गाजीपुर जिले के भांवरकोल थाना क्षेत्र में 24 जून को हुई 20 वर्षीय अजय यादव की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। वीरपुर गांव में एक सुनियोजित साजिश के तहत कुछ लोगों ने एकजुट होकर अजय पर चाकू, लाठी, डंडे और लोहे की रॉड से बेरहमी से हमला किया था, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया था और परिजनों में भारी आक्रोश था। मामले की गंभीरता को देखते हुए भांवरकोल पुलिस ने तत्काल हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। लगातार छापेमारी और मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के बाद, पुलिस ने 2 जुलाई को इस हत्याकांड में वांछित दो आरोपियों नवीन चौधरी और सुशील चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। ये दोनों आरोपी वीरपुर गांव के ही निवासी हैं। पुलिस पूछताछ में इस घटना से जुड़े कई अहम तथ्यों के सामने आने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस ने यह भी बताया कि इस हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है और उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस कार्रवाई को जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
गाजीपुर जिले के भांवरकोल थाना क्षेत्र में 24 जून को हुई 20 वर्षीय अजय यादव की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। वीरपुर गांव में एक सुनियोजित साजिश के तहत कुछ लोगों ने एकजुट होकर अजय पर चाकू, लाठी, डंडे और लोहे की रॉड से बेरहमी से हमला किया था, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया था और परिजनों में भारी आक्रोश था। मामले की गंभीरता को देखते हुए भांवरकोल पुलिस ने तत्काल हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। लगातार छापेमारी और मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के बाद, पुलिस ने 2 जुलाई को इस हत्याकांड में वांछित दो आरोपियों नवीन चौधरी और सुशील चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। ये दोनों आरोपी वीरपुर गांव के ही निवासी हैं। पुलिस पूछताछ में इस घटना से जुड़े कई अहम तथ्यों के सामने आने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस ने यह भी बताया कि इस हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है और उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस कार्रवाई को जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
- उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ थाना भुड़कुड़ा पुलिस ने अपनी ही बेटी को जहर देकर मारने वाली आरोपी माँ पुष्पा देवी को गिरफ्तार किया है। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब 22 जून 2026 को गांव घटारो की रहने वाली पुष्पा देवी ने भुड़कुड़ा कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी कि नमन नामक एक युवक से परेशान होकर उसकी बेटी मुस्कान ने जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिससे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस शिकायत के आधार पर, पुलिस ने शुरुआत में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था। हालांकि, प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने जब मामले की गहराई से जांच की और पुख्ता सबूत जुटाए, तो पूरी हकीकत सामने आ गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि मुस्कान ने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उसकी माँ पुष्पा देवी पत्नी महेंद्र यादव ने ही उसे जहर देकर मार डाला था और फिर खुद को बचाने के लिए एक मनगढ़ंत कहानी गढ़ी थी। इस खुलासे के बाद, पुलिस ने मुकदमे में धाराओं को संशोधित करते हुए इसे हत्या (धारा 103(1) बीएनएस) और साक्ष्य मिटाने (धारा 123 बीएनएस) का मामला बना दिया। तेजी से कार्रवाई करते हुए, पुलिस टीम ने 1 जुलाई 2026 को 43 वर्षीय वांछित अभियुक्ता पुष्पा देवी को उसके घर के पास से गिरफ्तार कर लिया। अब उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है।1
- विंध्य एक्सप्रेस वे परियोजना को लेकर किसानों में गहरा आक्रोश देखने को मिला है। किसान संगठनों ने इस परियोजना के विरोध में एक पदयात्रा निकाली, जिसका नेतृत्व किसान अशोक सिंह ने किया।1
- समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रदेश को साइबर अपराध के मामलों में "अव्वल" बताते हुए मौजूदा स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए। यादव ने विशेष रूप से साइबर धोखाधड़ी और राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कीं।1
