*शिक्षक दंपती की हत्या के बाद फूटा आक्रोश, एएसपी के आश्वासन पर शांत हुआ गुस्सा* *पंचनामा की कार्रवाई और पुलिस की कार्यशैली पर शिक्षकों ने उठाए सवाल, परिवार की सुरक्षा की मांग* कोतवाली कादीपुर क्षेत्र के कुंभी डढ़िया गांव में शिक्षक मुकेश कुमार सिंह और उनकी पत्नी विनीता की निर्मम हत्या के बाद बुधवार, 30 सितंबर को पोस्टमार्टम के पश्चात दोनों के शव अंतिम संस्कार के लिए धोपाप तीर्थधाम ले जाए जा रहे थे। इस दौरान रास्ते में शिक्षकों, परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। स्थिति को देखते हुए पुलिस-प्रशासन को शिक्षकों और परिजनों को समझाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। अन्तिम यात्रा अंत्येष्टि स्थल से पहले पहुंची तो उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला एवं प्रदेश स्तर के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। नाराज शिक्षकों ने पुलिस की कार्यशैली को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। शिक्षकों का आरोप था कि पंचनामा की कार्रवाई को लेकर भी कई सवाल खड़े हुए हैं। इसी दौरान एक सिपाही के कथित तौर पर हंसने को लेकर भी शिक्षकों में नाराजगी दिखाई दी और संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग अधिकारियों के समक्ष रखी गई। मामला बढ़ता देख उपजिलाधिकारी और क्षेत्राधिकारी के प्रयास के बाद अपर पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचना पड़ा। शिक्षकों और परिजनों ने एएसपी के सामने अपनी मांगें रखीं। शिक्षकों ने कहा कि मृतक मुकेश कुमार सिंह के परिवार में अकेला लड़का होने के कारण परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। एएसपी ने सुरक्षा की मांग को स्वीकार करते हुए परिवार को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। एएसपी ने शिक्षकों और परिजनों को भरोसा दिलाया कि हत्याकांड का जल्द से जल्द अनावरण किया जाएगा और घटना में जिसकी भी संलिप्तता सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। बताया गया कि मृतक शिक्षक मुकेश कुमार सिंह पिछले दो कार्यकाल से शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष भी रहे थे। यही वजह रही कि अन्तिम यात्रा में बड़ी संख्या में शिक्षक और ग्रामीण मौजूद रहे। आक्रोश के चलते कादीपुर-धोपाप मार्ग पर काफी देर तक आवागमन प्रभावित रहा। इस दौरान हत्या के कारणों को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। ग्रामीणों और शिक्षकों के बीच राजनीतिक कारणों तथा विद्यालय की कमेटी से जुड़े विवाद को लेकर भी कयास लगाए जाते रहे। हालांकि इन चर्चाओं की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और हत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा। एएसपी के हस्तक्षेप और कार्रवाई के आश्वासन के बाद शिक्षक एवं परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। इसके बाद धोपाप घाट पर मुकेश कुमार सिंह और उनकी पत्नी विनीता का अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। परिजनों ने दोनों को मुखाग्नि दी। अन्तिम संस्कार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर कई थानों की पुलिस मौके पर तैनात रही। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि शिक्षक दंपती की हत्या के पीछे आखिर कौन है और हत्या की वजह क्या है? पुलिस के सामने घटना का शीघ्र और निष्पक्ष खुलासा करने की बड़ी चुनौती है।
*शिक्षक दंपती की हत्या के बाद फूटा आक्रोश, एएसपी के आश्वासन पर शांत हुआ गुस्सा* *पंचनामा की कार्रवाई और पुलिस की कार्यशैली पर शिक्षकों ने उठाए सवाल, परिवार की सुरक्षा की मांग* कोतवाली कादीपुर क्षेत्र के कुंभी डढ़िया गांव में शिक्षक मुकेश कुमार सिंह और उनकी पत्नी विनीता की निर्मम हत्या के बाद बुधवार, 30 सितंबर को पोस्टमार्टम के पश्चात दोनों के शव अंतिम संस्कार के लिए धोपाप तीर्थधाम ले जाए जा रहे थे। इस दौरान रास्ते में शिक्षकों, परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। स्थिति को देखते हुए पुलिस-प्रशासन को शिक्षकों और परिजनों को समझाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। अन्तिम यात्रा अंत्येष्टि स्थल से पहले पहुंची तो उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला एवं प्रदेश स्तर के पदाधिकारी
