सवाई माधोपुर में निरंतर हो रहे पेपर लीक, सरकारी जवाबदेही की कमी और शिक्षा क्षेत्र में व्याप्त लापरवाही के खिलाफ सजग छात्रों के समूह ने शांतिपूर्ण रैली निकालकर अपना विरोध जताया। इस दौरान छात्रों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी के नाम एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि परीक्षाओं की पवित्रता भंग होने और व्यवस्था की लापरवाही के कारण देश व राज्य का युवा मानसिक और आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट चुका है। ज्ञापन के जरिए छात्रों ने सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं। सबसे पहली मांग पेपर लीक पर तुरंत पूर्ण रोक लगाने, कड़े कानून बनाने, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और फुल-प्रूफ सिक्योरिटी मैकेनिज्म लागू करने की है। इसके अलावा, लगातार हो रही परीक्षाओं की विफलता और छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तुरंत पद छोड़ते हुए इस्तीफा देने की मांग की गई है। छात्राओं और युवाओं ने मांग की है कि परीक्षाओं को रद्द करने या टालने की सरकारी लापरवाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और इसमें संलिप्त अधिकारियों या एजेंसियों पर भारी जुर्माना व जेल की सजा का प्रावधान हो। साथ ही, पेपर लीक और सिस्टम की नाकामी से हताश होकर सुसाइड करने वाले छात्रों के परिवारों को तुरंत ₹1 करोड़ का मुआवजा और मनोवैज्ञानिक मदद प्रदान करने की भी मांग की गई है।
सवाई माधोपुर में निरंतर हो रहे पेपर लीक, सरकारी जवाबदेही की कमी और शिक्षा क्षेत्र में व्याप्त लापरवाही के खिलाफ सजग छात्रों के समूह ने शांतिपूर्ण रैली निकालकर अपना विरोध जताया। इस दौरान छात्रों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी के नाम एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि परीक्षाओं की पवित्रता भंग होने और व्यवस्था की लापरवाही के कारण देश व राज्य का युवा मानसिक और आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट चुका है। ज्ञापन के जरिए छात्रों ने सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं। सबसे पहली मांग पेपर लीक पर तुरंत पूर्ण रोक लगाने, कड़े कानून बनाने, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और फुल-प्रूफ सिक्योरिटी मैकेनिज्म लागू करने की है। इसके अलावा, लगातार हो रही परीक्षाओं की विफलता और छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तुरंत पद छोड़ते हुए इस्तीफा देने की मांग की गई है। छात्राओं और युवाओं ने मांग की है कि परीक्षाओं को रद्द करने या टालने की सरकारी लापरवाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और इसमें संलिप्त अधिकारियों या एजेंसियों पर भारी जुर्माना व जेल की सजा का प्रावधान हो। साथ ही, पेपर लीक और सिस्टम की नाकामी से हताश होकर सुसाइड करने वाले छात्रों के परिवारों को तुरंत ₹1 करोड़ का मुआवजा और मनोवैज्ञानिक मदद प्रदान करने की भी मांग की गई है।
- सवाई माधोपुर के सारसोप स्थित गणेश मंदिर में खंडित मां पार्वती की प्रतिमा के स्थान पर बुधवार को वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के साथ नई प्रतिमा की स्थापना की गई। इस पावन अवसर पर पंडितों द्वारा पूजा-अर्चना, हवन और प्राण प्रतिष्ठा की धार्मिक रस्में संपन्न कराई गईं। मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से गूंज उठा और बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने मां पार्वती के दर्शन कर परिवार एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर समिति के अनुसार, खंडित प्रतिमा को शास्त्रों के तहत विधिवत विसर्जित करने के बाद नई प्रतिमा स्थापित की गई है। इस धार्मिक आयोजन में गांव के गणमान्य नागरिकों, महिला श्रद्धालुओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। स्थापना के उपरांत महाआरती का आयोजन किया गया और श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटा गया। ग्रामीणों ने इस आयोजन को गांव में आस्था और धार्मिक एकता का महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए सभी के सहयोग का आभार व्यक्त किया।1
