GMCH बेतिया में तीसरी मंजिल से गिरकर मरीज की मौत, अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल! बेतिया जीएमसीएच में तीसरी मंजिल से गिरकर एक मरीज की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान बैरिया थाना क्षेत्र के तद्वा नंदपुर वार्ड नंबर आठ निवासी खेसारी हाजरा के पुत्र छट्टू पासवान के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। देर रात जब परिजनों की आंख खुली, तो मरीज अपने बेड पर नहीं थे। उनकी तलाश करते हुए परिजन कंट्रोल रूम पहुंचे, जहां उन्हें घटना की जानकारी मिली। बताया जा रहा है कि मरीज के तीसरी मंजिल से गिरने के बाद अस्पताल प्रशासन उनकी पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहा था। नीचे गिरने के बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें इमरजेंसी वार्ड पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उनकी मौत हो गई। इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर मरीज तीसरी मंजिल की खिड़की तक कैसे पहुंच गया और उस समय निगरानी क्यों नहीं हो सकी? मृतक की छह पुत्रियां बताई जा रही हैं। अस्पताल प्रशासन ने शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
GMCH बेतिया में तीसरी मंजिल से गिरकर मरीज की मौत, अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल! बेतिया जीएमसीएच में तीसरी मंजिल से गिरकर एक मरीज की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान बैरिया थाना क्षेत्र के तद्वा नंदपुर वार्ड नंबर आठ निवासी खेसारी हाजरा के पुत्र छट्टू पासवान के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। देर रात जब परिजनों की आंख खुली, तो मरीज अपने बेड पर नहीं थे। उनकी तलाश करते हुए परिजन कंट्रोल रूम पहुंचे, जहां उन्हें घटना की जानकारी मिली। बताया जा रहा है कि मरीज के तीसरी मंजिल से गिरने के बाद अस्पताल प्रशासन उनकी पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहा था। नीचे गिरने के बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें इमरजेंसी वार्ड पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उनकी मौत हो गई। इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर मरीज तीसरी मंजिल की खिड़की तक कैसे पहुंच गया और उस समय निगरानी क्यों नहीं हो सकी? मृतक की छह पुत्रियां बताई जा रही हैं। अस्पताल प्रशासन ने शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
- GMCH बेतिया में तीसरी मंजिल से गिरकर मरीज की मौत, अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल! बेतिया जीएमसीएच में तीसरी मंजिल से गिरकर एक मरीज की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान बैरिया थाना क्षेत्र के तद्वा नंदपुर वार्ड नंबर आठ निवासी खेसारी हाजरा के पुत्र छट्टू पासवान के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। देर रात जब परिजनों की आंख खुली, तो मरीज अपने बेड पर नहीं थे। उनकी तलाश करते हुए परिजन कंट्रोल रूम पहुंचे, जहां उन्हें घटना की जानकारी मिली। बताया जा रहा है कि मरीज के तीसरी मंजिल से गिरने के बाद अस्पताल प्रशासन उनकी पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहा था। नीचे गिरने के बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें इमरजेंसी वार्ड पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उनकी मौत हो गई। इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर मरीज तीसरी मंजिल की खिड़की तक कैसे पहुंच गया और उस समय निगरानी क्यों नहीं हो सकी? मृतक की छह पुत्रियां बताई जा रही हैं। अस्पताल प्रशासन ने शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- बेतिया में आयोजित ब्यूटी पेजेंट एवं फैशन शो में उमड़ी भीड़ प्रतिभागियों ने शानदार रैंप वॉक से दर्शकों का दिल जीता सलोनी सिंह बनीं मिस बेतिया 20263
- गौनाहा में एसबीआई बैंक की परिसर में पेयजल की तथा शौचालय निर्माण को लेकर विभाग को पत्र लिखा माननीय मंत्री रामनगर के द्वारा1
- छात्र -छात्राओं की सुरक्षा को विधालयों में चलाया गया जन जागरूकता सप्ताह अभियान।1
- बिहार की राजनीति में अनंत सिंह के निष्कासन को लेकर नया विवाद छिड़ गया है। जेडीयू ने मोकामा विधायक अनंत सिंह बिहार की राजनीति में अनंत सिंह के निष्कासन को लेकर नया विवाद छिड़ गया है। जेडीयू ने मोकामा विधायक अनंत सिंह को छह साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया है। इस फैसले पर प्रशांत किशोर ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब अनंत सिंह कई हफ्तों से जन सुराज के उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार कर रहे थे, तो जेडीयू ने मतदान खत्म होने के बाद ही कार्रवाई क्यों की? प्रशांत किशोर ने इसे जेडीयू का आंतरिक मामला बताया और कहा कि इसका जवाब पार्टी के नेताओं को देना चाहिए। अब सवाल है कि आखिर चुनाव के बाद ही यह कार्रवाई क्यों हुई? बिहार की राजनीति में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज है। देखते रहिए KSR BIHAR NEWS।1