भी मौके पर पहुंच गए। नाराज शिक्षकों ने पुलिस की कार्यशैली को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। शिक्षकों का आरोप था कि पंचनामा की कार्रवाई को लेकर भी कई सवाल खड़े हुए हैं। इसी दौरान एक सिपाही के कथित तौर पर हंसने को लेकर भी शिक्षकों में नाराजगी दिखाई दी और संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग अधिकारियों के समक्ष रखी गई। मामला बढ़ता देख उपजिलाधिकारी और क्षेत्राधिकारी के प्रयास के बाद अपर पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचना पड़ा। शिक्षकों और परिजनों ने एएसपी के सामने अपनी मांगें रखीं। शिक्षकों ने कहा कि मृतक मुकेश कुमार सिंह के परिवार में अकेला लड़का होने के कारण परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। एएसपी ने सुरक्षा की मांग को स्वीकार करते हुए
परिवार को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। एएसपी ने शिक्षकों और परिजनों को भरोसा दिलाया कि हत्याकांड का जल्द से जल्द अनावरण किया जाएगा और घटना में जिसकी भी संलिप्तता सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। बताया गया कि मृतक शिक्षक मुकेश कुमार सिंह पिछले दो कार्यकाल से शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष भी रहे थे। यही वजह रही कि अन्तिम यात्रा में बड़ी संख्या में शिक्षक और ग्रामीण मौजूद रहे। आक्रोश के चलते कादीपुर-धोपाप मार्ग पर काफी देर तक आवागमन प्रभावित रहा। इस दौरान हत्या के कारणों को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। ग्रामीणों और शिक्षकों के बीच राजनीतिक कारणों तथा विद्यालय की कमेटी से जुड़े विवाद को लेकर भी कयास लगाए
जाते रहे। हालांकि इन चर्चाओं की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और हत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा। एएसपी के हस्तक्षेप और कार्रवाई के आश्वासन के बाद शिक्षक एवं परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। इसके बाद धोपाप घाट पर मुकेश कुमार सिंह और उनकी पत्नी विनीता का अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। परिजनों ने दोनों को मुखाग्नि दी। अन्तिम संस्कार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर कई थानों की पुलिस मौके पर तैनात रही। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि शिक्षक दंपती की हत्या के पीछे आखिर कौन है और हत्या की वजह क्या है? पुलिस के सामने घटना का शीघ्र और निष्पक्ष खुलासा करने की बड़ी चुनौती है।
- *शिक्षक दंपती की हत्या के बाद फूटा आक्रोश, एएसपी के आश्वासन पर शांत हुआ गुस्सा* *पंचनामा की कार्रवाई और पुलिस की कार्यशैली पर शिक्षकों ने उठाए सवाल, परिवार की सुरक्षा की मांग* कोतवाली कादीपुर क्षेत्र के कुंभी डढ़िया गांव में शिक्षक मुकेश कुमार सिंह और उनकी पत्नी विनीता की निर्मम हत्या के बाद बुधवार, 30 सितंबर को पोस्टमार्टम के पश्चात दोनों के शव अंतिम संस्कार के लिए धोपाप तीर्थधाम ले जाए जा रहे थे। इस दौरान रास्ते में शिक्षकों, परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। स्थिति को देखते हुए पुलिस-प्रशासन को शिक्षकों और परिजनों को समझाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। अन्तिम यात्रा अंत्येष्टि स्थल से पहले पहुंची तो उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला एवं प्रदेश स्तर के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। नाराज शिक्षकों ने पुलिस की कार्यशैली को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। शिक्षकों का आरोप था कि पंचनामा की कार्रवाई को लेकर भी कई सवाल खड़े हुए हैं। इसी दौरान एक सिपाही के कथित तौर पर हंसने को लेकर भी शिक्षकों में नाराजगी दिखाई दी और संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग अधिकारियों के समक्ष रखी गई। मामला बढ़ता देख उपजिलाधिकारी और क्षेत्राधिकारी के