- सवाई माधोपुर क्षेत्र में बनास नदी में पानी आ गया है, जिससे रास्ता बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। यदि नदी में पानी इसी तरह बढ़ता रहा, तो आवागमन का रास्ता पूरी तरह बंद हो सकता है।1
- कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने विधानसभा में 35 गांव चम्बल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस परियोजना में भारी अनियमितताएं हुई हैं और सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई गई थी। विधायक जंडेल ने सदन में मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि जांच के बाद जो भी अधिकारी, ठेकेदार या जिम्मेदार व्यक्ति दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।1
- श्योपुर में बुधवार को NSUI कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में NEET पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और प्रधानमंत्री आवास के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में शहर में मशाल जुलूस निकाला। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और छात्रों पर हुई कार्रवाई की निंदा की। NSUI पदाधिकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों पर बल प्रयोग और विपक्ष के नेताओं को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। कार्यकर्ताओं ने मांग रखी कि NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में NSUI कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- राजस्थान में कांग्रेस सरकार के दौरान जब गोविंद डोटासरा शिक्षा मंत्री थे, उस समय 18 पेपर लीक हुए थे। तब उन्होंने बयान दिया था कि क्या रीट का पेपर शिक्षा मंत्री कराता है? अब गोविंद डोटासरा द्वारा धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा मांगे जाने पर निशाना साधा गया है। सवाल उठाया गया है कि जब यह बात समझ में आ चुकी है कि पेपर शिक्षा मंत्री नहीं बल्कि एजेंसी कराती है, तो फिर धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा क्यों मांगा जा रहा है? इसी रवैये को लेकर कांग्रेस पर दोहरी राजनीति खेलने का आरोप लगाया गया है।1
- तलावड़ा तहसील के ग्राम रामगढ़ मुराड़ा के जंगलों में माफिया और भ्रष्ट वनकर्मियों की साठगांठ से विशालकाय पेड़ों की अंधाधुंध कटाई की जा रही है। कटाई के बाद सैकड़ों पेड़ों को सीधे आवागमन के मुख्य रास्तों पर पटक दिया गया है, जिससे पूरा क्षेत्र पूरी तरह ब्लॉक हो गया है। इस तबाही के कारण गाँव के पशुपालकों के सामने अपनी गाय, भैंस और बकरियों को जंगल ले जाने के लिए रास्ता नहीं बचा है और मवेशियों के लिए चारे-पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग चौकी रामगढ़ मुराड़ा के स्थानीय कर्मचारियों पर रिश्वतखोरी और जेबें गर्म करने के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लोकल स्टाफ की शह पर ही लकड़ी कटाई का यह काला कारोबार फल-फूल रहा है और कैटल गार्ड व बीट प्रभारी शिकायत के बावजूद मौके से नदारद हैं। पैसों की हवस में अंधे हो चुके ये कर्मचारी अवैध काम करने वालों के साथ मिलकर जंगलों का सफाया करवा रहे हैं और वन चौकी महज एक कमिशन केंद्र बनकर रह गई है। इस स्थिति से आक्रोशित क्षेत्र के पीड़ित ग्रामीणों और समाजसेवियों ने डीएफओ (DFO), एसीएफ (ACF), रेंजर और फॉरेस्टर से तत्काल ग्राउंड जीरो पर पहुँचकर औचक निरीक्षण करने की उग्र मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट मांग रखी है कि जंगल कटवाने में शामिल सभी स्थानीय कर्मचारियों, फॉरेस्टर और कैटल गार्ड को तुरंत प्रभाव से हटाकर निलंबित किया जाए। साथ ही निष्पक्ष जांच के लिए बाहरी जिलों या क्षेत्रों के ईमानदार कर्मचारियों की फ्लाइंग स्क्वाड तैनात की जाए और रास्तों से कटे हुए पेड़ हटाकर पशुओं की आवाजाही तत्काल बहाल की जाए।1
- श्योपुर जिले के विजयपुर में अपनी मांगों को मनवाने के लिए भाजपा के सोशल मीडिया प्रभारी सौरभ जादौन नगर परिषद की टंकी पर चढ़ गए। सत्ताधारी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता को अपनी मांगों के समर्थन में इस तरह टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन कर रहे भाजपा नेता ने दो मुख्य मांगें रखी हैं। उनकी पहली मांग बीच मार्केट में बनी मीट मार्केट को वहां से हटाने की है। वहीं, उनकी दूसरी मांग यह है कि विजयपुर में जल्द से जल्द शव वाहन लाया जाए।1