- नौतन के गहरी मुसहरी टोला में भीषण अग्निकांड, 19 घर जलकर राख; पशु भी झुलसे। नौतन प्रखंड के गहरी मुसहरी टोला में रविवार दोपहर बिजली के शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी बस्ती को अपनी चपेट में ले लिया। इस अग्निकांड में 19 परिवारों के घर जलकर राख हो गए। वहीं, एक भैंस बुरी तरह झुलस गई, जबकि करीब आधा दर्जन बकरियों के भी झुलसने की सूचना है। आग की ऊंची लपटें देखकर गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने एकजुट होकर आग बुझाने का प्रयास किया। सूचना मिलने पर अग्निशमन विभाग की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और आग पर काबू पाने में जुट गई।इस अग्निकांड में टिमल मांझी, अमित मांझी, भीमल मांझी, विदेशी मांझी, लालदेव मांझी, मनन मांझी, मनोज मांझी, आकाश मांझी, सुधन मांझी, किशोरी मांझी, ध्रुव मांझी, मंजू देवी, सन बतिया देवी, रामबली मांझी, शिव मांझी, हरेंद्र मांझी, संतोष मांझी, मनोहर मांझी और संजय मांझी के घर जलकर राख हो गए।आग से घरों में रखे कपड़े, बर्तन, अनाज और अन्य जरूरी घरेलू सामान भी जलकर नष्ट हो गए। घटना के बाद प्रभावित परिवारों के सामने रहने और खाने-पीने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पंचायत के मुखिया अनूप लाल यादव ने घटना की सूचना बीडीओ गिरधारी लाल और नौतन थानाध्यक्ष राजीव कुमार को दी। मुखिया ने बताया कि अग्निकांड से कई दलित परिवार पूरी तरह प्रभावित हुए हैं। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।वहीं, बीडीओ गिरधारी लाल ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंच गई है। प्रभावित परिवारों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।1
- Pituitary Gland in Hindi | पीयूष ग्रंथि (Master Gland) के कार्य और हार्मोन्स | Biology✅🤔 #viralreels #hormones #education #nonfollowers #foryouシ #trendingreelsvideo1
- जहां गूंजने वाली थी शहनाई, वहां पसरा सन्नाटा! आग ने छीन ली खुशियां! 19 घर जलकर राख पश्चिम चंपारण जिले के नौतन प्रखंड के गहिरी मुशहरी टोला में आज बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग ने 19 परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस अग्निकांड ने सबसे बड़ा दर्द उन दो परिवारों को दिया है, जहां कुछ ही दिनों बाद शहनाइयां गूंजने वाली थीं। मनोज मांझी की पुत्री की शादी 5 दिसंबर को और पल्टू मांझी की पुत्री की शादी 10 दिसंबर को तय है। जिन घरों में बेटियों की शादी की तैयारियां चल रही थीं, जहां नए सपने सजाए जा रहे थे और घर को खुशियों से भरने की तैयारी थी, आज उन्हीं घरों में मातम जैसा सन्नाटा पसरा हुआ है। आग की लपटों ने घर, गहने, फर्नीचर, कपड़े, बर्तन, अनाज और शादी के लिए जुटाकर रखी गई सामग्री समेत सब कुछ जलाकर राख कर दिया। शादी के लिए अरमानों से खरीदे गए सामान अब राख के ढेर में तब्दील हो चुके हैं। परिवारों के सामने अब बेटियों की शादी कैसे होगी, इसकी चिंता खड़ी हो गई है। आसपास के घर भी आग की चपेट में आकर पूरी तरह जल गए। देखते ही देखते आग ने पूरी बस्ती को अपनी गिरफ्त में ले लिया। घटना के बाद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने एकजुट होकर आग बुझाने का प्रयास किया, वहीं अग्निशमन की टीम भी मौके पर पहुंची। इस भीषण अग्निकांड में टीमल मांझी, अमित मांझी, भीमल मांझी, विदेशी मांझी, लालदेव मांझी, मनन मांझी, मनोज मांझी, आकाश मांझी, सुधन मांझी, किशोरी मांझी, ध्रुव मांझी, मंजू देवी, सनबतिया देवी, रामबली मांझी, शिव मांझी, हरेंद्र मांझी, संतोष मांझी, मनोहर मांझी और संजय मांझी के घर जलकर राख हो गए। मनन मांझी की भैंस बुरी तरह झुलस गई, जबकि आधा दर्जन बकरियों के भी झुलसने की सूचना है। घरों में रखी जीवनभर की जमा-पूंजी और जरूरी सामान नष्ट होने से प्रभावित परिवारों के सामने रहने और खाने-पीने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पंचायत के मुखिया अनुप लाल यादव ने घटना की सूचना बीडीओ गिरधारी लाल और नौतन थानाध्यक्ष राजीव कुमार को दी। मुखिया ने बताया कि इस अग्निकांड से कई दलित परिवार बेघर हो गए हैं और कुछ परिवारों के पास अब रहने का दूसरा सहारा भी नहीं है। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं, बीडीओ गिरधारी लाल ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम घटनास्थल पर पहुंची है और प्रभावित परिवारों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन परिवारों की बेटियों की शादी दिसंबर में तय है, वे इस भीषण त्रासदी के बाद अपनी बेटियों के हाथ पीले करने की तैयारी कैसे करेंगे। जरूरत है कि प्रशासन और समाज के लोग आगे आकर इन परिवारों की मदद करें, ताकि आग में राख हुए घरों के साथ उनकी बेटियों के सपने भी दम न तोड़ दें।1