तलावड़ा तहसील के ग्राम रामगढ़ मुराड़ा के जंगलों में माफिया और भ्रष्ट वनकर्मियों की साठगांठ से विशालकाय पेड़ों की अंधाधुंध कटाई की जा रही है। कटाई के बाद सैकड़ों पेड़ों को सीधे आवागमन के मुख्य रास्तों पर पटक दिया गया है, जिससे पूरा क्षेत्र पूरी तरह ब्लॉक हो गया है। इस तबाही के कारण गाँव के पशुपालकों के सामने अपनी गाय, भैंस और बकरियों को जंगल ले जाने के लिए रास्ता नहीं बचा है और मवेशियों के लिए चारे-पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग चौकी रामगढ़ मुराड़ा के स्थानीय कर्मचारियों पर रिश्वतखोरी और जेबें गर्म करने के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लोकल स्टाफ की शह पर ही लकड़ी कटाई का यह काला कारोबार फल-फूल रहा है और कैटल गार्ड व बीट प्रभारी शिकायत के बावजूद मौके से नदारद हैं। पैसों की हवस में अंधे हो चुके ये कर्मचारी अवैध काम करने वालों के साथ मिलकर जंगलों का सफाया करवा रहे हैं और वन चौकी महज एक कमिशन केंद्र बनकर रह गई है। इस स्थिति से आक्रोशित क्षेत्र के पीड़ित ग्रामीणों और समाजसेवियों ने डीएफओ (DFO), एसीएफ (ACF), रेंजर और फॉरेस्टर से तत्काल ग्राउंड जीरो पर पहुँचकर औचक निरीक्षण करने की उग्र मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट मांग रखी है कि जंगल कटवाने में शामिल सभी स्थानीय कर्मचारियों, फॉरेस्टर और कैटल गार्ड को तुरंत प्रभाव से हटाकर निलंबित किया जाए। साथ ही निष्पक्ष जांच के लिए बाहरी जिलों या क्षेत्रों के ईमानदार कर्मचारियों की फ्लाइंग स्क्वाड तैनात की जाए और रास्तों से कटे हुए पेड़ हटाकर पशुओं की आवाजाही तत्काल बहाल की जाए।
तलावड़ा तहसील के ग्राम रामगढ़ मुराड़ा के जंगलों में माफिया और भ्रष्ट वनकर्मियों की साठगांठ से विशालकाय पेड़ों की अंधाधुंध कटाई की जा रही है। कटाई के बाद सैकड़ों पेड़ों को सीधे आवागमन के मुख्य रास्तों पर पटक दिया गया है, जिससे पूरा क्षेत्र पूरी तरह ब्लॉक हो गया है। इस तबाही के कारण गाँव के पशुपालकों के सामने अपनी गाय, भैंस और बकरियों को जंगल ले जाने के लिए रास्ता नहीं बचा है और मवेशियों के लिए चारे-पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग चौकी रामगढ़ मुराड़ा के स्थानीय कर्मचारियों पर रिश्वतखोरी और जेबें गर्म करने के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लोकल स्टाफ की शह पर ही लकड़ी कटाई का यह काला कारोबार फल-फूल रहा है और कैटल गार्ड व बीट प्रभारी शिकायत के बावजूद मौके से नदारद हैं। पैसों की हवस में अंधे हो चुके ये कर्मचारी अवैध काम करने वालों के साथ मिलकर जंगलों का सफाया करवा रहे हैं और वन चौकी महज एक कमिशन केंद्र बनकर रह गई है। इस स्थिति से आक्रोशित क्षेत्र के पीड़ित ग्रामीणों और समाजसेवियों ने डीएफओ (DFO), एसीएफ (ACF), रेंजर और फॉरेस्टर से तत्काल ग्राउंड जीरो पर पहुँचकर औचक निरीक्षण करने की उग्र मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट मांग रखी है कि जंगल कटवाने में शामिल सभी स्थानीय कर्मचारियों, फॉरेस्टर और कैटल गार्ड को तुरंत प्रभाव से हटाकर निलंबित किया जाए। साथ ही निष्पक्ष जांच के लिए बाहरी जिलों या क्षेत्रों के ईमानदार कर्मचारियों की फ्लाइंग स्क्वाड तैनात की जाए और रास्तों से कटे हुए पेड़ हटाकर पशुओं की आवाजाही तत्काल बहाल की जाए।
- राजस्थान में कांग्रेस सरकार के दौरान जब गोविंद डोटासरा शिक्षा मंत्री थे, उस समय 18 पेपर लीक हुए थे। तब उन्होंने बयान दिया था कि क्या रीट का पेपर शिक्षा मंत्री कराता है? अब गोविंद डोटासरा द्वारा धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा मांगे जाने पर निशाना साधा गया है। सवाल उठाया गया है कि जब यह बात समझ में आ चुकी है कि पेपर शिक्षा मंत्री नहीं बल्कि एजेंसी कराती है, तो फिर धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा क्यों मांगा जा रहा है? इसी रवैये को लेकर कांग्रेस पर दोहरी राजनीति खेलने का आरोप लगाया गया है।1
