20 जून को देशभर में 'पीएम किसान उत्सव दिवस' मनाया जाएगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 23वीं किस्त जारी करेंगे। इस योजना के तहत देशभर के करोड़ों किसानों के खातों में 18 हजार 800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की जाएगी। अब तक 22 किस्तों के माध्यम से लगभग 4 लाख 28 हजार करोड़ रुपये देश के करीब 9 करोड़ 50 लाख किसानों के बैंक खातों में भेजे जा चुके हैं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस अवसर पर पूरे देश में 'किसान उत्सव दिवस' व्यापक स्तर पर मनाया जाएगा। कार्यक्रम 731 कृषि विज्ञान केंद्रों, 113 आईसीएआर संस्थानों और कृषि विश्वविद्यालयों में आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, राज्यों में भी विशेष कार्यक्रम होंगे, जिनमें विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री भी भाग लेंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री ने किसानों के लिए एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि पीएम-आशा योजना के तहत उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु और गुजरात को मूंग, मसूर और उड़द की खरीद की अनुमति दी गई है। इन फसलों की खरीद किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जाएगी, जिससे उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिल सके। कृषि मंत्री के अनुसार, पीएम-किसान योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक बड़ा सहारा साबित हुई है, और खरीफ सीजन की बुआई शुरू होने के समय मिलने वाली यह आर्थिक सहायता किसानों को खेती की तैयारियों में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।
20 जून को देशभर में 'पीएम किसान उत्सव दिवस' मनाया जाएगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 23वीं किस्त जारी करेंगे। इस योजना के तहत देशभर के करोड़ों किसानों के खातों में 18 हजार 800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की जाएगी। अब तक 22 किस्तों के माध्यम से लगभग 4 लाख 28 हजार करोड़ रुपये देश के करीब 9 करोड़ 50 लाख किसानों के बैंक खातों में भेजे जा चुके हैं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस अवसर पर पूरे देश में 'किसान उत्सव दिवस' व्यापक स्तर पर मनाया जाएगा। कार्यक्रम 731 कृषि विज्ञान केंद्रों, 113 आईसीएआर संस्थानों और कृषि विश्वविद्यालयों में आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, राज्यों में भी विशेष कार्यक्रम होंगे, जिनमें विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री भी भाग लेंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री ने किसानों के लिए एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि पीएम-आशा योजना के तहत उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु और गुजरात को मूंग, मसूर और उड़द की खरीद की अनुमति दी गई है। इन फसलों की खरीद किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जाएगी, जिससे उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिल सके। कृषि मंत्री के अनुसार, पीएम-किसान योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक बड़ा सहारा साबित हुई है, और खरीफ सीजन की बुआई शुरू होने के समय मिलने वाली यह आर्थिक सहायता किसानों को खेती की तैयारियों में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।
- 20 जून को देशभर में 'पीएम किसान उत्सव दिवस' मनाया जाएगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 23वीं किस्त जारी करेंगे। इस योजना के तहत देशभर के करोड़ों किसानों के खातों में 18 हजार 800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की जाएगी। अब तक 22 किस्तों के माध्यम से लगभग 4 लाख 28 हजार करोड़ रुपये देश के करीब 9 करोड़ 50 लाख किसानों के बैंक खातों में भेजे जा चुके हैं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस अवसर पर पूरे देश में 'किसान उत्सव दिवस' व्यापक स्तर पर मनाया जाएगा। कार्यक्रम 731 कृषि विज्ञान केंद्रों, 113 आईसीएआर संस्थानों और कृषि विश्वविद्यालयों में आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, राज्यों में भी विशेष कार्यक्रम होंगे, जिनमें विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री भी भाग लेंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री ने किसानों के लिए एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि पीएम-आशा योजना के तहत उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु और गुजरात को मूंग, मसूर और उड़द की खरीद की अनुमति दी गई है। इन फसलों की खरीद किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जाएगी, जिससे उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिल सके। कृषि मंत्री के अनुसार, पीएम-किसान योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक बड़ा सहारा साबित हुई है, और खरीफ सीजन की बुआई शुरू होने के समय मिलने वाली यह आर्थिक सहायता किसानों को खेती की तैयारियों में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के पलेरा थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत लारोंन स्थित पहाड़िया धाम मंदिर में बीती रात अज्ञात चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने मंदिर से श्रीराम जानकी की मूर्ति, श्री राधा-कृष्ण की मूर्ति और मंदिर की कुछ अन्य सामग्री चुरा ली। इस घटना के बाद ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।1