प्रयास के बाद अपर पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचना पड़ा। शिक्षकों और परिजनों ने एएसपी के सामने अपनी मांगें रखीं। शिक्षकों ने कहा कि मृतक मुकेश कुमार सिंह के परिवार में अकेला लड़का होने के कारण परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। एएसपी ने सुरक्षा की मांग को स्वीकार करते हुए परिवार को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। एएसपी ने शिक्षकों और परिजनों को भरोसा दिलाया कि हत्याकांड का जल्द से जल्द अनावरण किया जाएगा और घटना में जिसकी भी संलिप्तता सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। बताया गया कि मृतक शिक्षक मुकेश कुमार सिंह पिछले दो कार्यकाल से शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष भी रहे थे। यही वजह रही कि अन्तिम यात्रा में बड़ी संख्या में शिक्षक और ग्रामीण मौजूद रहे। आक्रोश के चलते कादीपुर-धोपाप मार्ग पर काफी देर तक आवागमन प्रभावित रहा। इस दौरान हत्या के कारणों को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। ग्रामीणों और शिक्षकों के बीच राजनीतिक कारणों तथा विद्यालय की कमेटी से जुड़े विवाद को लेकर भी कयास लगाए जाते रहे। हालांकि इन चर्चाओं की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और हत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा। एएसपी के हस्तक्षेप और कार्रवाई के आश्वासन के बाद शिक्षक एवं परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। इसके बाद धोपाप घाट पर मुकेश कुमार सिंह और उनकी पत्नी विनीता का अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। परिजनों ने दोनों को मुखाग्नि दी। अन्तिम संस्कार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर कई थानों की पुलिस मौके पर तैनात रही। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि शिक्षक दंपती की हत्या के पीछे आखिर कौन है और हत्या की वजह क्या है? पुलिस के सामने घटना का शीघ्र और निष्पक्ष खुलासा करने की बड़ी चुनौती है।4
- जयसिंहपुर ब्लाक संसाधन केंद्र पर ब्लॉक प्रमुख की मौजूदगी में कार्यक्रम ,,हुआ संपन्न सुल्तानपुर जनपद के जयसिंहपुर ब्लाक संसाधन केंद्र पर सेवा संकल्प के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया, इस कार्यक्रम में जयसिंहपुर ब्लाक प्रमुख राहुल चंद्रशेखर शुक्ला मौजूद रहे ,जहां पर शिक्षक संघ के अध्यक्ष सहित जयप्रकाश वर्मा व वैदहा विद्यालय से प्रधानाध्यापिका कांति सिंह मौजूद रही और रंगोली चित्रकला जैसी कलाओं का प्रदर्शन किया गया कार्यक्रम का संचालन अशोक विश्वकर्मा ने किया खंड शिक्षा अधिकारी जयसिंहपुर सुनील कुमार यादव ने कार्यक्रम की बड़ी ही प्रशंसा की और बच्चों को अपना आशीर्वाद देते हुए मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किए वहीं दूसरी तरफ क्षेत्र से आए हुए अन्य विद्यालय के भी सम्मानित लोग शिक्षक व शिक्षाका मौजूद रहे1
- सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक मैसेज के मुताबिक अमेरिकी एयरलाइंस की एक फ्लाइट के टेकऑफ रोल के दौरान टायर फट गया, जिसके बाद ब्रेक में आग लगने की बात कही जा रही है। घटना की तस्वीर/जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, वायरल दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।1
- *पुलिस के ठोस आश्वासन के बाद हुआ अंतिम संस्कार जल्द हत्याकांड के खुलासे का भरोसा- *पुलिस के ठोस आश्वासन के बाद हुआ अंतिम संस्कार, जल्द हत्याकांड के खुलासे का भरोसा* सुलतानपुर। विनीता सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी एवं मुकेश सिंह, शिक्षक संघ अध्यक्ष व शिक्षक की मृत्यु के मामले में परिजनों और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। परिजन हत्याकांड के जल्द खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और मामले का जल्द खुलासा करने का ठोस आश्वासन दिया। पुलिस के आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। इसके बाद दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि घटना की गंभीरता से जांच की जा रही है। हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।2