- तलावड़ा तहसील के ग्राम रामगढ़ मुराड़ा के जंगलों में माफिया और भ्रष्ट वनकर्मियों की साठगांठ से विशालकाय पेड़ों की अंधाधुंध कटाई की जा रही है। कटाई के बाद सैकड़ों पेड़ों को सीधे आवागमन के मुख्य रास्तों पर पटक दिया गया है, जिससे पूरा क्षेत्र पूरी तरह ब्लॉक हो गया है। इस तबाही के कारण गाँव के पशुपालकों के सामने अपनी गाय, भैंस और बकरियों को जंगल ले जाने के लिए रास्ता नहीं बचा है और मवेशियों के लिए चारे-पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग चौकी रामगढ़ मुराड़ा के स्थानीय कर्मचारियों पर रिश्वतखोरी और जेबें गर्म करने के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लोकल स्टाफ की शह पर ही लकड़ी कटाई का यह काला कारोबार फल-फूल रहा है और कैटल गार्ड व बीट प्रभारी शिकायत के बावजूद मौके से नदारद हैं। पैसों की हवस में अंधे हो चुके ये कर्मचारी अवैध काम करने वालों के साथ मिलकर जंगलों का सफाया करवा रहे हैं और वन चौकी महज एक कमिशन केंद्र बनकर रह गई है। इस स्थिति से आक्रोशित क्षेत्र के पीड़ित ग्रामीणों और समाजसेवियों ने डीएफओ (DFO), एसीएफ (ACF), रेंजर और फॉरेस्टर से तत्काल ग्राउंड जीरो पर पहुँचकर औचक निरीक्षण करने की उग्र मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट मांग रखी है कि जंगल कटवाने में शामिल सभी स्थानीय कर्मचारियों, फॉरेस्टर और कैटल गार्ड को तुरंत प्रभाव से हटाकर निलंबित किया जाए। साथ ही निष्पक्ष जांच के लिए बाहरी जिलों या क्षेत्रों के ईमानदार कर्मचारियों की फ्लाइंग स्क्वाड तैनात की जाए और रास्तों से कटे हुए पेड़ हटाकर पशुओं की आवाजाही तत्काल बहाल की जाए।1
- कुंजेला से बड़ा गांव वाले रास्ते पर ग्रामीणों को निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या को लेकर ग्रामीणों ने रास्ते में ट्रैक्टर लगाकर अधिकारियों को रोक दिया और उनके सामने अपनी समस्या रखी। ग्रामीणों का कहना है कि इस रास्ते से निकलने में उन्हें लगातार दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है, जिसके चलते उन्होंने अधिकारियों को रोककर अपनी बात बताई।1
- करौली के मासलपुर ब्लॉक में बाल विवाह रोकथाम एवं उन्मूलन परियोजना के अंतर्गत चिन्हित 30 अति जोखिम वाले गांवों में संचालित 'बैक टू स्कूल अभियान' की प्रगति की समीक्षा हेतु स्वयंसेवकों की बैठक ग्राम पंचायत सभागार लहदौर कलां में आयोजित की गई। यह परियोजना मासलपुर जिला प्रशासन और एक्शनएड एसोसिएशन-डीएमजी इवेंट्स के संयुक्त तत्वावधान में चलाई जा रही है। बैठक में एक्शनएड एसोसिएशन के जिला समन्वयक दिनेश कुमार बैरवा ने गुरुवार शाम 4:00 बजे बताया कि संस्था के ग्राम स्वयंसेवक गांव-गांव और विद्यालय स्तर पर विशेष बैठकें आयोजित कर रहे हैं। अभियान के तहत स्वयंसेवक पढ़ाई छोड़ चुकी बालिकाओं और उनके अभिभावकों से घर-घर जाकर संपर्क कर रहे हैं तथा उन्हें पुनः स्कूल में प्रवेश लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। बैठक के दौरान यह निर्णय भी लिया गया कि कोई भी बालिका शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए विद्यालय प्रशासन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी, महिला व किशोरी समूहों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।1