- एक स्थानीय निवासी ने बताया है कि उनके घर में बिजली कनेक्शन का तार टूट जाने के कारण कल से बिजली आपूर्ति ठप है। इस समस्या को लेकर उन्होंने चार बार शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।1
- चन्दौली जिला के नरवन में भूमि बचाओ संघर्ष समिति के तत्वावधान में गुरुवार को सैकड़ों किसानों ने विंध्य एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहित की जा रही अपनी भूमि बचाने के उद्देश्य से एक विशाल पदयात्रा निकाली। समिति के संरक्षक सुमंत सिंह अन्ना, अशोक सिंह, और अध्यक्ष महेश्वर सिंह के नेतृत्व में किसानों ने "बिध्य एक्सप्रेस-वे वापस लो वापस लो", "अपनी जान देंगे लेकिन जमीन नहीं देंगे", "किसान एकता जिंदाबाद जिंदाबाद", और "दम है किसान के दामन में तेरे देख लिया और देखेंगे" जैसे नारों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। यह पदयात्रा ओयरचक, अदसड़, बसंतपुर, दरौली, तेल्हारा, अरंगी समेत कई गांवों से होते हुए लक्ष्मणपुर तक पहुंची, जहाँ किसानों ने एक्सप्रेस-वे के लिए लगे सर्वे के निशानों के सामने "खेती खेत" बैनर तले अपना आक्रोश व्यक्त किया। किसानों ने स्पष्ट किया कि सरकार को बिंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना तुरंत वापस लेनी चाहिए, क्योंकि इसके निर्माण से उन्हें भारी क्षति होगी और अनगिनत किसान भूमिहीन हो जाएंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि इसके बजाय, पहले से बनी सैयदराजा-जमानिया सड़क को सिक्स लेन में परिवर्तित कर गाजीपुर से जोड़ा जा सकता है। किसानों ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक्सप्रेस-वे के कारण कर्मनाशा नदी के तटवर्ती इलाके के गांव बाढ़ की चपेट में आकर डूबने लगेंगे, जिससे व्यापक नुकसान होगा और कई परिवार बेघर हो जाएंगे। किसानों का दृढ़ कहना है कि यह जमीन उनकी मां के समान उपजाऊ है, जिसे उन्होंने सींचकर रखा है, और वे इसे किसी भी कीमत पर छोड़ने को तैयार नहीं हैं; वे अपनी जान दे देंगे लेकिन अपनी एक इंच भी सींची हुई जमीन नहीं देंगे। पदयात्रा में सुमन सिंह अन्ना, अशोक सिंह, महेश्वर सिंह, संत विलास सिंह, ज्ञान प्रकाश सिंह, निखिल सिंह, दीनानाथ श्रीवास्तव, जयशंकर सिंह, आलोक सिंह, समरेंद्र बहादुर सिंह, बसंत सिंह, किशन सिंह, अशोक यादव, रविंद्र नाथ सिंह सहित कई किसान शामिल रहे।4
- लाड़पुर की बेटी वंशिका ने UPCATET-2026 परीक्षा में पूरे प्रदेश में 23वीं रैंक हासिल कर अपने क्षेत्र का मान बढ़ाया है। इस उपलब्धि से वंशिका ने पूरे प्रदेश में अपनी पहचान बनाई है।1
- सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि इस बार बीजेपी को न तो चढ़ावा मिलेगा और न ही जनता का समर्थन प्राप्त होगा।1
- विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना को लेकर किसानों के बीच भारी आक्रोश देखने को मिला है। किसानों में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से विभिन्न किसान संगठनों ने एक पदयात्रा का आयोजन किया। इस पदयात्रा का नेतृत्व किसान नेता दीनानाथ श्रीवास्तव ने किया।1
- मऊ के प्रमुख मिर्ज़ाहादीपूरा चौक पर दो सांडों के आपस में भिड़ जाने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना से सड़क से गुजर रहे बाइक सवारों, कार चालकों और ई-रिक्शा चालकों में काफी डर फैल गया, जिसके कारण कई लोगों को अपनी गाड़ियां पीछे हटानी पड़ीं। इस वजह से घंटों तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। आवारा पशुओं की यह समस्या अब गंभीर रूप ले रही है, जिससे सड़कों पर हर वक्त किसी अनहोनी और हादसे का डर बना रहता है। इसे केवल ट्रैफिक समस्या नहीं, बल्कि सीधे तौर पर लोगों की जान की सुरक्षा का मुद्दा बताया गया है। स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका से अपील की गई है कि गौशालाओं की व्यवस्था को और दुरुस्त किया जाए। साथ ही, मुख्य चौराहों और बाजारों से आवारा पशुओं को प्राथमिकता के आधार पर हटाने का काम किया जाए। यह आग्रह भी किया गया है कि किसी बड़े हादसे या जनहानि का इंतजार न किया जाए। उम्मीद जताई गई है कि जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान निकालेंगे, ताकि आम नागरिक सड़कों पर सुरक्षित चल सकें और किसी गंभीर घटना की पुनरावृत्ति न हो।1