- कमरे के अंदर सोते समय अधेड के ऊपर गिरा छत हुई मौत घर के अंदर सो रहे अधेड़ के ऊपर गिरा छत आनन फानन में जिला अस्पताल ले जा रहे रास्ते में हुई मौत घर पर मचा कोहराम पट्टी कोतवाली क्षेत्र के बरहूपुर गांव निवासी डॉक्टर रामकुमार वर्मा मंगलवार की रात करीब 10:00 बजे खाना पीना खाकर कमरे के अंदर सोने के लिए चले गए बताया गया कि रात 12:00 बजे एकाएक माकान का छत इनके ऊपर गिर पड़ा आवाज सुनकर परिजन उठे तो देख की रामकुमार वर्मा उसके अंदर दबे हुए हैं हल्ला गुहार मची अगल-बगल के लोग दौड़े काफी मशक्कत के बाद मालवा हटाकर डॉ रामकुमार वर्मा को बाहर निकल गया तब तक उनकी सांसे चल रही थी और बोल भी रहे थे आनन फनान में इन्हें जिला मेडिकल कॉलेज प्रतापगढ़ के लिए परिजन लेकर के निकले लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई मौत की सूचना से परिजनों में कोहराम मच गया डॉक्टर रामकुमार वर्मा के एक लड़का भानु प्रताप है तथा उनकी धर्मपत्नी कर्मा देवी हैं। इसकी सूचना पट्टी पुलिस को दी गई मौके पर पट्टी पुलिस पहुंचकर शव का पंचनामा करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेजा।1
- मध्य रात्रि टांडा बांदा हाईवे पर भीषण भिड़ंत ट्रक चालक गंभीर घायल दूसरा चालक फरार सुल्तानपुर। जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के सेमरी चौकी अंतर्गत ग्राम तिन्दौली के पास टांडा-बांदा राष्ट्रीय राजमार्ग पर मध्यरात्रि दो ट्रकों की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि अंबेडकरनगर की ओर से आ रहे ट्रक की केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और ट्रक सड़क किनारे दाहिनी ओर गहरे गड्ढे में जा गिरा। हादसे में अज्ञात चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना के बाद मौके पर हल्ला-गुहार मच गई। आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़कर पहुंचे और पुलिस प्रशासन को सूचना दी। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल चालक को उपचार के लिए अस्पताल भेजवाया। वहीं, हादसे में शामिल दूसरा ट्रक चालक अपने वाहन समेत मौके से भागने में सफल रहा। पुलिस फरार ट्रक चालक और वाहन की तलाश में जुटी है।1
- मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ:सुप्रीम कोर्ट बोला- कैंसर दवाओं की ऊंची कीमत नरसंहार जैसा; जज का रेप पीड़ित को स्पेशल मैसेज; जवान ने 4 साथियों को मारा मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ:सुप्रीम कोर्ट बोला- कैंसर दवाओं की ऊंची कीमत नरसंहार जैसा; जज का रेप पीड़ित को स्पेशल मैसेज; जवान ने 4 साथियों को मारा1
- लकड़ी रखकर रास्ता अवरुद्ध किया, विरोध पर युवक पर कुल्हाड़ी से किया हमला सुल्तानपुर में अवरुद्ध रास्ते को खोलने के लिए दो पक्ष में हुआ विवाद तूल पकड़ गया। आरोपियों ने एक युवक पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। जिसमें युवक को गंभीर चोटे आई हैं। उसे घायल अवस्था में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोतिगरपुर लाया गया जहां उसका इलाज शुरू किया गया है। घटना मोतिगरपुर थाना अंतर्गत छोटकी बेलवारी मोड़ के पास बुधवार शाम की है। जानकारी के अनुसार मोतिगरपुर के बेलवारी निवासी शोभित सिंह (21 वर्ष) पुत्र संतोष सिंह अपने फूफा के साथ प्रतापगढ़ से कार से घर लौट रहा था। बुधवार शाम लगभग 5:30 बजे जब लखनऊ-बलिया हाइवे से छोटकी बेलवारी मोड़ से गांव की ओर कार मुड़ी तो सामने बाइक पर गांव निवासी जिगर यादव (20 वर्ष) दयाराम यादव लड़की लादे हुए था और कुछ लकड़ी सड़क पर पड़ी थी। जिससे रास्ता अवरुद्ध था। शोभित ने उससे लकड़ी हटाने को कहा तो आरोपी ने एक दो लकड़ी हटाया और फिर पलट कर कहा दूसरे रास्ते से गाड़ी लेकर जाओ। इसी बात पर दोनों में तकरार शुरू हो गई। बात इतनी आगे बढ़ी कि जिगर यादव ने पास मौजूद कुल्हाड़ी से शोभित पर हमला कर दिया। उसके सिर और कमर में गंभीर चोटे आई हैं। गांव के लालजी पाल (45) पुत्र सभापपति पाल पर जिगर का साथ देने का आरोप है। फिलहाल घायल शोभित का इलाज चल रहा है और पुलिस मामले में जांच कर रही है।1