- करौली जिले के हिंडौन सिटी स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय मोहन नगर में 'हरियालो राजस्थान' मुहिम के तहत पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रधानाचार्य विकास गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में जामुन, चांदनी, बोगन बेलिया, कदम, सहजन, खेजड़ी, नीम और कनेर आदि विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए। वृक्षारोपण प्रभारी व स्काउट सचिव मुकेश लहकोडिया ने बताया कि उप प्रधानाचार्य शोभा गुप्ता, संयुक्त सचिव व इको क्लब प्रभारी प्रियंका शर्मा, कृष्ण कुमार शर्मा और मुकेश गुप्ता के मार्गदर्शन में गाइड की बालिकाओं, राष्ट्रीय सेवा योजना की छात्राओं तथा स्कूल की समस्त बालिकाओं ने पौधारोपण में सक्रिय सहयोग दिया। बालिकाओं को उनके घर पर लगाने के लिए भी पौधे वितरित किए गए। इसके साथ ही उन्हें निर्देशित किया गया कि वे प्रत्येक पौधे को उचित स्थान पर लगाकर उसकी सुरक्षा की समुचित व्यवस्था करें और जियो टैगिंग कर विद्यालय के ग्रुप में फोटो डालें। इस अवसर पर छात्राओं ने पौधारोपण के प्रति भारी उत्साह दिखाते हुए "नगरी नगरी द्वारे द्वारे। पेड़ लगाओ न्यारे न्यारे।", "वृक्षारोपण कार्य महान। एक वृक्ष 10 पुत्र समान।", "बंजर धरती करे पुकार। पेड़ लगाकर करो श्रृंगार।" और "हम सब ने यह ठाना है, पर्यावरण शुद्ध बनाना है" जैसे नारे लगाए। कार्यक्रम को सफल बनाने में मोनिका गुप्ता, अनीता शर्मा, उत्कर्ष जैन, दिलीप गुप्ता, स्नेह लता मीणा और विद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्यों का भरपूर योगदान रहा।1
- हिंडौन सिटी स्थित कोतवाली में गुरुवार को पुलिस, महिला सुरक्षा सखी और CLG सदस्यों की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान पूर्व नगर परिषद चेयरमैन ने क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरे चालू करवाने की मांग उठाई। बैठक की अध्यक्षता CI महेंद्र चौधरी ने की। इस मीटिंग में विशेष रूप से ASP सत्येंद्र पाल सिंह, DySP मुनेश कुमार मीणा, नगर परिषद EO दिलीप कुमार शर्मा, यातायात प्रभारी रामनिवास गुर्जर, पुलिस निर्मला पाराशर और पुलिस महिला सुरक्षा सखी संयोजिका लज्जा रानी अग्रवाल मौजूद रहे। इसके अलावा पुष्पा धाकड़, नाजरीन शाह, पिंकी जाटव सहित अन्य CLG सदस्य और जन प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों और प्रतिनिधियों ने अपने-अपने सुझाव प्रशासन के समक्ष रखे। इस पर प्रशासन की ओर से सभी सुझावों का जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया गया है।2
- सिकराय उपखंड क्षेत्र के सिकंदरा कस्बे में स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय में गुरुवार को विशेष पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्राचार्य अखराज मीणा के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें परिसर में पौधे रोपे गए। इस दौरान महाविद्यालय की सभी बालिकाओं को रोपे गए पौधों की नियमित देखरेख करने और पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने की शपथ भी दिलाई गई।1
- करौली जिले के एएनएम ट्रेनिंग सेंटर और पदेवा स्थित वीणा मेमोरियल कॉलेज ऑफ एजुकेशन में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों में विशेषज्ञों ने अंगदान की पूरी प्रक्रिया, इसके महत्व और इससे जुड़ी भ्रांतियों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने अंगदान को जरूरतमंदों को नया जीवन देने वाली एक महत्वपूर्ण मानवीय पहल बताया। गुरुवार दोपहर 3:00 बजे मिली जानकारी के मुताबिक, इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को अंगदान के प्रति जागरूक बनाकर समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाना था। आयोजन के दौरान विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को अंगदान से जुड़े सामान्य भ्रमों के बारे में विस्तार से बताते हुए उनकी भ्रांतियां दूर कीं। इन कार्यक्रमों में कई लोग मौजूद रहे।1