भाजपा नेता और सांसद सुरेश कश्यप ने शिमला स्थित उपायुक्त कार्यालय में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए केंद्र व राज्य सरकार की लगभग 40 विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में विधायक बलबीर वर्मा और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सांसद सुरेश कश्यप ने बताया कि पिछली दिशा बैठक की तुलना में इस बार योजनाओं के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है, जिसे अधिकारियों की फील्ड विजिट रिपोर्ट का सकारात्मक परिणाम बताया गया। लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, विद्युत विभाग, कृषि विभाग सहित विभिन्न विभागों के कार्यों में संतोषजनक प्रगति सामने आई है। सांसद कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी मानसून सीजन को देखते हुए सभी विभाग अभी से आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्यों को मानसून से पहले पूरा करने के निर्देश दिए। जल जीवन मिशन के अंतर्गत छोटे-मोटे शेष कार्यों को शीघ्र पूरा करने तथा आरडीएसएस योजना के तहत विद्युत ढांचे को सुदृढ़ करने, लो-वोल्टेज की समस्या दूर करने और थ्री-फेज कनेक्टिविटी बढ़ाने के कार्यों में अच्छी प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया। स्मार्ट सिटी परियोजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने लंबित लगभग एक दर्जन परियोजनाओं को शीघ्र पूरा कर स्मार्ट सिटी की परिकल्पना को साकार करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, मनरेगा और सांसद निधि (एमपीएलएडी) के अंतर्गत लंबित विकास कार्यों पर चिंता जताते हुए एक सप्ताह के भीतर समीक्षा कर उन्हें पूरा करने के निर्देश दिए गए, साथ ही अतिरिक्त वित्तीय सहायता के लिए फंड उपलब्ध कराने का प्रयास करने की बात भी कही गई। सुरेश कश्यप ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में हिमाचल प्रदेश सहित पूरे देश में अभूतपूर्व विकास हुआ है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में पीएमजीएसवाई के तहत 50 प्रतिशत से अधिक सड़कें निर्मित हुई हैं, जबकि जल जीवन मिशन और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना जैसी योजनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन लाया है। स्मार्ट मीटरों को लेकर उठ रहे सवालों पर सांसद ने स्पष्ट किया कि इस विषय पर बैठक में विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट मीटरों के कारण बिल बढ़ने जैसी कोई व्यापक समस्या सामने नहीं आई है, और जहां भी शिकायतें मिली हैं, वहां चेक मीटर लगाकर वास्तविक स्थिति का परीक्षण किया जा रहा है। राम मंदिर से जुड़े कथित मामले पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कश्यप ने कहा कि मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, क्योंकि कानून अपना कार्य कर रहा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अंत में, सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने के लिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि केंद्र सरकार की प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े पात्र व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी लाभार्थी योजनाओं से वंचित न रहे।
भाजपा नेता और सांसद सुरेश कश्यप ने शिमला स्थित उपायुक्त कार्यालय में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए केंद्र व राज्य सरकार की लगभग 40 विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में विधायक बलबीर वर्मा और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सांसद सुरेश कश्यप ने बताया कि पिछली दिशा बैठक की तुलना में इस बार योजनाओं के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है, जिसे अधिकारियों की फील्ड विजिट रिपोर्ट का सकारात्मक परिणाम बताया गया। लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, विद्युत विभाग, कृषि विभाग सहित विभिन्न विभागों के कार्यों में संतोषजनक प्रगति सामने आई है। सांसद कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी मानसून सीजन को देखते हुए सभी विभाग अभी से आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्यों को मानसून से पहले पूरा करने के निर्देश दिए। जल जीवन मिशन के अंतर्गत छोटे-मोटे शेष कार्यों को शीघ्र पूरा करने तथा आरडीएसएस योजना के तहत विद्युत ढांचे को सुदृढ़ करने, लो-वोल्टेज की समस्या दूर करने और थ्री-फेज कनेक्टिविटी बढ़ाने के कार्यों में अच्छी प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया। स्मार्ट सिटी परियोजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने लंबित लगभग एक दर्जन परियोजनाओं को शीघ्र पूरा कर स्मार्ट सिटी की परिकल्पना को साकार करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, मनरेगा और सांसद निधि (एमपीएलएडी) के अंतर्गत लंबित विकास कार्यों पर चिंता जताते हुए एक
