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समस्तीपुर जिले के खतुआहा गांव में एक युवक की गड्ढे में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई है। इस हृदयविदारक घटना के बाद परिजनों में गहरा कोहराम मच गया है। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
ईलमासनगर टुडे
समस्तीपुर जिले के खतुआहा गांव में एक युवक की गड्ढे में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई है। इस हृदयविदारक घटना के बाद परिजनों में गहरा कोहराम मच गया है। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
More news from दरभंगा and nearby areas
- दरभंगा में एक शोरूम मैनेजर की निर्मम हत्या के बाद राजद के एक नेता ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। नेता ने इस घटना पर बयान देते हुए कहा कि क्षेत्र में हत्या और बलात्कार की वारदातें रोज़ाना हो रही हैं, और इसके लिए सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया।1
- 9 जून 2026 को दरभंगा में अखिल भारतीय खेत ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) और किसान महासभा के संयुक्त तत्वावधान में सैकड़ों गरीब, वासहीन और भूमिहीनों ने एक विशाल आक्रोश मार्च निकाला। यह मार्च पोलो मैदान धरना स्थल से शुरू होकर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) कार्यालय तक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने एनएच-27 स्थित मब्बी इंजीनियरिंग कॉलेज से लेकर चक जमाल बाजार समिति के किनारे बरसों से बसे परिवारों को बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के उजाड़ने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की, साथ ही बुल्डोजर कार्रवाई बंद करने और सभी वासहीनों को 5 डिसमिल जमीन व पक्का मकान उपलब्ध कराने की जोरदार नारेबाजी की। सभा को संबोधित करते हुए खेग्रामस के राष्ट्रीय महासचिव धीरेन्द्र झा ने सरकार पर दलितों और गरीबों के आशियाने पर बुल्डोजर चलाने का आरोप लगाया और कहा कि इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुरजोर मांग की कि जिन भूमिहीनों के पास सरकारी पर्चा है, उन्हें तुरंत जमीन पर दखल-कब्जा दिलाया जाए, और सरकार को पहले बसाने फिर हटाने की नीति अपनानी चाहिए। इसके अतिरिक्त, धीरेन्द्र झा ने सेटेलाइट टाउनशिप के नाम पर किसानों की जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक को अविलंब वापस लेने और किसानों का मालिकाना हक बहाल करने की भी मांग की। मार्च का नेतृत्व भाकपा माले और खेग्रामस के नेता अभिषेक कुमार, सत्यनारायण पासवान, शनिचरी देवी, पप्पू कुमार पासवान और हरि पासवान संयुक्त रूप से कर रहे थे। नेताओं ने कड़ी चेतावनी दी कि यदि बिना उचित पुनर्वास के गरीबों को उनके घरों से उजाड़ा गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस कार्यक्रम में अशोक पासवान, विश्वनाथ पासवान, पप्पू खां, अवधेश कुमार सिंह, विनोद सिंह, सुमित्रा देवी और जमाल उद्दीन सहित कई अन्य नेताओं ने भी अपने विचार रखे।1
- बिहार में एक थाना प्रभारी नीरज कुमार की पत्नी ने पुलिस विभाग पर गंभीर आरोप लगाया है। उनका दावा है कि 'विभाग ने मेरा सिंदूर छीन लिया है', जो विभाग की कार्रवाई के प्रति उनके गहरे आक्रोश और पीड़ा को दर्शाता है। यह आरोप बिहार पुलिस के संदर्भ में सामने आया है।1
- गौड़ाबौराम के पतवत्ता गांव में एक महिला को रुपए उधार देना महंगा पड़ गया है। बताया गया है कि जब वह अपने दिए हुए रुपए वापस मांग रही है, तो उसे लगातार धमकियाँ मिल रही हैं।1
- पुलिस ने यामाहा शोरूम मैनेजर की हत्या के आरोपी को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। इस दौरान हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार और शोरूम से लूटी गई स्कूटी भी बरामद कर ली गई है। हत्या की घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने नेशनल सिनेमा के पास सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कार्रवाई की। सदर एसडीपीओ राजीव कुमार ने बताया कि जांच में सामने आया कि आरोपी सानू कुमार पहले उसी यामाहा शोरूम में काम करता था, लेकिन बाद में उसे नौकरी से हटा दिया गया था। इसी बात को लेकर वह मृतक मोहम्मद फैज और शोरूम प्रबंधन से नाराज था। घटना के दिन सानू शोरूम पहुंचा, और क्योंकि वह पुराना कर्मचारी था, किसी को उस पर संदेह नहीं हुआ। इसी दौरान उसने मोटरसाइकिल के शॉकर से मोहम्मद फैज पर अचानक हमला कर दिया, जिससे फैज की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी शोरूम की एक स्कूटी लेकर फरार हो गया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, एजेंसी मालिक, कर्मचारियों और आसपास के लोगों के बयानों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। विशेष टीम का गठन कर लगातार छापेमारी की गई, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को गिरफ्तार किया जा सका। पूछताछ में सानू कुमार ने भी नौकरी से निकाले जाने और पुराने विवादों के कारण मन में खुन्नस होने की बात स्वीकार की।1
- बिरौल स्थित खोड़ागाछी के पास एक अनियंत्रित बालू लदा ट्रैक्टर अचानक खाई में गिर गया। यह घटना खोड़ागाछी के समीप हुई।1
- समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पर परीक्षा देकर लौटे बच्चों ने राजधानी एक्सप्रेस में बिना टिकट चढ़ने की कोशिश की। ये बच्चे बिना वैध टिकट के ट्रेन में यात्रा करने का प्रयास कर रहे थे।1
- बिहार पुलिस के मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा में शामिल होने जा रहे अभ्यर्थियों ने पाटलिपुत्र स्टेशन पर रेलवे ट्रैक पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों का यह आक्रोश पर्याप्त ट्रेन व्यवस्था न होने के कारण था। इस दौरान, गुस्साई भीड़ ने रेलवे ट्रैक पर कूदकर ट्रेनों को रोक दिया, साथ ही पथराव भी किया और एक एग्जाम स्पेशल ट्रेन में तोड़फोड़ भी की।1