- टीकमगढ़ के पलेरा में राम सिंह यादव जी के साथ एक खास रिपोर्ट में स्वयंसेवी रामस्वरूप मुखिया जी ने जीवन में पेड़ लगाने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पेड़ लगाना हमारे जीवन के लिए कितना आवश्यक है।2
- मानव अधिकार सुरक्षा संगठन के प्रांतीय प्रमुख सचिव राम रतन दीक्षित ने जतारा के नवागत नगर निरीक्षक कमल सिंह ठाकुर से सौजन्य भेंट की। इस दौरान दीक्षित ने नगर निरीक्षक को पुष्पगुच्छ भेंट कर क्षेत्र की कानून व्यवस्था, आमजन की समस्याओं और पुलिस-जन सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। राम रतन दीक्षित ने पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया, जिसे उन्होंने क्षेत्र में शांति व्यवस्था और सुरक्षा के माहौल को मजबूत करने वाला बताया। उन्होंने नवागत थाना प्रभारी कमल सिंह ठाकुर को उनके नए पद के लिए शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में जतारा क्षेत्र में कानून व्यवस्था और अधिक प्रभावी ढंग से कायम होगी। थाना प्रभारी कमल सिंह ठाकुर ने भी जवाब में क्षेत्र में निष्पक्ष कार्यवाही करने और आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान को अपनी प्राथमिकता बताया। इस मुलाकात के समय संगठन के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।3
- मुरैना और धौलपुर के बीच एक तेज रफ्तार भारी भरकम ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया और हाईवे पर लंबा जाम लग गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक तेज गति में था और अचानक संतुलन बिगड़ने से यह हादसा हुआ। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और यातायात को नियंत्रित किया। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में किसी के जान जाने की कोई खबर नहीं है, हालांकि ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। हादसे के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन तेज रफ्तार और लापरवाही को इसका मुख्य कारण माना जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से हाईवे पर सावधानी से वाहन चलाने की अपील की है।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि 25 गायों की डेयरी स्थापित करने वाले लाभार्थियों को राज्य सरकार की ओर से वित्तीय सहायता दी जाएगी। इस योजना के तहत, ₹40 लाख की परियोजना लागत पर लाभार्थियों को ₹10 लाख तक की सहायता प्रदान की जाएगी।1
- छतरपुर जिला अदालत परिसर में बुधवार को एक ऐसी अनूठी शादी हुई, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। शादियों में लाखों रुपये खर्च करने और भव्य आयोजनों के चलन के बीच, ग्राम राईपुरा निवासी कमलेश अवस्थी और शिवानी दास ने बिना बैंड-बाजे, बिना महंगे पंडाल और बिना किसी फिजूल खर्च के सादगी के साथ हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया। दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाकर अपने नए जीवन की शुरुआत की। इस सादगीपूर्ण विवाह को देखने के लिए अदालत परिसर में मौजूद लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। शादी के बाद, अधिवक्ताओं ने नवदंपति को मिठाई खिलाकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। पूरे परिसर में इस 'सुपर सस्ती' और सादगी से भरी शादी की जमकर चर्चा होती रही। दूल्हे कमलेश अवस्थी ने बताया कि उन्होंने शिवानी दास से अपनी मर्जी से विवाह किया है और वे दोनों बहुत खुशी के साथ अपने नए जीवन की शुरुआत कर रहे हैं। दुल्हन शिवानी दास ने भी स्पष्ट किया कि यह विवाह उनकी पूरी इच्छा से हुआ है और उन पर किसी का कोई दबाव नहीं है।4
- टीकमगढ़ जिले के सेपुरा क्षेत्र की सिलबिली पहाड़ी से सरकारी पत्थर का अवैध परिवहन बेरोकटोक जारी है। इस अवैध खनन की पूरी वारदात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आरोप है कि इस कारण राजस्व विभाग को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और प्रशासन इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। वायरल हो रहे वीडियो में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर सरकारी पत्थर ले जाते हुए साफ देखा जा सकता है, जिसमें बिना परमिट और बिना रॉयल्टी के पत्थर लोड किए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इस अवैध निकासी से सरकारी खजाने को लाखों रुपये की रॉयल्टी का सीधा चूना लगाया जा रहा है। इतनी बड़ी अवैध खनन की घटना सामने आने के बावजूद खनिज, राजस्व और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी कोई कार्रवाई या जांच नहीं कर रहे हैं, जिससे उनकी चुप्पी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि क्या यह अवैध कारोबार बिना किसी मिलीभगत के संभव है। स्थानीय ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है कि अवैध खनन से पहाड़ी का अस्तित्व खतरे में है, जिससे पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है और सरकारी राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कलेक्टर और एसपी से इस मामले में तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।1