सप्ताह के भीतर समीक्षा कर उन्हें पूरा करने के निर्देश दिए गए, साथ ही अतिरिक्त वित्तीय सहायता के लिए फंड उपलब्ध कराने का प्रयास करने की बात भी कही गई। सुरेश कश्यप ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में हिमाचल प्रदेश सहित पूरे देश में अभूतपूर्व विकास हुआ है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में पीएमजीएसवाई के तहत 50 प्रतिशत से अधिक सड़कें निर्मित हुई हैं, जबकि जल जीवन मिशन और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना जैसी योजनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन लाया है। स्मार्ट मीटरों को लेकर उठ रहे सवालों पर सांसद ने स्पष्ट किया कि इस विषय पर बैठक में विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट मीटरों के कारण बिल बढ़ने जैसी कोई व्यापक समस्या सामने नहीं आई है, और जहां भी शिकायतें मिली हैं, वहां चेक मीटर लगाकर वास्तविक स्थिति का परीक्षण किया जा रहा है। राम मंदिर से जुड़े कथित मामले पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कश्यप ने कहा कि मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, क्योंकि कानून अपना कार्य कर रहा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अंत में, सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने के लिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि केंद्र सरकार की प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े पात्र व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी लाभार्थी योजनाओं से वंचित न रहे।
- शिमला जिले के रामपुर के ननखड़ी कॉलेज को डीनोटिफाई करने के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। भाजपा नेता और रामपुर से पूर्व प्रत्याशी कौल नेगी ने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी है कि यदि कॉलेज बंद हुआ तो लोग सड़कों पर उतरकर इसका कड़ा विरोध करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार गरीब बच्चों को उच्च शिक्षा से वंचित करना चाहती है। कौल नेगी ने बताया कि यह कॉलेज 18 बच्चों के साथ भी सफलतापूर्वक चल रहा था, लेकिन अब कम छात्रों की संख्या का हवाला देकर इसे बंद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कॉलेज में कला और वाणिज्य संकाय की पढ़ाई होती है। हालांकि, ननखड़ी के आसपास के स्कूलों में वाणिज्य की पढ़ाई नहीं कराई जाती, जिससे शिमला-रामपुर क्षेत्र से बच्चे ननखड़ी कॉलेज तक नहीं पहुँच पाएंगे। नेगी के अनुसार, इस कॉलेज के बंद होने से 18 पंचायतें प्रभावित होंगी। उन्होंने स्मरण कराया कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने 2012-13 में इस कॉलेज की घोषणा की थी, जिसके बाद यह स्थापित हुआ। नेगी ने जोर दिया कि पूर्व सरकारों के प्रमुखों की सोच थी कि किसी भी बच्चे को उच्च शिक्षा से वंचित न रखा जाए, और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र भी तीन बच्चों के लिए भी स्कूल चलाने की बात कहते थे। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार इस विचार के विरुद्ध काम कर रही है। कौल नेगी ने पुनः चेतावनी दी है कि अगर कॉलेज को फिर से बहाल नहीं किया गया, तो बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।3
- ग्राम पंचायत सेऊ के गाँव सेऊ, घुमारवीं में एक पीपल पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अवसर पर स्थानीय लोग उपस्थित रहे। यह पूजन कार्यक्रम सभी रीति-रिवाजों का पालन करते हुए पारंपरिक तरीके से संपन्न हुआ।2
- बिलासपुर जिले के लगदयो में प्राकृतिक खेती एवं अनुभव साझाकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में लगभग 1000 किसानों ने भाग लिया।1
- मंडी के खुचनची स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (GSSS) की दयनीय हालत और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) ने मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा है। SMC ने विद्यालय में रिक्त पड़े पदों को भरने और आवश्यक बुनियादी सुविधाओं को जल्द से जल्द पूरा करने की प्रमुख मांगें उठाई हैं। समिति ने सरकार से गुहार लगाई है कि शिक्षकों की भारी कमी और अधूरे पड़े निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उनका मानना है कि विद्यालय में विकास कार्यों को तेजी से संपन्न कराना अत्यंत आवश्यक है, ताकि शैक्षणिक माहौल में सुधार हो सके।1
