एवं निबंध प्रतियोगिता के विजयी छात्र छात्राओं को ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. जयश्री त्रिवेदी एवं महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।1
- दतिया। झूठा प्रकरण दर्ज कराने के गंभीर मामले में न्यायालय ने सख्त फैसला सुनाते हुए फरियादिया वैभवी सनोरिया को 10 वर्ष के कारावास एवं 10,500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला 16 अप्रैल 2026 को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजेश भंडारी की अदालत द्वारा सुनाया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी करते हुए अतिरिक्त लोक अभियोजक अरुण कुमार लिटोरिया ने बताया कि मामला थाना बड़ोनी का है। फरियादिया वैभवी सनोरिया ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 22 सितंबर 2021 की रात करीब 10:30 बजे उसके पड़ोसी कालीचरण ने घर में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 450, 376 भारतीय दंड संहिता एवं एससी/एसटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच पूरी कर न्यायालय में पेश किया। हालांकि, विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट की अदालत में विचारण के दौरान फरियादिया अपने बयान से पलट गई और बताया कि रुपये के लेन-देन के विवाद के चलते उसने आरोपी कालीचरण के खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराया था। इसके बाद न्यायालय ने कालीचरण को दोषमुक्त कर दिया। साथ ही, न्यायालय ने झूठा प्रकरण दर्ज कराने के आरोप में वैभवी सनोरिया के खिलाफ परिवाद प्रस्तुत करने के आदेश दिए थे। इसी परिवाद पर सुनवाई करते हुए अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 182, 195 और 211 के तहत उसे दोषी पाते हुए 10 वर्ष के कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने अपने निर्णय में यह भी टिप्पणी की कि वर्तमान में झूठे मामलों के पंजीकरण की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जिससे न्यायिक प्रणाली पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और आम जनता में न्याय के प्रति नकारात्मक धारणा बनती है। ऐसे मामलों पर अंकुश लगाना अत्यंत आवश्यक है।1