- बंजार नगर पंचायत उपाध्यक्ष पद के चुनाव में रोचक स्थिति देखने को मिली, जहाँ विवेक कुमार को टॉस में हार का सामना करना पड़ा। चुनाव के दौरान चार-चार बराबर मत पड़ने के कारण उपाध्यक्ष पद का फैसला टॉस के जरिए किया गया। इस बीच, ए पी एम सी चेयरमैन मिया राम सिंह ने अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर क्या कहा, यह जानकारी मूल पाठ में उपलब्ध नहीं है।1
- सढोरा उप तहसील परिसर के पास स्थित एक खाली जगह, जिसका उपयोग अब तक नगर पालिका द्वारा कूड़ा-कर्कट डालने के लिए किया जा रहा था, पर अब समाजसेवी संस्था उज्जवल भविष्य संस्था पशु-पक्षियों के पीने के पानी के लिए एक जलाशय का निर्माण कर रही है। संस्था के संचालक राकेश शर्मा ने बताया कि इस क्षेत्र में बेसहारा पशु-पक्षी घूमते रहते हैं, और भीषण गर्मी में उनके लिए पानी की व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। शर्मा के अनुसार, संस्था ने पहले भी इस खाली जगह के सदुपयोग के लिए प्रशासन से गुहार लगाई थी, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसी के मद्देनज़र, अब उज्जवल भविष्य संस्था समाज के सहयोग से इस भूमि के एक हिस्से को साफ-सुथरा करके जलाशय का निर्माण कर रही है। यह जलाशय विशेष रूप से जीव-जंतुओं और पशु-पक्षियों को पीने का पानी उपलब्ध कराएगा। संस्था ने बताया कि इस जलाशय के चारों ओर पेड़-पौधे भी लगाए जाएंगे, जिससे इलाके की सुंदरता बढ़ेगी और पशु-पक्षियों को आश्रय भी मिलेगा। उनका कहना है कि जहाँ मनुष्यों के लिए जगह-जगह वाटर कूलर जैसी व्यवस्थाएं होती हैं, वहीं पशु-पक्षियों के लिए ऐसी कोई सुविधा नहीं होती, और इसी कमी को पूरा करने के उद्देश्य से यह जलाशय बनाया जा रहा है ताकि उन्हें भीषण गर्मी में भी पानी मिल सके।1
- हिमाचल प्रदेश में मिड-डे मील वर्कर्स अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी हड़ताल पर हैं। सीटू से संबंधित मिड डे मील वर्कर्स यूनियन के बैनर तले टॉलैंड से सचिवालय तक रोष रैली निकाली गई, जहाँ उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यूनियन वेतन बढ़ोतरी, पूरे 12 महीने का वेतन, ग्रेच्युटी, पेंशन और नियमितीकरण सहित कई अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही है। इस दौरान यूनियन नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकारों पर लंबे समय से मिड डे मील वर्कर्स की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। यूनियन की राज्य महासचिव शांति देवी और अध्यक्ष संजीव कुमार ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पिछले 17 वर्षों में मिड डे मील वर्कर्स के वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं की है, और राज्य सरकार भी इस मुद्दे पर उदासीन रवैया अपना रही है। उन्होंने बताया कि मिड डे मील वर्कर्स को नियमित वेतन नहीं मिलता, बल्कि कई बार तीन-तीन महीने तक वेतन लंबित रहता है और भुगतान भी एकमुश्त नहीं किया जाता। इसके अतिरिक्त, स्कूलों में 25 बच्चों की अनिवार्य संख्या की शर्त के कारण बच्चों की संख्या कम होने पर वर्कर्स की सेवाएं समाप्त कर दी जाती हैं। यूनियन ने प्रमुखता से मांग की है कि हाई कोर्ट के फैसले के अनुरूप मिड डे मील वर्कर्स को पूरे 12 महीने का वेतन दिया जाए। उनकी अन्य मांगों में हरियाणा की तर्ज पर 7,000 रुपये मासिक वेतन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की तरह अवकाश, 25 बच्चों की अनिवार्य संख्या की शर्त को समाप्त करना, ग्रेच्युटी और पेंशन सुविधा प्रदान करना, मेडिकल जांच का खर्च विभाग द्वारा वहन करना और मिड डे मील वर्कर्स के लिए नियमितीकरण की नीति बनाना शामिल है। यूनियन नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।4
- सीआईए-1 ने बुजुर्गों से लूटपाट करने वाले एक गिरोह का सफलतापूर्वक खात्मा कर दिया है। यह गिरोह अकेले या असहाय बुजुर्गों को अपनी बातों में फंसाकर या डरा-धमकाकर उनके गहने और नकदी लूटता था। बुजुर्गों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस टीम ने जाल बिछाया और इस गिरोह के तीन शातिर अपराधियों को धर दबोचा। उनके पास से लूटे गए गहने और नकदी भी बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार, ये अपराधी नशे के लिए इस तरह की वारदातों को अंजाम देते थे। इस मामले में डीएसपी अंबाला वीरेंद्र ने भी बयान दिया है।1